पवित्र नगरी की सीवर लाइन हुई अस्त-व्यस्त, सीवर का गंदा व बदबूदार पानी नर्मदा नदी में मिल रहा
पवित्र नगरी की सीवर लाइन हुई अस्त-व्यस्त, सीवर का गंदा व बदबूदार पानी नर्मदा नदी में मिल रहा,
*श्रद्धालुओं व पर्यटकों को रही है परेशानी*
अनूपपुर
प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में नगर परिषद की सीवर व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह अस्त-व्यस्त और चरमराई हुई नजर आ रही है। सीवर लाइनों के चैंबरों से निकल रहा गंदा, बदबूदार पानी खुले में बहते हुए नर्मदा नदी की ओर जा रहा है। इससे जहां एक ओर पवित्र मां नर्मदा के जल की शुद्धता और पर्यावरण को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो रही है, वहीं दूसरी ओर अमरकंटक आने वाले तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पवित्र रामघाट क्षेत्र में सुलभ शौचालय के सामने बने सीवर चैंबर से गंदा और अत्यधिक बदबूदार पानी तेज धार के साथ बाहर निकलकर नर्मदा नदी की ओर बह रहा है। इसी क्षेत्र में रामघाट के पार्किंग स्थल के समीप मैदान, घाट की सीढ़ियों के आसपास तथा मोड़ वाले स्थान पर भी सीवर लाइन का पानी बरसाती पानी के साथ बहता हुआ दिखाई दे रहा है। यह दूषित पानी अंततः नर्मदा नदी में पहुंच रहा है।
नाका चौराहा क्षेत्र में भी सीवर लाइन के चैंबर से तेज धार के रूप में गंदा पानी निकल रहा है, यह पानी वैतरणी नदी के माध्यम से नर्मदा नदी में मिल रहा है। रामघाट स्थित सुलभ शौचालय के सामने सीवर चैंबर से निकल रहे गंदे पानी के कारण समीप चल रहे शिव रुद्र महायज्ञ एवं भोजनालय में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि तेज बारिश के दौरान कई बार बाहर बहता पानी सामान्य बरसाती पानी अथवा पाताल तोड़ पानी समझकर पर्यटक, तीर्थयात्री और भक्त श्रद्धालु उसके पास हाथ-पैर और मुंह धोने लगते हैं। इससे संक्रमण व स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ सकते हैं।
जहां से मां नर्मदा की उद्गम धारा प्रवाहित होती है। धार्मिक मान्यताओं में नर्मदा को मोक्षदायिनी और पुण्यदायिनी नदी का दर्जा प्राप्त है। देशभर से श्रद्धालु यहां नर्मदा स्नान, पूजन, दर्शन और परिक्रमा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल पर सीवर का दूषित पानी नर्मदा नदी में पहुंचना न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर विषय है, बल्कि धार्मिक आस्था से भी जुड़ा हुआ मामला है।
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि सीवर लाइन की तत्काल तकनीकी जांच कराकर जहां-जहां लीकेज, चैंबर ओवरफ्लो अथवा लाइन जाम होने की समस्या को ठीक कराया जाए।


