ठेकेदार ने कार्यपालन अभियंता पर मारपीट, गाली व धमकी के आरोप, मुख्यमंत्री तक पहुँची शिकायत

*जिला पंचायत सदस्य ने सौंपा पत्र, उच्चस्तरीय जांच की मांग*


उमरिया

संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र, बिरसिंहपुर पाली की कार्यप्रणाली और कथित अनियमितताओं को लेकर मामला अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंच गया है। गुरुवाही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सदस्य एवं सहकारिता और उद्योग समिति की सभापति बेला अर्जुन सिंह सैयाम ने मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

पत्र में ठेकेदार नीरज मिश्रा द्वारा कार्यपालन अभियंता राम आश्रय शर्मा पर लगाए गए मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोपों का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही मुख्य अभियंता एच.के. त्रिपाठी के कार्यकाल में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच कराने का अनुरोध भी किया गया है। 

ठेकेदार नीरज मिश्रा ने बताया की 5 अक्टूबर 2026 को संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के सिविल डिवीजन क्रमांक-2 की निविदा प्रक्रिया में भाग लेने के बाद उन्हें कार्यालय बुलाया गया था। उनका आरोप है कि इस दौरान कार्यपालन अभियंता राम आश्रय शर्मा ने उनके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और धमकी दी। ठेकेदार ने घटना के संबंध में पाली थाने में शिकायत देने और मेडिकल परीक्षण कराने की बात कही है।

मिश्रा का आरोप है कि पुलिस से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक उमरिया को भी आवेदन सौंपकर एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की। अब यह मामला जनप्रतिनिधि के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री को सौंपे गए पत्र में मुख्य अभियंता एच.के. त्रिपाठी के कार्यकाल के दौरान टेंडर प्रक्रिया, निर्माण कार्यों, वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई है। कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, संबंधित कर्मचारियों के बयान और निविदाओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी। 

अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, पुल से नीचे गिरी बाइक, नानी-नाती व पोते सहित तीन की हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी

*रिश्तेदार के यहाँ कथा आयोजन से वापस आ रहे थे घर*


अनूपपुर

फुनगा चौकी के अंतर्गत वाहन की टक्कर से बाइक पुल के नीचे जा गिरी। इस घटना में बाइक सवार नानी-नाती की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पोते ने अस्पताल में दम तोड़ा। बताया जा रहा है कि यह सभी कथा में गए थे। घर लौटते समय हादसे का शिकार हो गए। यह घटना ग्राम पंचायत पाली के पास की है। फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर हादसे की वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।

मृतकों की पहचान आर्यन केवट 21 वर्ष पिता रामस्वरूप केवट, पंकज केवट 22 वर्ष पिता राजेश केवट और देववती केवट 56 वर्ष पति बद्री केवट तीनों निवासी ग्राम बकेली थाना कोतवाली अनूपपुर के रूप में हुई है। रिश्ते में मृतकों में पंकज केवट जो आर्यन केवट का फुफेरा भाई है, जबकि मृतका देववती केवट आर्यन केवट की दादी और पंकज केवट की नानी लगती है। घटना में पंकज केवट और देववती केवट की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि आर्यन केवट को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुनगा में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। यहां पहुंचने के दौरान ही आर्यन केवट की मौत हो गई।

मृतक आर्यन केवट का चचेरा भाई दीपक केवट ने बताया कि बिजुरी स्थित रिश्तेदार में एक व्यक्ति तीर्थ यात्रा कर वापस से बिजुरी लौटा था, इसके उपलक्ष्य में कथा का आयोजन किया गया था। बकेली स्थित गांव से कथा में शामिल होने के लिए आर्यन केवट अपने फुफेरे भाई पंकज केवट और दादी के साथ बाइक MP 65 ZC 9444 पर सवार बिजुरी गया था, जहां रात में रुकने के उपरांत सुबह बिजुरी से बकेली घर वापसी लौट रहा था। इसी दौरान पाली ग्राम पंचायत पहुंचते हैं पुल के पास अचानक बाइक पुल पर खड़ी तीन फीट ऊंची दीवाल की रेलिंग को पार करती नीचे गिर गई। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल के पास जब बाइक गुजर रही थी तो सामने से कोई अज्ञात वाहन भी गुजरा, संभवत इसके टक्कर के बाद बाइक पुल से नीचे अनियंत्रित होकर जा गिरी।

जिला अस्पताल में लगी आग, मचा अफरा-तफरी, धुंए से घबराकर मरीज व परिजन भागे बाहर, आग पर पाया काबू

वार्ड बॉय की सूझबूझ से टली बड़ी अनहोनी


उमरिया

जिला अस्पताल उमरिया में बिजली के पैनल में अचानक आग लगने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। विद्युत पैनल से उठे धुएं के वार्डों तक पहुंचते ही मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। स्थिति को भांपते हुए अस्पताल के कर्मचारियों ने तत्काल मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कवायद शुरू की। इस दौरान वार्ड बॉय अमित मिश्रा और महेंद्र मिश्रा ने तत्परता दिखाते हुए मरीजों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से बड़ी अनहोनी टल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल के कवर्ड इलेक्ट्रिकल पैनल में शॉर्ट सर्किट होने से आग भड़क उठी। देखते ही देखते वहां धुआं फैलने लगा, जिससे अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच घबराहट की स्थिति पैदा हो गई। आग और धुएं को देखते हुए मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें वार्डों से बाहर निकालने की कार्रवाई की गई।

इसी दौरान इमरजेंसी अलार्म बजने पर आरएमओ डॉ. संदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे। अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों ने उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई। कर्मचारियों की तत्परता और समय पर किए गए प्रयासों से आग पर नियंत्रण पा लिया गया।

आरएमओ डॉ. संदीप सिंह के मुताबिक, प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है। आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर सहित अन्य जरूरी उपाय किए गए। घटना के दौरान धुआं फैलने के कारण मरीजों को एहतियातन बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और सभी मरीज सुरक्षित बताए गए हैं। आग बुझने के बाद मरीजों को दोबारा वार्डों में पहुंचाने की प्रक्रिया की जानी थी। वहीं, घटना के कारण अस्पताल के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।

जिला अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर विद्युत पैनल में आग लगने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पोल खोल दी है। घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विद्युत पैनल और संबंधित उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है। 

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