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संदिग्ध अवस्था मे मिला युवक का शव, शरीर पर मिले चोट के निशान, पुलिस जांच में जुटी
अनूपपुर
जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के सोन मौहरी गांव में एक 36 वर्षीय युवक की संदिग्ध हालात में शव मिला है। मृतक की पहचान अशोक सिंह गोंड के रूप में हुई है, जिसका शव गांव के ही एक नाले के समीप पड़ा हुआ मिला। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने 108 एंबुलेंस की मदद से युवक को तुरंत जिला अस्पताल भिजवाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर ने बताया कि मृतक के शरीर पर, विशेषकर गले और छाती पर, गंभीर चोटों के निशान स्पष्ट रूप से देखे गए हैं। इसके अतिरिक्त उसके फेफड़ों में भी गहरे जख्म पाए गए हैं, जो घटना को और भी संदिग्ध बनाते हैं। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव उन्हें अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।
पुलिस को परिजनों ने बताया कि अशोक को शराब पीने की बुरी लत थी। वह अपने घर से निकलकर करीब एक किलोमीटर दूर स्थित किसी दूसरे मोहल्ले में गया हुआ था। देर रात कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने उसे नाले के पास बेसुध हालत में देखा और इसकी सूचना उसके परिवार वालों को दी थी। पुलिस अब इस पूरी गुत्थी को सुलझाने में जुट गई है कि आखिर युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसके शरीर पर यह घातक चोटें कैसे आई।
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पेड़ पर चढ़कर ई-अटेंडेंस लगाने को मजबूर हुई एएनएम, वायरल वीडियो ने खोली नेटवर्क व्यवस्था की पोल
अनूपपुर
डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों के बीच अनूपपुर जिले के आदिवासी अंचल पुष्पराजगढ़ से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने जमीनी हकीकत उजागर कर दी है। यहां एक महिला एएनएम को अपनी ऑनलाइन उपस्थिति (ई-अटेंडेंस) दर्ज करने के लिए पेड़ पर चढ़ना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार मामला पुष्पराजगढ़ विकासखंड के सेक्टर दामेहड़ी अंतर्गत गन्नागोडा स्वास्थ्य केंद्र का है। बताया जा रहा है कि विभागीय निर्देशों के तहत कर्मचारियों को निर्धारित समय पर मोबाइल एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करनी होती है। लेकिन स्वास्थ्य केंद्र परिसर में मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने के कारण एएनएम को मजबूरी में पेड़ पर चढ़कर नेटवर्क तलाशना पड़ा, जिसके बाद वह अपनी ई-अटेंडेंस दर्ज कर सकीं।
वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था और दूरस्थ क्षेत्रों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधा ही उपलब्ध नहीं है, तब कर्मचारियों से हर हाल में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की अपेक्षा करना व्यवहारिक नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि गन्नागोडा सहित आसपास के कई गांव लंबे समय से कमजोर मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे हैं। इसका असर केवल स्वास्थ्य सेवाओं पर ही नहीं, बल्कि शिक्षा, बैंकिंग और अन्य सरकारी सेवाओं पर भी पड़ता है। लोगों ने प्रशासन और दूरसंचार कंपनियों से क्षेत्र में नेटवर्क व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है।
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दो मासूम भाई बहन खेलते-खेलते कुँए में गिरे, दोनो की हुई मौत, परिजन रोपाई करने गए थे खेत
शहडोल
जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र के खोहरी गांव में खेत में रोपा लगाने गए माता-पिता की गैरमौजूदगी में खेलते-खेलते कुएं तक पहुंचे चचेरे भाई-बहन की डूबने से मौत हो गई। दोनों के शव देर शाम घर के बाड़ी में स्थित कुएं से मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकलवाकर जांच शुरू कर दी।
गोहपारू थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि मृत बच्चों की पहचान तीन वर्षीय प्रयाग, पिता गंभीर सिंह और चार वर्षीय सालवी, पिता विश्वनाथ के रूप में हुई है। दोनों रिश्ते में चचेरे भाई-बहन थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है की परिवार के सभी सदस्य खेत में धान की रोपाई करने गए थे। घर में बच्चों के साथ उनकी छोटी चाची मौजूद थीं। इसी दौरान वह खाना बनाने के लिए घर के अंदर चली गईं। मौका मिलते ही दोनों बच्चे खेलते-खेलते घर की बाड़ी में स्थित खुले कुएं के पास पहुंच गए और उसमें गिर गए।
शाम को जब परिवार के लोग खेत से लौटे तो दोनों बच्चे घर में नहीं मिले। काफी देर तक आसपास तलाश करने के बाद परिजनों ने बाड़ी में स्थित कुएं में देखा, जहां दोनों के शव पानी में उतराते मिले। यह दृश्य देखकर परिजनों की चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। पुलिस मौके पर पहुँचकर ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को कुएं से बाहर निकलवाया और पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
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पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय के तीन विज्ञान प्रोजेक्ट क्लस्टर स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित
अनूपपुर
पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, अमरकंटक के विद्यार्थियों ने विज्ञान, नवाचार एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का गौरव बढ़ाया है। विद्यालय के तीन कार्यशील विज्ञान मॉडल क्लस्टर स्तरीय विज्ञान प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए हैं। इन अभिनव परियोजनाओं का मार्गदर्शन विद्यालय की अटल टिंकरिंग लैब के फसिलिटेटर डॉ. सुनील कुमार ने किया।
प्रथम स्थान कक्षा 12वीं के छात्र अरमान नापित ने प्राप्त किया। उनका "जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई" विषय पर तैयार किया गया कार्यशील मॉडल अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों से निकलने वाले जैव-चिकित्सा अपशिष्ट के वैज्ञानिक, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है।
द्वितीय स्थान कक्षा 11वीं के छात्र प्रयाग सेन को उनके "सतत कृषि प्रणाली" विषयक मॉडल के लिए प्राप्त हुआ। यह मॉडल आधुनिक तकनीक के माध्यम से जल एवं विद्युत की बचत करते हुए टिकाऊ, लाभकारी एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि व्यवस्था को बढ़ावा देने की अवधारणा पर आधारित है।
ततृतीय स्थान कक्षा 8वीं की छात्रा प्रिंसी ताम्रकार ने "वर्षा जल संचयन के माध्यम से जल संरक्षण" विषय पर तैयार मॉडल से प्राप्त किया। यह मॉडल वर्षा जल के संग्रहण, संरक्षण तथा भूजल स्तर को बढ़ाने की प्रभावी एवं व्यवहारिक प्रणाली को दर्शाता है।
विद्यालय द्वारा तैयार किए गए इन तीनों विज्ञान मॉडलों की विशेषता यह है कि इनमें दैनिक जीवन एवं समाज में व्यावहारिक रूप से उपयोग किए जाने की व्यापक संभावनाएँ हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्या अर्चना सिंह व टिंकरिंग लैब के फसिलिटेटर डॉ. सुनील कुमार ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
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अतिथि शिक्षक भर्ती पर घमासान, पूर्व पैनल अभ्यर्थी को बैठक से बाहर करने का आरोप, जांच रिपोर्ट छिपाने पर भी उठे सवाल
*एसएमडीसी बैठक में पारदर्शिता पर गंभीर सवाल, भर्ती प्रक्रिया पर रोक की मांग की*
उमरिया
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहपुर, विकासखंड पाली में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पूर्व पैनल के अभ्यर्थी दिलीप कुमार द्विवेदी ने सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग उमरिया पूजा द्विवेदी को शिकायत प्रस्तुत कर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव, अपना पक्ष रखने से रोके जाने, एसमडीसी सदस्यों को पूर्व में प्रस्तुत आवेदन एवं जांच प्रतिवेदन की जानकारी नहीं दिए जाने सहित कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
दिलीप कुमार द्विवेदी के अनुसार उन्होंने 8 जुलाई 2026 को विद्यालय में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में अपनी आपत्ति एवं पक्ष को संज्ञान में लेने तथा नियमानुसार पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने का अनुरोध किया था। इसके अलावा उन्होंने 13 जुलाई 2026 को सहायक आयुक्त तथा 7 जुलाई 2026 को कलेक्टर उमरिया को भी आवेदन प्रस्तुत किया था।
शिकायत के मुताबिक 29 जुलाई 2026 को विद्यालय में एसमडीसी की बैठक आयोजित की गई थी। द्विवेदी का कहना है कि वे लगभग 11 बजे बैठक प्रारंभ होने के समय विद्यालय पहुंचे और अपने पक्ष एवं आपत्ति को एसमडीसी के समक्ष रखने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें बैठक से बाहर कर दिया गया।
उनके अनुसार जब उन्होंने प्रभारी प्राचार्य श्री सिंह परस्ते से इसका कारण पूछा तो उन्हें एसमडीसी सचिव से बात करने को कहा गया। शिकायत में आरोप है कि एसमडीसी सचिव अरविंद निशा बेगम ने बैठक की कार्यवाही को गोपनीयता का विषय बताते हुए उन्हें बैठक में बैठने की अनुमति नहीं दी। द्विवेदी का सवाल है कि जब वे संबंधित भर्ती प्रक्रिया के अभ्यर्थी हैं, पूर्व पैनल में उनका नाम रहा है और उन्होंने लिखित रूप से अपनी आपत्ति भी प्रस्तुत की है, तो उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना बैठक से बाहर रखना किस प्रकार पारदर्शी प्रक्रिया मानी जा सकती है।
दिलीप कुमार द्विवेदी ने सहायक आयुक्त श्रीमती पूजा द्विवेदी से पूरे मामले में 10 बिंदुओं पर जांच एवं कार्रवाई की मांग की है। इनमें 29 जुलाई की एसमडीसी बैठक की संपूर्ण कार्यवाही, उपस्थिति पत्रक एवं कार्यवाही रजिस्टर की प्रमाणित प्रति की जांच, 8 जुलाई के आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई तथा पूर्व जांच प्रतिवेदन में सामने आई अनियमितताओं की वर्तमान भर्ती प्रक्रिया से तुलना शामिल है।
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नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या के आरोपी को न्यायालय ने 30 वर्ष व आजीवन कारावास की सजा सुनाई
अनूपपुर
जिला न्यायालय अनूपपुर के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) की अदालत ने जैतहरी थाना क्षेत्र के एक चर्चित पॉक्सो प्रकरण में आरोपी को नाबालिग से दुष्कर्म और उसकी हत्या का दोषी ठहराते हुए कठोर दंड सुनाया है। न्यायालय ने पॉक्सो अधिनियम के तहत 30 वर्ष के सश्रम कारावास तथा हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जैतहरी थाना पुलिस को पनिका डोगरी जंगल के समीप नाले के पास 13 वर्षीय बालिका का शव नग्न एवं लहूलुहान अवस्था में मिला था। सूचना मिलने पर एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम सहित वैज्ञानिक जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि बालिका के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसका गला काटकर तथा पत्थर से कुचलकर हत्या की गई थी।
विवेचना के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्यों और डीएनए जांच से आरोपी की संलिप्तता प्रमाणित हुई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त नैल कटर में लगा चाकू, घटना के समय पहने गए कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की। संपूर्ण विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी पहले पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 30 वर्ष का सश्रम कारावास भुगतेगा, इसके उपरांत हत्या के अपराध में सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा प्रभावी होगी। आरोपी पहले से ही पीड़िता की मां की हत्या के एक अन्य मामले में जेल में निरुद्ध है।
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सड़क हुआ गड्ढो में तब्दील, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, जिम्मेदार मौन
शहडोल
जयसिंहनगर में नगर की सुरक्षा और शिक्षा के दो महत्वपूर्ण केंद्रों के सामने ही सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। पुलिस थाना और उसके ठीक सामने स्थित लॉरेन साइन विद्यालय के सामने सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जो बरसात में कीचड़ और पानी से भर गए हैं।
फोटो में साफ देखा जा सकता है कि मुख्य मार्ग पर गहरे गड्ढे हैं। इनमें पानी और कीचड़ भरा होने के कारण वाहन चालकों को अंदाजा नहीं लग पाता और दुर्घटना की संभावना बढ़ गई है।
स्कूल खुलने और बंद होने के समय यहां सैकड़ों बच्चों का आना-जाना रहता है। दोपहिया पर पालक और बच्चे इसी कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं। वहीं थाना होने के कारण पुलिस वाहनों और आम जनता को भी इसी बदहाल सड़क से गुजरना पड़ रहा है।
नगरवासियों का कहना है कि थाना और स्कूल जैसे संवेदनशील स्थानों के सामने सड़क की यह हालत शर्मनाक है। हर साल बजट के बाद भी मरम्मत नहीं होती। बारिश में गिरकर चोटिल होने की घटनाएं आम हो गई हैं। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि स्कूल खुलने से पहले इस सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
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सड़क पर चलना हुआ मुश्किल, कीचड़ व गड्ढो से परेशान ग्रामीण, मरम्मत की उठाई मांग
अनूपपुर
ग्राम पंचायत पडौर के वार्ड नंबर 9 में मुख्य मार्ग से स्कूल टोला होते हुए बैगन टोला तिराहा से सोन नदी तक जाने वाला सड़क मार्ग इन दिनों पूरी तरह खराब हो गया है। भारी बरसात के कारण यह रास्ता कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो गया है, जिससे आसपास की बस्तियों में रहने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग न केवल स्कूली बच्चों और आमजनों के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि सोन नदी किनारे बसे परिवारों की यह एकमात्र पहुंच सड़क भी है। बरसात शुरू होते ही यहां कीचड़ इतना गहरा हो गया है कि पैदल चलना भी दूभर हो गया है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे रोजाना इस खराब रास्ते से जूझ रहे हैं। कई जगहों पर पानी जमा होने से सड़क पूरी तरह फिसलन भरी हो गई है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से इस मार्ग की मरम्मत की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई गंभीर पहल नहीं हुई है। उन्होंने जनपद पंचायत अनूपपुर और पंचायत सचिव स्थानीय जनप्रतिनिधियों से शिकायत करते हुए इस सड़क का तत्काल मरम्मत कराने और मिट्टी मुरूम व बजरी डलवाने की गुहार लगाई है। स्थानीय निवासी ने कहा कि “बारिश में तो यहां से निकलना नामुमकिन हो गया है। अगर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया तो गंभीर समस्या हो जाएगी।