कर्मचारियों द्वारा कॉपर वायर चुराने पर दर्ज हुआ मामला, पत्रकारों पर अभद्र टिप्पणी करना पड़ा भारी

कर्मचारियों द्वारा कॉपर वायर चुराने पर दर्ज हुआ मामला, पत्रकारों पर अभद्र टिप्पणी करना पड़ा भारी

*अपराधियों पर नकेल कसने से ही क्षेत्र में शांति स्थापित होगी- डी सी सागर*


अनूपपुर/कोतमा

27 मार्च 2023 को मीरा खदान में द्वितीय पाली दोपहर 3:00 से 11:00 रात तक  की  ड्यूटी करने वाले इलेक्ट्रीशियन और पंखा ऑपरेटर द्वारा सुनियोजित तरीके से अपनी ड्यूटी से लगभग 8:00 बजे भागकर खदान में उपयोग होने वाली बेशकीमती कॉपर वायर को खदान के भीतर काम करने वाले कमलेश इलेक्ट्रीशियन द्वारा  15 मीटर के लगभग की टुकड़े काटकर बोरी में भरकर खदान के ऊपर चोरी से लाया जाता है और पंखा ऑपरेटर की मदद से खदान परिसर से बाहर ले जाने का प्रयास किया जाता है इसमें कॉलरी के सुरक्षा में ऐसा ही अशरफ के जवानों एवं कॉलोनी के सिक्योरिटी गार्ड की तत्परता से इन चोरों को रंगे हाथ पकड़ लिया जाता है। तथा इस चोरी की घटना की सूचना अपने उच्च अधिकारियों को देते हैं जिस पर कालरी प्रबंधन द्वारा सिक्योरिटी इंचार्ज सिया शरण पटेल के माध्यम से थाना कोतमा में 27 मार्च 2023 को लिखित शिकायत की जाती है किंतु एस आई एस एफ के जवान पर कोतमा थाना प्रभारी द्वारा दबाव बनाकर f.i.r. ना करने की सलाह दी जाती हैं किंतु एसआईएसएफ के जवान एफ आई आर की मांग में अड़ा रहता है। इस घटना की अखबारों मे प्रमुखता के साथ खबर भी प्रकाशित की गई।

घटना के कई दिन बीत जाने के बाद अपराधियों के हौसले बुलंद होते गए और पत्रकारों पर अभद्र टिप्पणी किए जिसके फलस्वरूप पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल द्वारा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शहडोल वृत्त दिनेश चंद्र सागर से मिलकर पूरी घटना पर विस्तार से चर्चा किए श्री सागर द्वारा घटना की गंभीरता को महत्व देते हुए सभी दस्तावेजों एवं वीडियो क्लिप का अवलोकन कर एसपी अनूपपुर को मामला पंजीबद्ध करने के लिए निर्देशित किए।

पुलिस अधीक्षक अनूपपुर द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कॉपर वायर चोर अमृतलाल पटेल एवं कमलेश के ऊपर आईपीसी  की धारा 379 के तहत मामला पंजीबद्ध करने का निर्देश दिया गया जिसके फलस्वरूप कोतमा थाने में उक्त आरोपियों के ऊपर 17 अप्रैल 2023 को मामला पंजीबद्ध किया गया।

*इनका कहना है*

इस तरह की घटना में कॉलरी  प्रबंधन को भी तत्परता दिखाते हुए मामला पंजीबद्ध करवाना चाहिए मामला पंजीबद्ध होने से अपराधियों पर नकेल कस जाती है। साथ ही कॉलरी के संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप इस तरह के अपराधियों पर कठोर कार्यवाही करने से दूसरे भी अपराध करने से डरने लगते हैं। और कॉलरी परिसर के अंदर अच्छे काम करने वाले कर्मचारियों को प्रबंधन द्वारा प्रोत्साहित करना चाहिए जिससे वह अपने ड्यूटी को ईमानदारी से पालन करते रहें।

*डी सी सागर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शहडोल*

Labels:

Post a Comment

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget