जेल भरो आंदोलन को मिला व्यापक समर्थन, सैकड़ों किसान मजदूर एवं महिलाओं ने दी गिरफ्तारी
*मजदूरो को फिर से बंधुआ बनाने की साजिश*
अनूपपुर
संयुक्त ट्रेड यूनियन एवं संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आव्हान पर जिला मुख्यालय अनूपपुर में जेल भरो आंदोलन का व्यापक असर देखने को मिला। जेल भरो आंदोलन का नेतृत्व सीटू जिला समिति अनूपपुर, मध्यप्रदेश किसान सभा जिला समिति अनूपपुर,अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति अनूपपुर एवं आदिवासी एकता महासभा जिला समिति अनूपपुर के अगुआई में सैकड़ों के तादाद में गिरफ्तारी दी गई। गिरफ्तारी के पूर्व आमसभा का आयोजन किया गया।
आमसभा को महिला एवं किसान नेत्री कामरेड नीना शर्मा ने संबोधित करते हुए कहीं कि भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में आज देश में हर तरफ हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 42 श्रम कानून खत्म कर 4 लेबर कोड लाए। अब फैक्ट्री बंद करो, हड़ताल मत करो, 12 घंटे काम करो। मजदूर को फिर से बंधुआ बनाने की साजिश है। सारी सरकारी नौकरी ठेके और आउटसोर्स में बदल दी।अमेरिका से डील करके हमारी मंडी विदेशी माल के लिए खोल दी। डेयरी, सोयाबीन, मक्का सब बर्बाद। ऊपर से मनरेगा को कमजोर कर दिया। खेत मजदूर को भूखा मरने पर छोड़ दिया।
जल, जंगल, जमीन छीनी जा रही है। कॉरपोरेट को सब सौंप दिया। महंगाई, बेरोजगारी और अत्याचार बढ़े। महिला आरक्षण के नाम पर सिर्फ सत्ता की राजनीति हो रही है। बिना शर्त महिला आरक्षण लागू करवाने के लिए पिछले 17 दिन से हमारी बहनें जंतर मंतर पर बैठी हैं, पर सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।
व्यापमं, NEET, CUET, SSC... हर परीक्षा में घोटाला। होनहार छात्रों का हक मारा जा रहा है। जब छात्रों ने आवाज उठाई तो उन्हें कुचला गया। लेकिन बच्चों ने बता दिया कि तानाशाहों से मजाक-मजाक में भी लड़ा जाता है। अडानी-अम्बानी को मजबूत करने के लिए और 140 करोड़ जनता को बदहाल करने के लिए।
नेताओ ने कहा की साथियों, ये सरकार दमन करती है। पर न किसान झुका, न मजदूर झुका, न छात्र झुके, न महिलाएं झुकीं। इसलिए अब वक्त है - इस क्रूर और तानाशाह सरकार की मनमानी रोकने का। आगामी समय में लड़ाई और तेज करनी होगी। सैकड़ों कार्यकर्ता ने गिरफ्तारी दी और उन्हें पुलिस वाहन में ठूंस कर जेल भेजने की कार्यवाही की गई, और बिना शर्त के रिहा किया गया।
