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66 करोड़ की नल जल योजना पर श्रमिकों का विद्रोह वेतन, सुरक्षा और श्रम अधिकारों की अनदेखी का आरोप

*51 गांवों की जलापूर्ति हुई ठप्प*

अनूपपुर

मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित द्वारा 66 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किरगी ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना का उद्देश्य 51 गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना था। इसके संचालन एवं रखरखाव का जिम्मा सी एम आर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्ष 2018 से लगातार सेवाएं देने के बावजूद उन्हें शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानदेय तक नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं, जल शोधन संयंत्र,पंप हाउस,फील्ड कर्मचारियों सहित संवेदनशील स्थानों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण, बीमा और सुरक्षा निधि जैसी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया है। कई बार शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला जिससे परेशान हो आखिरकार कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे पूरी योजना की कार्यप्रणाली और कंपनी की जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं।

कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित दरों के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा है। यदि यह आरोप सही है तो यह न्यूनतम वेतन से जुड़े श्रम प्रावधानों के उल्लंघन का मामला बन सकता है। श्रमिकों का कहना है कि कई वर्षों से वेतन वृद्धि तक नहीं हुई जबकि महंगाई लगातार बढ़ती रही है। सवाल यह है कि करोड़ों की परियोजना में श्रमिकों को उनका वैधानिक अधिकार क्यों नहीं मिला है।

जल शोधन संयंत्र, पंप हाउस और विद्युत उपकरणों के बीच काम करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा किट, हेलमेट, दस्ताने, जूते और अन्य सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराना नियोक्ता की जिम्मेदारी मानी जाती है। हड़ताली कर्मचारियों का दावा है कि वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है और न ही लाभ मिला है। श्रमिकों का कहना है कि सुरक्षा निधि और अन्य वैधानिक लाभ आज तक नहीं मिले है। यदि कर्मचारियों की पात्रता के बावजूद ऐसे लाभ नहीं दिए गए हैं तो संबंधित विभागों को इसकी जांच करनी चाहिए।

कर्मचारियों और ग्रामीणों का आरोप है कि कई गांवों में आज भी नल कनेक्शन होने के बावजूद नियमित पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके बावजूद पंचायतों को योजना हस्तांतरित करने की तैयारी की जा रही है। सवाल उठ रहा है कि जब व्यवस्था पूरी तरह सुचारु नहीं हुई तो उसका संचालन ग्राम पंचायतों पर क्यों डाला जा रहा है।

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि 66 करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यदि कर्मचारी असंतुष्ट हैं और कई गांवों को नियमित जलापूर्ति नहीं मिल रही तो जवाबदेही किसकी तय होगी? यदि कर्मचारियों के आरोप सही हैं तो संबंधित विभागों को निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार पक्षों पर कार्यवाही करनी चाहिए, ताकि 51 गांवों की जनता पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।

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जर्जर पानी की टंकी हो सकता है बड़ा हादसा, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं लोग, एसईसीएल प्रबंधन मौन

अनूपपुर

एक तरफ जहां सूरज की तपिश और भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है, वहीं दूसरी तरफ एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र के प्रबंधन की उदासीनता के कारण कोतमा वार्ड क्रमांक 13 के निवासी पानी के लिए हाहाकार मचा हैं। वार्ड में स्थित पानी की टंकी बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुकी है, जिसके कारण क्षेत्र में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

​स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह स्थिति अचानक पैदा नहीं हुई है वार्ड वासियों द्वारा कई बार सोशल मीडिया, मुख्यधारा की मीडिया और मौखिक रूप से एसईसीएल प्रबंधन को मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, प्रबंधन को साफ तौर पर अवगत कराया गया था कि पानी की टंकी पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है और कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसके बावजूद, एसईसीएल के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी

​प्रबंधन की इसी लापरवाही का नतीजा आज वार्ड क्रमांक 13 के सैकड़ों परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। नई पानी टंकी का निर्माण न होने से इस कड़कती धूप और गर्मी में लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी नसीब नहीं हो पा रहा है, जिससे स्थानीय जनता में एसईसीएल के प्रति भारी आक्रोश है।

"एसईसीएल सिर्फ कोयला निकालने में व्यस्त है, उसे यहां रहने वाले लोगों की मूलभूत सुविधाओं से कोई सरोकार नहीं है, बार-बार ध्यान आकर्षण कराने के बाद भी आज तक नई पानी टंकी का निर्माण नहीं कराया गया, अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो  उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

​जब एसईसीएल को समय रहते जर्जर टंकी की सूचना दे दी गई थी, तो नए निर्माण में देरी क्यों की जा रही है। क्या एसईसीएल प्रबंधन किसी बड़े हादसे या जनता के पूरी तरह सड़क पर उतरने का इंतजार कर रहा है।

​क्षेत्र की जनता ने अब जिला प्रशासन और एसईसीएल के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मामले को संज्ञान में लेते हुए युद्ध स्तर पर नई पानी टंकी का निर्माण कराया जाए और तब तक वार्ड में पानी के वैकल्पिक इंतजाम सुचारू रूप से किए जाएं।

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दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया किशोर की पानी मे डूबने से हुई मौत, पुलिस जाँच में जुटी

 शहडोल

दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया 15 वर्षीय किशोर मौत के गहरे पानी में समाने से मौत हो गयी। ब्यौहारी थाना क्षेत्र के केल्हारी गांव में हुए इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जबकि पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू कर दी है।

केल्हारी निवासी दीपेश प्रजापति (15) पिता महेश प्रजापति अपने दोस्तों के साथ गांव के पास स्थित समधिन नदी में नहाने गया था। बताया गया कि नदी का घाट उसके घर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। नहाते समय दीपेश अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथ मौजूद उसके दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।

हादसे के बाद दीपेश का एक दोस्त घबराकर घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और ग्रामीण बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंचे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से किशोर के शव को बाहर निकलवाया।

घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ब्यौहारी अस्पताल में किशोर के पिता महेश प्रजापति ने अपने इकलौते बेटे का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनका एक ही पुत्र था, अब वह भी नहीं रहा। ऐसे में वे पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते।

हालांकि पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश दी, सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। 

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टीवी कूलर से लोड ट्रक में लगी आग, पूरा सामान जलकर हुआ खाक, लाखो का नुकसान

उमरिया

जिले के इंदवार थाना क्षेत्र के बरही-मानपुर मार्ग एसएच-10 पर स्थित पनपथा गांव के हाई स्कूल के पास दरमियानी रात करीब 2 से 2:30 बजे एक छह चकिया ट्रक अचानक आग की लपटों में घिर गया। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा ट्रक धू-धू कर जलने लगा। हादसे में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, जबकि चालक सुरक्षित है। 

जानकारी के अनुसार कटनी का यह ट्रक कटनी से ब्यौहारी के टिहकी गांव की ओर जा रहा था। देर रात होने के कारण चालक ने वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर विश्राम करना उचित समझा और पास ही सो गया। इसी बीच अज्ञात कारणों से ट्रक में आग लग गई। जब तक चालक और आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक आग पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले चुकी थी। 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से दिखाई दे रही थीं। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते कार्रवाई होने से आसपास के क्षेत्र में आग फैलने से रोक लिया गया।घटना को और भी गंभीर इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि जिस स्थान पर ट्रक खड़ा था, उसके ठीक ऊपर 11 हजार केवी की विद्युत लाइन भी गुजरी थी। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या फिर इसके पीछे किसी असामाजिक तत्व की शरारत है।

पुलिस और संबंधित विभाग सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ट्रक में टीवी, कूलर समेत अन्य बेशकीमती इलेक्ट्रॉनिक सामग्री लोड थी। आग की चपेट में आने से न केवल ट्रक पूरी तरह जल खाक भी हो गया बल्कि उसमें रखा पूरा सामान भी खाक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार नुकसान लाखों रुपये में बताया जा रहा है।

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भारत विकास परिषद की विंध्य प्रान्त का प्रांतीय दायित्व ग्रहण व कार्यशाला ‘उद्दीपन’ का भव्य एवं सफल आयोजन सम्पन्न

*उपमुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को दिलाई शपथ*

रीवा

भारत विकास परिषद, विंध्य प्रांत की प्रांतीय कार्यशाला ‘उद्दीपन’ 2026-27 का सफल एवं गरिमामय आयोजन रीवा शाखा के आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यशाला में विंध्य प्रांत की 12 शाखाओं से 112 दायित्व धारी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में प्रांतीय पदाधिकारियों का दायित्व ग्रहण एवं शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नव-निर्वाचित प्रांतीय पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। अपने प्रेरणादाई उद्बोधन में उन्होंने भारत विकास परिषद को एक संस्कारित, स्वस्थ, समृद्ध एवं समाजोपयोगी संस्था बताते हुए कहा कि परिषद सेवा, संस्कार, सहयोग, समर्पण एवं संस्कृति के पांच प्रमुख प्रकल्पों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने संस्था के कार्यों को और अधिक व्यापक बनाने हेतु सभी सदस्यों से सहयोग का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मां भारती तथा युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो उठा। रीजन से पधारे पदाधिकारियों का पुष्पगुच्छ, तिलक एवं सम्मान पट्टिका भेंट कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में रीजनल अध्यक्ष  सुनील कोठारी, रीजनल महासचिव  सुधीर अग्रवाल, रीजनल ऑडिटर सीए सत्यम केसरवानी एवं रीजनल संपर्क संयोजक शक्ति सुमन जौहरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यशाला के दौरान विंध्य प्रांत के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ा। पहली बार एक ही दिन में रीवा शाखा के सचिव  राजेन्द्र ताम्रकार जी को ‘विकास रत्न’ की उपाधि से सम्मानित किया गया, वहीं 12 सदस्यों को ‘विकास मित्र’ घोषित किया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व विंध्य प्रांत में केवल एक ही विकास मित्र थे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सभी शाखाओं, पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह कार्यशाला संगठनात्मक सुदृढ़ ता, सेवा भावना एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करने वाली सिद्ध हुई।

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पुरुषोत्तम मास के समापन एवं सोमवती अमावस्या पर उमड़ी आस्था की भीड़, लाखों श्रद्धालुओं ने नर्मदा में लगाई डुबकी

अनूपपुर

प्रमुख धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सिद्ध तीर्थस्थल अमरकंटक में पुरुषोत्तम मास के समापन तथा ज्येष्ठ मास की पावन सोमवती अमावस्या, मृगशिरा नक्षत्र और शुभ ग्रह-नक्षत्रों के दुर्लभ संयोग पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में धर्ममय वातावरण छाया रहा और मां नर्मदा के पावन तटों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

प्रातः ब्रह्ममुहूर्त से ही लाखों भक्त-श्रद्धालु मां नर्मदा के पवित्र तट रामघाट, पुष्कर बांध, कोटि तीर्थ कुंड एवं आरंडी संगम पहुंचने लगे। सोमवती अमावस्या के अवसर पर हजारों सौभाग्यवती महिलाओं ने नर्मदा मंदिर परिसर, रामघाट एवं आसपास स्थित पीपल तथा वट वृक्षों का विधिवत पूजन किया। महिलाओं ने कच्चे धागे से वृक्षों की परिक्रमा कर अपने पति एवं परिवारजनों के दीर्घायु, स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की। अनेक महिलाओं ने श्रद्धाभाव से 108 परिक्रमा लगाकर व्रत एवं पूजन संपन्न किया।

पूरे दिन मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों की मधुर ध्वनि गूंजती रही। पुरोहितों एवं विद्वान पंडितों द्वारा भगवान शिव, भगवान विष्णु तथा मां नर्मदा की विशेष पूजा-अर्चना, जप एवं पाठ संपन्न कराया गया।लगभग एक माह तक चले पुरुषोत्तम मास के दौरान अमरकंटक में धार्मिकता का विशेष वातावरण बना रहा। सभी आश्रमों व धार्मिक संस्थानों में शिव महापुराण, श्रीमद्भागवत महापुराण एवं नर्मदा महापुराण कथा का भव्य आयोजन हुआ। 

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एक पेड़ माँ के नाम अभियान, मां ज्वाला धाम मंदिर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

उमरिया 

पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत युवा टीम उमरिया के द्वारा  मां ज्वाला धाम उचेहरा मंदिर परिसर में उचेहरा मंदिर पंडा भंडारी सिंह, पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा, पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी की उपस्थिति में  पौधे लगाकर पौधारोपण किया गया। मां ज्वाला धाम मंदिर पंडा भंडारी सिंह ने पृथ्वी पर बेहतर जीवन सुनिश्चित करने में पौधरोपण के महत्त्व को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति सभी के दायित्व का भी संदेश दिया।

पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण के लिये पौधरोपण ही एकमात्र उपाय है. जिसे केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपने एक लक्ष्य के रूप में प्रत्येक व्यक्ति को लेना चाहिये।  एक पेड़ मां के नाम अभियान का उदेश्य ही यह है कि जिस भी वृक्ष को हम लगायें, उसकी सेवा अपनी मां की तरह करें, क्योंकि धरती हमारी मां है और इसकी रक्षा के लिये पेड़ का होना अत्यंत आवश्यक है।

टीम संयोजक हिमांशु तिवारी ने  कहा कि वर्तमान समय में पूरा विश्व ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से परेशान है. यदि इस समय हम अपने आने वाली पीढ़ी को बेहतर पर्यावरण देने के लिये कृत संकल्पित नहीं होते हैं तो इसका खामियाजा हमारे आने वाली पीढ़ी को उठाना होगा. इसलिये जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति एक पेड़ लगाने और उसकी रक्षा करने का संकल्प ले। 

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अभिनव तिवारी का एमपीसीए क्रिकेट अंडर-19 टीम में हुआ चयन, लोगों ने दी शुभकामनाएं

अनूपपुर 

जिले के खेल जगत के लिए यह अत्यंत गर्व और खुशी का क्षण है कि जिले के होनहार क्रिकेट खिलाड़ी अभिनव तिवारी (सुपुत्र श्री दीप नारायण तिवारी) का चयन मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन अंडर-19 टीम में हुआ है। 

अभिनव ने पिछले पांच वर्षों से लगातार क्रिकेट के क्षेत्र में मेहनत करते हुए अपनी प्रतिभा को निखारा और आज प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल हुए हैं। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे अनूपपुर जिले को गौरवान्वित किया है, बता दे उनकी सफलता के पीछे जिला क्रिकेट संघ अनूपपुर की दशकों से अथक मेहनत एवं जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों को एक अच्छा प्लेटफार्म देने की यह उपलब्धि है। लगभग एक दशक पहले जिले में क्रिकेट के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे। खिलाड़ियों को धूल भरी पिचों पर अभ्यास करना पड़ता था और खेल सामग्री व आधारभूत सुविधाओं का अभाव था। इसके बावजूद जिला क्रिकेट संघ ने हार नहीं मानी और खिलाड़ियों के सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास करता रहा,संघ की मेहनत और प्रशासनिक सहयोग से जिले में आधुनिक स्टेडियम एवं टर्फ विकेट जैसी सुविधाएं विकसित की गईं, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर प्राप्त हुए। आज अभिनव तिवारी का मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन अंडर-19 टीम में चयन इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें तो वे किसी भी स्तर पर अपनी क्षमता साबित कर सकती हैं।

जिला कलेक्टर हर्षल पंचोली ने भी जिला क्रिकेट संघ और खिलाड़ियों को समय-समय पर प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया है। उनके सहयोग से जिले में खेल गतिविधियों को नई दिशा मिली है,अभिनव की इस उपलब्धि पर अधिकारी, जनप्रतिनिधि खेल प्रेमी व मित्रो ने शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है, अभिनव तिवारी की सफलता अनूपपुर के उन सभी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। निश्चित रूप से यह उपलब्धि जिला क्रिकेट संघ अनूपपुर के वर्षों के अथक प्रयासों और जिले में क्रिकेट प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का परिणाम है।

जर्जर पानी की टंकी हो सकता है बड़ा हादसा, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं लोग, एसईसीएल प्रबंधन मौन

*समस्या हल नही तो होगा आंदोलन*


अनूपपुर/​कोतमा

एक तरफ जहां सूरज की तपिश और भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है, वहीं दूसरी तरफ एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र के प्रबंधन की उदासीनता के कारण कोतमा वार्ड क्रमांक 13 के निवासी पानी के लिए हाहाकार मचा हैं। वार्ड में स्थित पानी की टंकी बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुकी है, जिसके कारण क्षेत्र में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

​स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह स्थिति अचानक पैदा नहीं हुई है वार्ड वासियों द्वारा कई बार सोशल मीडिया, मुख्यधारा की मीडिया और मौखिक रूप से एसईसीएल प्रबंधन को मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, प्रबंधन को साफ तौर पर अवगत कराया गया था कि पानी की टंकी पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है और कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसके बावजूद, एसईसीएल के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी

​प्रबंधन की इसी लापरवाही का नतीजा आज वार्ड क्रमांक 13 के सैकड़ों परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। नई पानी टंकी का निर्माण न होने से इस कड़कती धूप और गर्मी में लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी नसीब नहीं हो पा रहा है, जिससे स्थानीय जनता में एसईसीएल के प्रति भारी आक्रोश है।

"एसईसीएल सिर्फ कोयला निकालने में व्यस्त है, उसे यहां रहने वाले लोगों की मूलभूत सुविधाओं से कोई सरोकार नहीं है, बार-बार ध्यान आकर्षण कराने के बाद भी आज तक नई पानी टंकी का निर्माण नहीं कराया गया, अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो  उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

​जब एसईसीएल को समय रहते जर्जर टंकी की सूचना दे दी गई थी, तो नए निर्माण में देरी क्यों की जा रही है। क्या एसईसीएल प्रबंधन किसी बड़े हादसे या जनता के पूरी तरह सड़क पर उतरने का इंतजार कर रहा है।

​क्षेत्र की जनता ने अब जिला प्रशासन और एसईसीएल के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मामले को संज्ञान में लेते हुए युद्ध स्तर पर नई पानी टंकी का निर्माण कराया जाए और तब तक वार्ड में पानी के वैकल्पिक इंतजाम सुचारू रूप से किए जाएं।

दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया किशोर की पानी मे डूबने से हुई मौत, पुलिस जाँच में जुटी


 शहडोल

दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया 15 वर्षीय किशोर मौत के गहरे पानी में समाने से मौत हो गयी। ब्यौहारी थाना क्षेत्र के केल्हारी गांव में हुए इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जबकि पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू कर दी है।

केल्हारी निवासी दीपेश प्रजापति (15) पिता महेश प्रजापति अपने दोस्तों के साथ गांव के पास स्थित समधिन नदी में नहाने गया था। बताया गया कि नदी का घाट उसके घर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। नहाते समय दीपेश अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथ मौजूद उसके दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।

हादसे के बाद दीपेश का एक दोस्त घबराकर घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और ग्रामीण बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंचे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से किशोर के शव को बाहर निकलवाया।

घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ब्यौहारी अस्पताल में किशोर के पिता महेश प्रजापति ने अपने इकलौते बेटे का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनका एक ही पुत्र था, अब वह भी नहीं रहा। ऐसे में वे पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते।

हालांकि पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश दी, सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। 

अभिनव तिवारी का एमपीसीए क्रिकेट अंडर-19 टीम में हुआ चयन, लोगों ने दी शुभकामनाएं


अनूपपुर 

जिले के खेल जगत के लिए यह अत्यंत गर्व और खुशी का क्षण है कि जिले के होनहार क्रिकेट खिलाड़ी अभिनव तिवारी (सुपुत्र श्री दीप नारायण तिवारी) का चयन मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन अंडर-19 टीम में हुआ है। दाएं हाथ के बल्लेबाज एवं राइट आर्म मीडियम पेसर अभिनव की यह उपलब्धि उनकी वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।

अभिनव ने पिछले पांच वर्षों से लगातार क्रिकेट के क्षेत्र में मेहनत करते हुए अपनी प्रतिभा को निखारा और आज प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल हुए हैं। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे अनूपपुर जिले को गौरवान्वित किया है, बता दे उनकी सफलता के पीछे जिला क्रिकेट संघ अनूपपुर की दशकों से अथक मेहनत एवं जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों को एक अच्छा प्लेटफार्म देने की यह उपलब्धि है। लगभग एक दशक पहले जिले में क्रिकेट के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे। खिलाड़ियों को धूल भरी पिचों पर अभ्यास करना पड़ता था और खेल सामग्री व आधारभूत सुविधाओं का अभाव था। इसके बावजूद जिला क्रिकेट संघ ने हार नहीं मानी और खिलाड़ियों के सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास करता रहा,संघ की मेहनत और प्रशासनिक सहयोग से जिले में आधुनिक स्टेडियम एवं टर्फ विकेट जैसी सुविधाएं विकसित की गईं, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर प्राप्त हुए। आज अभिनव तिवारी का मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन अंडर-19 टीम में चयन इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें तो वे किसी भी स्तर पर अपनी क्षमता साबित कर सकती हैं।

जिला कलेक्टर हर्षल पंचोली ने भी जिला क्रिकेट संघ और खिलाड़ियों को समय-समय पर प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया है। उनके सहयोग से जिले में खेल गतिविधियों को नई दिशा मिली है,अभिनव की इस उपलब्धि पर अधिकारी, जनप्रतिनिधि खेल प्रेमी व मित्रो ने शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है, अभिनव तिवारी की सफलता अनूपपुर के उन सभी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। निश्चित रूप से यह उपलब्धि जिला क्रिकेट संघ अनूपपुर के वर्षों के अथक प्रयासों और जिले में क्रिकेट प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का परिणाम है।

भारत विकास परिषद की विंध्य प्रान्त का प्रांतीय दायित्व ग्रहण व कार्यशाला ‘उद्दीपन’ का भव्य एवं सफल आयोजन सम्पन्न

*उपमुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को दिलाई शपथ*


रीवा

भारत विकास परिषद, विंध्य प्रांत की प्रांतीय कार्यशाला ‘उद्दीपन’ 2026-27 का सफल एवं गरिमामय आयोजन रीवा शाखा के आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यशाला में विंध्य प्रांत की 12 शाखाओं से 112 दायित्व धारी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में प्रांतीय पदाधिकारियों का दायित्व ग्रहण एवं शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नव-निर्वाचित प्रांतीय पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। अपने प्रेरणादाई उद्बोधन में उन्होंने भारत विकास परिषद को एक संस्कारित, स्वस्थ, समृद्ध एवं समाजोपयोगी संस्था बताते हुए कहा कि परिषद सेवा, संस्कार, सहयोग, समर्पण एवं संस्कृति के पांच प्रमुख प्रकल्पों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने संस्था के कार्यों को और अधिक व्यापक बनाने हेतु सभी सदस्यों से सहयोग का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मां भारती तथा युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो उठा। रीजन से पधारे पदाधिकारियों का पुष्पगुच्छ, तिलक एवं सम्मान पट्टिका भेंट कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में रीजनल अध्यक्ष  सुनील कोठारी, रीजनल महासचिव  सुधीर अग्रवाल, रीजनल ऑडिटर सीए सत्यम केसरवानी एवं रीजनल संपर्क संयोजक शक्ति सुमन जौहरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यशाला के दौरान विंध्य प्रांत के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ा। पहली बार एक ही दिन में रीवा शाखा के सचिव  राजेन्द्र ताम्रकार जी को ‘विकास रत्न’ की उपाधि से सम्मानित किया गया, वहीं 12 सदस्यों को ‘विकास मित्र’ घोषित किया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व विंध्य प्रांत में केवल एक ही विकास मित्र थे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रां. संरक्षक राकेश अग्रवाल, प्रां. सलाहकार रमेश कुमार अग्रवाल, प्रांत अध्यक्ष  योगेश जैन, प्रांत महासचिव आलोक ठिकरिया, प्रांत कोषाध्यक्ष  नवीन केशरी, प्रांतीय उपाध्यक्ष ओ पी राय, प्रांतीय उपाध्यक्ष कमल अग्रवाल, प्रांतीय महिला गतिविधि संयोजक अनुराधा श्रीवास्तव, प्रांतीय सेवा संयोजक  अतुल जैन, प्रांतीय संयोजक संपर्क प्रदीप जैन, प्रांतीय संयोजक -संस्कार शिवम भारती ,प्रांतीय पर्यावरण प्रमुख  संजय गुप्ता, प्रांतीय भारत को जानो अनमोल केसरवानी, प्रांतीय गुरु वंदन छात्र अभिनंदन सुरेश विश्नोई, प्रांतीय संस्कृति सप्ताह प्रमुख श्वेता जैन, प्रांतीय प्रचार प्रसार प्रमुख बीरेंद्र सिंह, प्रांतीय संयोजक की स्थापना दिवस रविंद्र गुप्ता, प्रांतीय संयोजक जयंती एवं त्यौहार प्रकाश शर्मा, शाखा अध्यक्ष कमल सूरी, शाखा सचिव  राजेन्द्र ताम्रकार एवं कोषाध्यक्ष दलवीर द्विवेदी ने सभी शाखाओं, पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

यह कार्यशाला संगठनात्मक सुदृढ़ ता, सेवा भावना एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करने वाली सिद्ध हुई।

टीवी कूलर से लोड ट्रक में लगी आग, पूरा सामान जलकर हुआ खाक, लाखो का नुकसान


उमरिया

जिले के इंदवार थाना क्षेत्र के बरही-मानपुर मार्ग एसएच-10 पर स्थित पनपथा गांव के हाई स्कूल के पास दरमियानी रात करीब 2 से 2:30 बजे एक छह चकिया ट्रक अचानक आग की लपटों में घिर गया। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा ट्रक धू-धू कर जलने लगा। हादसे में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, जबकि चालक सुरक्षित है। 

जानकारी के अनुसार कटनी का यह ट्रक कटनी से ब्यौहारी के टिहकी गांव की ओर जा रहा था। देर रात होने के कारण चालक ने वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर विश्राम करना उचित समझा और पास ही सो गया। इसी बीच अज्ञात कारणों से ट्रक में आग लग गई। जब तक चालक और आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक आग पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले चुकी थी। 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से दिखाई दे रही थीं। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते कार्रवाई होने से आसपास के क्षेत्र में आग फैलने से रोक लिया गया।घटना को और भी गंभीर इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि जिस स्थान पर ट्रक खड़ा था, उसके ठीक ऊपर 11 हजार केवी की विद्युत लाइन भी गुजरी थी। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या फिर इसके पीछे किसी असामाजिक तत्व की शरारत है।

पुलिस और संबंधित विभाग सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ट्रक में टीवी, कूलर समेत अन्य बेशकीमती इलेक्ट्रॉनिक सामग्री लोड थी। आग की चपेट में आने से न केवल ट्रक पूरी तरह जल खाक भी हो गया बल्कि उसमें रखा पूरा सामान भी खाक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार नुकसान लाखों रुपये में बताया जा रहा है।

अमित कुमार श्रीवास्तव बने नरेंद्र मोदी विचार मंच मध्यप्रदेश के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी


रिपोर्ट- रामकेश द्विवेदी

सीधी

नरेंद्र मोदी विचार मंच भारत, मध्यप्रदेश द्वारा अमित कुमार श्रीवास्तव, निवासी तहसील कुसमी जिला सीधी को प्रदेश सह मीडिया प्रभारी पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 13 जून 2026 से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।

जारी नियुक्ति पत्र में संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि अमित कुमार श्रीवास्तव अपने कर्तव्यों का निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण भाव से निर्वहन करते हुए संगठन को मजबूत बनाने और राष्ट्रहित के कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

नियुक्ति पत्र में कहा गया है कि उनके द्वारा किया गया कार्य संगठन के उद्देश्यों को गति प्रदान करेगा तथा सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देगा।

अमित कुमार श्रीवास्तव की इस नियुक्ति पर क्षेत्र के सामाजिक, राजनीतिक एवं पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। समर्थकों ने आशा व्यक्त की है कि वे संगठन और समाज के हित में प्रभावी भूमिका निभाते हुए अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।

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दो घटनाओं में 3 की मौत, 2 घायल, कार अनियंत्रित होकर खेत मे घुसी, बाइक हुई दुर्घटना 

अनूपपुर

जिले के राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र मे दो अलग-अलग सड़क हादसे में 3 लोगों की मृत्यु हो गई हैं। जबकि 2 घायलों का इलाज जारी हैं।

पहली घटना राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम मौहारी परसेलखर्द निवासी 28 वर्षीय राम सिंह पुत्र ढिमरा किरर जंगल में मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिससे वह घटनास्थल में ही दम तोड़ दिया। कुछ लोगो देखकर सूचना पर मौके पर पुलिस ने पंचनामा बना पोस्टमार्डम उपरांत शव परिजनों को सौप कर जांच की कार्यवाई प्रारंभ कर दी।

दूसरी घटना राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र में कार सवार 4 लोग राजेंद्रग्राम से अपने गृह ग्राम बंहनी जा रहें थे। तभी कारीमाट जंगल मोड में तिवारी टोला के समीप स्थित तीखे मोड़ पर कार चालक वाहन से नियंत्रण खो दिया जिससे कार सड़क छोड़कर सीधे खेत में जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए है। जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान एक अन्य घायल ने भी दम तोड़ दिया है। वर्तमान में दो घायलों का इलाज जारी हैं। मृतको में 29 वर्षीय नर्मदा प्रसाद कनौजिया एवं 25 वर्षीय सोनू कनौजिया दोनो के सगे भाई थे।

थाना प्रभारी राजेंद्रग्राम पीसी कोल ने बताया कि सड़क दुघर्टना में 3 की मृत्यु हो गई हैं। जिसमे एक बाईक चालक किरर के जंगलमें अनियंत्रित होकर गिरा और मैके पर मौत हो गई। दूसरी कार अनियंत्रित होकर खेत में घुसी जिसमें दो की मौत हुई हैं। जांच की जा रहीं हैं।

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ग्राम पंचायत में पानी के टैंकर का हो रहा है दुरुपयोग, जनता प्यासी, भवन निर्माण में पानी की सप्लाई,  नहीं कट रही रसीद

अनूपपुर 

पंचायत का टैंकर मालिक विहीन, बिना रसीद के हो रहा प्रयोग आम ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ, पंचायत को हो रहा आर्थिक नुकसान प्रशासन के खिलाफ जनता का बढ़ता आक्रोश, लोगो ने जांच की मांग की है।

ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी में पंचायत के टैंकर का दुरुपयोग थमने का नाम नहीं ले रहा है। खास बात यह है कि इस टैंकर का कोई मालिक या जिम्मेदार व्यक्ति नहीं है, जिसके चलते यह सार्वजनिक संपत्ति मनमाने ढंग से इस्तेमाल हो रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सिलसिला पिछले कई वर्षों से चला आ रहा है। आरोप है कि टैंकर का उपयोग करने पर न तो पंचायत की ओर से कोई रसीद काटी जाती है और न ही टैंकर के रखरखाव या देखभाल पर कोई ध्यान दिया जाता है। यानी पंचायत का यह टैंकर न तो आय का साधन बन पा रहा है और न ही उचित रूप से सुरक्षित है।

ग्रामीणों का कहना है कि आम जनता को पानी नही मिल रहा है और बिना किसी पारदर्शिता के टैंकर को निजी भवन निर्माण कार्यों में लगाया जा रहा है, जिससे पंचायत को सालाना कई हजार का नुकसान हो रहा है। इस मामले को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने प्रशासन से यह मांग की है कि  इस "मालिक विहीन टैंकर" की जांच कराई जाए, दुरुपयोग को रोका जाए और पिछले वर्षों के हिसाब-किताब की गहन छानबीन की जाए।  सूत्रों का कहना है कि ग्राम पंचायत का पुराना टैंकर भी ग्राम पंचायत में नजर नहीं आ रही है, इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि शासकीय संपत्तियों का कोई मालिक नहीं है।

*इनका कहना है*

इस पूरे मामले पर ग्राम पंचायत के सरपंच बेलिया बड़ी बब्बू कोल से बात की तो  कहां गया कि पंचायत में पानी टैंकर का उपयोग तो होता है, लेकिन रसीद नहीं काटी जाती है, जिससे पंचायत को काफी नुकसान हो रहा है।

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बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में लगातार बाघ का आतंक, हमले से 2 लोगो की हुई मौत, ग्रामीणों मे दहशत व नाराजगी

उमरिया

विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे क्षेत्रों में बाघों की बढ़ती गतिविधियां लगातार जानलेवा साबित हो रही हैं। पनपथा कोर क्षेत्र के झलवार गांव के समीप शनिवार को बाघ के हमले में एक युवक की मौत हो गई। यह घटना बीते 24 घंटों के भीतर बाघ के हमले से हुई दूसरी मौत है, जिससे आसपास के गांवों में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है।

जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान कल्याण सिंह (30 वर्ष), पिता रामकृपाल सिंह, निवासी ग्राम झलवार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक जंगल से लगे क्षेत्र में मौजूद था, तभी घात लगाए बैठे बाघ ने उस पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक और खतरनाक था कि उसे बचने का मौका नहीं मिला और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले इसी इलाके में बाघ ने एक 45 वर्षीय महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। लगातार दो दिनों में हुई इन घटनाओं ने वनांचल के गांवों में चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से बाहर निकलकर बाघों की बढ़ती आवाजाही अब आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।

घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और वन विभाग के प्रति नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघों की सक्रियता बढ़ने के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। लोगों ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने, वन कर्मियों की तैनाती मजबूत करने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

वन विभाग के अधिकारियों ने घटनाओं पर दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने और क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने की बात कही है। वहीं लगातार हो रहे हमलों ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम कब उठाए जाएंगे। ग्रामीण फिलहाल भय के साए में जीवन बिताने को मजबूर हैं।

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तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने मारी टक्कर, महिला की हुई मौत, बाइक चालक भी हुआ घायल

शहडोल 

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कनाडी खुर्द गांव में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। सड़क किनारे पैदल जा रही एक महिला को तेज गति से आ रही बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि बाइक चालक भी चोटिल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक महिला की पहचान धनकी बसोर (40 वर्ष) निवासी करकी के रूप में हुई है। बताया गया कि महिला सड़क किनारे पैदल जा रही थी, तभी तेज रफ्तार बाइक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिला सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। वहीं बाइक सवार युवक भी दुर्घटना में घायल हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बाइक सवार युवक का उपचार अस्पताल में जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

क्षेत्र में इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। जिले में आए दिन दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा रही है, लेकिन यातायात नियमों का प्रभावी पालन नहीं कराया जा रहा। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जबकि कई चार पहिया वाहन चालक भी सीट बेल्ट का उपयोग नहीं कर रहे। वहीं शहडोल-बुढार राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर लगातार हो रहे हादसों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों और यातायात अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए संबंधित विभाग पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

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पुताई वाला कॉलेज छात्रा को लेकर हुआ फरार, पुलिस ने दस्तयाब के परिजनों को सौपा 

शहडोल

जिले में इंस्टाग्राम पर फर्जी पहचान बनाकर एक शातिर युवक ने जिले के जैतपुर क्षेत्र की 18 वर्षीय फर्स्ट ईयर छात्रा को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उसे भगा ले गया। हालांकि जैतपुर पुलिस ने युवती को मुरैना जिले से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के हवाले कर दिया। 

ग्वालियर जिले के मोहसान निवासी करण धनक ने इंस्टाग्राम पर करण राजपूत नाम से फर्जी आईडी बनाई थी। युवक लोगों के घरों में पुट्टी-पुताई का काम करता था और आलीशान मकानों में काम के दौरान वहां अपनी फोटो खींचकर सोशल मीडिया डीपी में लगाता था, ताकि खुद को संपन्न और प्रभावशाली दिखा सके। इसी फर्जी चमक-दमक के जरिए उसने जैतपुर की छात्रा से दोस्ती की और धीरे-धीरे उसे अपने झांसे में ले लिया। 

बताया गया कि युवक ग्वालियर से ट्रेन के जरिए शहडोल पहुंचा, फिर बस से बुढार और वहां से ऑटो में बैठकर जैतपुर आया, यहां से वह युवती को अपने साथ लेकर फरार हो गया, युवती के अचानक लापता होने पर परिजनों ने 6 जून को जैतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मुरैना जिले के एक गांव स्थित युवक के मामा के घर से युवती को बरामद कर लिया। हालांकि शहडोल पुलिस को देखकर आरोपी युवक मौके से फरार हो गया, फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। 

समाचार 06 फ़ोटो 06

आदित्य हॉस्पीटल के डॉक्टरों ने सड़क दुर्घटना में गर्भवती घायल महिला का प्रसव कराकर माँ व बच्चे को दिया जीवनदान

*नि:शुल्क कराया पूरा इलाज*

अनूपपुर

आदित्य सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल शहडोल ने एक बार फिर चरितार्थ कर दिखाया है। गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु के जीवन पर मंडरा रहे संकट के बीच अस्पताल के चिकित्सकों ने असाधारण संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय क्षमता और मानवीय सरोकारों का परिचय देते हुए एक नवजात की जान बचा ली।

अनूपपुर जिले के ग्राम लखेड़ा निवासी भागवती सिंह, पति कमल सिंह, दोपहिया वाहन दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उनकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर कर दिया गया था, लेकिन रास्ते में उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। इसी दौरान गर्भ में पल रहे शिशु का जीवन भी संकट में पड़ गया।

परिजनों ने अंतिम उम्मीद के रूप में उन्हें शहडोल स्थित आदित्य सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यहां पहुंचते ही चिकित्सकों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल विशेषज्ञों की टीम गठित की। मां और शिशु दोनों के जीवन को बचाने की चुनौती के बीच डॉक्टरों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए आपातकालीन सिजेरियन ऑपरेशन का निर्णय लिया।

अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों के अथक प्रयास रंग लाए और सफल शल्य प्रक्रिया के माध्यम से शिशु को सुरक्षित जन्म दिलाया गया। चिकित्सकों के अनुसार नवजात पूरी तरह स्वस्थ है तथा उसकी स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। वहीं सिर में गंभीर चोटों के कारण मां का उपचार अभी भी गहन चिकित्सा निगरानी में जारी है और चिकित्सक उन्हें स्वस्थ करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन और संचालक डॉ. आदित्य त्रिवेदी ने संपूर्ण उपचार एवं डिलीवरी की प्रक्रिया निःशुल्क कराने का निर्णय लिया। ऐसे समय में जब चिकित्सा सेवाओं को लेकर अक्सर प्रश्न उठते हैं, आदित्य हॉस्पिटल की यह पहल मानवता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया।

समाचार 07 फ़ोटो 07

लोकतंत्र के इतिहास में काला अध्याय, नामांकन निरस्त होने पर प्रेस वार्ता में कांग्रेस का तीखा प्रहार

अनुपपुर

मध्यप्रदेश की राजनीति में उपजे इस अभूतपूर्व संकट ने लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव को हिलाकर रख दिया है। कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना महज एक तकनीकी त्रुटि का मामला नहीं, बल्कि इसे कांग्रेस ने संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर एक ‘सुनियोजित प्रहार’ करार दिया है। एक साफ-सुथरी छवि वाली नेत्री को विवादास्पद कानूनी व्याख्याओं के जाल में फंसाकर चुनावी दौड़ से बाहर करने के बाद, अब कांग्रेस ने ‘संस्थानों’ के बजाय ‘जनता की अदालत’ में आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है

कांग्रेस पार्टी ने इसे लोकतंत्र के इतिहास का ‘काला अध्याय’ बताते हुए देशव्यापी विरोध की रणनीति तैयार की है। पार्टी का स्पष्ट आरोप है कि यह कदम केवल एक प्रत्याशी को रोकने के लिए नहीं, बल्कि विपक्षी दलों को चुनाव प्रक्रिया से बाहर रखने की एक सोची-समझी साजिश है। नामांकन निरस्त करने के आधारों पर तीखी कानूनी आपत्ति जताई है। उमरिया के पूर्व विधायक और जिला प्रभारी अजय सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि जिस निजी परिवाद का हवाला दिया गया, उसमें मीनाक्षी नटराजन को ‘प्रतिवादी’ के तौर पर सूचीबद्ध किया गया था, न कि ‘अभियुक्त’ के रूप में। 

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि इसी तरह तुच्छ और विवादित तकनीकी आधारों पर विपक्ष के उम्मीदवारों को चुनावी मैदान से बाहर किया गया, तो भविष्य में निष्पक्ष चुनाव की संभावना समाप्त हो जाएगी। क्या यह कार्रवाई निष्पक्षता को मजबूत करने के लिए थी या विपक्ष की आवाज दबाने के लिए? इस घटनाक्रम ने पूरे देश में बहस छेड़ दी है कि क्या भारत का लोकतंत्र अब स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की अग्निपरीक्षा में खरा उतर पाएगा?

समाचार 08 फ़ोटो 08

तहसीलदार पर रिश्वत व प्रताड़ना का आरोप लगाकर पटवारी ने दिया इस्तीफा, आत्मदाह की दी चेतवानी

शहडोल 

जिले की जयसिंहनगर तहसील से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। जयसिंहनगर तहसील में पदस्थ पटवारी रमेश पटेल ने प्रभारी तहसीलदार सुषमा धुर्वे पर रिश्वत मांगने और मानसिक एवं आर्थिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा संभागायुक्त (कमिश्नर) शहडोल को सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रभारी तहसीलदार ने सारे आरोप निराधार बताए हैं। 

पटवारी रमेश पटेल ने मीडिया से चर्चा के दौरान आरोप लगाया कि नव नियुक्त एसडीएम की व्यवस्थाओं के नाम पर प्रभारी तहसीलदार द्वारा उनसे 40 हजार रुपये की मांग की गई थी। उनका कहना है कि दबाव के चलते उन्होंने 5 हजार रुपये नकद तथा 5 हजार रुपये फोन-पे के माध्यम से दिए, लेकिन इसके बाद भी लगातार शेष राशि की मांग की जाती रही। पटवारी का आरोप है कि निर्धारित रकम नहीं देने पर पहले उनका स्थानांतरण कराया गया और बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया। इतना ही नहीं, निलंबन अवधि के दौरान मिलने वाला गुजारा भत्ता भी रोक दिया गया, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा।

रमेश पटेल का कहना है कि लंबे समय से हो रही कथित प्रताड़ना और आर्थिक परेशानियों से तंग आकर उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 16 जून तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। 

इनका कहना है।

मामले में प्रभारी तहसीलदार सुषमा धुर्वे का कहना है कि पटवारी रमेश पटेल द्वारा लगाए जा रहे सारे आरोप तथ्यहीन और निराधार है। उनका स्थानांतरण प्रशासनिक आवश्यकता की दृष्टि से किया गया था। इस स्थानांतरण के खिलाफ उन्होंने न्यायालय की शरण ली थी, लेकिन वहाँ से भी उनकी याचिका खारिज कर दी गई है। उनके द्वारा लगाए जा रहे सारे आरोप निराधार है।

समाचार 09

वन अधिकार अधिनियम अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न

उमरिया

कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत आयोजित संभाग स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। कमिश्नर ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि वन के संरक्षण में जनजातीय समुदाय के लोगों और वनवासियों का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि वन अधिकार अधिनियम 2006 यह कानून वन क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय समुदाय के लोगों और अन्य पारंपरिक वनवासियों के अधिकारों को मान्यता देने के लिए बनाया गया था। 

उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत व्यक्तिगत वन अधिकार, सामुदायिक वन अधिकार,लघु वनोपज पर अधिकार जैसे अन्य महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए है, इन अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करना और उनका अधिकार देना हम सब का दायित्व है जिससे वे सशक्त और जागरूक हो सके। कार्यशाला को सी.सी. एफ. वनवृत्त शहडोल श्री महेंद्र प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यशाला में वन अधिकार अधिनियम के विशेषज्ञ डॉ. शरद चंद्र लेले ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत प्रदत्त अधिकारो के बारे में भी विस्तृत जानकारियो से अवगत कराया एवं उपस्थित अधिकारियों ने अपने अपने प्रश्न भी पूछे जिसका जवाब विशेषज्ञ द्वारा दिया गया।

रसोई की सीटी से रेल के इंजन तक: प्रेशर कुकर के आविष्कार की अनोखी कहानी 


जैसा की हम सभी जानते हैं कि जेम्स वाट (James Watt) ने प्रेशर कुकर की सीटी से प्रभावित हो कर एक ऐसा आधुनिक इंजन बनाया जिसने पूरी दुनिया में औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) ला दी। लेकिन क्या आप प्रेशर कुकर के अविष्कार की कहानी जानना चाहेंगें, तो आइए जानते हैं प्रेशर कुकर के अविष्कार की कहानी क्या है? 

प्रेशर कुकर का आविष्कार डेनिस पैपिन (Denis Papin) ने 1679 में किया था। डेनिस पैपिन एक फ्रांसीसी (French) भौतिकविज्ञानी (Physicist) और गणितज्ञ थे। शुरुआत में उन्होंने इसका नाम "स्टीम डाइजेस्टर" (Steam Digester) रखा था। उस समय वैज्ञानिक इस बात पर रिसर्च कर रहे थे कि हवा और भाप (steam) का दबाव कैसे काम करता है। डेनिस पैपिन यह साबित करना चाहते थे कि यदि हम पानी और भाप को एक मजबूत, पूरी तरह बंद बर्तन में बंद कर दें, तो अंदर का दबाव (pressure) बढ़ जाता है। इस बढ़ते दबाव के कारण पानी का उबलने का तापमान (boiling point) भी बढ़ जाता है। यानी पानी 100 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा गर्म हो जाता है, जिससे खाना बहुत तेजी से पक सकता है। यह विशुद्ध रूप से एक वैज्ञानिक प्रयोग था। दूसरा उस जमाने में आम लोगों और सैनिकों के लिए भोजन की कमी एक बड़ी समस्या थी। पैपिन एक ऐसा उपकरण बनाना चाहते थे जो बेकार समझे जाने वाले भोजन को भी खाने योग्य बना सके। वह देखना चाहते थे कि क्या अत्यधिक ऊंचे तापमान और दबाव से जानवरों की सख्त हड्डियों को भी इतना मुलायम बनाया जा सकता है कि उनसे पोषण (जिलेटिन और शोरबा) निकाला जा सके। उनका यह प्रयोग बेहद सफल रहा। उनके स्टीम डाइजेस्टर ने हड्डियों को पूरी तरह से नर्म कर दिया, जिससे गरीबों के लिए सूथ और स्टॉक बनाना आसान हो गया। डेनिस पैपिन का मकसद सिर्फ रोजमर्रा का खाना जल्दी पकाना नहीं था, बल्कि विज्ञान के सिद्धांतों का उपयोग करके कम संसाधनों (जैसे हड्डियों और सख्त मांस) से ज्यादा से ज्यादा पोषण निकालना और भाप की शक्ति को दुनिया के सामने साबित करना था।

डेनिस पैपिन के इस "स्टीम डाइजेस्टर" से जुड़े कुछ बहुत ही दिलचस्प और मजेदार किस्से यहाँ दिए गए हैं।

 1. शाही मेहमानों के सामने 'हड्डियों का हलवा'

1682 में, डेनिस पैपिन ने लंदन की सबसे प्रतिष्ठित विज्ञान संस्था, रॉयल सोसाइटी के वैज्ञानिकों और इंग्लैंड के राजा चार्ल्स द्वितीय (King Charles II) के लिए एक शाही दावत रखी। इस दावत में सारा खाना उनके नए आविष्कार (स्टीम डाइजेस्टर) में पकाया गया था। जब मेहमानों को खाना परोसा गया, तो वे हैरान रह गए। जो जानवरों की हड्डियाँ चबाने लायक भी नहीं होती थीं, वे कुकर के भारी दबाव के कारण इतनी नर्म और जेली जैसी हो चुकी थीं कि राजा और वैज्ञानिकों ने उन्हें बड़े चाव से खाया। इस दावत को इतिहास में "द फिलॉसॉफिकल सपर" (The Philosophical Supper) के नाम से जाना जाता है।

 2. जब कुकर बन गया तो उसका पहला धमाका!

शुरुआत में जब पैपिन ने यह डिवाइस बनाया, तो इसमें कोई सेफ्टी वॉल्व नहीं था। एक प्रयोग के दौरान, भाप का दबाव इतना ज्यादा बढ़ गया कि वह लोहे का भारी बर्तन एक जोरदार धमाके के साथ फट गया। कमरे की खिड़कियां टूट गईं और दीवारें हिल गईं। इस खतरे को टालने के लिए पैपिन ने "सेफ्टी वाल्व" (Safety Valve) का आविष्कार किया। यह वही वाल्व है जो आज हमारे घरों के कुकर में 'सीटी' के रूप में काम करता है। जब अंदर का दबाव ज्यादा हो जाता है, तो यह वाल्व अतिरिक्त भाप को बाहर निकाल देता है।

3. रसोइयों का डर और 'जादू टोना'

जब यह आविष्कार पहली बार सामने आया, तो उस जमाने के आम रसोइये (Chefs) और लोग इससे बेहद डर गए थे। लोग सदियों से खुली आग पर खाना पकाते आ रहे थे। एक बंद लोहे के डिब्बे से अजीब सी आवाजें आना और अचानक सीटी से तेज भाप निकलना उन्हें किसी 'जादू-टोने' या भूतिया मशीन जैसा लगता था। कई रसोइयों ने तो इसे इस्तेमाल करने से साफ मना कर दिया था क्योंकि उन्हें डर था कि यह उनके किचन को उड़ा देगा।

आज जो ट्रेनें पटरियों पर दौड़ रही हैं, उनकी शुरुआत एक किचन के कुकर से हुई थी!  जब वैज्ञानिकों ने देखा कि पैपिन के कुकर के अंदर की भाप में इतनी ताकत है कि वह भारी-भरकम ढक्कन और वजन को भी ऊपर उठा देती है, तो थॉमस न्यूकॉमेन और जेम्स वाट जैसे वैज्ञानिकों को एक नया विचार आया। उन्होंने सोचा, "अगर यह भाप एक ढक्कन उठा सकती है, तो यह एक बड़ा पहिया या पिस्टन भी घुमा सकती है!" इसी सोच ने आगे चलकर दुनिया के पहले भाप के इंजन (Steam Engine) को जन्म दिया। एक छोटा सा प्रयोग जो किचन में खाना जल्दी पकाने के लिए शुरू हुआ था, उसने न सिर्फ दुनिया का खान-पान बदला, बल्कि पूरी औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) की नींव रख दी। 1713 के आसपास पैपिन का लंदन में निधन हो गया। जिनका आविष्कार (प्रेशर कुकर) आज दुनिया के हर घर की रसोई में मौजूद है, और जिनके सिद्धांतों ने पूरी दुनिया को ट्रेनों और फैक्ट्रियों का 'भाप इंजन' दिया।


*सुशी सक्सेना*

रेत के अवैध भंडारण को प्रशासन ने किया नष्ट, ट्रेक्टर ट्रॉली जप्त, पुताई वाला छात्रा को लेकर हुआ फरार


शहडोल

जिले में रेत खदानों का वैध ठेका नहीं होने के बावजूद अवैध रेत का कारोबार लगातार जारी है। दिन-रात रेत से भरे वाहन सड़कों पर दौड़ते दिखाई दे रहे हैं, जबकि नदी किनारे कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर रेत का अवैध भंडारण भी किया जा रहा है। प्रशासन की लगातार कार्रवाई के बाद अब खनिज विभाग और पुलिस ने रेत माफियाओं के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।


इसी क्रम में खनिज विभाग की टीम ने ब्यौहारी क्षेत्र के देवी मंदिर और नौडिया इलाके में भारी मात्रा में जमा अवैध रेत पर कार्रवाई की। चली कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से रेत को मिट्टी में मिलाकर नष्ट कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जब्त की गई रेत किसकी है, इसकी जांच अभी जारी है। जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं दूसरी ओर जयसिंहनगर पुलिस ने भी अवैध रेत परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रात्रि गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका। जांच में वाहन पूरी तरह रेत से भरा मिला। चालक ने अपना नाम मुकेश मिश्रा (22) निवासी मसीरा, थाना जयसिंहनगर बताया। पुलिस द्वारा रेत परिवहन के वैध दस्तावेज मांगने पर वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अवैध रेत को जब्त कर लिया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 

समाचार

*पुताई वाला कॉलेज छात्रा को लेकर हुआ फरार, पुलिस ने किया बरामद*

शहडोल

जिले में इंस्टाग्राम पर फर्जी पहचान बनाकर एक शातिर युवक ने जिले के जैतपुर क्षेत्र की 18 वर्षीय फर्स्ट ईयर छात्रा को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उसे भगा ले गया। हालांकि जैतपुर पुलिस ने युवती को मुरैना जिले से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के हवाले कर दिया। 

ग्वालियर जिले के मोहसान निवासी करण धनक ने इंस्टाग्राम पर करण राजपूत नाम से फर्जी आईडी बनाई थी। युवक लोगों के घरों में पुट्टी-पुताई का काम करता था और आलीशान मकानों में काम के दौरान वहां अपनी फोटो खींचकर सोशल मीडिया डीपी में लगाता था, ताकि खुद को संपन्न और प्रभावशाली दिखा सके। इसी फर्जी चमक-दमक के जरिए उसने जैतपुर की छात्रा से दोस्ती की और धीरे-धीरे उसे अपने झांसे में ले लिया। 

बताया गया कि युवक ग्वालियर से ट्रेन के जरिए शहडोल पहुंचा, फिर बस से बुढार और वहां से ऑटो में बैठकर जैतपुर आया, यहां से वह युवती को अपने साथ लेकर फरार हो गया, युवती के अचानक लापता होने पर परिजनों ने 6 जून को जैतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मुरैना जिले के एक गांव स्थित युवक के मामा के घर से युवती को बरामद कर लिया। हालांकि शहडोल पुलिस को देखकर आरोपी युवक मौके से फरार हो गया, फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। 

दो घटनाओं में 3 की मौत, 2 घायल, कार अनियंत्रित होकर खेत मे घुसी, बाइक हुई दुर्घटना 


अनूपपुर

जिले के राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र मे दो अलग-अलग सड़क हादसे में 3 लोगों की मृत्यु हो गई हैं। जबकि 2 घायलों का इलाज जारी हैं।

पहली घटना राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम मौहारी परसेलखर्द निवासी 28 वर्षीय राम सिंह पुत्र ढिमरा किरर जंगल में मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिससे वह घटनास्थल में ही दम तोड़ दिया। कुछ लोगो देखकर सूचना पर मौके पर पुलिस ने पंचनामा बना पोस्टमार्डम उपरांत शव परिजनों को सौप कर जांच की कार्यवाई प्रारंभ कर दी।

दूसरी घटना राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र में कार सवार 4 लोग राजेंद्रग्राम से अपने गृह ग्राम बंहनी जा रहें थे। तभी कारीमाट जंगल मोड में तिवारी टोला के समीप स्थित तीखे मोड़ पर कार चालक वाहन से नियंत्रण खो दिया जिससे कार सड़क छोड़कर सीधे खेत में जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए है। जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान एक अन्य घायल ने भी दम तोड़ दिया है। वर्तमान में दो घायलों का इलाज जारी हैं। मृतको में 29 वर्षीय नर्मदा प्रसाद कनौजिया एवं 25 वर्षीय सोनू कनौजिया दोनो के सगे भाई थे।

थाना प्रभारी राजेंद्रग्राम पीसी कोल ने बताया कि सड़क दुघर्टना में 3 की मृत्यु हो गई हैं। जिसमे एक बाईक चालक किरर के जंगलमें अनियंत्रित होकर गिरा और मैके पर मौत हो गई। दूसरी कार अनियंत्रित होकर खेत में घुसी जिसमें दो की मौत हुई हैं। जांच की जा रहीं हैं।

रामघाट व कोटितीर्थ में अराजक तत्वों से श्रद्धालु असुरक्षित, मोबाइल चोर की जमानत निरस्त


अनूपपुर

प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थस्थल अमरकंटक में मां नर्मदा के पावन रामघाट, कोटितीर्थ घाट तथा गांधी कुंड क्षेत्र में इन दिनों अराजक एवं संदिग्ध तत्वों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में चिंता व्याप्त है।

सुबह से लेकर दोपहर तक रामघाट एवं नर्मदा मंदिर के सामने स्थित कोटितीर्थ क्षेत्र में कुछ संदिग्ध व्यक्ति और नाबालिग लड़के-लड़कियां चंदन-टीका लगाने के नाम पर घूमते रहते हैं। आरोप है कि ये लोग घाटों पर स्नान, ध्यान, पूजन-अर्चन एवं मां नर्मदा में डुबकी लगाने आए श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और अवसर मिलते ही उनके मोबाइल फोन, पर्स, नकदी तथा अन्य कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाते हैं।

कई तीर्थयात्रियों एवं आगंतुकों ने बताया कि स्नान के दौरान घाट पर रखे गए उनके मोबाइल, पर्स तथा नकदी अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ली गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि विगत दिनों बैंकटोला क्षेत्र के एक नाबालिग युवक को चोरी करते हुए पकड़ा गया था, जिसके पास से चोरी का सामान भी बरामद किया गया था। इसके बावजूद घाटों पर संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है।

नागरिकों का आरोप है कि कुछ अराजक तत्व मंदिर एवं घाट क्षेत्र में खुलेआम घूमते रहते हैं तथा कई बार शराब के नशे में श्रद्धालुओं को परेशान करते देखे जाते हैं। इससे न केवल श्रद्धालुओं को असुविधा होती है, बल्कि पवित्र नगरी अमरकंटक की धार्मिक एवं पर्यटन छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगो ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा नगर प्रशासन से कार्यवाही की मांग की है।

*मोबाईल चोरी करने वाले आरोपी की जमानत निरस्त*


अनूपपुर

लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा बताया गया कि आरोपी मो0 आजाद उर्फ सेानू उम्र 33 वर्ष पिता गौस मेाहम्मद निवासी ग्राम बडा मदार छल्ला शास्त्री बार्ड बाबा टोला, थाना हनुमान ताल, जिला जबलपुर (म0प्र0) को स्टेशन चेकिंग के दौरान यह व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में दिखा और पुलिस को देखकर भागने लगा। उसकेा रोका गया तेा उसके जेब कई मोबाईल दिख रखें थे, उससे पूछताछ के दौरान उसके पास से 05 नग मोबाईल मिले और उसने बताया कि मै इन मोबाईलों को चुराया हूँ और बेचने के लिये ग्राहक तलाश रहा हूँ। उसके पास मिले 05 मोबाईलो में से 01 मोबाईल शिकायतकर्ता की भी मिला जिसे उसे न्यायालय के आदेशानुसार सुपुर्दग कर दिया गया है। 

उक्त अपराध के संबंध में शासकीय रेल्वे पुलिस जबलपुर थाना शहडोल में अपराध क्रमांक 86/2026 भारतीय न्याय संहीता 2023 की धारा 317(2), 303(2) में पंजीकृत किया गया था। उसके बाद आरेापी गिरफ्तार हुआ। मामले में आरेापी की ओर से तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में जमानत पर छोड़े जाने हेतु याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए और शासन की ओर से पैरवी कर रहे लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा रखे गए तर्कों और बहस तथा मामले की गम्भीरता एवं परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी आरोपी मो0 आजाद उर्फ सेानू की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया गया।

चोरो ने घर मे घुसकर 7 लाख के सोना, चांदी के जेवर किये पार, आंगन में सोते रह गए घरवाले, मामला दर्ज


शहडोल 

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र स्थित कनाडी खुर्द गांव में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। घर के आंगन में परिवार गहरी नींद में सोता रहा और अज्ञात चोर मकान में घुसकर करीब 7 लाख रुपये के जेवरात व नकदी लेकर फरार हो गए। सुबह घटना का पता चलने पर परिवार के होश उड़ गए, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार किसान कुंज बिहारी गुप्ता के घर में चोरी की यह वारदात हुई है। पीड़ित किसान ने बताया कि गर्मी के कारण परिवार के सभी सदस्य रात में घर के आंगन में सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात चोर घर में घुस गए। बदमाशों ने पहले चैनल गेट का ताला तोड़ा, फिर कमरे में लगे अन्य तालों को भी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद अलमारी में रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

किसान कुंज बिहारी गुप्ता के अनुसार चोर लगभग दो किलो चांदी, एक तोला सोना और एक लाख रुपये नकद लेकर भाग गए। उन्होंने बताया कि खेती-किसानी के काम और खाद-बीज खरीदने के लिए एक लाख रुपये घर में रखे थे, जिन्हें भी चोर अपने साथ ले गए। पीड़ित के मुताबिक चोरी गए सामान की कुल कीमत 7 लाख रुपये से अधिक है।

घटना की जानकारी सुबह तब लगी जब परिवार के सदस्य जागे और घर के भीतर सामान बिखरा हुआ देखा। इसके बाद तत्काल जयसिंहनगर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

नगर परिषद बनगंवा में कलेक्टर का बड़ा एक्शन, गेट बंद कर 2 घंटे चली जांच, फाइलें जप्त, कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश

*हाजिरी लगाकर गायब होने वालो पर निलंबन की कार्यवाही के निर्देश*


अनूपपुर

जिले के नगर परिषद बनगवा में उस समय हड़कंप मच गया जब अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली अचानक औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। बताया जाता है कि परिषद पहुंचते ही मुख्य द्वार बंद कराया गया और करीब दो घंटे तक हाजिरी रजिस्टर, वित्तीय अभिलेखों, निर्माण कार्यों से जुड़ी फाइलों एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान कई फाइलों और अभिलेखों की जांच के बाद अनियमितता की आशंका वाले दस्तावेजों को जप्त कर लिया गया। कलेक्टर के अचानक पहुंचे दल को देखकर परिषद कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारी पूरे समय सतर्क नजर आए।

सूत्रों के अनुसार निरीक्षण के दौरान परिषद के अकाउंटेंट एवं लेखपाल राजेश मिश्रा के कार्यों को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। चर्चा है कि उन्हें सोमवार से डूडा अटैच किए जाने के मौखिक निर्देश दिए गए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि आदेश जारी होने के बाद ही हो सकेगी।

*निलंबन की कार्यवाही की जाए*

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कर्मचारियों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने नगर परिषद के सीएमओ लखन पनिका को निर्देशित किया कि ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार की जाए जो लगातार अवकाश पर रहते हैं या कार्यालय में हाजिरी लगाने के बाद कार्यस्थल से गायब हो जाते हैं।

सूत्रों के मुताबिक कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाए तथा सोमवार तक पूरी रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाए। इस निर्देश के बाद परिषद के कर्मचारियों में खलबली मच गई है।

निरीक्षण के दौरान जो कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित नहीं पाए गए, चाहे वे नियमित हों, संविदा कर्मचारी हों या अन्य श्रेणी के कर्मचारी, सभी की जानकारी तलब की गई। कलेक्टर ने अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

*जप्त फाइलों पर जांच को लेकर बढ़ी चर्चाएं*

नगर परिषद बनगवा पिछले कुछ समय से विभिन्न निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रियाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रही है। ऐसे में कलेक्टर द्वारा फाइलों को जप्त कर जांच शुरू किए जाने के बाद नगर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

अब लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर उन फाइलों में ऐसा क्या मिला, जिसके कारण कलेक्टर को स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा? क्या यह कार्रवाई किसी बड़े वित्तीय या प्रशासनिक खुलासे की भूमिका है? और क्या आने वाले दिनों में परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी?

फिलहाल कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण ने नगर परिषद बनगवा के प्रशासनिक तंत्र में हलचल बढ़ा दी है और पूरे क्षेत्र की नजरें अब सोमवार को प्रस्तुत होने वाली रिपोर्ट तथा आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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नगर परिषद बनगंवा में कलेक्टर का बड़ा एक्शन, गेट बंद कर 2 घंटे चली जांच, फाइलें जप्त, कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश

*हाजिरी लगाकर गायब होने वालो पर निलंबन की कार्यवाही के निर्देश*

अनूपपुर

जिले के नगर परिषद बनगवा में उस समय हड़कंप मच गया जब अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली अचानक औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। बताया जाता है कि परिषद पहुंचते ही मुख्य द्वार बंद कराया गया और करीब दो घंटे तक हाजिरी रजिस्टर, वित्तीय अभिलेखों, निर्माण कार्यों से जुड़ी फाइलों एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान कई फाइलों और अभिलेखों की जांच के बाद अनियमितता की आशंका वाले दस्तावेजों को जप्त कर लिया गया। कलेक्टर के अचानक पहुंचे दल को देखकर परिषद कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारी पूरे समय सतर्क नजर आए।

सूत्रों के अनुसार निरीक्षण के दौरान परिषद के अकाउंटेंट एवं लेखपाल राजेश मिश्रा के कार्यों को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। चर्चा है कि उन्हें सोमवार से डूडा अटैच किए जाने के मौखिक निर्देश दिए गए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि आदेश जारी होने के बाद ही हो सकेगी।

*निलंबन की कार्यवाही की जाए*

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कर्मचारियों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने नगर परिषद के सीएमओ लखन पनिका को निर्देशित किया कि ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार की जाए जो लगातार अवकाश पर रहते हैं या कार्यालय में हाजिरी लगाने के बाद कार्यस्थल से गायब हो जाते हैं।

सूत्रों के मुताबिक कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाए तथा सोमवार तक पूरी रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाए। इस निर्देश के बाद परिषद के कर्मचारियों में खलबली मच गई है।

निरीक्षण के दौरान जो कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित नहीं पाए गए, चाहे वे नियमित हों, संविदा कर्मचारी हों या अन्य श्रेणी के कर्मचारी, सभी की जानकारी तलब की गई। कलेक्टर ने अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

*जप्त फाइलों पर जांच को लेकर बढ़ी चर्चाएं*

नगर परिषद बनगवा पिछले कुछ समय से विभिन्न निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रियाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रही है। ऐसे में कलेक्टर द्वारा फाइलों को जप्त कर जांच शुरू किए जाने के बाद नगर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

अब लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर उन फाइलों में ऐसा क्या मिला, जिसके कारण कलेक्टर को स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा? क्या यह कार्रवाई किसी बड़े वित्तीय या प्रशासनिक खुलासे की भूमिका है? और क्या आने वाले दिनों में परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी?

फिलहाल कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण ने नगर परिषद बनगवा के प्रशासनिक तंत्र में हलचल बढ़ा दी है और पूरे क्षेत्र की नजरें अब सोमवार को प्रस्तुत होने वाली रिपोर्ट तथा आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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चोरो ने घर मे घुसकर 7 लाख के सोना, चांदी के जेवर किये पार, आंगन में सोते रह गए घरवाले, मामला दर्ज

शहडोल 

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र स्थित कनाडी खुर्द गांव में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। घर के आंगन में परिवार गहरी नींद में सोता रहा और अज्ञात चोर मकान में घुसकर करीब 7 लाख रुपये के जेवरात व नकदी लेकर फरार हो गए। सुबह घटना का पता चलने पर परिवार के होश उड़ गए, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार किसान कुंज बिहारी गुप्ता के घर में चोरी की यह वारदात हुई है। पीड़ित किसान ने बताया कि गर्मी के कारण परिवार के सभी सदस्य रात में घर के आंगन में सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात चोर घर में घुस गए। बदमाशों ने पहले चैनल गेट का ताला तोड़ा, फिर कमरे में लगे अन्य तालों को भी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद अलमारी में रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

किसान कुंज बिहारी गुप्ता के अनुसार चोर लगभग दो किलो चांदी, एक तोला सोना और एक लाख रुपये नकद लेकर भाग गए। उन्होंने बताया कि खेती-किसानी के काम और खाद-बीज खरीदने के लिए एक लाख रुपये घर में रखे थे, जिन्हें भी चोर अपने साथ ले गए। पीड़ित के मुताबिक चोरी गए सामान की कुल कीमत 7 लाख रुपये से अधिक है।

घटना की जानकारी सुबह तब लगी जब परिवार के सदस्य जागे और घर के भीतर सामान बिखरा हुआ देखा। इसके बाद तत्काल जयसिंहनगर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

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अवैध भंडारण में प्रशासन का चला बुलडोजर, रेत में मिलाया गया मिट्टी, ट्रेक्टर ट्रॉली को किया जप्त

शहडोल

जिले में रेत खदानों का वैध ठेका नहीं होने के बावजूद अवैध रेत का कारोबार लगातार जारी है। दिन-रात रेत से भरे वाहन सड़कों पर दौड़ते दिखाई दे रहे हैं, जबकि नदी किनारे कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर रेत का अवैध भंडारण भी किया जा रहा है। प्रशासन की लगातार कार्रवाई के बाद अब खनिज विभाग और पुलिस ने रेत माफियाओं के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

इसी क्रम में खनिज विभाग की टीम ने ब्यौहारी क्षेत्र के देवी मंदिर और नौडिया इलाके में भारी मात्रा में जमा अवैध रेत पर कार्रवाई की। चली कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से रेत को मिट्टी में मिलाकर नष्ट कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जब्त की गई रेत किसकी है, इसकी जांच अभी जारी है। जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं दूसरी ओर जयसिंहनगर पुलिस ने भी अवैध रेत परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रात्रि गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका। जांच में वाहन पूरी तरह रेत से भरा मिला। चालक ने अपना नाम मुकेश मिश्रा (22) निवासी मसीरा, थाना जयसिंहनगर बताया। पुलिस द्वारा रेत परिवहन के वैध दस्तावेज मांगने पर वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अवैध रेत को जब्त कर लिया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 

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स्टेशन में राहगीरों का मोबाईल चोरी कर बेचने वाले आरोपी की जमानत निरस्त 

अनूपपुर

लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा बताया गया कि आरोपी मो0 आजाद उर्फ सेानू उम्र 33 वर्ष पिता गौस मेाहम्मद निवासी ग्राम बडा मदार छल्ला शास्त्री बार्ड बाबा टोला, थाना हनुमान ताल, जिला जबलपुर (म0प्र0) को स्टेशन चेकिंग के दौरान यह व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में दिखा और पुलिस को देखकर भागने लगा। उसकेा रोका गया तेा उसके जेब कई मोबाईल दिख रखें थे, उससे पूछताछ के दौरान उसके पास से 05 नग मोबाईल मिले और उसने बताया कि मै इन मोबाईलों को चुराया हूँ और बेचने के लिये ग्राहक तलाश रहा हूँ। उसके पास मिले 05 मोबाईलो में से 01 मोबाईल शिकायतकर्ता की भी मिला जिसे उसे न्यायालय के आदेशानुसार सुपुर्दग कर दिया गया है। 

उक्त अपराध के संबंध में शासकीय रेल्वे पुलिस जबलपुर थाना शहडोल में अपराध क्रमांक 86/2026 भारतीय न्याय संहीता 2023 की धारा 317(2), 303(2) में पंजीकृत किया गया था। उसके बाद आरेापी गिरफ्तार हुआ। मामले में आरेापी की ओर से तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में जमानत पर छोड़े जाने हेतु याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए और शासन की ओर से पैरवी कर रहे लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा रखे गए तर्कों और बहस तथा मामले की गम्भीरता एवं परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी आरोपी मो0 आजाद उर्फ सेानू की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया गया।

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पुरुषोत्तम मास की त्रयोदशी पर मां नर्मदा में हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की पुण्य डुबकी 

अनूपपुर

धार्मिक एवं आध्यात्मिक राजधानी कही जाने वाली पवित्र नगरी अमरकंटक में पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी एवं कृतिका नक्षत्र के दुर्लभ पावन संयोग  तथा शिव चतुर्दशी व्रत पर शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अनुपम संगम देखने को मिला। पतित-पावनी पुण्य सलिला मां नर्मदा के पावन तटों पर हजारों भक्त-श्रद्धालुओं ने स्नान, ध्यान, पूजन एवं अर्चन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

प्रातः काल ब्रह्ममुहूर्त से ही रामघाट, कोटितीर्थ, गांधी कुंड, पुष्कर बांध एवं आरंडी संगम सहित विभिन्न नर्मदा तटों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी थीं। सुबह चार बजे से प्रारंभ हुआ स्नान का क्रम संध्या तक निरंतर चलता रहा। महिलाओं द्वारा पारंपरिक मंगल गीतों एवं भजनों का गायन किया गया, वहीं अनेक श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए मां नर्मदा की महिमा का गुणगान करते दिखाई दिए। पूरा वातावरण "नर्मदे हर" के जयघोष से गुंजायमान रहा। पुण्य स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा उद्गम मंदिर पहुंचकर विधिवत दर्शन-पूजन किया श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा से प्रार्थना की कि सभी जन यशस्वी, स्वस्थ, दीर्घायु एवं सुखी रहें तथा जीवन में मनोवांछित फल की प्राप्ति हो।

अनुमानतः 25 से 30 हजार श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर पर अमरकंटक पहुंचकर मां नर्मदा में स्नान एवं दर्शन का लाभ प्राप्त किया। इसके साथ ही कपिलधारा, दूधधारा, सोनमूड़ा, माई की बगिया तथा जालेश्वर धाम जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर भी दिनभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की उल्लेखनीय भीड़ बनी रही।"नर्मदे हर" के जयघोष के साथ अमरकंटक में उमड़ी आस्था की यह विराट धारा एक बार फिर सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और मां नर्मदा के प्रति जन-जन की अटूट श्रद्धा का सजीवता का प्रमाण बन रही।

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रामघाट एवं कोटितीर्थ में अराजक तत्वों का जमावड़ा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे रहे सवाल

अनूपपुर

प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थस्थल अमरकंटक में मां नर्मदा के पावन रामघाट, कोटितीर्थ घाट तथा गांधी कुंड क्षेत्र में इन दिनों अराजक एवं संदिग्ध तत्वों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में चिंता व्याप्त है।

सुबह से लेकर दोपहर तक रामघाट एवं नर्मदा मंदिर के सामने स्थित कोटितीर्थ क्षेत्र में कुछ संदिग्ध व्यक्ति और नाबालिग लड़के-लड़कियां चंदन-टीका लगाने के नाम पर घूमते रहते हैं। आरोप है कि ये लोग घाटों पर स्नान, ध्यान, पूजन-अर्चन एवं मां नर्मदा में डुबकी लगाने आए श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और अवसर मिलते ही उनके मोबाइल फोन, पर्स, नकदी तथा अन्य कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाते हैं।

कई तीर्थयात्रियों एवं आगंतुकों ने बताया कि स्नान के दौरान घाट पर रखे गए उनके मोबाइल, पर्स तथा नकदी अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ली गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि विगत दिनों बैंकटोला क्षेत्र के एक नाबालिग युवक को चोरी करते हुए पकड़ा गया था, जिसके पास से चोरी का सामान भी बरामद किया गया था। इसके बावजूद घाटों पर संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है।

नागरिकों का आरोप है कि कुछ अराजक तत्व मंदिर एवं घाट क्षेत्र में खुलेआम घूमते रहते हैं तथा कई बार शराब के नशे में श्रद्धालुओं को परेशान करते देखे जाते हैं। इससे न केवल श्रद्धालुओं को असुविधा होती है, बल्कि पवित्र नगरी अमरकंटक की धार्मिक एवं पर्यटन छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगो ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा नगर प्रशासन से कार्यवाही की मांग की है।

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एसडीएम बाँधवगढ़ ने उमरार डेम का किया निरीक्षण, मछुआरों को वितरित की लाइफ जैकेट

उमरिया

एसडीएम बाँधवगढ़ अम्बिकेश प्रताप सिंह ने उमरार डेम का निरीक्षण कर वहां संचालित मत्स्य समिति के मछुआरों से मुलाकात की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मछुआरों से शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, योजनाओं एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा उनकी समस्याएं भी सुनीं।

एसडीएम ने मछुआरों को जलाशय में कार्य करते समय सुरक्षा के प्रति विशेष रूप से जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल एवं गहरे जल क्षेत्रों में कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर उन्होंने मछुआरों को लाइफ जैकेट वितरित करते हुए निर्देश दिए कि वे नाव संचालन एवं मछली पकड़ने के दौरान अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनें।

उन्होंने कहा कि छोटी सी सावधानी बड़े हादसों को टाल सकती है। शासन का उद्देश्य मछुआरों की आजीविका के साथ-साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। मछुआरों ने प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सुरक्षा सामग्री के लिए आभार व्यक्त किया तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने का संकल्प लिया। निरीक्षण के दौरान मत्स्य विभाग से जी एस लाल एवं समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे।

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अस्मिता लीग एवं साइकिलिंग महोत्सव का सफल आयोजन संपन्न

उमरिया

साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया तथा भारतीय खेल प्राधिकरण की खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत आयोजित अस्मिता खेलो इंडिया बालिका एवं महिला साइकिलिंग लीग का आयोजन जिला साइकिल संघ उमरिया, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा क्रीड़ा भारती जिला उमरिया के सहयोग से उमरिया बायपास स्थित कछरवार रोड पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

प्रतियोगिता में 13 से 16 वर्ष आयु वर्ग की 35, 17 से 18 वर्ष आयु वर्ग की 27 तथा 19 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की 17 प्रतिभागियों सहित कुल 79 बालिकाओं एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं तथा खेलों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों को सम्मानित कर खेल भावना, महिला सशक्तिकरण एवं स्वस्थ जीवन के संदेश के साथ किया गया।

                                                      

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सेंट्रल बैंक के सहायक प्रबंधक को सीबीआई ने 10 हजार का रिश्वत लेते किया गिरफ्तार, बैकिंग संस्थानों में हड़कंप

शहडोल

सीबीआई ने शहडोल में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहायक प्रबंधक को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बैंकिंग कियोस्क की अनुमति और प्रस्ताव स्वीकृत करने के बदले अधिकारी ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने जाल बिछाया और बैंक अधिकारी को रकम लेते ही दबोच लिया।

शहडोल निवासी दीपेंद्र सिंह ने चार बैंकिंग कियोस्क खोलने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में आवेदन किया था,आरोप है कि आवेदन को स्वीकृति देने और आवश्यक अनुमति जारी करने के बदले बैंक के सहायक प्रबंधक अभ्यंकर शर्मा ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।बार-बार रिश्वत की मांग से परेशान होकर दीपेंद्र सिंह ने पूरे मामले की शिकायत सीबीआई जबलपुर इकाई के पुलिस अधीक्षक एस.के. राठी से की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद सीबीआई ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।       

बताया जा रहा है कि सीबीआई की 8 सदस्यीय टीम शहडोल पहुंची और पूरे मामले पर नजर रखी गई। तय योजना के अनुसार सहायक प्रबंधक अभ्यंकर शर्मा ने बैंक के बाहर गुरुद्वारे के पास दीपेंद्र सिंह से 10 हजार रुपये की रिश्वत ली। जैसे ही रिश्वत की रकम आरोपी के हाथ में पहुंची, पहले से घात लगाए मौजूद सीबीआई टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद बैंकिंग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोपी अधिकारी से पूछताछ जारी है और सीबीआई पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे सरकारी और बैंकिंग संस्थानों में रिश्वतखोरी करने वालों में डर का माहौल है।

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घटिया निर्माण सामग्री से बन रही पीसीसी सड़क, मानकों की अनदेखी कर शासकीय राशि के दुरुपयोग 

*ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग*

अनूपपुर 

जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत  गोहांड्रा के डोंगरीटोला में निर्माणाधीन पीसीसी सड़क को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारियों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों द्वारा तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी करते हुए सड़क निर्माण कराया जा रहा है, जिससे शासकीय धनराशि के दुरुपयोग की आशंका गहरा गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत  गोहांड्रा  में शासकीय निधि से पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य जारी है। आरोप है कि निर्माण कार्य तकनीकी स्वीकृति एवं निर्धारित अनुपात (रेशियो) के अनुरूप नहीं किया जा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है तथा रेत में अत्यधिक मिट्टी मिली हुई है। इसके अलावा सीमेंट की मात्रा भी निर्धारित मानकों से काफी कम बताई जा रही है, जिससे सड़क की मजबूती और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण की पहली परत में ही निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो सड़क कुछ ही समय में उखड़ सकती है और उसमें दरारें पड़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण योजनाओं का लाभ जनता तक सही रूप में नहीं पहुंच पा रहा है। निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले संबंधित अधिकारी यदि समय-समय पर गुणवत्ता की जांच की जाती तो घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायतें सामने नहीं आतीं। 

कानूनी कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यदि शीघ्र जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से जिला प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कर आंदोलन करने को विवश होंगे।

इनका कहना है।

गुणवत्ता की किसी प्रकार की कमी नहीं है, मौके पर आकर आप भी स्वयं जांच कर सकते हैं, अगर कुछ कमी है तो उसकी जांच करवाई जाएगी 

*चिंतामणि केवट, सचिव, ग्राम पंचायत गोहांड्रा*

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अवैध रेत उत्तखनन व परिवहन पर पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त कर मामला किया दर्ज

अनूपपुर

जिले के थाना रामनगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रेत परिवहन कर रहे एक ट्रैक्टर-ट्राली को जब्त कर आरोपी चालक के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 03 घन मीटर रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्राली को जब्त किया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 5 लाख 03 हजार रुपये बताई गई है। 

पुलिस को सूचना मिली की एक व्यक्ति पीपरडोल मरवाही क्षेत्र से बिना नंबर के नीले रंग के सोनालिका ट्रैक्टर-ट्राली में अवैध रूप से रेत लोड कर भलवाही की ओर परिवहन करने वाला है। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई।बरतराई बस्ती के पीछे स्थित खाली मैदान में घेराबंदी की। कुछ समय बाद एक नीले रंग का बिना नंबर का सोनालिका ट्रैक्टर भलवाही की ओर आता दिखाई दिया, जिसे रोककर जांच की गई।

जांच के दौरान ट्रैक्टर-ट्राली मे रेत लोड पाई गई। वाहन चालक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम लक्ष्मण यादव उर्फ रामा पिता फूलचंद यादव उम्र 23 वर्ष निवासी चनाडोंगरी थाना मरवाही जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (छत्तीसगढ़) बताया। चालक मौके पर कोई  वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। धारा 303(2), 317(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं खनिज अधिनियम की धारा 4/21 के तहत दंडनीय अपराध पाया। इसके बाद पुलिस ने बिना नंबर के सोनालिका ट्रैक्टर-ट्राली को जब्त कर लिया। 

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अवैध रेत परिवहन पर आईएएस ने तीन हाइवा किया जब्त, झमाझम हुई वारिश, मौसम हुआ सुहावना

शहडोल। 

जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर लगाम लगाने के लिए ब्यौहारी क्षेत्र में आईएएस अधिकारी एसडीएम काजोल सिंह ने कार्रवाई करते हुए रेत से भरे तीन वाहनों को जब्त कर लिया, जबकि एक वाहन चालक प्रशासनिक टीम को देखकर बीच सड़क पर ही रेत खाली कर वाहन लेकर फरार हो गया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। यह कार्यवाही ब्यौहारी टोल नाके के पास से की गई है। खास बात तो यह रही की जप्त वाहनों से नंबर प्लेट गायब थी।

एसडीएम द्वारा की गई जांच के दौरान पकड़े गए तीनों वाहनों में रेत लोड पाई गई। वाहन चालकों से रेत परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई भी चालक आवश्यक अनुमति या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद वाहनों को जब्त कर तहसील एवं थाना परिसर में खड़ा करा दिया गया। शहडोल जिले में वर्तमान में रेत का कोई वैध खनन ठेका संचालित नहीं है। इसके बावजूद दिन-रात रेत से भरे वाहन सड़कों पर दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। 

जैतपुर में तो कई अवैध खदाने संचालित हो रही है। जहां से दिन दहाड़े रेत का अवैध उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है। अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने में खनिज विभाग नाकाम साबित हुआ है। प्रशासन का कहना है कि जब्त वाहनों के मालिकों और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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पवित्र नगरी अमरकंटक में आधे घंटे की झमाझम बारिश से तरबतर हुआ क्षेत्र, मौसम हुआ अति सुहावना

अनूपपुर

प्रमुख पर्यटन स्थल एवं धार्मिक-आध्यात्मिक केंद्र पवित्र नगरी अमरकंटक में शुक्रवार 12 जून 2026 को दोपहर लगभग 2:30 बजे से 3:00 बजे तक हुई तेज मूसलाधार वर्षा ने पूरे क्षेत्र को तरबतर कर दिया। आधे घंटे तक चली झमाझम बारिश, गर्जना, बिजली की चमक और ठंडी हवाओं के कारण मौसम अत्यंत सुहावना एवं खुशनुमा हो गया।

पहले हल्की रिमझिम बारिश हुई, जिसके बाद तेज गर्जना और बिजली की चमक के साथ मूसलाधार वर्षा शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे तक हुई इस वर्षा ने गर्मी से राहत प्रदान करते हुए पूरे क्षेत्र में शीतलता घोल दी। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वर्षा के बाद वातावरण पूरी तरह शुद्ध और ताजगी से भर गया। अमरकंटक में शुद्ध वायु का सूचकांक 46 दर्ज किया गया, जो बेहतर पर्यावरणीय स्थिति का संकेत है।

वर्षा के बाद अमरकंटक की प्राकृतिक छटा और भी निखर उठी। हरियाली से आच्छादित पर्वतीय क्षेत्र, ठंडी हवाएं और बादलों से घिरा वातावरण पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।पश्चिम बंगाल के कोलकाता से आए पर्यटक एवं तीर्थयात्रियों ने बताया कि अमरकंटक का मौसम अत्यंत मनमोहक और आनंददायक है। प्राकृतिक सौंदर्य ने मन मोह लिया। राजस्थान के जयपुर और भीलवाड़ा से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि उनके प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है, जबकि अमरकंटक का मौसम दिल को सुकून देने वाला है। उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण इतना रमणीय है कि मन करता है कुछ दिन और यहीं ठहर जाएं। 

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जल गंगा संवर्धन अभियान,  बावड़ी नुमा प्राकृतिक जल स्त्रोत में स्वछता कर दिया संदेश 

अनूपपुर

मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान तृतीय चरण  में बावड़ी उत्सव कार्यक्रम जो कि सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में जन अभियान परिषद द्वारा जल स्रोत सेवा समागम कार्यक्रम के तहत जैतहरी विकासखंड में सेक्टर क्रमांक 03 बैहार ग्राम  में स्थित बावड़ी नुमा प्राकृतिक जल स्त्रोत जिसमें बारह माह सतत पानी का स्त्रोत बना रहता है जो कि बैहार पहाड़ी के ठीक नीचे ग्राम पंचायत के समीप बहुत सुंदर जल स्त्रोत है जिसकी आज साफ सफाई साफ-सफाई का कार्यक्रम आयोजित किया गया। 

यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद व नवांकुर संस्था ह्यूमैनिटी केयर फैमिली वेलफेयर एंड हेल्थ सोसायटी जैतहरी  के तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संस्था प्रमुख पुष्पेंद्र नामदेव, ग्राम विकास प्रस्फूटन समिति बैहार के अध्यक्ष श्याम सिंह ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति भेलमा के अध्यक्ष एवं सदस्य परामर्श दाता राम सिंह मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता बीएसडब्ल्यू के क्षात्र प्रियेश नामदेव एमएसडब्ल्यू के छात्र एवं बड़ी संख्या में मातृ शक्तियां व ग्राम के गणमान्य लोगों ने स्वछता पर बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने मिलकर प्राकृतिक जल स्त्रोत  से कचरा, जलकुंभी, प्लास्टिक के पाउच एवं गाद हटाई तथा जल स्रोत के आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।

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जन कल्याण शिविर के तहत जनपद पंचायत करकेली में तीन दिवसीय शिविर का शुभारंभ

*एक जगह हितग्राहियों को मिलेगा विभिन्न योजनाओं का लाभ*

उमरिया 

शासन की जनहितैषी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद पंचायत करकेली परिसर में तीन दिवसीय जन कल्याण शिविर का शुभारंभ किया गया। यह शिविर 14 जून तक आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल ने कहा कि जन कल्याण शिविरों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं एवं योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अब लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि एक छत के नीचे योजनाओं से संबंधित जानकारी, आवेदन एवं लाभ प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

कलेक्टर राखी सहाय ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप विकासखंड एवं नगरीय निकाय स्तर पर जन कल्याण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिविर का प्रमुख उद्देश्य जन समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर ने उपस्थित ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन करें तथा अपनी आवश्यकतानुसार आवेदन प्रस्तुत करें। साथ ही उन्होंने लोगों से अपने आसपास के नागरिकों को भी शिविर की जानकारी देने का आग्रह किया, ताकि अधिक से अधिक लोग शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। शिविर में आयुष विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्व विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, पशुपालन विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे। 

समाचार 08

योग के ऑनलाइन सत्र में शामिल होने की अपील

उमरिया

कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में निर्धारित थीम स्वस्थ आयु के लिए योग के अंतर्गत 14 जून 2026 को प्रातः 6.15 बजे से 7.35 बजे तक सात दिवसीय काउंटडाउन कार्यक्रम का ऑनलाइन योग सत्र आयोजित किया जाएगा।उन्होने बताया कि कार्यक्रम से जुड़ने के लिए टोल-फ्री नम्बर 1800-315-7008 पर मिस्ड कॉल देकर पंजीयन किया जा सकता  है । कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने सभी नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठजनों, विद्यार्थियों, शासकीय सेवकों एवं सामाजिक संगठनों से आग्रह किया है कि वे इस ऑनलाइन योग सत्र में अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनें और योग को अपनी दैनिक जीवन शैली का अभिन्न अंग बनाएं।

समाचार 09

कलेक्टर की अध्यक्षता में स्टैंडिंग कमेटी की बैठक संपन्न

उमरिया

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी राखी सहाय की अध्यक्षता में कलेक्टर सभागार में फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण-2026 के संबंध में स्टैंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मास्टर ट्रेनर सुशील मिश्रा ने संशोधित मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रों पर प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा दावे एवं आपत्तियां 15 जून तक प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावे-आपत्तियों का निराकरण 25 जून तक किया जाएगा, जबकि निराकृत दावा-आपत्ति आवेदन पत्रों की ईआरएमएस में प्रविष्टि 30 जून तक की जाएगी।

समाचार 10

आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत

शहडोल 

कलेक्टर डाॅ. केदार सिंह ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से सोहागपुर निवासी श्री कामता प्रसाद वर्मा को उपचार हेतु 45 हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है।

घटिया निर्माण सामग्री से बन रही पीसीसी सड़क, मानकों की अनदेखी कर शासकीय राशि के दुरुपयोग 

*ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग*


अनूपपुर 

जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत  गोहांड्रा के डोंगरीटोला में निर्माणाधीन पीसीसी सड़क को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारियों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों द्वारा तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी करते हुए सड़क निर्माण कराया जा रहा है, जिससे शासकीय धनराशि के दुरुपयोग की आशंका गहरा गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत  गोहांड्रा  में शासकीय निधि से पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य जारी है। आरोप है कि निर्माण कार्य तकनीकी स्वीकृति एवं निर्धारित अनुपात (रेशियो) के अनुरूप नहीं किया जा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है तथा रेत में अत्यधिक मिट्टी मिली हुई है। इसके अलावा सीमेंट की मात्रा भी निर्धारित मानकों से काफी कम बताई जा रही है, जिससे सड़क की मजबूती और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण की पहली परत में ही निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो सड़क कुछ ही समय में उखड़ सकती है और उसमें दरारें पड़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण योजनाओं का लाभ जनता तक सही रूप में नहीं पहुंच पा रहा है। निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले संबंधित अधिकारी यदि समय-समय पर गुणवत्ता की जांच की जाती तो घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायतें सामने नहीं आतीं। 

कानूनी कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यदि शीघ्र जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से जिला प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कर आंदोलन करने को विवश होंगे।

इनका कहना है।

गुणवत्ता की किसी प्रकार की कमी नहीं है, मौके पर आकर आप भी स्वयं जांच कर सकते हैं, अगर कुछ कमी है तो उसकी जांच करवाई जाएगी 

*चिंतामणि केवट, सचिव, ग्राम पंचायत गोहांड्रा*

सेंट्रल बैंक के सहायक प्रबंधक को CBI ने 10 हजार का रिश्वत लेते किया गिरफ्तार, मचा हड़कंप


शहडोल

सीबीआई ने शहडोल में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहायक प्रबंधक को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बैंकिंग कियोस्क की अनुमति और प्रस्ताव स्वीकृत करने के बदले अधिकारी ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने जाल बिछाया और बैंक अधिकारी को रकम लेते ही दबोच लिया।

शहडोल निवासी दीपेंद्र सिंह ने चार बैंकिंग कियोस्क खोलने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में आवेदन किया था,आरोप है कि आवेदन को स्वीकृति देने और आवश्यक अनुमति जारी करने के बदले बैंक के सहायक प्रबंधक अभ्यंकर शर्मा ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।बार-बार रिश्वत की मांग से परेशान होकर दीपेंद्र सिंह ने पूरे मामले की शिकायत सीबीआई जबलपुर इकाई के पुलिस अधीक्षक एस.के. राठी से की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद सीबीआई ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।       

बताया जा रहा है कि सीबीआई की 8 सदस्यीय टीम शहडोल पहुंची और पूरे मामले पर नजर रखी गई। तय योजना के अनुसार सहायक प्रबंधक अभ्यंकर शर्मा ने बैंक के बाहर गुरुद्वारे के पास दीपेंद्र सिंह से 10 हजार रुपये की रिश्वत ली। जैसे ही रिश्वत की रकम आरोपी के हाथ में पहुंची, पहले से घात लगाए मौजूद सीबीआई टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद बैंकिंग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोपी अधिकारी से पूछताछ जारी है और सीबीआई पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे सरकारी और बैंकिंग संस्थानों में रिश्वतखोरी करने वालों में डर का माहौल है।

अवैध रेत परिवहन पर आईएएस ने तीन हाइवा किया जब्त, झमाझम हुई वारिश, मौसम हुआ सुहावना


शहडोल। 

जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर लगाम लगाने के लिए ब्यौहारी क्षेत्र में आईएएस अधिकारी एसडीएम काजोल सिंह ने कार्रवाई करते हुए रेत से भरे तीन वाहनों को जब्त कर लिया, जबकि एक वाहन चालक प्रशासनिक टीम को देखकर बीच सड़क पर ही रेत खाली कर वाहन लेकर फरार हो गया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। यह कार्यवाही ब्यौहारी टोल नाके के पास से की गई है। खास बात तो यह रही की जप्त वाहनों से नंबर प्लेट गायब थी।

एसडीएम द्वारा की गई जांच के दौरान पकड़े गए तीनों वाहनों में रेत लोड पाई गई। वाहन चालकों से रेत परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई भी चालक आवश्यक अनुमति या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद वाहनों को जब्त कर तहसील एवं थाना परिसर में खड़ा करा दिया गया। शहडोल जिले में वर्तमान में रेत का कोई वैध खनन ठेका संचालित नहीं है। इसके बावजूद दिन-रात रेत से भरे वाहन सड़कों पर दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। 

जैतपुर में तो कई अवैध खदाने संचालित हो रही है। जहां से दिन दहाड़े रेत का अवैध उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है। अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने में खनिज विभाग नाकाम साबित हुआ है। प्रशासन का कहना है कि जब्त वाहनों के मालिकों और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

*झमाझम हुई वारिश, मौसम हुआ सुहावना*


अनूपपुर जिले के पवित्र नगरी अमरकंटक में तेज गर्जना, बिजली की चमक-लपक और तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम वर्षा ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण शीतल एवं आनंददायक हो गया। अचानक मौसम ने करवट ली और नीले आसमान पर काले घने बादल छा गए। कुछ ही देर में तेज हवाएं चलने लगीं तथा बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली की चमक के बीच मूसलाधार वर्षा शुरू हो गई।

बारिश के बाद पूरे क्षेत्र में ठंडी हवाएं चलने लगीं, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। मौसम के सुहावना होने से स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आए पर्यटक, तीर्थयात्री और श्रद्धालु भी काफी उत्साहित नजर आए। विशेष रूप से राजस्थान से आए पर्यटकों एवं भक्तों ने इस मनोहारी मौसम का भरपूर आनंद लिया। अचानक हुई इस वर्षा ने न केवल वातावरण को शीतलता प्रदान बल्कि प्राकृतिक सुंदरता में भी चार चांद लगा दिए। बारिश के बाद हरियाली से आच्छादित पर्वतीय क्षेत्र और ठंडी हवाओं ने श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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