रिश्वस्त लेने के बाद अधिकारी से की अभद्रता, बिजली विभाग का लाइनमैन हुआ निलंबित
अनूपपुर
जिले के कोतमा में पदस्थ एक घूसखोर बिजली कर्मचारी पर बिल्कुल सटीक बैठी। वर्दी और पद के घमंड में चूर इस लाइनमैन ने न सिर्फ गरीब उपभोक्ता की जेब काटी, बल्कि जब जिले के सबसे बड़े बिजली अधिकारी यानी अधीक्षण यंत्री ने सवाल किया, तो उन्हें भी अपनी हेकड़ी दिखाने की कोशिश की। परिणाम यह हुआ कि अधीक्षण यंत्री ने एक ही झटके में कर्मचारी का नशा उतार दिया और उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर घर बैठा दिया।
मामला अनूपपुर जिले के कोतमा वितरण केंद्र का है। यहाँ पदस्थ लाइन परिचारक (नियमित) संतोष कुमार गुप्ता (कर्मचारी सं.-E1810347) ने भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दीं। पयारी (वार्ड नं. 4) निवासी उपभोक्ता राजू चौधरी, जो केवल एक नया कनेक्शन चाहता था, उसे नियमों का पाठ पढ़ाने की बजाय संतोष गुप्ता ने ₹4,500 की अवैध रिश्वत की मांग की और पैसे वसूल भी लिए। पीड़ित उपभोक्ता ने जब सीएम हेल्पलाइन (शिकायत क्र. 36561202) में गुहार लगाई, तब जाकर इस 'लूट' का खुलासा हुआ।।
भ्रष्टाचार की शिकायत जब अधीक्षण यंत्री (SE) के पास पहुंची, तो उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए दिनांक 06 फरवरी 2026 को खुद लाइनमैन संतोष गुप्ता को फोन लगाया। कायदे से कर्मचारी को अपनी गलती माननी चाहिए थी, लेकिन संतोष गुप्ता ने अनुशासन की धज्जियां उड़ाते हुए सीधे अधीक्षण यंत्री से ही अभद्रता शुरू कर दी। एक लाइनमैन द्वारा सर्किल हेड (SE) से बदतमीजी करना विभाग के इतिहास में घोर अनुशासनहीनता और दुस्साहस का बड़ा उदाहरण बन गया। अधीक्षण यंत्री ने इस अशिष्टता को रत्ती भर भी बर्दाश्त नहीं किया। उन्होंने म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत संतोष कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सुदूर वितरण केंद्र राजेन्द्रग्राम निर्धारित कर दिया है।
