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हवा भरते समय एयर कंप्रेसर टैंक फटा, वर्कशॉप में काम कर रहे युवक की हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी
अनूपपुर
जिले के कोतमा के पकरिहा मुख्य मार्ग श्रमिक नगर बस स्टैंड स्थित पर संचालित एक बाइक वर्कशॉप में एयर कंप्रेसर टैंक फटने से 21 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब युवक टैंक में हवा भर रहा था।
कोतमा थाना क्षेत्र के श्रमिक नगर पकरिहा मुख्य मार्ग पर संचालित मोतीलाल साहू की बाइक रिपेयर, धुलाई एवं हवा भरने की वर्कशॉप में अचानक एयर कंप्रेसर टैंक में तेज धमाका हो गया। विस्फोट की चपेट में आने से वर्कशॉप में काम कर रहे 21 वर्षीय प्रिंस कुमार साहू पुत्र मोतीलाल साहू, गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार मौके पर पहुंचे और परिजनों को सूचना देने के साथ ही घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा ले गए। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने बताया कि घटना के समय मृतक के पिता और छोटा भाई धान की रोपाई के लिए खेत गए हुए थे। प्रिंस दुकान पर अकेला काम कर रहा था और खेत जाने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान वह छोटे एयर कंप्रेसर टैंक में हवा भर रहा था। प्रारंभिक जांच में आशंका है कि टैंक में निर्धारित क्षमता से अधिक हवा भर जाने के कारण वह फट गया। धमाका इतना तेज था कि प्रिंस के शरीर के दाहिने हिस्से, दाहिने हाथ की अंगुलियों, सिर और कनपटी में गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही गिर पड़ा।।
चिकित्सकों से सूचना मिलने के बाद कोतमा पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पत्नी अपने मायके में है, जहां 15 दिन पहले ऑपरेशन के माध्यम से उसने एक पुत्र को जन्म दिया था। इसके अलावा दंपति का एक दो वर्षीय बेटा भी है। हादसे के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
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जनादेश का हुआ अपमान, पार्षद चुनाव में जनता ने नकारा, उन्हें ही बना दिये एल्डरमैन, संगठन की कार्यशैली पर सवाल
अनूपपुर
नगर परिषद बरगवां से सामने आया है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता संगठन ने जनता द्वारा पूरी तरह नकारे जा चुके नेताओं को पिछले दरवाजे से एंट्री दे दी है।
हाल ही में घोषित हुए मनोनीत पार्षदों की सूची के बाद क्षेत्र की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस सूची में मुख्य रूप से उन चेहरों को शामिल किया गया है, जो वार्ड पार्षद का चुनाव बुरी तरह हार चुके थे। इसमें बड़ा नाम संदीप पुरी का है कांग्रेस की अर्चना यादव से जो वार्ड सदस्य का चुनाव हारकर मैदान से बाहर हो गया था। वहीं दूसरा प्रमुख नाम अजय सिंह का है, जिन्हें संजय नगर की जनता ने पूरी तरह नकार दिया था।
अब स्थानीय जनता और राजनीतिक गलियारों में यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि जब जनता ने इन नेताओं को एक बार पूरी तरह अस्वीकार कर दिया, तो फिर संगठन ने इन्हें मनोनीत पार्षद बनाकर पिछले दरवाजे से नगर परिषद में प्रवेश क्यों कराया? क्या यह सीधे तौर पर जनता के फैसले और लोकतंत्र का अपमान नहीं है?
इस फैसले से भाजपा के उन निष्ठावान कार्यकर्ताओं और जमीनी नेताओं में भारी असंतोष और निराशा है, जो वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि संगठन को ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं को मौका देना चाहिए था, जो चुनाव के वक्त सच्चे सिपाही की तरह पार्टी प्रत्याशी को जिताने के लिए तन, मन और धन से जुटे रहते हैं। हारे हुए प्रत्याशियो को यदि संगठन को उपकृत करना ही था तो नेताओं की योग्यता अनुसार संगठन के किसी दायित्व की जिम्मेदारी सौंप दी तो दूसरे दल से आए हुए इन नेताओं का भारतीय जनता पार्टी की संस्कृति से परिचय तो हो जाता है।
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नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा का भगवती मानव कल्याण संगठन ने किया आत्मीय स्वागत
अनूपपुर। जिले के नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा का भगवती मानव कल्याण संगठन, जिला अनूपपुर द्वारा गुलदस्ता एवं सिद्धाश्रम पत्रिका भेंट कर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से सौजन्य भेंट कर संगठन की सामाजिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की।
स्वागत कार्यक्रम में युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अमित कुमार यादव, जिला अध्यक्ष रामकिशोर सिंह राणा, जिला कोषाध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता तथा अनूपपुर संगठन मंत्री राजेंद्र दरकेश सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर रत्नाकर झा को संगठन की जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी देते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया।
बैठक के दौरान विशेष रूप से नशा मुक्ति अभियान पर चर्चा हुई। संगठन के पदाधिकारियों ने जिले में नशे के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए जनजागरूकता अभियान चलाने तथा प्रशासन के सहयोग से प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। कलेक्टर ने भी सामाजिक सहभागिता के महत्व को रेखांकित करते हुए जनहित के कार्यों में सहयोग का आश्वासन दिया।
अंत में भगवती मानव कल्याण संगठन, जिला अनूपपुर ने नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।
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पुत्र ने पिता की लाठी से पीटकर कर दी हत्या, घायल माँ का अस्पताल में चल रहा इलाज, आरोपी गिरफ्तार
शहडोल
जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में कलयुगी बेटे ने मामूली घरेलू विवाद में अपने ही पिता की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी, जबकि बीच-बचाव करने आई मां पर भी हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पुत्र को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान दऊआ बैगा 50 वर्ष के रूप में हुई है। बताया गया कि दऊआ और उनकी पत्नी यशोदा मजदूरी करने के लिए बाहर गए हुए थे। सुबह दोनों घर लौटे। घर पहुंचने के बाद दऊआ ने भोजन करने की इच्छा जताई। इस पर यशोदा खाना बनाने लगी लेकिन घर में मौजूद उनका पुत्र अंजू इस बात पर भड़क गया और कहने लगा कि वह स्वयं खाना बनाकर माता-पिता को खिलाएगा।
इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पहले अपनी मां यशोदा के साथ मारपीट शुरू कर दी। मां को बचाने के लिए जब पिता दऊआ बीच में आए तो आरोपी ने लाठी से उनके सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से दऊआ लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल दंपती को तत्काल जयसिंहनगर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में यशोदा का उपचार जारी है, जबकि गंभीर रूप से घायल दऊआ ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही जयसिंहनगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा ने बताया कि आरोपी पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पूछताछ के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घरेलू विवाद में हुई इस हत्या से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
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युवती ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, परिजनो ने युवक पर लगाए गंभीर आरोप, शव रखकर सड़क किया जाम
शहडोल
जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के एक गांव में युवती द्वारा घर में फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के बाद तनाव की स्थिति बन गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने गांव के एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए युवती के शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के कारण आवागमन प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया।
जानकारी के अनुसार, युवती ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच परिजनों ने गांव के एक युवक को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मांग पूरी नहीं होने तक उन्होंने शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम लगातार परिजनों और ग्रामीणों से चर्चा करते रहे। करीब दो घंटे की समझाइश के बाद परिजन शांत हुए और चक्का जाम समाप्त किया गया। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार, मर्ग जांच, घटनास्थल से मिले तथ्यों और परिजनों के दर्ज बयानों के आधार पर गांव के एक युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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2 वर्ष की प्रति नियुक्ति, 6 साल बाद जागा प्रशासन, कर्मचारियों की मांगी जानकारी, पूरे संभाग में हुआ है खेल
*आदिवासी विभाग पर उठ रहे हैं सवाल*
उमरिया
आदिवासी विकास विभाग में स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों की 2 साल की प्रतिनियुक्ति को 6 साल तक खींचने का मामला उजागर होते ही संभागीय उपायुक्त आदिवासी विभाग शहडोल ने संभाग के प्रतिनियुक्त कर्मचारियों की 3 दिन में 13 कॉलम का पूरा ब्यौरा मांगा है। विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को भी तत्काल जानकारी भेजने के निर्देश हैं।
कार्यालय आयुक्त आदिवासी विकास भोपाल ने आदेश क्रमांक 23262 दिनांक 24 अगस्त 2019 से स्कूल शिक्षा विभाग के उमरिया जिले के शिक्षा विभाग के शिक्षकों को 2 वर्ष की प्रतिनियुक्ति कर आदिम जाति कल्याण विभाग में पर भेजा गया था। इसी आदेश के साथ जारी पत्र क्रमांक 23263 में साफ हिदायत थी की 2 वर्ष बाद स्थानांतरण नीति के अनुसार मूल विभाग में पदांकन किया जाए।"यानी 2021 में ही इन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति से वापसी हो जानी थी।लेकिन हकीकत उल्टी है। 2 साल की प्रतिनियुक्ति को मानो सभी ने "स्थाई सेटिंग" बना कर रख दिया गया।
उमरिया जिले के 9 शिक्षक आज भी स्कूल शिक्षा विभाग के स्कूलों में पदस्थ थे, जिनमें निर्मला सिंह- हायर सेकेण्डरी निपनिया, राजेश कुमार मिश्रा- माध्यमिक शाला खालेकठाई, अजीत सिंह उईके - माध्यमिक शाला सेहरा टोला, जानकी सलाम माध्यमिक शाला करसरा, आभा सिंह माध्यमिक शाला सेमरा, जी श्यामा राव माध्यमिक शाला नौरोजाबाद, नीरज द्विवेदी प्राथमिक शाला देवगवांखुर्द, जयभान श्याम हायर सेकेण्डरी विद्यालय घोघरी , रजनी सिंह प्राथमिक शाला डोडगवां से प्रतिनियुक्ति आदेश के माध्यम से आदिम जाति विकास विभाग पाली की संभाग के आसपास की विद्यालयों में प्रतिनियुक्ति आदेश के बहाने पिछले छ: साल से जमी हुई है। प्रतिनियुक्ति में आये सभी शिक्षकों ने मुख्य मार्ग से लगे स्कूलों में पदस्थ होकर "ड्यूटी पका" रहे हैं। विभाग की वेबसाइट पर इनके पद आज भी "रिक्त" दिख रहे हैं, जिससे नई पदस्थापना में भारी विसंगति पैदा हो रही है। कहीं स्कूल शिक्षक विहीन हैं तो कहीं सरप्लस।
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6 करोड़ की सड़क योजना अधूरी, बीच सड़क में खड़े बिजली के खंभे से हो रहा दुर्घटना, लोगो मे आक्रोश
अनूपपुर
धार्मिक तीर्थ एवं पर्यटन नगरी अमरकंटक में भारत सरकार के हुडको से वित्तपोषित आईडीएसएमटी योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से वर्षों पूर्व शहडोल–अनूपपुर मुख्य मार्ग पर दोहरे सीमेंट-कंक्रीट सड़क निर्माण का कार्य कराया गया था। यह निर्माण कार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नाका तिराहा से पुराने स्टेट बैंक शाखा, कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन विद्यालय, रे वा पेट्रोलियम तथा पुलिस थाना के सामने होते हुए पाल बंगला (अध्यक्ष निवास) तक कराया गया।
किन्तु आश्चर्यजनक रूप से सड़क का दूसरा भाग आज तक अधूरा पड़ा हुआ है। नाका तिराहा से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सामने तक बनने वाला द्वितीय मार्ग अब तक प्रारंभ नहीं किया गया, जिससे सड़क निर्माण योजना अधूरी अवस्था में ही दिखाई देती है।
सबसे गंभीर चिंता का विषय यह है कि मार्ग के बीचों-बीच स्थित तीन विद्युत पोल आज भी यथावत खड़े हैं। सड़क का डिवाइडर इन खंभों तक पहुंचकर समाप्त हो जाता है, जिसके कारण वाहन चालकों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है। रे वा पेट्रोलियम एवं पुलिस थाना के सामने तथा विद्युत मंडल पावर हाउस के समीप होटल के बगल में स्थित विद्युत खंभे विशेष रूप से दुर्घटना की आशंका को बढ़ा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार इन खंभों के कारण कई बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस संबंध में नगर परिषद, विद्युत विभाग तथा स्थानीय प्रशासन को अनेक बार अवगत कराया जा चुका है, किंतु आज तक न तो विद्युत पोलों को स्थानांतरित किया गया और न ही अधूरी सड़क का निर्माण पूर्ण कराया गया। विद्युत खंभों को हटाकर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया गया, तो भविष्य में कोई भी गंभीर सड़क दुर्घटना हो सकती है।
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“नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान में उत्कृष्ट कार्य पर एएसपी ने हिमांशु तिवारी को किया सम्मानित
उमरिया
मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में संचालित राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” के अंतर्गत नशामुक्त समाज के निर्माण एवं जनजागरूकता गतिविधियों में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान देने पर युवा टीम उमरिया के संस्थापक एवं समाजसेवी हिमांशु तिवारी को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमरिया आलोक कुमार शर्मा द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान अभियान के दौरान समाज में नशे के विरुद्ध जनचेतना फैलाने, युवाओं को जागरूक करने तथा जनभागीदारी बढ़ाने की दिशा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया। अभियान के दौरान हिमांशु तिवारी ने युवा टीम उमरिया के माध्यम से जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नशामुक्ति जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक, शपथ कार्यक्रम, जनसंवाद एवं सोशल मीडिया अभियान संचालित कर युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। उनके नेतृत्व में चलाए गए जनजागरूकता प्रयासों को समाज से व्यापक समर्थन एवं सराहना प्राप्त हुई।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार शर्मा ने हिमांशु तिवारी के सामाजिक दायित्व, सेवा भावना एवं जनहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में सामाजिक संगठनों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। सम्मान प्राप्त करने पर हिमांशु तिवारी ने मध्यप्रदेश पुलिस, जिला पुलिस उमरिया तथा अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों में सीईओ ने की सुनवाई
अनूपपुर
जिले के विभिन्न विभागों में लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से बुधवार को जिला पंचायत सभागार, अनूपपुर में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी ने विभिन्न विभागों के लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों एवं संबंधित आवेदकों की सुनवाई की।सीइओ ने विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रकरणों का नियमानुसार एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।