छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिलने पर, छात्राओं ने कलक्ट्रेट पहुँचकर कलेक्टर को सौपा आवेदन, जाँच की मांग


उमरिया                 

छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान लंबे समय से नहीं होने से परेशान छात्राओं ने अपनी समस्या मीडिया के सामने रखी। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं, बावजूद इसके अभी तक उनके खाते में राशि नहीं पहुंची है। इस संबंध में छात्राओं द्वारा कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आवेदन भी दिया गया है।

मामला शैक्षणिक सत्र 2022-23 की छात्रवृत्ति से जुड़ा है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि छात्रवृत्ति के लिए प्रक्रिया पूरी किए जाने के बावजूद भुगतान लंबित है। छात्राओं का कहना है कि छात्रवृत्ति का भुगतान संबंधित विभागीय प्रक्रिया के तहत होना है, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी उन्हें राशि प्राप्त नहीं हुई।

छात्राओं ने बताया कि छात्रवृत्ति उनके लिए पढ़ाई से संबंधित आवश्यक खर्चों को पूरा करने में महत्वपूर्ण होती है। राशि समय पर नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं का कहना है कि वे लगातार भुगतान का इंतजार कर रही हैं, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है कि आखिर छात्रवृत्ति की राशि कब तक उनके खातों में पहुंचेगी।

छात्राओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि यदि दस्तावेज या प्रक्रिया से संबंधित कोई कमी है तो उसकी जानकारी उन्हें दी जाए, ताकि आवश्यक सुधार कर सकें। वहीं यदि विभागीय स्तर पर भुगतान लंबित है तो उसे जल्द पूरा कराया जाए। छात्राओं ने कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कराने तथा संबंधित विभाग से छात्रवृत्ति भुगतान की स्थिति की जानकारी लेकर लंबित राशि जल्द से जल्द दिलाए जाने की मांग की है।

अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री व कार्यवाही व रोक की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन


शहडोल

जिले में अवैध शराब, गांजा, स्मैक, नशीली गोलियों, तंबाकू, गुटखा सहित अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन पर रोक लगाने की मांग को लेकर भारतीय शक्ति चेतना पार्टी एवं भगवती मानव कल्याण संगठन जिला शहडोल के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नशे के बढ़ते प्रभाव से युवाओं और विद्यार्थियों के प्रभावित होने की बात कही गई है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। स्कूल, कॉलेज एवं छात्रावासों के आसपास नशीले पदार्थ बेचने वालों पर कार्रवाई तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए।

संगठन ने नशे के अवैध कारोबार से जुड़े मुख्य सप्लायरों और तस्करी नेटवर्क की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने, युवाओं एवं विद्यार्थियों के लिए नशा विरोधी जन-जागरूकता कार्यक्रम और शिविर आयोजित करने की मांग की है। साथ ही नशे के आदी लोगों के उपचार एवं पुनर्वास के लिए नशामुक्ति केंद्रों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने की मांग की गई।

ज्ञापन में नशे संबंधी शिकायत करने वाले नागरिकों की पहचान गोपनीय रखने और शिकायतों की प्रभावी जांच करने की मांग भी शामिल है। संगठन ने जिले में अवैध रूप से शराब की बिक्री पर रोक लगाने तथा बिना नंबर के वाहनों से गांव-गांव शराब पहुंचाए जाने की शिकायतों की जांच की मांग की।

ज्ञापन में सागर जिले के डंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शहडोल जिले में अवैध शराब पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई। 

पांच महीने से ठप्प नल-जल योजना, जनसुनवाई में पहुंचकर ग्रामीण ने  उठाई आवाज, करोड़ों रुपये की योजना बंद होने का आरोप

*जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल*


अनूपपुर

ग्राम पंचायत छोहरी में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई नल-जल योजना पिछले करीब पांच महीने से बंद होने का मामला अब जिला प्रशासन की जनसुनवाई तक पहुंच गया है ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं युवा नेता लक्ष्मण यादव ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में लिखित शिकायत दर्ज कराई और ग्रामीणों की समस्या को प्रशासन के सामने प्रमुखता से रखा

लक्ष्मण यादव द्वारा प्रस्तुत शिकायत में बताया गया है कि ग्राम पंचायत छोहरी में पीएचई विभाग की नल-जल योजना के माध्यम से ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन योजना लंबे समय से बंद पड़ी है शिकायत के अनुसार करीब पांच माह से नल-जल व्यवस्था ठप होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है

शिकायत में आरोप लगाया कि योजना के संचालन में पीएचई विभाग के नल-जल ठेकेदार तथा ग्राम पंचायत के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण व्यवस्था प्रभावित हुई है उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कराकर नल-जल योजना को तत्काल चालू कराने की मांग की है

उन्होंने सवाल उठाया कि जब ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा बड़ी राशि खर्च की गई है, तो आखिर इतनी लंबी अवधि से योजना बंद रहने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा इसे चालू कराने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए

जनसुनवाई में दर्ज शिकायत में निराकरण की समय-सीमा 27 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है शिकायत को कार्यपालन यंत्री, पीएचई अनूपपुर के कार्यालय की ओर भी अंकित किया गया है प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर यह पता लगाया जाए कि करोड़ों रुपये की नल-जल योजना आखिर किन कारणों से पांच माह से बंद है।

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