मकान गिरा, मलबे में दबे पति, पत्नी व बच्ची, तीनों की बची जान, गृहस्थी का सामान ख़राब


शहडोल

धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर-5 में काली मंदिर के पास उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बारिश के बीच एक खपरैल मकान अचानक भरभराकर गिर गया, हादसे के समय मकान के अंदर सो रहा परिवार मलबे की चपेट में आ गया और पति-पत्नी समेत उनकी मासूम बच्ची दब गई।

धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नं 5 में काली मंदिर के पास रहने वाले संतोष बर्मन, उनकी पत्नी साधना बर्मन और बच्ची गुनगुन घर के अंदर सो रहे थे, अचानक मकान का हिस्सा भरभराकर उनके ऊपर आ गिरा, हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने बिना देर किए राहत और बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे परिवार के तीनों सदस्यों को बाहर निकाला, मकान गिरने से परिवार के सदस्यों को अंदरूनी चोटें आई हैं।

गनीमत रही कि स्थानीय लोगों की तत्परता से सभी को समय रहते मलबे से बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हादसे के बाद परिवार दहशत में है।वहीं, मकान गिरने से परिवार की पूरी गृहस्थी तहस-नहस हो गई। घर में रखा सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया, बारिश के कारण पहले से कमजोर हो चुके कच्चे और खपरैल मकानों पर अब खतरा बढ़ गया है।घटना ने एक बार फिर बारिश के मौसम में जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पंचायत भवन में पटवारी की शराब पार्टी, विरोध करने पर ग्रामीणों से की अभद्रता, कार्यवाही की मांग


शहडोल

जैतपुर तहसील की ग्राम पंचायत बोकरमार का पंचायत भवन इन दिनों प्रशासनिक संवेदनहीनता का अखाड़ा बना हुआ है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने हड़कंप मचा दिया है, जिसमें हल्का नंबर 54 के पटवारी ज्ञान सिंह मार्गो पंचायत भवन के भीतर शराब और कबाब की दावत उड़ाते नजर आ रहे हैं।

जब किसान अपनी फार्मर आईडी बनवाने की आस में पंचायत भवन पहुंचे थे, सरपंच के कक्ष का नजारा देखकर ग्रामीण दंग रह गए। मेज पर शराब की बोतलें थीं और पास ही मांस रखा हुआ था, जब ग्रामीणों ने सरकारी दफ्तर की मर्यादा याद दिलाते हुए विरोध दर्ज कराया, तो पटवारी नशे में ग्रामीणों पर ही बिफर पड़े, आरोप है कि पटवारी ने सेवा देने के बजाय अपनी कथित ‘राजघराना’ पृष्ठभूमि का रौब झाड़ा और बेखौफ लहजे में यहां तक कह डाला कि बड़े से बड़ा अधिकारी भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

एक दशक से जमे पटवारी की इस कार्यशैली से ग्रामीण परेशान चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन को मयखाना बनाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। मामले के पुख्ता वीडियो साक्ष्य एसडीएम, तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक को सौंपे गए, मगर प्रशासनिक चुप है, न्याय की आस खोते ग्रामीणों ने वीडियो को इंटरनेट पर साझा कर दिया ,जो अब सोशल मीडियाई तेजी से वायरल हो रही है। पंचायत भवन किसी अफसर का निजी ड्राइंग रूम नहीं, बल्कि किसानों और ग्रामीणों के बुनियादी अधिकारों का केंद्र है। 

पशु तस्करी पर पुलिस की कार्यवाही, तीन पीकप सहित 20 मवेशी जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य आरोपी फरार

*21.20 लाख का मशरूका जब्त*


 अनूपपुर

थाना जैतहरी पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि तीन पिकअप वाहन जिसमें एक का वाहन क्रमांक MP 19 ZT 5653 एवं 2 बिना नंबर की जिनमें मवेशियों को ठूंस-ठूंसकर एवं क्रूरतापूर्वक बांधकर कटने हेतु मरवाही, छत्तीसगढ़ की ओर से सिवनी-मुण्डा मार्ग होते हुए ले जाया जा रहा है।

पुलिस द्वारा 03 टीमों का गठन कर ग्राम मुण्डा-सिवनी मार्ग पर नाकाबंदी की गई। साथ ही छत्तीसगढ़ पुलिस को भी सूचना दी गई। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संदिग्ध वाहनों का पीछा कर उन्हें खदेड़ा गया तथा अनूपपुर पुलिस से समन्वय स्थापित किया गया।

नाकाबंदी के दौरान तीनों पिकअप वाहन तेज गति से आते दिखाई दिए। पुलिस द्वारा रुकने का संकेत देने पर चालकों ने वाहन नहीं रोके और भागने का प्रयास किया। पुलिस टीमों द्वारा पीछा करने पर तीनों चालक वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

एक पिकअप में 07 मवेशी, दूसरी में 06 मवेशी, जिनमें एक भैंस मृत अवस्था में थी, तथा तीसरी पिकअप में 07 मवेशी पाए गए। सभी मवेशियों को रस्सियों से बांधकर अत्यंत क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरा गया था तथा उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था नहीं थी।

दूसरी पिकअप में सवार आसीफ कुरैशी पिता हसनैन कुरैशी, उम्र 26 वर्ष, निवासी जेकेडी झगड़ाखान, मनेन्द्रगढ़, छत्तीसगढ़ को पुलिस टीम द्वारा पीछा कर पकड़ा गया। उसके विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। कुल 20 मवेशी एवं 03 पिकअप वाहन जप्त किए गए। जप्त माल-मशरूका की कुल अनुमानित कीमत 21 लाख 20 हजार रुपया है। 

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