कलकत्ता से आए व्यापारियों से अवैध वसूली, नहीं काटी जा रही रसीद, नगर पालिका पर लाखों के वारा न्यारे के आरोप


उमरिया

जिला मुख्यालय में नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बस स्टैंड और सब्जी मंडी परिसर में पिछले 15 दिनों से चल रहे कलकत्ता बाजार मेले में खुलेआम अवैध वसूली का खेल चल रहा है।

इस मेले में लगभग 300 दुकानें लगी हैं। व्यापारियों का आरोप है कि नगर पालिका उमरिया के दो कर्मचारी प्रतिदिन प्रत्येक दुकानदार से 200 से 300 रुपये तक की बैठकी वसूलते हैं, लेकिन बदले में नगर पालिका की कोई वैध रसीद नहीं दी जाती।

यदि एक दिन का औसत 250 रुपये भी माना जाए तो 300 दुकानों से प्रतिदिन 75 हजार रुपये और 15 दिनों में 11 लाख रुपये से अधिक की वसूली बनती है। इतनी बड़ी राशि का कोई हिसाब-किताब नगर पालिका के रिकॉर्ड में नहीं है। इससे साफ है कि यह पैसा शासन के खजाने में जमा न होकर सीधे निजी जेब में जा रहा है। होना यह चाहिए कि मेले में सभी व्यापारियों की पूरे एक माह की बैठकी की राशि एक मुश्त एडवांस में लेकर रसीद काटी जानी चाहिए। 

गौर करने वाली बात यह है कि जब जिला मुख्यालय की नगर पालिका में ही इस तरह की वित्तीय अनियमितता और धांधली खुलेआम चल रही है, तो अन्य जगहों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। बिना रसीद के पैसा लेना सीधे-सीधे भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।

बाहर से रोजगार के लिए आए गरीब व्यापारियों ने कलेक्टर उमरिया से मामले की निष्पक्ष जांच, वसूली गई राशि का ऑडिट और दोषी कर्मचारियों के साथ-साथ इसमें शामिल अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इस संबंध में नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी से जब इस मामले में चर्चा की गयी तो उनका कहना है की आफ लाइन रसीद नहीं दी जा रही है, फिर आन लाइन काटी जायेगी। 

पंचायत में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और भुगतान को लेकर शिकायत, 25 लाख की पुलिया निर्माण पर भी उठे सवाल


अनूपपुर

जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत बुढ़ानपुर में शासकीय निर्माण कार्यों में अनियमितता और गुणवत्ताविहीन कार्य कराए जाने के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने विकास कार्यों के नाम पर शासकीय राशि के दुरुपयोग और पंचायत स्तर पर नियमों की अनदेखी किए जाने की शिकायत की है।

शिकायत के अनुसार ग्राम पंचायत में मैटेरियल सप्लाई के नाम पर ऐसी फर्म से भुगतान किए जाने का आरोप है, जिसका GST नंबर वर्तमान में इनवेलिड बताया जा रहा है। सत्यम कंस्ट्रक्शन के GSTIN 23BGGPS2445J1ZA को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उक्त फर्म पंचायत के उपसरपंच के.के. सोनी के परिवार से संबंधित है। मामले में पंचायत सचिव चिंतामणि केवट, सरपंच मिठाई लाल और उपसरपंच के.के. सोनी की भूमिका की जांच की मांग की गई है।

ग्राम पंचायत बुढ़ानपुर में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क अधोसंरचना योजना के तहत करीब 25 लाख रुपए की लागत से आरसीसी पुलिया निर्माण स्वीकृत किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य निर्धारित एस्टीमेट और तकनीकी मापदंडों के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है। निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं लगाए जाने के साथ पुलिया में लगाई जा रही सरिया की मात्रा को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार पुलिया के बेस की ढलाई में सीमेंट की मात्रा कम होने के कारण निर्माण के बाद ही जगह-जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच और मौके पर उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। जन विश्वास शिविर में भी पहुंची शिकायत

कार से 37 हजार की 97 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब जब्त, दो आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


अनूपपुर

राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र में रविवार को पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक कार से गांव के रास्ते ले जाई जा रही 9 कार्टून में कुल 97.8 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब और बीयर जब्त की।जिसकी कीमत 37,620 रुपए बताई गई हैं। कार में सवार दो लोगो को गिरफ्तार कर धारा 34(2) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

पुलिस ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि किरर घाट की ओर से कार में शराब करौंदी गांव की तरफ ले जाई जा रही है। सूचना पर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नाकाबंदी की गई। पुलिस को देखकर कार चालक सोनहरा गांव की ओर भागने लगा। घेराबंदी कर पुलिस ने सोनहरा डैम के पास कार क्रमांक एमपी 20 सीएस 7976 को रोका, जिसमें 27 वर्षीय राजेश कुमार नायक, निवासी भरनी अमरकंटक और 35 वर्षीय कृष्ण पाल बंजारा निवासी लपटी अमरकंटक सवार थे। गवाहों की मौजूदगी में कार की तलाशी लेने पर डिक्की से 9 कार्टून मिले। इनमें कुल 97.8 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब और बीयर मिली। जब्त शराब की कीमत 37,620 रुपए बताई गई है।

पुलिस ने आरोपियों से शराब के वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद शराब के साथ करीब 4 लाख रुपए कीमत की कार भी जब्त कर ली गई। प्रत्येक बैच से 3-3 नग, कुल 12 नग सैंपल निकालकर बाकी शराब को सील किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 34(2) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। दोनों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया, जहां मामले को विवेचना में लिया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

बाघ के हमले से ग्रामीण हुआ घायल, 15 घंटे बाद हुई पुष्टि, ग्रामीणों में नाराजगी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


उमरिया

मानपुर परिक्षेत्र के सेमरा-सेमरी (कठुलिया हार) इलाके में एक बाघ ने हमला कर 50 वर्षीय ग्रामीण को घायल कर दिया। पीड़ित शंकर पटेल (निवासी सेमरी) को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मानपुर ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। घटना के बाद पुलिस बल और अतिरिक्त वन अमला मौके पर तैनात किया गया है, तथा रेस्क्यू टीम बाघ को पकड़ने की कार्रवाई में जुट गई है।

शनिवार रात करीब 9 बजे ही वन विभाग को कठुलिया हार क्षेत्र में बाघ की आवाजाही की सूचना मिल गई थी। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने पंजों के निशान (पगमार्क) के आधार पर बाघ की उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि भी की थी। इसके बावजूद रविवार सुबह तक संवेदनशील क्षेत्र की घेराबंदी नहीं की गई।

सुरक्षात्मक उपाय न होने के कारण रविवार सुबह से ही बाघ को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा लगता रहा। दोपहर करीब 12:10 बजे अचानक बाघ ने सेमरी निवासी शंकर पटेल पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों द्वारा शोर मचाने पर बाघ पीछे हटकर समीप स्थित नाले की ओर चला गया।

घटना के समय मौके पर केवल पांच मैदानी वनकर्मी मौजूद थे, जबकि वन परिक्षेत्र मानपुर के कोई वरिष्ठ जिम्मेदार अधिकारी वहां उपस्थित नहीं थे। शनिवार रात बाघ की पुष्टि होने के बावजूद 15 घंटे का समय बीत जाने तक सुरक्षा घेरा न बनाए जाने और भीड़ को नियंत्रित न किए जाने को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते घेराबंदी कर भीड़ को रोक दिया जाता, तो यह हादसा टल सकता था।

घटना के बाद पुलिस और वन विभाग का अतिरिक्त अमला मौके पर पहुंचा और लोगों को घटनास्थल से दूर किया गया। वर्तमान में रेस्क्यू टीम मौके पर मौजूद है और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।

पीकप ने बाइक को मारी टक्कर, 2 की हुई मौत, 2 घायलो का अस्पताल में चल रहा है इलाज


अनूपपुर

शनिवार की रात सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। कोतमा से घर लौट रहे बाइक सवार चार लोगों को भोलगढ़ के पास पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में निखिल केवट 20 वर्ष और बद्री केवट 35 वर्ष की मौत हो गई। घायल राज बैगा 20 वर्ष का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि बाइक चला रहे रवि कुशवाहा 36 वर्ष को परिजन जिला अस्पताल से निजी अस्पताल ले गए हैं।

हादसे में घायल निखिल केवट ने शनिवार की रात मौत हो गई। जबकि बद्री केवट की रविवार सुबह मौत हो गई। घायल राज बैगा का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं, बाइक चालक रवि कुशवाहा को परिजन जिला अस्पताल से निजी अस्पताल ले गए हैं।

घायल राज बैगा ने बताया कि वे बरगवां और झगरहा के रहने वाले हैं। रवि कुशवाहा लकड़ी के ठेकेदार हैं। उनके साथ मजदूरी करने वाले तीन लोग कोतमा के खुंटवा गांव से शनिवार रात करीब 10 बजे घर लौट रहे थे। चारों एक ही बाइक पर सवार थे। भोलगढ़ के पास पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार चारों लोग सड़क पर दूर जा गिरे। बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद डायल 112 की गाड़ी सभी घायलों को जिला अस्पताल लेकर पहुंची।

अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पंचनामा बनाया और पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। पीकप वाहन में लकड़ियां लोड थीं और उसमें 5-6 मजदूर भी लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार चार लोग भी वापस आ रहे थे। पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों और टक्कर मारने वाले वाहन के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष व पूर्व विधायक को भाजपा कार्यकर्ता ने फेसबुक पर की अभद्र टिप्पणी, दी गाली

*भाजपा कार्यकर्ताओं ने सौपा ज्ञापन, लक्ष्मीनारायण पर एफआईआर की मांग*

अनूपपुर

भारतीय जनता पार्टी के अनूपपुर ग्रामीण चचाई मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रामलाल रौतेल के फेसबुक पोस्ट पर कथित तौर पर अश्लील, अभद्र, गाली-गलौज कुत्ता, कमीना, नीच व सुअर की औलाद साला जैसे अपमानजनक टिप्पणियां किए जाने के मामले में थाना चचाई में सामूहिक ज्ञापन सौंपकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने बताया कि रामलाल रौतेल के फेसबुक अकाउंट पर एक फोटो पोस्ट की गई थी। आरोप है कि इसी सार्वजनिक पोस्ट पर लक्ष्मीनारायण गुप्ता नामक फेसबुक यूजर द्वारा कई आपत्तिजनक एवं कथित रूप से अशोभनीय टिप्पणियां की गईं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की भाषा का सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल किसी सामान्य राजनीतिक असहमति या आलोचना की श्रेणी में नहीं आता, बल्कि इससे सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति की प्रतिष्ठा एवं गरिमा प्रभावित होती है।

रामलाल रौतेल भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और दो बार विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में वे मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और असहमति व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन असहमति की आड़ में अश्लील एवं गाली-गलौज वाली भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करते हुए उपलब्ध स्क्रीनशॉट एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित फेसबुक यूजर की वास्तविक पहचान और प्रोफाइल का सत्यापन करने तथा फेसबुक पोस्ट, कमेंट, प्रोफाइल लिंक, कमेंट URL, दिनांक एवं समय सहित आवश्यक डिजिटल साक्ष्य संकलित करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में मामले की तकनीकी जांच साइबर सेल के माध्यम से कराने और जांच में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 356 सहित अन्य लागू धाराओं के तहत FIR दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मामले में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए भविष्य में सोशल मीडिया पर इस प्रकार की कथित अभद्रता की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।

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पीकप ने बाइक को मारी टक्कर, 2 की हुई मौत, 2 घायलो का अस्पताल में चल रहा है इलाज

अनूपपुर

शनिवार की रात सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। कोतमा से घर लौट रहे बाइक सवार चार लोगों को भोलगढ़ के पास पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में निखिल केवट (20) और बद्री केवट (35) की मौत हो गई। घायल राज बैगा (20) का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि बाइक चला रहे रवि कुशवाहा (36) को परिजन जिला अस्पताल से निजी अस्पताल ले गए हैं।

हादसे में घायल निखिल केवट ने शनिवार की रात मौत हो गई। जबकि बद्री केवट की रविवार सुबह मौत हो गई। घायल राज बैगा का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं, बाइक चालक रवि कुशवाहा को परिजन जिला अस्पताल से निजी अस्पताल ले गए हैं।

घायल राज बैगा ने बताया कि वे बरगवां और झगरहा के रहने वाले हैं। रवि कुशवाहा लकड़ी के ठेकेदार हैं। उनके साथ मजदूरी करने वाले तीन लोग कोतमा के खुंटवा गांव से शनिवार रात करीब 10 बजे घर लौट रहे थे। चारों एक ही बाइक पर सवार थे। भोलगढ़ के पास पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार चारों लोग सड़क पर दूर जा गिरे। बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद डायल 112 की गाड़ी सभी घायलों को जिला अस्पताल लेकर पहुंची।

अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पंचनामा बनाया और पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। पीकप वाहन में लकड़ियां लोड थीं और उसमें 5-6 मजदूर भी लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार चार लोग भी वापस आ रहे थे। पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों और टक्कर मारने वाले वाहन के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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आदिवासी छात्रों का भविष्य लील गई प्राचार्य की तानाशाही, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा में एक भी पंजीयन नही, अंतिम तिथि खत्म

अनूपपुर

आदिवासी विकासखंड पुष्पराजगढ़ के आदिवासी अंचल स्थित शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़ी तुम्मी में प्राचार्य की तानाशाही ने कक्षा 8वीं के 12 गरीब आदिवासी छात्रों के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है।

राज्य शिक्षा केंद्र की महत्वपूर्ण योजना राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा 2026-27 जो कक्षा 8वीं के छात्रों के लिए आयोजित की जानी थी, उसमें बड़ी तुम्मी विद्यालय में अध्ययनरत 12 छात्रों का पंजीयन होना था, लेकिन पंजीयन न होने के कारण इन सभी छात्रों के भविष्य में अंधकार के बादल छा गए हैं। यह योजना चयनित गरीब छात्रों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति देती है।

विकासखंड स्रोत समन्वयक हर प्रसाद तिवारी द्वारा 22 अगस्त 2026 को जारी प्रगति प्रतिवेदन के अनुसार पडमनिया संकुल के 10 विद्यालयों ने जहाँ शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है, वहीं बड़ी तुम्मी में 12 छात्रों के लक्ष्य के विरुद्ध एक भी पंजीयन नहीं हुआ और अब अंतिम तिथि समाप्त होने से पंजीयन की कोई संभावना नहीं बची है।

राष्ट्रीय छात्रवृत्ति प्रतियोगिता परीक्षा में छात्रों के पंजीयन की जिम्मेदारी संबंधित प्राचार्य के पासवर्ड लॉगिन से होनी थी, किन्तु आदिवासी छात्रों को सबक सिखाने के लिए बैठे प्राचार्य ने छात्रों का पंजीयन न कर राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा में सिर्फ उन्हें बाहर का रास्ता नहीं दिखाया अपितु इन छात्रों के सुनहरे भविष्य में कील ठोंक कर उन्हें गरीबी और कंगाली की ओर ढकेल दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि गत वर्ष भी प्राचार्य ने एक भी पंजीयन नहीं कराया था जिसकी शिकायत आयुक्त शहडोल संभाग और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में हुई थी लेकिन शिक्षा विभाग ने कोई कार्यवाही नहीं की। कार्यवाही न होने से प्राचार्य के हौसले बुलंद हैं और इस वर्ष भी वही लापरवाही दोहराई गई। पालकों का साफ कहना है कि इस घोर लापरवाही के लिए प्राचार्य पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।

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बाघ के हमले से ग्रामीण हुआ घायल, 15 घंटे बाद हुई पुष्टि, ग्रामीणों में नाराजगी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

उमरिया

मानपुर परिक्षेत्र के सेमरा-सेमरी (कठुलिया हार) इलाके में एक बाघ ने हमला कर 50 वर्षीय ग्रामीण को घायल कर दिया। पीड़ित शंकर पटेल (निवासी सेमरी) को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मानपुर ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। घटना के बाद पुलिस बल और अतिरिक्त वन अमला मौके पर तैनात किया गया है, तथा रेस्क्यू टीम बाघ को पकड़ने की कार्रवाई में जुट गई है।

शनिवार रात करीब 9 बजे ही वन विभाग को कठुलिया हार क्षेत्र में बाघ की आवाजाही की सूचना मिल गई थी। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने पंजों के निशान (पगमार्क) के आधार पर बाघ की उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि भी की थी। इसके बावजूद रविवार सुबह तक संवेदनशील क्षेत्र की घेराबंदी नहीं की गई।

सुरक्षात्मक उपाय न होने के कारण रविवार सुबह से ही बाघ को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा लगता रहा। दोपहर करीब 12:10 बजे अचानक बाघ ने सेमरी निवासी शंकर पटेल पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों द्वारा शोर मचाने पर बाघ पीछे हटकर समीप स्थित नाले की ओर चला गया।

घटना के समय मौके पर केवल पांच मैदानी वनकर्मी मौजूद थे, जबकि वन परिक्षेत्र मानपुर के कोई वरिष्ठ जिम्मेदार अधिकारी वहां उपस्थित नहीं थे। शनिवार रात बाघ की पुष्टि होने के बावजूद 15 घंटे का समय बीत जाने तक सुरक्षा घेरा न बनाए जाने और भीड़ को नियंत्रित न किए जाने को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते घेराबंदी कर भीड़ को रोक दिया जाता, तो यह हादसा टल सकता था।

घटना के बाद पुलिस और वन विभाग का अतिरिक्त अमला मौके पर पहुंचा और लोगों को घटनास्थल से दूर किया गया। वर्तमान में रेस्क्यू टीम मौके पर मौजूद है और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।

समाचार 05 फ़ोटो 05

रेत माफियाओं पर कार्यवाही के लिए राजस्व टीम को रात भर गड्ढे में छिपकर की निगरानी, 1 वाहन जब्त

शहडोल

जयसिंहनगर में रेत माफिया पर शिकंजा कसने निकली राजस्व टीम को रातभर गड्ढों के पीछे छिपकर निगरानी करनी पड़ी, ताकि कार्रवाई की भनक कारोबारियों तक न पहुंचे। टीम ने सरकारी वाहन का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि मालवाहक वाहन में छिपकर रेत से लदे वाहनों का इंतजार किया। सुबह करीब 4 बजे ट्रक आते ही कार्रवाई शुरू हुई। टीम को देखकर एक चालक रेत डंप कर ट्रक लेकर भाग निकला, जबकि दूसरा ट्रक पकड़ लिया गया। कार्रवाई में एक अन्य रेत से भरा वाहन भी जब्त किया गया।

जिले के जयसिंहनगर में रेत माफिया पर शिकंजा कसने निकली राजस्व टीम को रातभर गड्ढों के पीछे छिपकर निगरानी करनी पड़ी, तहसीलदार के नेतृत्व में नायब तहसीलदार शनि द्विवेदी और राजस्व टीम निगरानी में जुटी रही, टीम ने सरकारी वाहन का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि मालवाहक वाहन में छिपकर रेत से लदे वाहनों का इंतजार किया, सुबह करीब 4 बजे ट्रक आते ही कार्रवाई शुरू हुई।

टीम को देखकर एक चालक रेत डंप कर ट्रक लेकर भाग निकला, जबकि दूसरा ट्रक पकड़ लिया गया। कार्रवाई में एक अन्य रेत से भरा वाहन भी जब्त किया गया। अब बड़ा सवाल है कि सरकारी वाहन देखते ही रेत परिवहन करने वालों को कार्रवाई की खबर कैसे मिल जाती है। क्या अवैध कारोबारियों का सूचना तंत्र इतना मजबूत है कि प्रशासन से पहले उन्हें कार्रवाई की भनक लग जाती है।

समाचार 06 फ़ोटो 06

समाजहित और जनहित के उत्कृष्ट कार्यों के लिए हिमांशु तिवारी सम्मानित

उमरिया

समाजहित एवं जनहित के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहकर उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवा समाजसेवी हिमांशु तिवारी को सरस्वती विद्यालय, प्रकाश नगर, बिरसिंहपुर पाली द्वारा शाल, श्रीफल एवं मां बिरासिनी देवी की चित्र-पटल भेंट कर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार ने उनके सामाजिक सरोकारों, जनजागरूकता अभियानों एवं समाजसेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए यह सम्मान प्रदान किया।

सम्मान समारोह के दौरान विद्यालय अध्यक्ष जे.पी. गोस्वामी, व्यवस्थापक सी.पी. विश्वकर्मा एवं प्राचार्य राकेश तिवारी ने हिमांशु तिवारी के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

सम्मान प्राप्त करने के बाद हिमांशु तिवारी ने कहा कि सरस्वती विद्यालय, प्रकाश नगर द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान उनके लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को और अधिक मजबूती एवं समर्पण के साथ निभाने की प्रेरणा है। उन्होंने विद्यालय अध्यक्ष, व्यवस्थापक, प्राचार्य एवं समस्त विद्यालय परिवार का हृदय से आभार व्यक्त किया।उन्होंने  कहा कि जनहित, समाजहित एवं राष्ट्रहित से जुड़े सेवा कार्यों को आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा, “समाजसेवा किसी एक व्यक्ति का कार्य नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक युवाओं को जनसेवा एवं सामाजिक कार्यों से जोड़ा जाए, ताकि मिलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

समाचार 07 फ़ोटो 07

जिला चिकित्सालय का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, दवा वितरण का लिया जायजा

अनूपपुर

कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिला चिकित्सालय का निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सालय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री झा ने नेत्र कक्ष, पोषण पुनर्वास केंद्र, ब्लड बैंक, सीटी स्कैन कक्ष सहित विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं एवं उपलब्ध संसाधनों की जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर ने दवा वितरण केंद्र का भी निरीक्षण कर वहां उपलब्ध दवाइयों की जानकारी ली। उन्होंने आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही एक्सपायरी दवाइयों के उचित प्रबंधन एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनके डिस्पोजल के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि मरीजों को बेहतर, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए तथा चिकित्सालय की व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

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नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन कुल 2904 प्रकरणों का हुआ निराकरण

शहडोल

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार  प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल काशीनाथ सिंह  के कुशल मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता तथा नोडल अधिकारी विशेष न्यायाधीश (एसटी/एससी एक्ट) दीपाली शर्मा की उपस्थिति में दिनांक 12 सितंबर 2026 को वर्ष की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय शहडोल एवं सिविल न्यायालय ब्यौहारी, बुढ़ार तथा जयसिंहनगर में किया गया। जिला शहडोल में नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला न्यायालय शहडोल एवं सिविल न्यायालय ब्योहारी बुढ़ार तथा जयसिंहनगर में कुल 22 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया जिसमें, जिला न्यायालय शहडोल में 11 खंडपीठ, तहसील न्यायालय ब्यौहारी में 4 खंडपीठ, तहसील न्यायालय बुढ़ार में 4 खंडपीठ एवं तहसील न्यायालय जयसिंहनगर में 3 खंडपीठ गठित किए गए है।

नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल काशीनाथ सिंह द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया। उपरांत उनके द्वारा नेशनल लोक अदालत से होने वाले लाभ के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए व्यक्त किया गया कि लोक अदालत में राजीनामा के माध्यम से प्रकरण समाप्त कराये जाने पर दोनों पक्षों की जीत होती है एवं उनका मुकदमा पूर्ण रूप से समाप्त हो जाता है जिसकी अपील भी नहीं होती। इसके अलावा पक्षकारों द्वारा वाद शुल्क की वापसी हो जाती है। पारिवारिक मामलों में सुलह होने से कई परिवार टूटने से बच जाते हैं साथ ही उन्हांेने समस्त अधिवक्ता एवं उपस्थित जनों से आव्हान किया। इस लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का राजीनामा के माध्यम से निराकरण कराकर उक्त कार्यक्रम को सफल बनावें।

इस नेशनल लोक अदालत में कुल 752 लंबित प्रकरण एवं 2152 प्री-लिटिगेशन प्रकरण इस प्रकार कुल 2904 प्रकरणों का निराकरण हुआ जिसमें कुल 8,66,30,442/- राशि का अवार्ड पारित हुआ जिसमें से मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों के कुल 142 प्रकरण चेक अनादरण के 85 आपराधिक राजीनामा योग्य 268 वैवाहिक विवाद के 46 विद्युत विभाग के 106 लंबित एवं अन्य 2152 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया।

ना तुम जीते, ना हम हारे, सुलह व सहमति से नेशनल लोक अदालत में निपटे 1942 प्रकरण, 112,760,667/-रूपये के अवॉर्ड पारित


छिंदवाड़ा

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार परस्पर समझौते के आधार पर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिये जाने के उद्देश्य से दिनांक 12 सितम्बर-2026 की साल  की तीसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय छिंदवाड़ा तथा तहसील न्यायालय परासिया, चौरई, पांढुर्णा, सौंसर, जुन्नारदेव, अमरवाड़ा, हर्रई, तामिया में सुशांत हुद्दार, प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिन्दवाड़ा के कुशल नेतृत्व में किया गया। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिंदवाडा के द्वारा अन्य न्यायाधीशगणों, अधिवक्ता संघ के सदस्यों तथा अन्य विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

        नेशनल लोक अदालत में 35 खण्डपीठों के द्वारा मोटर दुर्घटना के 47 प्रकरणों में 19596724/-रूपये एवं चेक वाउन्स के 286 प्रकरणों में 64908418/- रूपये, विद्युत अधिनियम के 70 प्रकरणो में 1250801/- रूपये की अवार्ड पारित किये गये तथा अन्य सिविल प्रकृति के 36 प्रकरणो में 5109747/- रूपये के अवार्ड पारित किये गये, इसी प्रकार अन्य प्रकृति के 73 प्रक्ररणांे में 10029920/- तथा राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण 145 पारिवारिक विवाद के 124 प्रकरण, तथा यातायत चालान के 126 प्रक्ररण सभी प्रकार के लंबित कुल 909  प्रक्ररण आपसी सुलह समझौते के आधार पर निराकृत हुए जिनमें 102627110/- रूपये के अवॉर्ड राशि के आदेश पारित किये गये।

           इसी प्रकार प्रिलिटिगेशन प्रकरणों में बैंक बकाया वसूली के 20 प्रकरणों में 1285950/- नगर निगम/नगरपालिका के जलकर के 232 प्रकरणों में 1180512/- एवं विद्युत विभाग के प्रिलिटिगेशन के 553 प्रकरणों में 4906385/- इस प्रक्रार कुल 1033 प्र्रकरण आपसी राजीरामा के अधार पर निराकृत हुए जिनमें  10133557/-रूपये के अवॉर्ड राशि के आदेश पारित किये गये।

उक्त नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशांत हुद्दार के द्वारा प्रातः 10ः30 बजे दीप प्रज्वलित कर किया गया इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश सुधीर मिश्रा सहित समस्त न्यायाधीशगण एवं जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजकुमार मिश्रा एवं अधिवक्ता संघ के समस्त कार्यकारिणी, न्यायालय के कर्मचारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहें।

         जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिन्दवाड़ा के सचिव/न्यायाधी राकेश सिंह ने सफल नेशनल लोक अदालत के आयोजन पर समस्त माननीय न्यायाधीशगणों , अधिवक्तागणों का एवं समस्त विभागों के अधिकारियों तथा पक्षकारों का आभार व्यक्त किया।

श्रीलंका में वैदिक वृष्टि विज्ञान और AI के समन्वय पर डॉ. राजनाथ झा को मिला अंतरराष्ट्रीय ‘प्रोफेसर अवार्ड-2026

*भारतीय ज्ञान परंपरा का ऐतिहासिक परचम* 


*न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना*

श्रीलंका

भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक के समन्वय को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करते हुए पटना स्थित ज्योतिर्वेद विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. राजनाथ झा को श्रीलंका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में ‘प्रोफेसर अवार्ड-2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके शोध-वक्तव्य “भारतीय ज्योतिष शास्त्र में वृष्टि विज्ञान और वर्तमान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)” के लिए प्रदान किया गया।

यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इंटरनेशनल ज्योतिष वैदिक फेडरेशन (IVAF), U.S.A. के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें भारत सहित अमेरिका, यूरोप, नेपाल, मॉरीशस और श्रीलंका के विद्वानों, शोधार्थियों तथा वैदिक अध्ययन से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया।

अपने शोध-पत्र में डॉ. राजनाथ झा ने भारतीय ज्योतिष परंपरा में वर्णित वृष्टि-विज्ञान, मेघ-गर्भ लक्षण, खगोलीय स्थितियों, वायु-दिशाओं तथा प्राकृतिक संकेतों की चर्चा करते हुए इनके अध्ययन की आधुनिक डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के साथ संभावित समन्वय पर अपना शोध प्रस्तुत किया।

उन्होंने विशेष रूप से यह रेखांकित किया कि प्राचीन भारतीय ग्रंथों में सुरक्षित प्राकृतिक एवं मौसमी संकेतों का आधुनिक मौसम संबंधी आंकड़ों, उपग्रह चित्रों और कंप्यूटर आधारित विश्लेषण के साथ तुलनात्मक अध्ययन किया जाए तो वर्षा, अतिवृष्टि, अनावृष्टि और मौसमीय परिवर्तनों के पूर्वानुमान के नए शोध-द्वार खुल सकते हैं।

डॉ. झा ने अपने प्रस्तुतीकरण में वराहमिहिर सहित भारतीय ज्योतिष परंपरा के ग्रंथों में वर्णित प्राकृतिक संकेतों और आधुनिक तकनीकी विश्लेषण के बीच संवाद स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि भारतीय ज्ञान परंपरा को केवल अतीत की विरासत के रूप में देखने के बजाय आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों के साथ जोड़कर उसके वैज्ञानिक पक्षों का पुनः परीक्षण किया जाना चाहिए।

सम्मेलन की अध्यक्षता श्रीलंका के प्रतिष्ठित पेराडेनिया विश्वविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. वेन. जम्बुगहपिटिये धम्मलोक ने की। उन्होंने डॉ. राजनाथ झा को सम्मान एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया।

इस अवसर पर इंटरनेशनल ज्योतिष वैदिक फेडरेशन की चेयरमैन दिव्या पिलई, एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. मनीष पाण्डेय सहित विभिन्न देशों से आए विद्वान एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

डॉ. झा के शोध-वक्तव्य में भारतीय पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के बीच संभावित संवाद को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों ने भारतीय ज्ञान परंपरा के आधुनिक संदर्भों में अध्ययन और पुनर्व्याख्या की आवश्यकता पर भी विचार व्यक्त किए।

श्रीलंका के अंतरराष्ट्रीय मंच पर डॉ. राजनाथ झा को मिला यह सम्मान बिहार सहित भारतीय ज्योतिष, संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े अकादमिक जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

उनका यह शोध-विषय इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि परंपरागत भारतीय ज्ञान और आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बीच संवाद स्थापित कर प्राकृतिक घटनाओं के अध्ययन की नई संभावनाओं पर विमर्श आगे बढ़ाया जा सकता है।

डॉ. राजनाथ झा का सम्मान भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक अकादमिक विमर्श से जोड़ने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।

आदिवासी छात्रों का भविष्य लील गई प्राचार्य की तानाशाही, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा में एक भी पंजीयन नही, अंतिम तिथि खत्म

* बड़ी तुम्मी विद्यालय का मामला, प्राचार्य पर कार्यवाही की मांग*


अनूपपुर

आदिवासी विकासखंड पुष्पराजगढ़ के आदिवासी अंचल स्थित शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़ी तुम्मी में प्राचार्य की तानाशाही ने कक्षा 8वीं के 12 गरीब आदिवासी छात्रों के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है।

राज्य शिक्षा केंद्र की महत्वपूर्ण योजना राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा 2026-27 जो कक्षा 8वीं के छात्रों के लिए आयोजित की जानी थी, उसमें बड़ी तुम्मी विद्यालय में अध्ययनरत 12 छात्रों का पंजीयन होना था, लेकिन पंजीयन न होने के कारण इन सभी छात्रों के भविष्य में अंधकार के बादल छा गए हैं। यह योजना चयनित गरीब छात्रों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति देती है।

विकासखंड स्रोत समन्वयक हर प्रसाद तिवारी द्वारा 22 अगस्त 2026 को जारी प्रगति प्रतिवेदन के अनुसार पडमनिया संकुल के 10 विद्यालयों ने जहाँ शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है, वहीं बड़ी तुम्मी में 12 छात्रों के लक्ष्य के विरुद्ध एक भी पंजीयन नहीं हुआ और अब अंतिम तिथि समाप्त होने से पंजीयन की कोई संभावना नहीं बची है।

राष्ट्रीय छात्रवृत्ति प्रतियोगिता परीक्षा में छात्रों के पंजीयन की जिम्मेदारी संबंधित प्राचार्य के पासवर्ड लॉगिन से होनी थी, किन्तु आदिवासी छात्रों को सबक सिखाने के लिए बैठे प्राचार्य ने छात्रों का पंजीयन न कर राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा में सिर्फ उन्हें बाहर का रास्ता नहीं दिखाया अपितु इन छात्रों के सुनहरे भविष्य में कील ठोंक कर उन्हें गरीबी और कंगाली की ओर ढकेल दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि गत वर्ष भी प्राचार्य ने एक भी पंजीयन नहीं कराया था जिसकी शिकायत आयुक्त शहडोल संभाग और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में हुई थी लेकिन शिक्षा विभाग ने कोई कार्यवाही नहीं की। कार्यवाही न होने से प्राचार्य के हौसले बुलंद हैं और इस वर्ष भी वही लापरवाही दोहराई गई।

अब पालकों का साफ कहना है कि इस घोर लापरवाही के लिए प्राचार्य पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि शिक्षा विभाग क्या करेगा, क्योंकि पिछले साल कार्यवाही न होने के कारण ही छात्रों का मनोबल पूरी तरह टूट चुका है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। लगातार दो साल से आदिवासी छात्रों को प्राचार्य की तानाशाही की कीमत चुकानी पड़ रही है। न जाने इतनी महत्वपूर्ण शासन की योजना में लापरवाही बरतने के बावजूद जिले के आला अधिकारी और राज्य स्तर के अधिकारी एक प्राचार्य के सामने बौने साबित हो रहे हैं।

नदी में मछली पकड़ने के दौरान करंट से युवक की हुई मौत, दोस्तो ने शव को दफनाया, दो आरोपी गिरफ्तार


उमरिया 

जिले के ग्राम मगरघरा में मछली पकड़ने के दौरान करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद उसके साथ मौजूद दो दोस्तों ने मामले को छिपाने के लिए शव को गड्ढा खोदकर दफना दिया और मौके से फरार हो गए।

युवक के लापता होने के बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस जांच में पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और जांच के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

मृतक और उसके दो दोस्त घर से नदी में मछली पकड़कर पार्टी करने की योजना बनाकर निकले थे। तीनों ने मछली पकड़ने के लिए उन्होंने कथित तौर पर बिजली चोरी कर नदी में बिजली का तार डालने की योजना बनाई। जैसे ही बिजली का तार नदी के पानी में डाला गया, उसी दौरान एक युवक करंट की चपेट में आ गया। करंट का तेज झटका लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

अचानक हुई इस घटना से घबराए दोनों दोस्तों ने पुलिस और परिजनों को सूचना देने के बजाय घटना को छिपाने का फैसला किया। दोनों ने मिलकर नदी के पास एक गड्ढा खोदा और मृतक युवक के शव को उसमें दफना दिया। इसके बाद दोनों वहां से चले गए।

युवक के घर नहीं पहुंचने पर परिजनो ने थाना में सूचना दी। तलाश के दौरान परिजनों को एक स्थान पर ताजी मिट्टी दिखाई दी। उन्हें शक हुआ कि वहां कुछ छिपाया गया है। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध स्थान पर खुदाई कराई। खुदाई के दौरान युवक का शव बरामद हुआ। जांच के दौरान मृतक के दोनों दोस्तों की भूमिका सामने आई। 

राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष व पूर्व विधायक को भाजपा कार्यकर्ता ने फेसबुक पर की अभद्र टिप्पणी, दी गाली

*कुत्ता, कमीना, नीच व सुअर की औलाद, साला जैसे अपशब्दों का उपयोग, भाजपा कार्यकर्ताओं ने सौपा ज्ञापन, लक्ष्मीनारायण पर FIR की मांग*


अनूपपुर

भारतीय जनता पार्टी के अनूपपुर ग्रामीण चचाई मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रामलाल रौतेल के फेसबुक पोस्ट पर कथित तौर पर अश्लील, अभद्र, गाली-गलौज कुत्ता, कमीना, नीच व सुअर की औलाद साला जैसे अपमानजनक टिप्पणियां किए जाने के मामले में थाना चचाई में सामूहिक ज्ञापन सौंपकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने बताया कि रामलाल रौतेल के फेसबुक अकाउंट पर एक फोटो पोस्ट की गई थी। आरोप है कि इसी सार्वजनिक पोस्ट पर लक्ष्मीनारायण गुप्ता नामक फेसबुक यूजर द्वारा कई आपत्तिजनक एवं कथित रूप से अशोभनीय टिप्पणियां की गईं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की भाषा का सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल किसी सामान्य राजनीतिक असहमति या आलोचना की श्रेणी में नहीं आता, बल्कि इससे सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति की प्रतिष्ठा एवं गरिमा प्रभावित होती है।


रामलाल रौतेल भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और दो बार विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में वे मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और असहमति व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन असहमति की आड़ में अश्लील एवं गाली-गलौज वाली भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।


भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करते हुए उपलब्ध स्क्रीनशॉट एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित फेसबुक यूजर की वास्तविक पहचान और प्रोफाइल का सत्यापन करने तथा फेसबुक पोस्ट, कमेंट, प्रोफाइल लिंक, कमेंट URL, दिनांक एवं समय सहित आवश्यक डिजिटल साक्ष्य संकलित करने की मांग की गई है।


ज्ञापन में मामले की तकनीकी जांच साइबर सेल के माध्यम से कराने और जांच में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 356 सहित अन्य लागू धाराओं के तहत FIR दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मामले में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए भविष्य में सोशल मीडिया पर इस प्रकार की कथित अभद्रता की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।

बिना नंबर प्लेट एवं वैध ईटीपी के रेत परिवहन करते दो 12-चक्का हाइवा जब्त


शहडोल 

अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 12 सितंबर 2026 को रात्रि 3ः00 बजे से प्रातः 4ः30 बजे तक जयसिंहनगर अनुविभाग की राजस्व टीम द्वारा नायब तहसीलदार सनी द्विवेदी के नेतृत्व में तथा ब्यौहारी अनुविभाग की राजस्व टीम द्वारा डिप्टी कलेक्टर गैलेक्सी नागपुरे के नेतृत्व में पुलिस की सहायता से अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान ग्राम झरोसी, तहसील ब्यौहारी में अवैध रेत का परिवहन कर रहे दो 12-चक्का हाइवा वाहनों को पकड़ा गया। दोनों वाहन रीवा की ओर अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे थे। जांच के दौरान दोनों वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं लगी पाई गई तथा दोनों वाहनों के पास वैध ईटीपी भी उपलब्ध नहीं था।

वाहनों को पकड़ने के दौरान एक हाइवा वाहन का चालक मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे हाइवा वाहन के चालक को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान वाहन चालक ने बताया कि हाइवा में रेत ग्राम रसपुर से भरी गई थी। राजस्व एवं पुलिस टीम द्वारा दोनों वाहनों को अभिरक्षा में लेकर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

सड़क न होने से महिला का शव गांव तक बैलगाड़ी से लाना पड़ा, जनप्रतिनिधि नही बनवा पाए सड़क


शहडोल 

जिले के आखेटपुर स्थित डाला टोला गांव में पक्की सड़क नहीं होने का खामियाजा एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसके परिजनों और ग्रामीणों को भुगतना पड़ा। शनिवार को सड़क के अभाव में एंबुलेंस महिला का शव घर तक नहीं पहुंचा सकी और करीब एक किलोमीटर पहले ही रोकनी पड़ी। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को बैलगाड़ी पर रखकर घर तक पहुंचाया। घटना का वीडियो भी सामने आने के बाद विकास के दावों पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार डाला टोला निवासी श्याम कली पटेल (70) लंबे समय से बीमार थीं। उनका स्थानीय अस्पताल के साथ नागपुर में भी इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान नागपुर में उनकी मौत हो गई। शनिवार सुबह जब उनका शव गांव पहुंचा तो घर तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस करीब एक किलोमीटर पहले ही रुक गई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों को शव बैलगाड़ी पर रखकर घर तक ले जाना पड़ा।

घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क की समस्या को लेकर विरोध जताया। उनका कहना है कि डाला टोला में सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या से अवगत कराया लेकिन अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका है। उनका आरोप है कि हर बार सड़क बनवाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

कांग्रेस नेता और जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ कई बार अधिकारियों से मुलाकात की गई है। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि महिला की मौत के बाद शव को बैलगाड़ी से घर पहुंचाने की स्थिति ने गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था की पोल खोल दी है। ग्रामीणों ने अब सड़क निर्माण के लिए जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है।

इलाज मांगने पहुंची अधिवक्ता ने लगाए सनसनीखेज आरोप, डॉक्टरों पर शिकायत वापस कराने का दबाव


शहडोल

जयसिंहनगर सिविल अस्पताल में इलाज कराने पहुंची महिला अधिवक्ता के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। अधिवक्ता संध्या तिवारी का आरोप है कि पेट में तेज दर्द होने पर वह अस्पताल पहुंचीं, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर आशुतोष मिश्रा और पुष्पराज पटेल ने ओपीडी का समय खत्म होने की बात कहकर इलाज करने से इनकार कर दिया। शिकायत के अनुसार, दर्द से परेशान संध्या ने डॉक्टरों से कम से कम ऐसी दवा देने का अनुरोध किया, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सके। आरोप है कि इस पर दोनों डॉक्टरों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अस्पताल से चले जाने को कहा।

संध्या के साथ पड़ोस की एक युवती भी अस्पताल पहुंची थी। महिला अधिवक्ता का कहना है कि युवती पूरी घटना की प्रत्यक्ष गवाह है। अस्पताल से निकलने के बाद उन्होंने पास के मेडिकल स्टोर से दर्द की दवा खरीदी और सेवन किया। इसके बाद जयसिंहनगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

संध्या का आरोप है कि घटना के अगले दिन जब वह जयसिंहनगर न्यायालय में मौजूद थीं, तभी दोनों डॉक्टर भी एक मामले में पेशी के लिए वहां पहुंचे। आरोप है कि डॉक्टरों ने कई पक्षकारों के सामने उन्हें धमकाते हुए शिकायत और सीएम हेल्पलाइन वापस लेने के लिए कहा। महिला अधिवक्ता का कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों ने भी यह बातचीत सुनी है और जरूरत पड़ने पर वह उनके बयान दर्ज करा सकती हैं। संध्या ने पुलिस से अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर जांच कराने की मांग की है। 

सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि शिकायत सामने आई है। मामले की जांच के लिए दल गठित किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। 

45 हजार के गांजा के साथ एक आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


अनूपपुर

पुलिस को मुखबिर सूचना मिली कि एक व्यक्ति जो नीले रंग का सर्ट पहना है, काले रंग का पिट्ठू बैग रखा है, वह व्यक्ति की उम्र लगभग 35 वर्ष होगी, वह व्यक्ति अपने बैग में अवैध रूप से गांजा रखा है, जो रेल्वे लाइन के किनारे सब एरिया स्कूल के पीछे बने शिव मंदिर के पास बैठा है, किसी का इंतजार कर रहा है। सूचना पर संदेही जेम्स विलियम पात पिता पीटल पाल उम्र 36 साल निवासी लक्ष्मी बाई वार्ड बिलहरी जबलपुर के काले रंग के पिट्टू बैग का तलाशी लिया गया, उसके बैग के अंदर 03 पैकेट मादक पदार्थ प्लास्टिक पन्नी लिपटा हुआ मिला गाँजा मिला। गांजा को पुलिस स्टाफ के मदद से अलग अलग 03 पैकेटों को खोलवाकर एक सफेद रंग की पन्नी में भरकर पुनः तौल किया गया जो कुल गांजा की मात्रा 03 किलो 16 ग्राम कीमत 45 हजार रूपये है। मादक पदार्थ को सफेद रंग के काटन कपड़ा से सुई धागा से सिलाई कर थाना चचाई के पीतल की सील चपड़ा से सील बंद किया गया। उक्त आरोपी का कृत्य धारा 8/20 बी एनडीपीएस एक्ट के तहत दण्डनीय अपराध पाये जाने पर गिरफ्तार किया गया। आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया। आरोपी को न्यायालय अनूपपुर के समक्ष पेश करते हुए जिला जेल अनूपपुर में दाखिल किया गया है।

कार्यालय से गायब रहती है सीएमओ, कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, पार्षद ने कलेक्टर से जांच की मांग

*पार्षद ने जनहित पर आंदोलन की दी चेतावनी*


अनूपपुर। नगर परिषद बरगवां-अमलाई में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की कथित अनियमित उपस्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-02 के पार्षद एवं लोक निर्माण, जल कार्य विभाग, आवास एवं पर्यावरण समिति के सभापति सौरभ दास कोरी ने कलेक्टर अनूपपुर को पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की है।

पार्षद ने पत्र में आरोप लगाया है कि शासन द्वारा निर्धारित कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक है, लेकिन सीएमओ द्वारा नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने की शिकायत सामने आ रही है। नगर परिषद में बायोमेट्रिक/ऑनलाइन उपस्थिति (पंचिंग) की व्यवस्था होने के बावजूद इसका अपेक्षित पालन नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पार्षद के अनुसार सीएमओ कई दिनों में कथित तौर पर दोपहर 12 से 1 बजे अथवा 3 से 4 बजे के बीच सीमित समय के लिए कार्यालय आती हैं और इसके बाद चली जाती हैं।

पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि टीएल बैठक के अलावा अन्य दिनों में फील्ड विजिट या बैठकों का हवाला देकर कार्यालय से अनुपस्थित रहने की स्थिति बनी रहती है। उनका कहना है कि इसका सीधा असर नगर परिषद के कामकाज और आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा है। प्रमाण पत्र, पेंशन और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को कथित तौर पर लंबे समय तक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

पत्र में नगर परिषद की प्रशासनिक एवं निर्माण संबंधी कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पार्षद ने आरोप लगाया कि समय पर टेंडर जारी नहीं होने, टेंडर प्रक्रिया में विलंब, बिना एफडीआर कार्य शुरू किए जाने तथा समय सीमा समाप्त होने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरे पड़े रहने जैसी शिकायतें हैं। संबंधितों को समय पर नोटिस जारी नहीं किए जाने की बात भी पत्र में कही गई है।

पार्षद सौरभ दास कोरी ने कलेक्टर से मांग की है कि पिछले तीन माह की बायोमेट्रिक उपस्थिति और सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही टीएल बैठक के दिनों को छोड़कर सीएमओ की वास्तविक उपस्थिति, मूवमेंट रजिस्टर और फील्ड विजिट से संबंधित लॉगबुक की भी जांच कराने की मांग की गई है।

उन्होंने शासकीय समय में अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक अनुशासनात्मक निर्देश जारी करने की मांग की है। पार्षद ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की जांच नहीं कराई गई तो जनहित में उच्च स्तर पर आंदोलन एवं आवश्यक विधिक प्रक्रिया अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। 

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कार्यालय से गायब रहती है सीएमओ, कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, पार्षद ने कलेक्टर से जांच की मांग

*पार्षद ने जनहित पर आंदोलन की दी चेतावनी*

अनूपपुर। नगर परिषद बरगवां-अमलाई में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की कथित अनियमित उपस्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-02 के पार्षद एवं लोक निर्माण, जल कार्य विभाग, आवास एवं पर्यावरण समिति के सभापति सौरभ दास कोरी ने कलेक्टर अनूपपुर को पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की है।

पार्षद ने पत्र में आरोप लगाया है कि शासन द्वारा निर्धारित कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक है, लेकिन सीएमओ द्वारा नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने की शिकायत सामने आ रही है। नगर परिषद में बायोमेट्रिक/ऑनलाइन उपस्थिति (पंचिंग) की व्यवस्था होने के बावजूद इसका अपेक्षित पालन नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पार्षद के अनुसार सीएमओ कई दिनों में कथित तौर पर दोपहर 12 से 1 बजे अथवा 3 से 4 बजे के बीच सीमित समय के लिए कार्यालय आती हैं और इसके बाद चली जाती हैं।

पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि टीएल बैठक के अलावा अन्य दिनों में फील्ड विजिट या बैठकों का हवाला देकर कार्यालय से अनुपस्थित रहने की स्थिति बनी रहती है। उनका कहना है कि इसका सीधा असर नगर परिषद के कामकाज और आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा है। प्रमाण पत्र, पेंशन और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को कथित तौर पर लंबे समय तक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

पत्र में नगर परिषद की प्रशासनिक एवं निर्माण संबंधी कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पार्षद ने आरोप लगाया कि समय पर टेंडर जारी नहीं होने, टेंडर प्रक्रिया में विलंब, बिना एफडीआर कार्य शुरू किए जाने तथा समय सीमा समाप्त होने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरे पड़े रहने जैसी शिकायतें हैं। संबंधितों को समय पर नोटिस जारी नहीं किए जाने की बात भी पत्र में कही गई है।

पार्षद सौरभ दास कोरी ने कलेक्टर से मांग की है कि पिछले तीन माह की बायोमेट्रिक उपस्थिति और सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही टीएल बैठक के दिनों को छोड़कर सीएमओ की वास्तविक उपस्थिति, मूवमेंट रजिस्टर और फील्ड विजिट से संबंधित लॉगबुक की भी जांच कराने की मांग की गई है।

उन्होंने शासकीय समय में अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक अनुशासनात्मक निर्देश जारी करने की मांग की है। पार्षद ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की जांच नहीं कराई गई तो जनहित में उच्च स्तर पर आंदोलन एवं आवश्यक विधिक प्रक्रिया अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। 

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45 हजार के गांजा के साथ एक आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

अनूपपुर

पुलिस को मुखबिर सूचना मिली कि एक व्यक्ति जो नीले रंग का सर्ट पहना है, काले रंग का पिट्ठू बैग रखा है, वह व्यक्ति की उम्र लगभग 35 वर्ष होगी, वह व्यक्ति अपने बैग में अवैध रूप से गांजा रखा है, जो रेल्वे लाइन के किनारे सब एरिया स्कूल के पीछे बने शिव मंदिर के पास बैठा है, किसी का इंतजार कर रहा है। सूचना पर संदेही जेम्स विलियम पात पिता पीटल पाल उम्र 36 साल निवासी लक्ष्मी बाई वार्ड बिलहरी जबलपुर के काले रंग के पिट्टू बैग का तलाशी लिया गया, उसके बैग के अंदर 03 पैकेट मादक पदार्थ प्लास्टिक पन्नी लिपटा हुआ मिला गाँजा मिला। गांजा को पुलिस स्टाफ के मदद से अलग अलग 03 पैकेटों को खोलवाकर एक सफेद रंग की पन्नी में भरकर पुनः तौल किया गया जो कुल गांजा की मात्रा 03 किलो 16 ग्राम कीमत 45 हजार रूपये है। मादक पदार्थ को सफेद रंग के काटन कपड़ा से सुई धागा से सिलाई कर थाना चचाई के पीतल की सील चपड़ा से सील बंद किया गया। उक्त आरोपी का कृत्य धारा 8/20 बी एनडीपीएस एक्ट के तहत दण्डनीय अपराध पाये जाने पर गिरफ्तार किया गया। आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया। आरोपी को न्यायालय अनूपपुर के समक्ष पेश करते हुए जिला जेल अनूपपुर में दाखिल किया गया है।

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साप्ताहिक समीक्षा बैठक और जनसुनवाई हुई संपन्न, विकास कार्यों और जनसमस्याओं पर हुआ मंथन

अनूपपुर

नगर परिषद डूमरकछार के सभागार कक्ष में स्थानीय विकास कार्यों और विभागीय योजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा बैठक एवं जनसुनवाई का आयोजन 12 सितंबर को किया गया,इस बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद के अध्यक्ष एवं जिला योजना समिति के सदस्य डॉ. सुनील कुमार चौरसिया के द्वारा की गयी। 

बैठक निकाय में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी शरद गौतम के मार्गदर्शन में कमलेश त्रिपाठी और शिवलखन धनवार के देखरेख में परिषद के सभापति,विभिन्न वार्डों के पार्षदगण,पार्षद  प्रतिनिधि,सहायक राजस्व उपनिरीक्षक,लेखापाल, परिषद के अन्य अधिकारी और समस्त विभागों के प्रभारी व कर्मचारियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। 

बैठक के दौरान विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड क्षेत्र की समस्याओं जैसे पेयजल आपूर्ति,जर्जर सड़कों की मरम्मत,स्वच्छता, आगामी गणेश पूजा एवं आने वाले अन्य त्योहारों में सार्वजनिक पूजा पंडालों की साफ-सफाई,जाम नालियों की सफाई व्यवस्था को प्रमुखता से रखा गया,संबंधित कार्यों को जनहित में शीघ्र कराए जाने के निर्देश विभाग प्रभारियों को दिए गए।

डॉ. सुनील कुमार चौरसिया ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लंबित कार्यों का निपटारा समय सीमा के भीतर किया जाए अन्यथा की स्थिति में आपके विरुद्ध की गयी कार्यवाही की जिम्मेदारी आपकी स्वयं की होगी। बैठक के अंत में नगर के चहुंमुखी विकास के लिए जनहित में सभी पार्षदों और कार्मिक अमले को आपसी समन्वय बनाकर निकाय हित मे काम करने  की बात निकाय अध्यक्ष के द्वारा कही गयी।

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इलाज मांगने पहुंची अधिवक्ता ने लगाए सनसनीखेज आरोप, डॉक्टरों पर शिकायत वापस कराने का दबाव

शहडोल

जयसिंहनगर सिविल अस्पताल में इलाज कराने पहुंची महिला अधिवक्ता के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। अधिवक्ता संध्या तिवारी का आरोप है कि पेट में तेज दर्द होने पर वह अस्पताल पहुंचीं, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर आशुतोष मिश्रा और पुष्पराज पटेल ने ओपीडी का समय खत्म होने की बात कहकर इलाज करने से इनकार कर दिया। शिकायत के अनुसार, दर्द से परेशान संध्या ने डॉक्टरों से कम से कम ऐसी दवा देने का अनुरोध किया, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सके। आरोप है कि इस पर दोनों डॉक्टरों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अस्पताल से चले जाने को कहा।

संध्या के साथ पड़ोस की एक युवती भी अस्पताल पहुंची थी। महिला अधिवक्ता का कहना है कि युवती पूरी घटना की प्रत्यक्ष गवाह है। अस्पताल से निकलने के बाद उन्होंने पास के मेडिकल स्टोर से दर्द की दवा खरीदी और सेवन किया। इसके बाद जयसिंहनगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

संध्या का आरोप है कि घटना के अगले दिन जब वह जयसिंहनगर न्यायालय में मौजूद थीं, तभी दोनों डॉक्टर भी एक मामले में पेशी के लिए वहां पहुंचे। आरोप है कि डॉक्टरों ने कई पक्षकारों के सामने उन्हें धमकाते हुए शिकायत और सीएम हेल्पलाइन वापस लेने के लिए कहा। महिला अधिवक्ता का कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों ने भी यह बातचीत सुनी है और जरूरत पड़ने पर वह उनके बयान दर्ज करा सकती हैं। संध्या ने पुलिस से अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर जांच कराने की मांग की है। 

सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि शिकायत सामने आई है। मामले की जांच के लिए दल गठित किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। 

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स्कूल के विद्यार्थियों ने मिट्टी के श्री गणेश प्रतिमा निर्माण के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

उमरिया

गणेश उत्सव को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए “मिट्टी के श्री गणेश” ग्रीन गणेश अभियान के अंतर्गत सेंट्रल एकेडमी स्कूल, उमरिया में विद्यार्थियों के लिए गोबर एवं शुद्ध मिट्टी से श्री गणेश प्रतिमा निर्माण की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ सहभागिता की।

यह कार्यक्रम कलेक्टर  राखी सहाय एवं जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के मार्गदर्शन में युवा टीम उमरिया, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित किया गया। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को गोबर एवं शुद्ध मिट्टी से पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमा तैयार करने की विधि बताई गई। विद्यार्थियों ने स्वयं अपने हाथों से गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर प्राकृतिक सामग्री के उपयोग एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

 स्कूल प्रिंसिपल सोनिया मिश्रा ने कहा कि बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए इस तरह की गतिविधियां बेहद महत्वपूर्ण हैं। गणेश उत्सव हमारी आस्था और संस्कृति से जुड़ा पर्व है। यदि हम प्राकृतिक सामग्री से गणेश प्रतिमा बनाकर उत्सव मनाएं तो इससे हमारी परंपरा के साथ-साथ पर्यावरण की भी रक्षा होगी। उन्होंने युवा टीम उमरिया के इस प्रयास की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

युवा टीम उमरिया अध्यक्ष के हिमांशु तिवारी ने बताया कि “मिट्टी के श्री गणेश” अभियान का उद्देश्य गणेश उत्सव को पर्यावरण हितैषी बनाना और विद्यार्थियों के माध्यम से घर-घर पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाना है। 

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सड़क न होने से महिला का शव गांव तक बैलगाड़ी से लाना पड़ा, जनप्रतिनिधि नही बनवा पाए सड़क

शहडोल 

जिले के आखेटपुर स्थित डाला टोला गांव में पक्की सड़क नहीं होने का खामियाजा एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसके परिजनों और ग्रामीणों को भुगतना पड़ा। शनिवार को सड़क के अभाव में एंबुलेंस महिला का शव घर तक नहीं पहुंचा सकी और करीब एक किलोमीटर पहले ही रोकनी पड़ी। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को बैलगाड़ी पर रखकर घर तक पहुंचाया। घटना का वीडियो भी सामने आने के बाद विकास के दावों पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार डाला टोला निवासी श्याम कली पटेल (70) लंबे समय से बीमार थीं। उनका स्थानीय अस्पताल के साथ नागपुर में भी इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान नागपुर में उनकी मौत हो गई। शनिवार सुबह जब उनका शव गांव पहुंचा तो घर तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस करीब एक किलोमीटर पहले ही रुक गई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों को शव बैलगाड़ी पर रखकर घर तक ले जाना पड़ा।

घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क की समस्या को लेकर विरोध जताया। उनका कहना है कि डाला टोला में सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या से अवगत कराया लेकिन अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका है। उनका आरोप है कि हर बार सड़क बनवाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

कांग्रेस नेता और जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ कई बार अधिकारियों से मुलाकात की गई है। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि महिला की मौत के बाद शव को बैलगाड़ी से घर पहुंचाने की स्थिति ने गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था की पोल खोल दी है। ग्रामीणों ने अब सड़क निर्माण के लिए जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है।

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बिना नंबर प्लेट एवं वैध ईटीपी के रेत परिवहन करते दो 12-चक्का हाइवा जब्त

शहडोल 

अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 12 सितंबर 2026 को रात्रि 3ः00 बजे से प्रातः 4ः30 बजे तक जयसिंहनगर अनुविभाग की राजस्व टीम द्वारा नायब तहसीलदार श्री सनी द्विवेदी के नेतृत्व में तथा ब्यौहारी अनुविभाग की राजस्व टीम द्वारा डिप्टी कलेक्टर श्री गैलेक्सी नागपुरे के नेतृत्व में पुलिस की सहायता से अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान ग्राम झरोसी, तहसील ब्यौहारी में अवैध रेत का परिवहन कर रहे दो 12-चक्का हाइवा वाहनों को पकड़ा गया। दोनों वाहन रीवा की ओर अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे थे। जांच के दौरान दोनों वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं लगी पाई गई तथा दोनों वाहनों के पास वैध ईटीपी भी उपलब्ध नहीं था।

वाहनों को पकड़ने के दौरान एक हाइवा वाहन का चालक मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे हाइवा वाहन के चालक को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान वाहन चालक ने बताया कि हाइवा में रेत ग्राम रसपुर से भरी गई थी। राजस्व एवं पुलिस टीम द्वारा दोनों वाहनों को अभिरक्षा में लेकर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

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राष्ट्रीय लोक अदालत मे मामले का संवाद, समझाइश के बाद राजीनामे से हुई समाप्ति

अनूपपुर

वर्ष 2019 में कालरी में काम करने वाले भालूमाड़ा क्षेत्र के दो कर्मचारियों के बीच पैसों के मामूली लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट और थाने में रिपोर्ट दर्ज होने तक पहुंच गया। कभी गहरी मित्रता रखने वाले दोनों पक्षों के बीच ऐसी कड़वाहट बढ़ी कि मामला करीब 7 साल तक न्यायालय में चलता रहा। इसी दौरान एक पक्ष का आरोपी इस वर्ष अन्य प्रकरण में जेल चला गया। आज दिनांक 12 सितंबर 2026, राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर मामला न्यायालय की मेज पर इस उम्मीद के साथ पहुंचा था कि जो बात सात साल में नहीं हो सकी, शायद आज हो जाए। कार्यवाही शुरू हुई और आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जैसे ही पुराने दोस्त की नजर स्क्रीन पर जेल में मौजूद अपने मित्र पर पड़ी, वर्षों पुरानी नाराज़गी मानो पिघलने लगी। पुरानी मित्रता फिर उमड़ आई और दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से अपने-अपने मामलों में राजीनामा कर विवाद को समाप्त करने का निर्णय लिया। न्यायाधीश अमनदीप सिंह छाबड़ा ने दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक सुना और उन्हें वर्षों से चले आ रहे विवाद को समाप्त कर आपसी सौहार्द एवं मित्रता के साथ आगे बढ़ने के लिए समझाइश दी। न्यायालय की ओर से किए गए प्रयासों से दोनों पक्षों के बीच समझौते की राह बनी और अंततः दो मामलों का राजीनामे के माध्यम से अंत हुआ। मामूली लेन-देन से शुरू हुई बात ने सात साल तक कानूनी लड़ाई का रूप लिया, लेकिन राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन संवाद, समझाइश और पुरानी दोस्ती ने इस विवाद को समाप्त कर दिया।

वन माफिया वनों में सागौन के वृक्षों का खुलेआम आरा चलाकर कर रहे हैं कत्लेआम आरा, शासन को करोड़ों की चपत

*रेत माफिया भी हुए बेलगाम, जिम्मेदार नींद में*


शहडोल

इन दिनों वन माफिया के चंगुल में बुरी तरह जकड़ चुका है और जंगल को जिस बेरहमी से उजाड़ा जा रहा है उसे देखकर यही लगता है कि अगर यही हाल रहा तो इस हरे-भरे वृत्त को रेगिस्तान में बदलते देर नहीं लगेगी।

हालात बेहद चिंताजनक हैं क्योंकि घुनघुटी वन परिक्षेत्र में खैर तस्करी के मामले की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि इसी वृत्त के बुढार, जैतपुर और शहडोल परिक्षेत्र के जंगलों में सागौन और साल की व्यापक तस्करी का नया खेल शुरू हो गया है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घुनघुटी में हजारों की तादाद में खैर के हरे-भरे पेड़ों की हुई कटाई के मामले ने वन मुख्यालय तक को हिला कर रख दिया है और इस मामले में वन मंडलाधिकारी उमरिया से जवाब-तलब किया गया है।

लेकिन बड़ा सवाल शहडोल वन मंडल की मुखिया पर खड़ा हो रहा है। वन मंडलाधिकारी शहडोल श्रद्धा पेंद्रो जो बड़ी-बड़ी डींगें हांकती हैं और खुद को सिंघम बनी घूमती हैं, उनकी कथित ईमानदारी की चुनरी पर बुढार के जंगलों में सागौन के वृक्षों पर चल रहे आरे के निशानों ने बड़ा दाग लगा कर रख दिया है। विभाग में ईमानदारी और सख्ती के बड़े-बड़े दावे करने वाली वन मंडलाधिकारी शहडोल के  नाक के नीचे ही आरक्षित वन उजड़ रहे हैं और उनके दावे खोखले साबित हो रहे हैं।

इसका पुख्ता सबूत बुढार वन परिक्षेत्र के धनपुरी बीट के आरक्षित वन क्षेत्र आरएफ 833 से मिला है जहां जीपीएस लोकेशन 23.155424, 81.525095 पर एक हरे-भरे विशाल सागौन के पेड़ को आरी से काट दिया गया है। फोटो में तने पर ताजा निशान साफ हैं। बुढार में सागौन-साल के हजारों वृक्षों की अवैध कटाई जारी है और खुलेआम आरा चल रहा है, जिससे शासन को करोड़ों की चपत लग रही है। तस्करी का तरीका संगठित है, दिन में रेकी और रात में कटाई कर लकड़ी अवैध आरा मशीनों पर खपाई जा रही है।

इधर शहडोल वन परिक्षेत्र में रेत माफिया भी बेलगाम है। जानकार सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार वन अमले द्वारा पकड़ी गई रेत की अवैध डग्गी को रेत माफिया छुड़ा ले गया। एक तरफ ईमानदारी की डींगें और दूसरी तरफ सागौन के जंगल उजड़ना और रेत की डग्गी का छूट जाना, यह पूरे अमले की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा ही रहा तो सदा हरा-भरा लहलहाता शहडोल वन वृत्त भी रेगिस्तान में बदल जाएगा और वन मंडलाधिकारी  की ईमानदारी के सारे दावे इन कटे हुए सागौन के ठूंठों तले दब कर रह जाएंगे।

पीकप ने बाइक को मारी टक्कर, युवक के सर पर चढ़ा पहिया, मौके पर हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर 

चचाई थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 31 वर्षीय बाइक सवार की मौत हो गई। सी चौराहा स्थित शारदा मंदिर के पास तेज रफ्तार अज्ञात पीकप वाहन ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद बाइक सवार सड़क पर गिर गया और पिकअप का पिछला पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक की पहचान 31 वर्षीय राजेंद्र गुप्ता, पिता सीताराम गुप्ता, निवासी वार्ड क्रमांक 20 चचाई के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार राजेंद्र शहडोल जिले के बुढार में रिलायंस कंपनी में कर्मचारी था। वह रात में ड्यूटी खत्म कर बाइक से अपने घर चचाई लौट रहा था। राजेंद्र घर से करीब दो किलोमीटर दूर ही था, तभी सी चौराहा से आगे शारदा मंदिर के पास अनूपपुर से अमलाई की ओर जा रहे अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी।

हादसे की सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा तैयार किया और रात में ही जिला चिकित्सालय अनूपपुर भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना स्थल के पास एक मकान में लगे CCTV कैमरे में हादसा कैद हुआ है। फुटेज में अज्ञात वाहन पिकअप दिखाई दे रहा है। पुलिस अब आसपास लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि पिकअप वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके।

नाबालिग किशोरी से छेड़छाड़ का आरोपी गिरफ्तार, निगरानी शुदा बदमाशो की पुलिस ने कराई परेड़


अनूपपुर

थाना चचाई जिला अनूपपुर नाबालिक बच्ची के साथ छेड़ छाड़ करने वाले आरोपी को 12 घण्टे के अंदर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।फरियादिया निवासी बरगंवा थाना चचाई जिला अनूपपुर की थाना आकर एक किता टाईप सुदा स्वयं के व्दारा हस्ताक्षरित आवेदन पत्र इस आशय का पेश करी कि आरोपी बृजभान के व्दारा मेरी नाबालिक लड़की के साथ बुरी नियत से सूने घर के अंदर घुसकर छेड़ा छाड़ करने के संबंध में पेश की फरियादिया के आवेदन पत्र मजमून से आरोपी बृजभान के विरूद्ध अपराध धारा 331(3), 74,75 (2) बीएनएस एवं 7/8 पाक्सो एक्ट का कायम कर विवेचना में लिया गया।

दौरान विवेचना मामले में धारा 3 (1) (W) (i), 3(2) (va) एसी/एसटी एक्ट का इजाफा करते हुए आरोपी बृजभान उर्फ चन्द्रभान पिता रामधनी निषाद उम्र 32 साल निवासी बख्योपुर थाना बदलापुर जिला जौनपुर (उ०प्र०) हाल सोडाफैक्ट्री बरगंवा को गिरफ्तार कर थाना लाया गया एवं थाना से माननीय न्यायलय पेश करते हुए जिला जेल में बंद कराया गया।

*निगरानीशुदा बदमाशों की पुलिस ने कराई परेड*

अनूपपुर

कोतमा में आगामी दिनों में गणेश चतुर्थी, नवरात्रि सहित अन्य त्योहारों को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोतमा पुलिस ने निगरानीशुदा, गुंडा बदमाश, लिस्टेड, जिलाबदर एवं आदतन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में थाना क्षेत्र के ऐसे बदमाशों को थाने में हाजिर कराकर उनकी परेड कराई गई।

थाना के अलग-अलग पुलिस टीमों ने बदमाशों की तलाश कर उन्हें थाने लाया। थाना परिसर में परेड के दौरान पुलिस ने बदमाशों के वर्तमान ठिकाने, उनके जीवन-यापन एवं गतिविधियों से संबंधित जानकारी ली। थाना प्रभारी ने उन्हें आगामी त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की शांति भंग करने वाली गतिविधि से दूर रहने की सख्त हिदायत दी। कुछ हिस्ट्रीशीटर एवं निगरानीशुदा बदमाश अभी पुलिस की पकड़ में नहीं आए हैं। उनकी तलाश जारी है। 

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