पीड़ित लोगों के लिए सीएम हेल्पलाइन बना मजाक, केवल खानापूर्ति, क्यू नही होती कार्यवाही ?

पीड़ित लोगों के लिए सीएम हेल्पलाइन बना मजाक, केवल खानापूर्ति, क्यू नही होती कार्यवाही ?


अनूपपुर/राजनगर

अनूपपुर जिले की बात भर नही है सीएम हेल्पलाइन पहले पीड़ित लोगों के लिए एक न्याय मिलने का महत्वपूर्ण साधन माना जाता हैं और पीड़ित लोगों को समय समय पर न्याय मिलता था मगर धीरे धीरे सीएम हेल्पलाइन के ऊपर लोगो का भरोसा उठता हुआ नजर आ रहा हैं। सीएम हेल्पलाइन में प्रतिदिन लाखो मामले दर्ज होते है और और मामले का निराकरण कम होने के कारण शिकायत की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं जिसके कारण अधिकारियों के ऊपर दबाब बनता है। शिकायत का फर्जी निराकरण करके मामले को जबर्दस्ती कम करने का काम किया जा रहा हैं जिससे लोगो को न्याय नहीं मिल पा रहा है। आज वर्तमान समय मे सीएम हेल्पलाइन केवल दिखावा बनकर रह गया है।

*क्या है मामला*

नगर परिषद के वनगंवा राजनगर के निवासी सुबोध कुमार सिन्हा ने 19 जनवरी को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराया था कि नगर परिषद के भगत सिंह वार्ड नं. 5 में शासकीय भूमि एवं शासकीय नाला में कुछ लोगो द्वारा नियमो के खिलाफ अतिक्रमण कर लिया गया हैं और नगर प्रशासन कुछ नही कर रहा हैं शिकायत किये 1 माह से ज्यादा का समय गुजर गया है मगर आज तक न तो इसकी जांच की गयी और न ही कोई कार्यवाही की गई है। जब कि इसी तरह का अतिक्रमण का अतिक्रमण वार्ड़ नं. 2 में भी किया गया था जिसमे नगर प्रशासन ने अतिक्रमणकारियो को नोटिस देकर अतिक्रमण खाली कराया गया जो जनता की समझ से परे हैं।

*सीएमओ का दोहरा मापदंड*

नगर परिषद वनगंवा में 2 अतिक्रमण हुए एक को खाली करा लिया गया और दूसरे अतिक्रमण को शिकायत होने के बाद भी नही कराया जा रहा हैं सीएमओ के दो तरफा कानून लोगो को समझ नही आ रहा हैं। कि एक नगर में 2 कानून सीएमओ साहब लागू कर सकते है। सीएमओ की इस तरह की कार्यशैली को देखते हुए यह प्रतीत हो रहा हैं कि जो अतिक्रमण वार्ड़ नं. 2 में किया गया था उसकी पहुँच ऊपर तक न रही होगी और वार्ड नं. 5 का अतिक्रमण कोई बड़ा पॉवर फुल या सीएमओ के नजदीकी का होने के कारण नही तोड़ा जा रहा हैं।

*बिना जांच किये मामले को किया रफा दफा*

फरियादी की शिकायत का समय से निराकरण न होने के कारण एल 1 से एल 4 तक पहुँच गया तो नगर परिषद में बैठे अधिकारियों के ऊपर दबाब बढ़ा तो बिना जांच किये 10 फरवरी 2022 को सीएम हेल्पलाइन में यह बताकर मामले को रफा दफा करने का काम किया गया कि वार्ड़ नं. 5 में कोई अतिक्रमण किया ही नही गया हैं आखिर नगर परिषद के अधिकारी झूठ बोलकर किस अतिक्रमण कारी को बचाना चाहते है सीएमओ साहब का उनसे क्या रिश्ता है वो ही बता सकते है।

*थाने में झूठी शिकायत करके बनाया दबाब*

नगर परिषद के अधिकारी अतिक्रमण वाले मामले में फंसते नजर आने लगे तब फरियादी को शिकायत वापस लेने के लिए बोला गया जब फरियादी शिकायत वापस नही लिया तो उसको किसी मामले में फंसाने का दबाब देने लगे उसके बाद भी मामला वापस नही हुआ तो पीड़ित फरियादी के खिलाफ थाने में झूठी शिकायत करके दबाव बनाया गया उसके बाद भी फरियादी शिकायत वापस नही लिया और सीएम हेल्पलाइन से न्याय की आस लगाए बैठा हैं मगर आज तक उसकी शिकायत का कोई समाधान नही निकल पाया अधिकारी अपने कारनामो को छिपाने के लिए इतने बड़े बड़े हथकंडे अपना सकते है फरियादी को विश्वास नही हो रहा हैं।

*फरियादी ने संयुक्त संचालक से लगाई न्याय की गुहार*

पूरे मामले को लेकर फरियादी ने संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन शहड़ोल को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच करवाकर अतिक्रमण को खाली करवाकर लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही करने की गुजारिश की हैं।अब देखना यह है कि शिकायत करने वाले को यहाँ से भी न्याय मिलता है या सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित रह जायेगा।



 

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