लाठी चार्ज पर सरकार के खिलाफअधिवक्ताओं ने खोला मोर्चा, न्यायालय के सामने किया प्रदर्शन
अनूपपुर
जिले में नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस एवं वामदलों से जुड़े अधिवक्ताओं ने जिला एवं सत्र न्यायालय के मुख्य द्वार पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया और संविधान, लोकतंत्र तथा नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के समर्थन में नारे लगाए।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है और ऐसे आंदोलनों पर बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए चिंताजनक है। उनका कहना था कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, जिसके विरोध में देशभर में विभिन्न छात्र संगठन और सामाजिक समूह शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हुए, जिसकी उन्होंने कड़ी निंदा की।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि छात्रों पर बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।
प्रदर्शन में जिले के बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया। उपस्थित अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता समाज हमेशा से राष्ट्रीय और जनहित के मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारी निभाता रहा है तथा भविष्य में भी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
