धंस रही है मैकल की पहाड़ी, जमीन खिसकने से उखड़ रहे हैं पेड़, हो रहे हैं गड्ढे, जांच में जुटी विशेषज्ञों की टीम
धंस रही है मैकल की पहाड़ी, जमीन खिसकने से उखड़ रहे हैं पेड़, हो रहे हैं गड्ढे, जांच में जुटी विशेषज्ञों की टीम
अनूपपुर
जिले के पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में मैकल पर्वत की पहाड़ियों में भू-धंसाव का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। धर्मदास, पटना और पकरी पानी सहित अलग-अलग स्थानों से पहाड़ी जमीन के खिसकने, गहरे गड्ढे बनने और पेड़ों के उखड़ने की तस्वीरें सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर करीब 10 से 20 फीट तक जमीन नीचे खिसक गई है।
घटना को गंभीरता से लेते हुए वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के भूगोल एवं भूगर्भ विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों की टीम जांच में जुट गई है।
प्रारंभिक जानकारी में धर्मदास, पटना और पकरी पानी में जमीन की ऊपरी परत के नीचे खिसकने और गहरे दरारें बनने की बात सामने आई है। विशेषज्ञ चट्टानों की संरचना, मिट्टी की प्रकृति, ढलान, जल निकासी और भूजल गतिविधियों का अध्ययन कर रहे हैं।
वहीं स्थानीय लोगों ने जंगल की अंधाधुंध कटाई, पत्थर उत्खनन और ब्लास्टिंग को भी इस घटना का कारण बताया है। इसी बीच अमरकंटक में 2134, 14 हेक्टेयर में प्रस्तावित सेटेलाइट सिटी को लेकर भी पर्यावरण प्रेमियों ने सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मैकल क्षेत्र की प्राकृतिक स्थिरता और जलस्रोतों की सुरक्षा के लिए पहले भू-स्खलन की वजह बन सकते हैं, इसलिए इस प्रोजेक्ट का पर्यावरणीय आकलन जरूरी है। फिलहाल भूगर्भ विज्ञान विभाग की रिपोर्ट का इंतजार है।


