अखिल भारत हिन्दू महासभा ने कहा अभिजीत दीपके के देशद्रोही गिरोह को भयभीत करने के लिए उतारी जाए फ़ौज
*कनॉट प्लेस पर जो प्रदर्शन होने जा रहा है वह दिल्ली ही नहीं भारत की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा*
*नई दिल्ली से उषा माहना की रिपोर्ट*
नई दिल्ली
अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुन्ना कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई हिन्दू संगठनों की बैठक में चिन्ता जतायी गयी कि काकरोच जनता पार्टी का अभिजीत दीपके 16 अक्तूबर को 10 हजार लोगों के साथ दिल्ली के कनॉट प्लेस पर जो प्रदर्शन करने जा रहा है वह दिल्ली ही नहीं भारत की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। सबसे बड़ी चिन्ता की बात यह है कि इस प्रदर्शन में सारी अमेरीकी फंडिंग से चल रही है। देशद्रोही नक्सली ईसाई आतंकवादी ताकतें पूरी ताकत के साथ शामिल हो रही हैं। जिसको गोलाबारूद से रोकना बहुत जरूरी है। इसी के साथ हाथी, घोड़ों और ऊंटों से सुसज्जित पैदल फौज की भी व्यवस्था की जाये। उल्लेखनीय है कि सिकन्दर का मुकाबला करने वाली हाथियों के फौज पर सर्वोच्च न्यायालय के जजों ने साजिशन रोक लगाकर इन देशद्रोहियों का साथ दिया है।
बैठक में मुन्ना कुमार शर्मा ने कहा कि कनॉट प्लेस के चारों तरफ बड़े-बड़े नेता और नौकरशाह रहते हैं। यहां से कुछ ही दूरी पर राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति का निवास, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रक्षा मंत्री सहित मुख्य न्यायधीश सूर्यकान्त शर्मा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कोठियां हैं। जिस प्रकार प्रकार से पिछली बार 20 जुलाई को इन लोगों ने वहां पर हिंसा और गुंडागर्दी का नंगा नाच किया था। यहां तक कि संसद भवन पर भी हमला करके हमारे नेताओं को मारने की कौशिश की थी। उसे रोकना बहुत जरूरी है।
बैठक में अटल जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बम बम महाराज ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के नक्सली आतंकवादी गिरोह के जजों ने इन देशद्रोही ताकतों के हिंसक प्रदर्शन को मौलिक अधिकार बताकर राष्ट्र की सुरक्षा से जो खिलवाड़ किया, वह निश्चय ही बहुत चिन्ता जनक हैं। जबकि अमेरिकी फंडिंग से चल रही यें देशद्रोही ताकतें हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी मारने के कई प्रयास कर चुके हैं। यह तो हम हिन्दू संगठनों ने सरकार को वक्त रहते चेता दिया था। जिसके कारण यह लोग 20 जुलाई को संसद पर हमला करने में नाकामयाब रहे। अन्यथा यह लोग संसद को शमशान बनाने के अफजल गुरू के सपने को साकार करने में 2 मिनट नहीं लगाते। क्योंकि यह सब अमेरिका की फंडिंग से चलने वाले लोग हैं। जो भारत के हिन्दुओं और मुसलमानों को मारकर मन्दिरों ओर मस्जिदों को तोड़कर एक अलग ईसाई देश बनाने में जुटे हुए है। जिसके लिए अमेरीका अभिजीत दिपके और केजरीवाल जैसे अपने सिपहसालारों को अरबों-खरबों रुपये दे रहा है। जिसकी रोक और जांच करके ही हम इन देशद्रोही ताकतों का मुकाबला कर सकते हैं।
बम बम महाराज ने चिंता व्यक्त की कि वीवीआईपी इलाके कनाट प्लेस में जिस प्रकार से अभिजीत दिपके 16 अक्टूबर को प्रदर्शन करने जा रहा है और मैट्रों, बस रेल और इंटरनेट पर रोक लगाकर भीड़ पर रोक लगाने के पुलिस और सरकार के हाथ भी सर्वोच्च न्यायालय के नक्सली ईसाई आतंकवादी गिरोह के जजों ने बांध दिए है। वह निश्चय ही इस देशद्रोही गिरोह से जुड़े प्रशान्त भूषण, दुष्यन्त दवे जैसे वकीलो, अभय श्रीनिवास ओका, दीपक मिश्रा, बी सुदर्शन रेड्डी, शरद अरविन्द बाोबड़े, जगदीश सिंह खेहर जैसे जजों, सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री के रजिस्ट्रारो और अन्य अभिजीत दिपके गिरोह से जुड़े लोगों की बड़ी साजिश है। जिसे सर्वोच्च न्यायालय के जजों और रजिस्ट्रारों को शामिल करके अंजाम दिया जा रहा है।
बैठक में हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने बताया कि जब से हमारे अमित शाह ने अपने दृढ़ निश्चय के द्वारा देश से इन देशद्रोहियों के अमेरिकी नक्सली ईसाई आतंकवाद का विनाश किया है। तब से यह नक्सलवादी गिरोह सही मौके की तलाश कर रहा है। अब यह मौका इनको सुप्रीम कोर्ट में बैठे हुए इन्हीं के साथी न्यायाधीशों ने दे दिया है। 10 अक्तूबर शनिवार को दिल्ली पुलिस और सरकार ने सेना बुलाकर, मैट्रो इंटर नेट बन्द करके वीवीआईपी मारकर भारत को नेपाल और बंगलादेश बनाने के इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया तो शनिवार छुट्टी के दिन रजिस्ट्री बन्द होने के बाद भी मुकदमा दर्ज कराकर, रविवार को सर्वोच्च न्यायालय खुलवाकर सुनवाई की गई और उन सभी कारण का निराकरण कराया जो इनके घातक देशद्रोही मंसूबों को कामयाब नहीं होने दे रहे थे। यह निश्चय ही चिंताजनक है। यह सर्वोच्च न्यायालय में बैठे उस देशद्रोही गिरोह की बहुत बड़ी साजिश है, जिसके बारे में हमारे कानून मंत्री किरण रिजिजू और मुख्य न्यायधीश श्री रंजन गोगोई ने देश को आगाह किया था। सर्वोच्च न्यायालय में 70000 से अधिक मुकदमें लम्बित होने के बाद भी इतनी हायतोबा क्या पड़ी हुई थी कि इतवार को कोर्ट खोलकर इन देशद्रोहियों कि सुनवाई की गई। विष्णु गुप्ता ने राष्ट्रपति से सर्वोच्च न्यायालय के सभी जजों को तलब करने और एन आई ए और सी बी आई से इसकी जांच करने की मांग की। केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजिजू के वक्तव्य सर्वोच्च न्यायालय के जज राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त है, सत्य है। इसमें कोई शक नहीं है कि राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त इन जजों ने अभिजीत दिपके और केजरीवाल गिरोह को नेपाल की तरह संसद और सर्वोच्च न्यायालय पर हमला करने का एक और मौका दिया है।
बैठक में दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश जैन ने सरकार और कानून मंत्री को चेताया कि वह सुप्रीम कोर्ट के जजों को हिन्दी में समझा दें कि वें अरविन्द केजरीवाल और अभिजीत दीपके जैसे देशद्रोहियों का साथ न दें। न ही कार्य पालिका और प्रशासन के कार्य में हस्तक्षेप करे। अपना घर और न्यायालय सम्भाले। जहां 5 करोड़ से अधिक मुकदमें लम्बित हैं। संसद में आग लगाकर भारत को नेपाल बनाने चले यें देशद्रोही उनके भी सगे नहीं है। यह जो संसद में आग लगाने चले हैं इन्होंने नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय में आग लगा दी थी। दुःख की बात यह हे कि यह मौका सर्वोच्च न्यायालय के जज इनको खुद दे रहे हैं जो ठीक नहीं है।
हिन्दू संगठनों ने सरकार से अनुरोध किया कि वो तत्काल इनकी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यातायात और इंटरनेट पर रोक लगा कर वी वी आई पी की सुरक्षा करने के लिए अपने आजमाये हुए तरीकों का इस्तेमाल करें ताकि कनाट प्लेस और उसके इर्दगिर्द 500 लोगों से ज्यादा की भीड़ इक्कट्ठा न हो सके। इसी के साथ बोफोर्स तोप तैनात करके और दिल्ली के राजमार्गो पर मोटे कीले ठोककर नेताओं सहित दिल्ली की सुरक्षा की जाये। इसी के साथ मैदान में लड़ने के लिए और दुश्मन को भयभीत करने के लिए हाथी, घोड़ों और ऊंटों से सुसज्जित पैदल फौज को भी दिल्ली की सड़कों पर उतारा जाये।