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वन विभाग के कर्मचारियों लोहे की सब्बल से जानलेवा हमला, बाइक तोड़ी, चौकी की चाबी लेकर फरार हुए आरोपी
उमरिया
जिले के चंदिया वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम नरवार-25 के कुदरी टोला में वन विभाग के कर्मचारियों पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। वन कर्मियों ने बताया की हमलावर आरोपी मिथुन बैगा जंगल की जमीन में जुताई कर रहा था जिसे मना करने गए वन कर्मियों पर जान लेवा हमला कर दिया। आरोप है कि नरवार-25 निवासी मिथुन बैगा ने वनकर्मियों पर लोहे की सब्बल से हमला कर दिया। घटना में वनकर्मी सतेंद्र प्रजापति, विमलेश गुप्ता और चौकीदार संतोष यादव घायल हो गए। सभी घायलों ने चंदिया थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच और आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार, विवाद के दौरान आरोपी ने वनकर्मी सतेंद्र प्रजापति की बाइक भी लोहे की सब्बल से क्षतिग्रस्त कर दी। इतना ही नहीं, बाइक की चाबी भी निकालकर अपने साथ ले गया। बताया जा रहा है कि उसी चाबी के गुच्छे में वन चौकी की चाबी भी लगी हुई थी, जिसके चलते वन चौकी फिलहाल बंद पड़ी है।
इस घटना ने वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी चंदिया वन परिक्षेत्र के सलैया गांव में कथित रेत माफियाओं द्वारा वनकर्मियों पर हमला किया गया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर वन अमले पर हमले करने वालों में कानून का भय क्यों कम होता जा रहा है।
फिलहाल चंदिया पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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निर्माणाधीन मकान का दूसरी मंजिल का छत गिरा, 3 मजदूर मलबे में दबे, दो की हालत गंभीर
शहडोल
जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 28 स्थित सौखी (साखी) मोहल्ला में एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ एक निर्माणाधीन मकान की दूसरी मंजिल (सेकंड फ्लोर) की छत की ढलाई के दौरान अचानक सेन्ट्रिंग का सामने का हिस्सा भरभराकर ढह गया। इस हादसे के वक्त छत की ढलाई के काम में जुटे तमाम मजदूर सीधे नीचे आ गिरे। मलबे और ऊंचाई से गिरने के कारण तीन से अधिक मजदूर मलबे की चपेट में आ गए, जिनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
धनपुरी निवासी मकान मालिक मयंक अग्रवाल (अग्रवाल बंधुओं) की एक बिल्डिंग का निर्माण कार्य शहडोल बुढार मार्ग स्क्वायर के पास, क्रिश्चियन हॉस्पिटल के पीछे साईं आईटीआई रोड पर चल रहा था। शनिवार को मकान की दूसरी मंजिल की छत की ढलाई का काम बड़े पैमाने पर किया जा रहा था। मिक्सर मशीन चालू थी और मजदूर पूरी तत्परता से काम में जुटे थे।
तभी अचानक एक जोरदार आवाज के साथ छत की सेन्ट्रिंग का सामने का हिस्सा बैठ गया। जब तक मजदूर संभल पाते या वहां से भाग पाते, तब तक पूरी छत नीचे गिर गई। छत पर काम कर रहे सभी मजदूर मलबे के साथ नीचे आ गिरे।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। हादसे में दो मजदूरों को बेहद गंभीर चोटें आई हैं, जबकि एक अन्य मजदूर को हल्की चोटें लगी हैं। सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए नजदीकी निजी अस्पताल (आदित्य हॉस्पिटल) में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख में जुटी है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीम भी मौके पर पहुंच गई है। हादसों के कारण की जांच करने में जुट गई है।
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गांव में प्रसूता को गोद में उठाकर 2 किलोमीटर पैदल ले गए परिजन, विकास कार्यों पर उठे सवाल
उमरिया। एक ओर पूरी दुनिया चांद पर मानव बस्ती बसाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है, वहीं देश के कई गांव आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। यह केवल संसाधनों की कमी का नहीं, बल्कि योजनाओं के कमजोर क्रियान्वयन और निचले स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार का भी परिणाम माना जा रहा है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन कई गांवों की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है।
ऐसा ही मामला उमरिया जिले की चंदिया तहसील के बैगा बाहुल्य ग्राम देवरा में सामने आया है। यहां सड़क के अभाव में प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को उसके परिजनों ने गोद में उठाकर करीब दो किलोमीटर तक कच्चे और दुर्गम रास्ते से पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद हाईवे से वाहन की व्यवस्था कर महिला को अस्पताल ले जाया गया।
घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते गांव तक सड़क जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध करा दी जाती, तो प्रसूता और उसके परिजनों को इस तरह जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण कराने और दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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उपाध्यक्ष ले रहे झूठी वाह-वाही, पार्षद की पहल से रंजीत यादव दफाई के लोगों को मिली पेयजल समस्या से राहत
अनूपपुर
जिले के नगर परिषद बरगवां-अमलाई अंतर्गत वार्ड क्रमांक 09 स्थित रंजीत दफाई में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ था। गर्मी के मौसम सहित पूरे वर्ष वार्ड़ के लोगों को पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायतें की गईं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
इसी बीच वार्ड के नागरिकों ने अपनी समस्या वार्ड क्रमांक 09 की पार्षद अर्चना अजय यादव के समक्ष रखी। समस्या की गंभीरता को देखते हुए पार्षद ने नगर परिषद की सीएमओ शिवांगी सिंह बघेल से चर्चा कर तकनीकी विकल्पों पर काम शुरू कराया। इसके बाद वार्ड़ में स्थायी जलापूर्ति सुनिश्चित करने की योजना तैयार की गई। नगर परिषद क्षेत्र में हाल ही में कराए गए लगभग एक दर्जन नए बोरवेलों में से वार्ड क्रमांक 09 अमलाई मोहाड़ा में किए गए बोरवेल को इस योजना से जोड़ा गया। यहां 3 एचपी क्षमता का पंप स्थापित कर पाइपलाइन के माध्यम से रंजीत दफाई तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई। कार्य के दौरान आई तकनीकी एवं व्यवस्थागत चुनौतियों के बावजूद पार्षद अर्चना अजय यादव ने लगातार निगरानी रखी और आवश्यक समन्वय कर कार्य को पूरा कराया। अब पाइपलाइन के माध्यम से रंजीत दफाई में नियमित पेयजल आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वार्डवासियों का कहना है कि यह केवल पाइपलाइन बिछाने का कार्य नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही गंभीर पेयजल समस्या का स्थायी समाधान है, जिससे सैकड़ों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। जलापूर्ति शुरू होने की जानकारी मिलते ही वार्ड में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पार्षद अर्चना अजय यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी विलंब के समस्या का समाधान कराने के लिए गंभीर प्रयास किए। उनका कहना है कि पहले कई स्तरों पर शिकायतें करने के बावजूद समाधान नहीं मिला था, लेकिन पार्षद ने पहल कर कार्य पूरा कराया।इधर क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि नगर परिषद के उपाध्यक्ष द्वारा वार्ड क्रमांक 09 में कराए गए इस कार्य का श्रेय स्वयं लेने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उपाध्यक्ष ने लोगों से कहा कि नईम अंसारी के घर के सामने कराए गए बोरवेल के माध्यम से रंजीत दफाई में पानी की व्यवस्था उनके प्रयासों से की जा रही है, जबकि वार्डवासियों का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में पार्षद अर्चना अजय यादव लगातार सक्रिय रहीं और उनकी पहल से ही यह कार्य पूरा हो सका। जिसको लेकर रंजीत दफाई के लोग वार्ड कि पार्षद अर्चना अजय यादव को धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं।
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पोस्ट ऑफिस को बचाने भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने को सौंपा ज्ञापन, जीएम ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
अनूपपुर
अमलाई कॉलरी स्थित डाकघर पिन कोड 484116) को बंद होने या अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की आशंकाओं के बीच क्षेत्रवासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पूर्व में प्रकाशित समाचार के बाद भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पोस्ट ऑफिस को बचाने, जर्जर भवन की मरम्मत कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर नई बिल्डिंग उपलब्ध कराने की मांग लेकर सुहागपुर एरिया के महाप्रबंधक (जीएम) श्री जेना से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि अमलाई पोस्ट ऑफिस वर्षों से क्षेत्र के हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, पेंशनधारकों एवं व्यापारियों के लिए संचार और डाक सेवाओं का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्तमान भवन अत्यंत जर्जर हो चुका है, जिससे कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। इसलिए भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए अथवा किसी सुरक्षित एसईसीएल भवन में पोस्ट ऑफिस को स्थानांतरित कर उसी क्षेत्र में संचालित रखा जाए।
प्रतिनिधिमंडल की तरफ से डॉक्टर राज तिवारी और अरविंद साहनी ने बात रखी बात को गंभीरता से लेते हुए जीएम श्री जेना ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली और तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्ट ऑफिस की सेवाएं क्षेत्र में ही सुचारू रूप से जारी रहेंगी। भवन की मरम्मत अथवा वैकल्पिक सुरक्षित भवन की व्यवस्था की जाएगी तथा पोस्ट ऑफिस को क्षेत्र से कहीं अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।
इनका कहना है।
हां या पोस्ट ऑफिस पहले भी कोल इंडिया के सहयोग से बनाया गया था और इसको यहां से ट्रांसफर नहीं होने दिया जाएगा पुराने भवन का निर्माण या जरूरत पड़ने पर नई बिल्डिंग बनाकर इस पोस्ट ऑफिस को कोल इंडिया के सहयोग से संचालित किया जाएगा मैं तत्काल इंजीनियर साहब को आदेश देकर करवाई शुरू करवाता हूं ।
*श्री जेना मुख्य महाप्रबंधक एसईसीएल सोहागपुर एरिया*
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चोरी का संदेही पुलिस को चकमा देकर हुआ फरार, कुछ ही घंटों में पुलिस ने पकड़ा
शहडोल
जिले के गोहपारू थाने में चोरी के मामले का एक संदेही पुलिस को चकमा देकर हिरासत से फरार हो गया। घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, लेकिन सक्रियता दिखाते हुए पुलिस ने कुछ ही घंटों में उसे मलमाथर क्षेत्र से दोबारा पकड़ लिया। अब उससे पूछताछ जारी है और कई चोरी की वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। इन मामलों की जांच के दौरान पुलिस को खनौधी गांव निवासी 25 वर्षीय झुरू बैगा पर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस उसे पूछताछ के लिए थाने लेकर आई। प्रारंभिक पूछताछ में उसने कथित तौर पर चोरी के सामान की बरामदगी कराने की बात कही, जिसके बाद पुलिस टीम उसे उसके घर के पास लेकर पहुंची।
मौके पर कई पुलिसकर्मी मौजूद थे। इसी दौरान मौका पाकर संदेही पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। हिरासत से संदेही के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उसकी तलाश के निर्देश दिए।
पुलिस ने संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू की। मलमाथर क्षेत्र से संदेही को दोबारा पकड़ लिया। इसके बाद उसे गोहपारू थाने लाकर फिर से पूछताछ शुरू की गई। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और संदेही से मिली जानकारी के आधार पर चोरी के अन्य मामलों की कड़ियां भी खंगाली जा रही हैं।
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शिक्षा का उजाला करने वाला अंधकार के आगोश में, शिक्षा का विशाल वटवृक्ष धराशाई होने की कगार पर, शिक्षकों ने दिया त्यागपत्र
प्रबंधन की भूमिका सवालों के घेरे में, लापरवाही या साजिश, जिम्मेदार मौन
अनूपपुर
बचपन में हम सभी ने अपने बड़े बुजुर्गों से अक्सर किस्से कहानियों में यह कहते सुना होगा की अंधेरा कितना भी घना क्यों ना हो रोशनी की एक छोटी सी किरण ही काफी होती है। घने अंधेरे को चीरने के लिए लेकिन आज इन मुहावरों के माइने ही बदल गए हैं, चारो ओर अपनी चमक और रोशनी बिखरने वाली प्रकाश की नगरी चचाई अब अशिक्षा के अंधकार में डूबने की कगार पर है। स्कूल में बच्चों की घटती संख्या, लगातार शिक्षा का गिरता स्तर शिक्षा का एक विशाल वटवृक्ष आरसी इंग्लिश मीडियम स्कूल कुप्रबंधन का शिकार होकर धराशाई होने को है।
*शिक्षकों ने दिया त्यागपत्र*
स्कूल प्रबंधन के दुर्व्यवहार एवं अपनी उचित वेतन न मिलने से परेशान आठ शिक्षकों ने त्यागपत्र देकर विद्यालय छोड़ना ही उचित समझा, एक लंबे समय से विद्यालय में अपनी सेवा दे रहे, शिक्षकों ने न जाने कितनी बार प्रबंधन को विद्यालय की समस्याओं से अवगत कराया होगा, लेकिन कुप्रबंधन की मनमानी से मजबूर होकर शिक्षकों ने बाहर का रास्ता अपनाया है। शिक्षकों के इस्तीफों और भवन की जर्जर स्थिति के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों के बीच विद्यालय के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
*बदहाली के बहा रहा आंसू*
ऊर्जा नगरी के जिस आरसी स्कूल में पढ़ कर हजारों बच्चों ने अपना भविष्य सवारा, समाज में सम्मान से जीने की राह मिली, आज वही विद्यालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है, ऊर्जा नगरी में शिक्षा की अलख बुझने को है और प्रबंधन हाथ पर हाथ धर कर बैठा हुआ है। आखिर इसे क्या कहेंगे लापरवाही या साजिश हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि एक ही दिन में स्कूल का भवन जर्जर नहीं हुआ, एक लंबे अरसे से सही रखरखाव न होने की वजह से आज यह जर्जर हालात में है, आखिरकार प्रबंधन ने भवन का रख रखाव क्यों नहीं किया, लापरवाही साफ नजर आ रही हैं।
*सुनियोजित साजिश का खेल*
स्कूल प्रबंधन के इस सारे खेल में एक बात तो साफ है की स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई तो होना निश्चित है, इस बात में भी कोई अचरज नहीं नहीं है की यह सारा खेल पूर्व नियोजित है, प्रबंधन के दो चेहरों अखिलेश सिंह और दत्ता सर ने बकायदे साजिश के तहत योजना बनाकर अपने काम को अंजाम तक पहुंचने का काम किया जा रहा है। सफाई के प्रथम चरण में विद्यार्थियों की संख्या में तेजी से कमी लाना, दूसरे चरण में शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखाना, तीसरे चरण में विद्यालय को जर्जर हालत में दिखाकर उसे बंद होने की कर तक पहुंचाना और उसके बाद चतुर्थ और अंतिम चरण पूरी चतुराई के साथ समिति के खाते में जमा एक बड़ी राशि का आपस में बंदर बट करना शामिल हैं।
*विद्यालय का लाखो रुपए असुरक्षित*
सूत्रों की माने तो आरसी इंग्लिश मीडियम स्कूल प्रबंधन समिति के अकाउंट में एक बड़ी राशि 80 लाख रुपए के लगभग असुरक्षित है, यदि विद्यालय प्रबंधन चाहता तो इस राशि का उपयोग कर विद्यालय भवन का बेहतर रखरखाव मरम्मत आदि कार्य करवाया जा सकता था। शिक्षकों को समय पर उचित वेतन देकर विद्यालय के गिरते शिक्षा स्तर को नियंत्रण किया जा सकता था। लेकिन प्रबंधन ने तो इसके विपरीत मनमानी करते हुए कक्षा 9वी से 12वीं का प्रवेश से बंद करवा दिया। विद्यालय को बदहाल होने दिया और शिक्षकों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया।
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विश्व जनसंख्या दिवस पर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों ने निकाली जागरूकता रैली
अनूपपुर
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में जनसंख्या नियंत्रण एवं परिवार कल्याण के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर से प्रारंभ हुई यह रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आमजन को जनसंख्या नियंत्रण एवं छोटे परिवार के महत्व का संदेश दिया।
विद्यालय की प्राचार्य अर्चना सिंह पायक के निर्देशन में आयोजित इस भव्य रैली में विद्यालय परिवार ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। रैली में शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। लगभग एक सैकड़ा छात्र-छात्राओं ने हाथों में जनजागरूकता संबंधी तख्तियां एवं बैनर लेकर रैली में भाग लिया।
रैली के दौरान विद्यार्थियों ने प्रभावशाली नारों के माध्यम से जनसंख्या नियंत्रण का संदेश दिया। प्रमुख नारों में "जीवन को खुशहाल बनाओ, बढ़ती आबादी पर रोक लगाओ", "पृथ्वी ही है मनुष्य का घर, जनसंख्या वृद्धि से न बनाओ नरक", "अधिक जनसंख्या एक विपत्ति है, यह विनाश की उत्पत्ति है", "बढ़ती जनसंख्या पर रोक लगाना है, भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है" तथा "स्वस्थ जीवन, खुशहाल परिवार—हम दो, हमारे दो है इसका आधार" जैसे नारे शामिल रहे। विद्यार्थियों के जोशीले नारों ने नगरवासियों का ध्यान आकर्षित किया और जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।