सरदार चरणजीत सिंह मानद डॉक्टरेट उपाधि से हुए सम्मानित, देश-विदेश की 150 विशिष्ट हस्तियां भी हुई सम्मानित

*रुस्तम-ए-हिन्द के नाम से जुड़ा सम्मान, गौरव बढ़ा, विंदु दारा सिंह उपस्थिति में मिला सम्मान*

*न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की खास रिपोर्ट*


दिल्ली

नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता, पत्रकार एवं रुस्तम-ए-हिन्द मीडिया समूह के संस्थापक सरदार चरणजीत सिंह को पत्रकारिता, मानवाधिकार, जनसेवा और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान विश्व सांस्कृतिक एवं शैक्षिक संगठन द्वारा आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अभिनेता एवं प्रसिद्ध पहलवान दारा सिंह के पुत्र विंदु दारा सिंह उपस्थित रहे। विशेष बात यह रही कि दारा सिंह की प्रसिद्ध उपाधि “रुस्तम-ए-हिन्द” से सरदार चरणजीत सिंह के मीडिया समूह का नाम जुड़ा हुआ है, जिसके कारण यह सम्मान उनके लिए और भी विशेष महत्व रखता है।

आयोजकों के अनुसार समारोह में देश और विदेश से आई लगभग 150 विशिष्ट हस्तियों को उनके-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट एवं अन्य सम्मानों से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर शिक्षा, समाजसेवा, पत्रकारिता, मानवाधिकार और जनहित से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।

सरदार चरणजीत सिंह लंबे समय से पत्रकारिता और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों की रक्षा करने और व्यवस्था से जवाब मांगने का एक सशक्त लोकतांत्रिक माध्यम भी है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद सरदार चरणजीत सिंह ने इसे व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ एक बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी सम्मान की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उससे समाज के कमजोर, पीड़ित और अधिकारों से वंचित लोगों की आवाज को और अधिक मजबूती मिले।

मानद डॉक्टरेट की यह उपाधि सरदार चरणजीत सिंह के सार्वजनिक एवं सामाजिक जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है, जिस पर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।

नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

07 अप्रैल 2026 को रात्रि के समय एक नाबालिग बालिका अपने घर के बाहर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों द्वारा काफी तलाश करने और रिश्तेदारों से संपर्क करने के बावजूद जब बालिका का कोई पता नहीं चला, तो स्थानीय थाने में गुमशुदगी व अपहरण की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने तुरंत विवेचना शुरू की।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से अपहृत बालिका को सुरक्षित दस्तयाब किया। न्यायालय में दर्ज कराए गए कथनों के आधार पर मामले में दुष्कर्म की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए आरोपी की तलाश तेज कर दी।

साइबर सेल से प्राप्त सटीक तकनीकी जानकारियों के आधार पर बिजुरी पुलिस की टीम ने दबिश देकर आरोपी ध्रुव प्रताप सिंह को तेलंगाना के हैदराबाद से धर दबोचा। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

अनाथ महिला से जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए पटवारी ने मांगा रिश्वत, आपत्तिजनक मैसेज करने का आरोप


शहडोल

सोहागपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़ित युवती ने बताया कि उसके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और ग्राम पंचायत चापा में उनकी पुश्तैनी जमीन है। जमीन संबंधी काम और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए उन्होंने हल्का नंबर 72 के पटवारी आशीष सोनकर से संपर्क किया था।

शिकायत के अनुसार युवती का आरोप है कि काम कराने के एवज में उनसे 20 हजार रुपए की मांग की गई, जिसमें से 15 हजार रुपए नकद देने का दावा किया गया है। युवती ने लेन-देन और बातचीत से संबंधित व्हाट्सऐप चैट को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में सुरक्षित होने की बात कही है।

शिकायत का सबसे गंभीर पहलू पटवारी पर अश्लील और आपत्तिजनक व्हाट्सऐप बातचीत करने का आरोप है। युवती का दावा है कि पटवारी ने काम कराने के बदले उसे होटल में बुलाने और अपने साथ रहने जैसी बातें कहीं, युवती ने इसे अपने शासकीय पद और अधिकार का दुरुपयोग बताते हुए मानसिक दबाव और शोषण का प्रयास बताया है।

युवती का यह भी आरोप है कि शिकायत करने की बात कहने के बाद उसके जमीन संबंधी काम नहीं किए गए और जाति प्रमाण-पत्र भी नहीं बनाया गया, वहीं पटवारी के सहयोगी रवि पर शिकायत नहीं करने के लिए दबाव बनाने और जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

इस मामले में कलेक्टर के समक्ष शिकायत और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए थे। अब युवती ने स्वयं कलेक्टर के समक्ष शिकायत देकर व्हाट्सऐप चैट, स्क्रीनशॉट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कराने तथा मामले में विभागीय कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget