वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, कलेक्ट्रेट का किया घेराव, बैरिकेड तोड़ कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ता

*कांग्रेस ने किया पैदल मार्च, राष्ट्रपति के नाम सौपा ज्ञापन*


अनूपपुर

चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता सूची और मतदान व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर ने बुधवार को केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। एक व्यक्ति को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनाकर प्रतीकात्मक रूप से बेड़ियों में जकड़ा गया और उसे सामतपुर तालाब से जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन कार्यालय तक पैदल मार्च में ले जाया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘‘वोट चोरी के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई’’ सहित विभिन्न नारे लगाए और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।

पैदल मार्च कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर में प्रवेश करने का प्रयास करने लगे। प्रशासन द्वारा पहले से बैरिकेडिंग की गई थी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान सहित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन का इस्तेमाल भी किया गया। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड पार कर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गए और वहां धरने पर बैठ गए।

इसके बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं।

ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नाम से प्रतीकात्मक पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर नारेबाजी की।

पेंशन के लिए एक साल से भटक रहे बैगा दंपती, रोजगार सहायक पर 5 हजार रुपये मांगने का लगा आरोप

धान बेचकर किराया जुटाकर पहुंचे जनपद कार्यालय*


अनूपपुर

शासन द्वारा विशेष रूप से कमजोर एवं संरक्षित जनजातीय समुदायों के उत्थान और सामाजिक सुरक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिलने में कथित तौर पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला जनपद पंचायत अनूपपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत छिल्पा से सामने आया है।

ग्राम पंचायत छिल्पा निवासी रेज्जु बैगा (65) और ईती बाई बैगा (62) का कहना है कि वे पिछले करीब एक वर्ष से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए ग्राम पंचायत के चक्कर लगा रहे हैं। मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को दोनों अपनी समस्या लेकर जनपद पंचायत अनूपपुर पहुंचे और मीडिया के सामने अपनी व्यथा बताई।

रेज्जु बैगा और ईती बाई ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत छिल्पा में पदस्थ रोजगार सहायक मोहन साहू द्वारा पेंशन दिलाने के नाम पर उनसे ₹5 हजार की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि वे अत्यंत गरीब हैं और शासन से मिलने वाले राशन के सहारे जीवनयापन कर रहे हैं। ऐसे में पांच हजार रुपये की राशि जुटाना उनके लिए संभव नहीं है।

हितग्राहियों ने बताया कि आर्थिक तंगी के बावजूद वे चावल-धान बेचकर आने-जाने का किराया जुटाते हुए करीब 20 किलोमीटर दूर जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे, ताकि उनकी समस्या का समाधान हो सके।

हितग्राहियों के अनुसार, जब वे अपनी शिकायत लेकर जनपद पंचायत पहुंचे, उस समय जनपद पंचायत सीईओ जनसुनवाई के सिलसिले में अनूपपुर में मौजूद थे, जबकि पेंशन संबंधी कार्य देखने वाले संबंधित कर्मचारी के अवकाश पर होने की बात सामने आई। ऐसे में बैगा दंपती को तत्काल समाधान नहीं मिल सका।

मीडिया कर्मियों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें समझाइश दी और वापस उनके गृह ग्राम भेजा। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि एक वर्ष से पात्र हितग्राही पेंशन के लिए भटक रहे हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उनकी समस्या का समय पर निराकरण क्यों नहीं किया गया?

हालांकि रोजगार सहायक पर लगाए गए ₹5 हजार मांगने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

समाचार 01 फ़ोटो 01

पेंशन के लिए एक साल से भटक रहे बैगा दंपती, रोजगार सहायक पर 5 हजार रुपये मांगने का लगा आरोप

धान बेचकर किराया जुटाकर पहुंचे जनपद कार्यालय*

अनूपपुर

शासन द्वारा विशेष रूप से कमजोर एवं संरक्षित जनजातीय समुदायों के उत्थान और सामाजिक सुरक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिलने में कथित तौर पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला जनपद पंचायत अनूपपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत छिल्पा से सामने आया है।

ग्राम पंचायत छिल्पा निवासी रेज्जु बैगा (65) और ईती बाई बैगा (62) का कहना है कि वे पिछले करीब एक वर्ष से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए ग्राम पंचायत के चक्कर लगा रहे हैं। मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को दोनों अपनी समस्या लेकर जनपद पंचायत अनूपपुर पहुंचे और मीडिया के सामने अपनी व्यथा बताई।

रेज्जु बैगा और ईती बाई ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत छिल्पा में पदस्थ रोजगार सहायक मोहन साहू द्वारा पेंशन दिलाने के नाम पर उनसे ₹5 हजार की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि वे अत्यंत गरीब हैं और शासन से मिलने वाले राशन के सहारे जीवनयापन कर रहे हैं। ऐसे में पांच हजार रुपये की राशि जुटाना उनके लिए संभव नहीं है।

हितग्राहियों ने बताया कि आर्थिक तंगी के बावजूद वे चावल-धान बेचकर आने-जाने का किराया जुटाते हुए करीब 20 किलोमीटर दूर जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे, ताकि उनकी समस्या का समाधान हो सके।

हितग्राहियों के अनुसार, जब वे अपनी शिकायत लेकर जनपद पंचायत पहुंचे, उस समय जनपद पंचायत सीईओ जनसुनवाई के सिलसिले में अनूपपुर में मौजूद थे, जबकि पेंशन संबंधी कार्य देखने वाले संबंधित कर्मचारी के अवकाश पर होने की बात सामने आई। ऐसे में बैगा दंपती को तत्काल समाधान नहीं मिल सका।

मीडिया कर्मियों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें समझाइश दी और वापस उनके गृह ग्राम भेजा। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि एक वर्ष से पात्र हितग्राही पेंशन के लिए भटक रहे हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उनकी समस्या का समय पर निराकरण क्यों नहीं किया गया?

हालांकि रोजगार सहायक पर लगाए गए ₹5 हजार मांगने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

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चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल, कांग्रेस ने किया पैदल मार्च, कलेक्ट्रेट घेराव, राष्ट्रपति के नाम सौपा ज्ञापन

*वाटर कैनन के बीच बैरिकेड तोड़ कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ता*

अनूपपुर

चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता सूची और मतदान व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर ने बुधवार को केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। एक व्यक्ति को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनाकर प्रतीकात्मक रूप से बेड़ियों में जकड़ा गया और उसे सामतपुर तालाब से जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन कार्यालय तक पैदल मार्च में ले जाया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘‘वोट चोरी के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई’’ सहित विभिन्न नारे लगाए और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।

पैदल मार्च कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर में प्रवेश करने का प्रयास करने लगे। प्रशासन द्वारा पहले से बैरिकेडिंग की गई थी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान सहित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन का इस्तेमाल भी किया गया। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड पार कर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गए और वहां धरने पर बैठ गए।

इसके बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं।

ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नाम से प्रतीकात्मक पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर नारेबाजी की।

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पुलिया निर्माण कार्य में अनियमितता का लगा आरोप, उपसरपंच ने सीईओ से की शिकायत, जाँच की मांग

शहडोल

जनपद पंचायत गोहपारू अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरा के वार्ड क्रमांक 01 में पुलिया निर्माण कार्य को लेकर ग्राम पंचायत के उपसरपंच नरेंद्र प्रसाद मिश्रा ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर जांच की मांग की है। शिकायत में निर्माण कार्य की गुणवत्ता, भूमि, भुगतान और संबंधित अभिलेखों की जांच कराने का आग्रह किया गया है।

शिकायत पत्र के अनुसार, वार्ड क्रमांक 01 में “महाभारत के खेत के पास” 5वें वित्त मद से लगभग 10 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण कराया जा रहा है। उपसरपंच ने पत्र में बताया कि उक्त कार्य ग्राम पंचायत से बाहर के ठेकेदार द्वारिका सोनी एवं जैसा नायक द्वारा कराया जा रहा है।

शिकायत में कहा गया है कि कार्य के लिए खसरा क्रमांक 55 दर्शाया गया है, जिसमें राजस्व रिकॉर्ड में “झुरपी जंगल” दर्ज होने का उल्लेख है, जबकि मौके पर निर्माण खसरा क्रमांक 56 की निजी भूमि पर कराए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में राजस्व अभिलेखों की जांच की मांग की है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्माण कार्य में करीब 5.27 लाख रुपये की राशि आहरित की जा चुकी है और सभी बिल लगाए जाने के बाद राशि निकाले जाने की जानकारी मिली है। साथ ही श्रमिकों को मजदूरी भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत भी की गई है। उपसरपंच ने लेबर भुगतान, मस्टर रोल और संबंधित अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।

शिकायत में सरपंच और ठेकेदारों की मिलीभगत से कार्य कराए जाने का आरोप लगाते हुए निर्माण की गुणवत्ता, स्थल, भुगतान तथा दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। उपसरपंच ने स्थल निरीक्षण, सीमांकन, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, एमबी पुस्तिका, भुगतान और राजस्व अभिलेखों की जांच कराने तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई कर शासकीय राशि की वसूली की मांग की है।

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पशु तस्करी में पुलिस ने 12 पड़ा ट्रक सहित किया जब्त, मामला दर्ज

अनूपपुर

जिले में अवैध गतिविधियों एवं पशु तस्करी की रोकथाम हेतु चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत थाना करनपठार/चौकी सरई पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक मिनी ट्रक में क्रूरतापूर्वक भैंस पड़वा पशुओं को भरकर अवैध रूप से जबलपुर बूचड़ खाना ले जाया जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची तो मुसलमान निवासी फरहदा के ईट भट्टा के पीछे रोड किनारे ट्रक में लोड 12 भैंस पड़ा, कीमती करीबन 04 लाख 80 हजार रुपए, ट्रक कीमती करीबन 15 लाख रुपए, कुल कीमती 19 लाख 80 हजार रुपए का मशरूका, आरोपी ट्रक चालक मोहम्मद अजीज पिता मोहम्मद इशाक निवास आजाद नगर मौहरिया थाना हनुमान ताल जिला जबलपुर के दस्तयाब होने पर, आरोपी ट्रक चालक से ट्रक में पशु परिवहन करने के वैध दस्तावेज चाहे गये जो मौके पर पेश नहीं किया गया। अपराध धारा 6 (क) (ख) 9,10 पशु परीक्षण अधिनियम 1959 तथा 11 (घ) पशु क्रूरता अधिनियम 1960 66/192,3/ 181,130/ 177(3) मोटर व्हीकल एक्ट का अपराध पाए जाने से अपराध क्रमांक 314/26 धारा 6(क) (ख) 9,10 पशु परीक्षण अधिनियम 1959 तथा 11 (घ) पशु क्रूरता अधिनियम 1960 66/192,3/181,130/177(3) मोटर व्हीकल एक्ट का अपराध पाए जाने से पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई। पशु तस्करी में अन्य व्यक्ति के संबंध में पता साज़ी कि विवेचना की जा रही है।

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अवैध मदिरा के विरुद्ध की कार्रवाई, 27.72 लीटर मदिरा जप्त

अनूपपुर

जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, धारण एवं विक्रय के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कलेक्टर रत्नाकर झा के निर्देशन में आबकारी विभाग द्वारा कार्रवाई की गई। जिला आबकारी अधिकारी खेमराज श्याम के मार्गदर्शन एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री सम्पतिया मरावी के नेतृत्व में आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने 28 सितंबर 2026 को वार्ड क्रमांक 15 ग्राम पयारी, ग्राम घाठा एवं ग्राम अल्हवार में तलाशी कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान टीम ने 06 लीटर हाथ भट्टी मदिरा, 07.92 बल्क लीटर स्प्रिट एवं 13.8 बल्क लीटर माल्ट विदेशी मदिरा बरामद की। इस प्रकार कुल 27.72 बल्क लीटर मदिरा जप्त की गई। मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) के अंतर्गत आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक प्रकरण कायम किए गए।

कार्रवाई में मुख्य आरक्षक श्री विक्रांत नामदेव, महबूब अहमद खान तथा आरक्षक अमृतलाल साकेत एवं रमाकांत सिंह बैस उपस्थित रहे। जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, धारण एवं विक्रय के विरुद्ध आबकारी विभाग की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

समाचार 06 फ़ोटो 06

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क की धज्जियां उड़ाते गिट्टी भरे हाइवा, घुनघुटी बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन मार्ग बना जानलेवा

*आठ टन की सडक साठ टन पार*

उमरिया

घुनघुटी से अनूपपुर को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क, जिसे 8 टन तक के लोड और आम लोगों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए बनाया गया था, उसकी सूरत तुमी में स्थित क्रेशरों के ओवरलोड हाइवा ने पूरी तरह बदल दी है।

सबसे अधिक खराब स्थिति घुनघुटी बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन तक लगभग 500 मीटर की सड़क की है। यही मार्ग घुनघुटी की लाइफ लाइन है, जहां से रोजाना सैकड़ों यात्री, बुजुर्ग, महिलाएं और विद्यालयों के नन्हें-मुन्ने बच्चे गुजरते हैं। जब बच्चे इस मार्ग से गुजरते हैं तो हर समय सिर पर संकट के बादल छाए रहते हैं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि तुमी और आसपास स्थित क्रेशरों से गिट्टी भरकर निकलने वाले हाइवा, जिनकी पासिंग 8 से 10 टन है, उनमें 50 से 60 टन तक गिट्टी लादकर इसी संकरे मार्ग से दिन-रात बेधड़क दौड़ाए जा रहे हैं।

ओवरलोड के कारण बस स्टैंड से स्टेशन तक की पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। सड़क नाम की कोई चीज बची ही नहीं है, न गिट्टी बची है, न डामर और न ही सीमेंट। सड़क के नाम पर सिर्फ बड़े-बड़े गड्ढे बचे हैं। बरसात में इन गड्ढों में पानी भर जाने से हादसे का खतरा और बढ़ गया है। कई बाइक सवार इन गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं। घनी आबादी वाले इस मार्ग पर तेज रफ्तार हाइवा बिना हॉर्न के दौड़ते हैं, धूल के गुबार से दुकानदार और राहगीर परेशान हैं। 

अनूपपुर जिले में स्थित इस क्रेशर की वैधानिकता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि खदान अनूपपुर में है, रॉयल्टी वहां कट रही है और उमरिया जिला को कुछ नही मिल रहा है, लेकिन सड़क के परखच्चे उमरिया के घुनघुटी में उड़ाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जानलेवा मार्ग पर गिट्टी भरे ओवरलोड हाइवा का प्रवेश तत्काल प्रतिबंधित किया जाए।

समाचार 07 फ़ोटो 07

यूनाइटेड कोल सर्वे कंपनी के सामने बौना हुआ प्रशासन, नियम विरुद्ध चल रही ड्रिलिंग मशीन 

*दो अधिकारियों के अलग-अलग बयान*

उमरिया

घुनघुटी जंगल में कोलकाता की यूनाइटेड कोल सर्वे कंपनी ने घुनघुटी के जंगलों में जड़ जमा ली है और बिना ग्राम पंचायत को सूचना दिए ही बोरिंग का काम धड़ल्ले से कर रही है।

कंपनी अब भी रात के अंधेरे में 100 डेसिबल से अधिक आवाज वाली ड्रिल मशीन चला रही है, जिससे बाघ, तेंदुआ और भालू का सदियों पुराना प्राकृतिक कॉरिडोर टूट रहा है। वन विभाग का स्पष्ट आदेश है कि टाइगर कॉरिडोर में शाम 5 बजे के बाद किसी भी बड़ी मशीन का संचालन प्रतिबंधित है, क्योंकि रात में हिंसक वन्य जीवों की आवाजाही सबसे अधिक होती है। तेज आवाज और रोशनी से विचलित होकर बाघ अपना रास्ता बदलकर आबादी वाले क्षेत्रों में आ जाते हैं, जिससे मानव-वन्य जीव द्वंद्व का सीधा खतरा पैदा हो रहा है। वहीं दूसरी ओर बिना ग्राम सभा की अनुमति के धड़ल्ले से बोरिंग कर आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। 

वन परिक्षेत्राधिकारी घुनघुटी धर्मू सिंह इसे वन भूमि बताकर भोपाल से वैधानिक अनुमति होने की बात कह रहे हैं, तो अनुविभागीय अधिकारी वन दिगेंद्र सिंह इसे राजस्व भूमि बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। जबकि मौके पर कंपनी के मैनेजर के पास एक भी कागज नहीं मिला। न वन विभाग भोपाल की कथित अनुमति, न राजस्व की अनुमति और न ही पेसा के तहत ग्राम सभा की अनुमति।

जब इस मामले में घुनघुटी हल्का पटवारी धेनू प्रसाद प्रजापति से दूरभाष पर राजस्व से अनुमति के संदर्भ में जानकारी ली गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि "इस विषय में किसी भी राजस्व अधिकारियों के द्वारा हमसे प्रतिवेदन नहीं लिया गया।" पटवारी के इस बयान के बाद यह तय हो गया कि कंपनी के पास न वन की अनुमति है और न राजस्व की। ग्रामीणों ने कलेक्टर उमरिया और वन मंडलाधिकारी उमरिया को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि सबसे पहले भोपाल से मिली कथित अनुमति को सार्वजनिक किया जाए।

समाचार 08 फ़ोटो 08

मिट्टी खुदाई के कार्य के दौरान नाली की दीवार गिरी, दबने से बीएसएनएल कर्मी की हुई मौत

शहडोल 

तहसीलदार ब्योहारी गैलेक्सी नागपुरे ने बताया है कि ब्यौहारी थाना क्षेत्र में कार्य के दौरान हुई दुर्घटना में बीएसएनएल कर्मी रामसेवक सोंधिया, उम्र लगभग 50 वर्ष, निवासी बोड़ाबाड़, रीवा की मृत्यु हो गई। मृतक लगभग 25 वर्षों से बीएसएनएल में कार्यरत थे तथा बीएसएनएल के कार्य के लिए रीवा से ब्यौहारी भेजे गए थे।

उन्होंने बताया कि रामसेवक सोंधिया सहित कुल तीन व्यक्ति रात्रि लगभग 2 बजे ब्यौहारी पहुंचे थे। अस्पताल के सामने लगभग दो मीटर गहरी खुदाई कर भूमिगत प्रकाशीय तंतु केबल को जोड़ने का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान नाली की दीवार अचानक धसक गई, जिससे मिट्टी एवं मलबा रामसेवक सोंधिया के ऊपर गिर गया और वे उसमें दब गए। घटना के तत्काल बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। 

परिवारजनों के अनुसार मृतक ने घटना वाले दिन रीवा में ड्यूटी की थी तथा इसके बाद उन्हें अचानक रात्रि में बीएसएनएल के कार्य के लिए ब्यौहारी भेजा गया था। बीएसएनएल द्वारा वाहन भेजकर परिजनों को मृतक के बीमार होने तथा ब्यौहारी में होने की सूचना दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार भूमिगत प्रकाशीय तंतु केबल जोड़ने का कार्य ठेके के माध्यम से कराया जा रहा था। कार्य के ठेकेदार का नाम चतुर्वेदी बताया गया है, जो सतना निवासी बताए गए हैं। 

उन्होने बताया कि पुलिस द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। घटना के संबंध में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आवश्यक जानकारी एवं परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

समाचार 09

निर्वाचन ड्यूटी में अनुपस्थित प्रधान आरक्षक निलंबित

शहडोल 

पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय कुमार अग्रवाल द्वारा निर्वाचन ड्यूटी में लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के एक प्रकरण में कार्रवाई कर प्रधान आरक्षक 677 सुभाष महोबिया को निलंबित किया गया है।थाना सिंहपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक 677 सुभाष महोविया की ड्यूटी पंचायत उप निर्वाचन 2026 (पूर्वार्द्ध) प्राथमिक पाठशाला अमरहा पोलिंग बूथ पर लगाई गई थी। उन्हें थाना सिंहपुर से ड्यूटी स्थल पर उपस्थित होने हेतु सूचित कर निर्देशित किया गया था।

थाना प्रभारी सिंहपुर द्वारा पोलिंग बूथ अमरहा का निरीक्षण किए जाने पर प्रधान आरक्षक सुभाष महोबिया ड्यूटी स्थल से अनुपस्थित पाए गए। ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कृत्य पर पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय कुमार अग्रवाल द्वारा प्रधान आरक्षक 677 सुभाष महोबिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर थाना पपौध से संबद्ध किया गया है

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