बस से टकराई पीकप, तीन घायल, 50 घनमीटर रेत का हुआ नष्ट, 3 वाहनों पर कार्यवाही, 7 हजार जुर्माना

उमरिया

उमरिया से शहडोल की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 43 में सड़क हादसा हुआ है, जोहिला पुल के समीप नौरोजाबाद से पाली जा रहा पिकअप वाहन सामने से आ रहे तेज गति से सवारी बस से टकरा गया, इस दुर्घटना में पिकअप वाहन चालक समेत तीन लोग घायल हुए है।  पिकप ड्राइवर कौशल महोबिया बुरी तरह से घायल हो गया है। जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली में भर्ती कराकर उपचार कराया जा रहा है। टक्कर इतनी तेज थी की पिकअप वाहन का सामने का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, वहीं पाली थाने की पुलिस इस पूरे मामले की जाँच में जुट गई है।

 *50 घनमीटर रेत का हुआ विनिष्टीकरण*


शहडोल कलेक्टर ने ब्यौहारी तहसील के रेत के अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण की शिकायतो को संज्ञान में लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ब्यौहारी को कार्यवाही करने के निर्देश दिए। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सुश्री अर्चना मिश्रा एवं जिला खनिज अधिकारी राहुल शाडिल्य ने बताया कि तहसील ब्योहारी अंतर्गत ग्राम खड़ोली, ग्राम पंचायत नौढ़िया में खनिज एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान शासकीय भूमि पर अव्यवस्थिति रूप से भण्डारित लगभग 50 घनमीटर खनिज रेत का विनिष्टीकरण किया गया। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध कार्रवाई सतत रूप से की जाएगी।

*3 वाहनों पर कार्यवाही, 7 हजार का जुर्माना*


शहडोल कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देशानुसार जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पॉल द्वारा 24 स्कूली वाहनो की संघन जांच की गई। जांच के दौरान 3 स्कूल वाहनों में अनियमिततां पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 7 हजार रुपये का वाहन मालिको के विरूद्व अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया। इस दौरान वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र सहित बच्चों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। वाहन चालकों एवं स्कूल प्रबंधन को निर्धारित सुरक्षा मानकों और परिवहन नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए। 

पोंडा नाला हुआ जलमग्न, जान में जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं वाहन, हो सकती है अप्रिय घटना


शहडोल

बरसात में शहडोल का पोंडा नाला एक बार फिर आफत का नाला बन गया है। लगातार बारिश के बाद नाले में पानी का जलस्तर बढ़ गया और देखते ही देखते आवागमन का रास्ता जलमग्न हो गया। हालात ऐसे हैं कि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक ही नहीं, बल्कि स्कूली बसें भी पानी के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं। पोंडा नाला का यह खौफनाक मंजर एक बार फिर सिस्टम की तैयारियों और वर्षों से लंबित समस्या पर सवाल खड़े कर रहा है।

पोंडा नाला में पानी भरने के बाद आसपास के ग्रामीण इलाकों का संपर्क प्रभावित होने लगता है। बारिश तेज होने पर डिंडौरी-जबलपुर और छत्तीसगढ़ की ओर जाने वाले मार्ग पर भी आवागमन बाधित होने का खतरा बना रहता है। 

पानी का बहाव तेज होने के कारण यहां से गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं है। यह पहली बार नहीं है जब पोंडा नाला लोगों के लिए मुसीबत बना हो। पिछले साल पानी के तेज बहाव में एक कार के डूबने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कुछ लोगों के लापता होने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद बारिश आते ही वही तस्वीर दोबारा दिखाई दे रही है। वर्षों पुरानी इस समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है। रेलवे विभाग की ओर से पोंडा नाला ब्रिज निर्माण को स्वीकृति मिलने की जानकारी दी गई है।

जंगल से भटक कर घायल चीतल का बच्चा घुसा घर में, वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू, कराया इलाज


 शहडोल

जैतपुर वन परिक्षेत्र के रसमोहनी में कुत्तों के झुंड से बचता हुआ एक चीतल का बच्चा बस्ती में घुस आया। कुत्ते लगातार उसका पीछा कर रहे थे। जान बचाने के लिए चीतल का बच्चा दौड़कर बस्ती स्थित एक ग्रामीण के घर में घुस गया। ग्रामीणों ने उसे देखकर सुरक्षित किया और तत्काल वन विभाग को सूचना दी।

जैतपुर वन परिक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से चीतल के बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। चीतल के बच्चे के शरीर पर चोट के निशान पाए गए थे। आशंका थी कि पीछा कर रहे कुत्तों ने उसे घायल किया होगा। इसके बाद वन विभाग ने पशु चिकित्सा अधिकारी को मौके पर बुलाकर उसकी जांच कराई।

पशु चिकित्सक ने चीतल के बच्चे के घावों की साफ-सफाई करने के साथ आवश्यक उपचार किया। उसे इंजेक्शन और मरहम भी लगाया गया। उपचार के बाद चीतल के बच्चे को वन विभाग की निगरानी में रखा गया है। रेंजर बृजलाल प्रजापति ने बताया कि कुत्तों के पीछा करने के कारण चीतल का बच्चा बस्ती में आ गया था। समय पर ग्रामीणों की सूचना मिलने से उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।

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