229 के एमटीएस कर्मचारियों का 4–5 माह का वेतन बकाया, कलेक्टर से भुगतान की मांग

*वेतन नहीं मिलने से आर्थिक परेशानी बढ़ी*


अनूपपुर

जिले के चार विकासखंडों में एमटीएस के अंतर्गत कार्यरत 229 कर्मचारियों का पिछले 4 से 5 माह का वेतन लंबित होने का मामला सामने आया है। लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर बकाया वेतन का शीघ्र भुगतान कराने तथा भविष्य में नियमित वेतन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

कर्मचारियों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, अनूपपुर जिले के अनूपपुर, कोतमा, पुष्पराजगढ़ और जैतहरी विकासखंड में कुल 229 कर्मचारी एमटीएस के अंतर्गत कार्यरत हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे नियमित रूप से अपने कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कई महीनों से वेतन नहीं मिला है।

आवेदन में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, अनूपपुर विकासखंड में 52, कोतमा में 57, पुष्पराजगढ़ में 78 और जैतहरी में 42 कर्मचारी कार्यरत हैं। इस प्रकार चारों विकासखंडों में कुल 229 कर्मचारियों का वेतन लंबित होने की बात सामने आई है।

कर्मचारियों के अनुसार, समय पर वेतन नहीं मिलने से बच्चों की पढ़ाई, मकान किराया, घरेलू जरूरतों और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। कार्यस्थल तक आने-जाने के लिए पेट्रोल सहित दैनिक खर्चों की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया है। लगातार वेतन लंबित रहने से परिवार का बजट प्रभावित हो रहा है और कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर से अनुरोध किया है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर लंबित वेतन की स्थिति की समीक्षा कराई जाए और सभी 229 कर्मचारियों को बकाया राशि का जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए।  

जूना अखाड़े से जुड़े संत की हत्या के आरोपी को न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा


अनूपपुर 

अमरकंटक क्षेत्र में जूना अखाड़े से जुड़े संत की हत्या के मामले में राजेंद्रग्राम के अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने आरोपी वीरेंद्र सिंह खटेट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

मामला अमरकंटक क्षेत्र के गढ़ीदादर-चचानडीह स्थित शिवदावा आश्रम, जूना अखाड़े से जुड़े संत की हत्या से संबंधित है। 7 अगस्त 2024 को हुई इस घटना के पीछे आरोपी और संत के बीच पुरानी रंजिश थी। संत द्वारा शराब, मांसाहार और महिलाओं के प्रति कथित अनुचित व्यवहार का विरोध किए जाने को विवाद की प्रमुख वजह बताया गया। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को हत्या का दोषी माना।

न्यायालय ने आरोपी वीरेंद्र सिंह खटेट को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का दोषी ठहराया। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और घटनास्थल से संबंधित तथ्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आजीवन कारावास तथा 10 हजार रुपये के जुर्माने का दंड निर्धारित किया।

मामले में संत भोलगिरी खड़ेश्वरी अलबेले द्वारा क्षेत्र में शराब, मांसाहार और महिलाओं के साथ कथित अशोभनीय व्यवहार का विरोध किए जाने की बात सामने आई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसी विरोध के कारण आरोपी के साथ उनकी रंजिश बढ़ी और विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।

300 परिवारों का अंगूठा लगवाकर राशन गायब करने का सेल्समैन पर लगा आरोप, कार्यवाही की मांग


शहडोल

जिले में गरीब आदिवासियों के निवाले पर ही डाका डालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शासकीय उचित मूल्य दुकान पर हितग्राहियों से अंगूठा तो लगवा लिया गया, लेकिन उन्हें दो महीने का राशन नहीं दिया गया।

बुढ़ार जनपद के अंतर्गत झीक बिजुरी लैम्प्स के तहत संचालित छतई की शासकीय राशन दुकान के तत्कालीन विक्रेता मोहम्मद अमीन पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने हितग्राहियों से चालाकी से अंगूठा लगवाकर उनके हिस्से का राशन अवैध तरीके से आहरित कर लिया, लेकिन उपभोक्ताओं को अनाज नहीं मिला। इस कथित अनियमितता और धांधली से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण अपनी पीड़ा बयां कर रहे हैं।

ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद विभागीय स्तर पर जांच की गई, जिसके आधार पर तत्कालीन विक्रेता मोहम्मद अमीन को निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद दुकान संचालन की जिम्मेदारी नए विक्रेता जैनुल को सौंप दी गई है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों का कहना है कि विक्रेता के बदलने के बावजूद उन्हें अब तक पिछले दो महीनों का रुका हुआ राशन नहीं मिला है, जिसके कारण वे अपने हक के अनाज के लिए लगातार भटकने को मजबूर हैं।

इस मामले को लेकर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है। पीड़ित उपभोक्ता रंगदेव सिंह, जय भान सिंह, रामकली सहित अन्य पीड़ित गृहणी महिलाओं ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनसे धोखाधड़ी कर हड़पा गया राशन उन्हें जल्द से जल्द दिलाया जाए और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल, इस खुलासे के बाद खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली और राशन वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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