1 किमी सड़क के लिए तरस रहे ग्रामीण, कीचड़ से भरे रास्ते से स्कूल जाते हैं बच्चे, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की अनदेखी
शहडोल
बुढार जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत भाटिया के डोंगरी टोला का रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है और इसी मुश्किल रास्ते से होकर मासूम बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं। समस्या प्रशासन तक पहुंचाने के लिए इन बच्चों ने भी नया तरीका इजाद किया है। बच्चों ने खुद अपने बदहाल रास्ते का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, देखते ही देखते वीडियो सुर्खियों में आ गया। बच्चों की यह पहल सवाल खड़ा कर रही है कि जब छोटे-छोटे बच्चे अपनी आवाज खुद उठाने को मजबूर हैं, तो आखिर जिम्मेदारों की नजर कब इस सड़क पर पड़ेगी।
अंतर्गत ग्राम पंचायत भाटिया के डोंगरी टोला में सड़क की बदहाली ग्रामीणों के लिए लंबे समय से परेशानी का सबब बनी हुई है। मुख्य सड़क से महज करीब एक किलोमीटर की दूरी पर बसे इस टोले तक पहुंचने के लिए आज भी ग्रामीणों को कच्चे और खराब रास्ते का सहारा लेना पड़ता है।
बारिश शुरू होते ही यही रास्ता कीचड़ और पानी से लबालब हो जाता है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती है। जिन हाथों में किताबें और कॉपियां होनी चाहिए, उन्हीं बच्चों को रोज कीचड़ भरे रास्ते से होकर स्कूल का सफर तय करना पड़ता है। कई बार रास्ते की हालत इतनी खराब हो जाती है कि दोपहिया वाहन तक निकलना मुश्किल हो जाता है।
मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह बदहाल रास्ता किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों और प्रशासन से गुहार लगाई जा चुकी है। यहां तक कि अपनी मांग को लेकर ग्रामीण चुनाव बहिष्कार तक कर चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका।
