चोरी में उपयोग की गई ट्रैक्टर व चोरी की गई ट्रॉली पुलिस ने किया जब्त, नाबालिग पुलिस अभिरक्षा में


अनूपपुर

थाना रामनगर पुलिस को ट्रॉली चोरी के प्रकरण में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस टीम ने चोरी में प्रयुक्त स्वराज ट्रैक्टर एवं चोरी गई ट्रॉली बरामद करते हुए एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया है। 24 अगस्त 2026 को ग्राम भलवाही निवासी देव सिंह गोंड उम्र 56 वर्ष ने थाना रामनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोर उसके घर के बाहर खड़ी ट्रॉली क्रमांक BAF-117319 चोरी कर ले गए हैं। चोरी गए ट्रॉली की कीमत ₹1,25,000 थी। 

इस संबंध में थाना रामनगर में अपराध क्रमांक दर्ज कर धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा लगातार पतासाजी, मुखबिर सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की गई। जांच के दौरान चोरी में उपयोग किया गया स्वराज ट्रैक्टर चेसिस नंबर MBNCA49 NKSTE 43602, वाहन क्रमांक CG 31 C 2790) तथा चोरी गई ट्रॉली विधि-विरुद्ध नाबालिग उम्र 17 वर्ष, निवासी भेड़वा टोला, थाना भालूमाड़ा के कब्जे से बरामद की गई।

पुलिस ने ट्रैक्टर एवं ट्रॉली को विधिवत जप्त कर अग्रिम विवेचना कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

दो अलग-अलग हत्याकांड में 7 आरोपियों को आजीवन कारावास, छत से पानी टपकने पर स्कूल बन्द, घर पर लग रहा स्कूल



शहडोल

बुढ़ार एवं शहडोल में हुए दो अलग-अलग चर्चित हत्याकांडों के कुल सात आरोपियों को आज न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायालय बुढ़ार से सजा पाने वाले आरोपियों में लाला बैगा उर्फ मड़दा, पिता रमेश कुमार, आयु 21 वर्ष, अंजू उर्फ अंजली द्विवेदी, पति दीपक सिंह, आयु 42 वर्ष, प्रियंका मिश्रा, पिता दयानारायण मिश्रा, आयु 33 वर्ष, अलका उर्फ शैलजा द्विवेदी, पति अरविंद शर्मा, आयु 24 वर्ष तथा आभा द्विवेदी, पिता स्व. अमर द्विवेदी, आयु 21 वर्ष, सभी निवासी वार्ड नंबर-15, टिकुरीटोला बुढ़ार, थाना बुढ़ार शामिल हैं।

आरोपियों ने 27 मई 2024 की रात करीब 9 बजे आरक्षी केंद्र बुढ़ार क्षेत्रांतर्गत वार्ड नंबर-15, टिकुरीटोला बुढ़ार में कुशमी कोल के घर के सामने घातक हथियारों, लाठी, डंडे और हॉकी से लैस होकर पड़ोस में रहने वाले जोगेंद्र सिंह एवं उसके अन्य साथियों पर प्राणघातक हमला किया था। इलाज के दौरान दो दिन बाद जोगेंद्र सिंह बघेल की जबलपुर अस्पताल में मौत हो गई थी। इस प्रकरण में बीते 25 अगस्त को न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज फैसला सुनाया गया। 

इसी प्रकार कोतवाली शहडोल अंतर्गत रेलवे कॉलोनी में दीपावली के दूसरे दिन 13 नवंबर 2023 की रात हुए दोहरे हत्याकांड में रिजवान कुरैशी, पिता अब्दुल वदूद कुरैशी, उम्र 24 वर्ष, निवासी दरभंगा चौक शहडोल एवं शीनू लक्ष्मणन हत्याकांड के आरोपी सचिन मोजरकार और उसके भाई चंद्रशेखर मोजरकर को भी न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों ने दीपावली के दूसरे दिन मामूली कहासुनी के बाद तलवार एवं अन्य घातक हथियारों से हमला कर रिजवान और शीनू को मौत के घाट उतार दिया था। 

*पानी टपकने पर स्कूल हुआ बन्द, घर पर लग रहा स्कूल*

शहडोल

जैतपुर क्षेत्र की गलहथा पंचायत में तस्वीर इन दावों से उलट नजर आ रही है। यहां शासकीय प्राथमिक विद्यालय मौहरटोला, संकुल केंद्र खमरिया का भवन इतना जर्जर हो चुका है कि बारिश के दौरान छत से पानी टपकने लगता है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए भवन में कक्षाएं लगाना मुश्किल हो गया। ऐसे में गांव के एक व्यक्ति ने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अपने घर का बरामदा निशुल्क उपलब्ध करा दिया। पिछले एक माह से अधिक समय से इसी बरामदे में स्कूल संचालित हो रहा है।

स्कूल भवन काफी पुराना है और पिछले कुछ वर्षों में लगातार जर्जर होता गया। बारिश के दौरान छत समेत भवन के अन्य हिस्सों से पानी टपकने की समस्या और बढ़ गई। इस संबंध में अधिकारियों को कई बार जानकारी दी गई। संकुल स्तर पर भी पत्राचार किया गया, लेकिन भवन की मरम्मत नहीं हो सकी।

हालात ऐसे बने कि स्कूल भवन में कक्षाएं संचालित करना बंद करना पड़ा। इसके बाद शिक्षक ने ग्रामीणों से चर्चा की। स्कूल भवन से करीब 50 मीटर की दूरी पर रहने वाले प्रहलाद सिंह ने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अपने घर का बरामदा स्कूल संचालन के लिए निशुल्क दे दिया। अब शिक्षक रोजाना इसी बरामदे में बच्चों को पढ़ा रहे है।

200 नल नल योजना पर 4 करोड़ का बिजली बिल बकाया, कुछ जगह काटे गए बिजली कनेक्शन, जलापूर्ति पर पड़ेगा असर


उमरिया 

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर नल से पानी पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई नल-जल योजनाएं अब बिजली बिल के भारी बकाये के कारण संकट में नजर आ रही हैं। जिले की करीब 200 नल-जल योजनाओं पर लगभग 4 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया होने की जानकारी सामने आई है। बकाया राशि जमा नहीं होने के कारण कुछ स्थानों पर बिजली कनेक्शन काटे जाने की बात भी सामने आ रही है। इससे ग्रामीण इलाकों में जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या दूर करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा नल-जल योजनाओं का निर्माण कराया गया था। योजना तैयार होने के बाद विभाग कुछ समय तक ट्रायल के रूप में उसका संचालन करता है। इसके बाद योजना संबंधित ग्राम पंचायत को सौंप दी जाती है। योजना हस्तांतरित होने के बाद उसके संचालन, रखरखाव और बिजली बिल सहित अन्य खर्चों की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होती है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी एच.एस. धुर्वे ने बताया कि सरकार विभाग को नल-जल योजनाओं के निर्माण की जिम्मेदारी देती है। निर्माण पूरा होने के बाद विभाग कुछ दिनों तक ट्रायल के रूप में योजना का संचालन करता है और इसके बाद उसे ग्राम पंचायत के हवाले कर दिया जाता है। पंचायत को योजना सौंपे जाने के बाद उसके रखरखाव और बिजली बिल सहित अन्य खर्चों का भुगतान पंचायत की जिम्मेदारी होती है।

इसका सीधा असर नल जल योजनाओ पर पड़ेगा, जिनके घरों तक पानी पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर ये योजनाएं तैयार की गई हैं।जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ने कहा कि उनके पास अभी तक किसी भी पंचायत से नल-जल योजना का बिजली कनेक्शन काटे जाने की सूचना नहीं आई है। यदि किसी स्थान पर ऐसा हुआ है तो इस संबंध में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से चर्चा की जाएगी।

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