मोबाइल के बाद कीटनाशक दवा खरीदी के नाम पर ग्राम पंचायत ने किया गोल माल, सरकारी धन का दुरुपयोग

मोबाइल के बाद कीटनाशक दवा खरीदी के नाम पर ग्राम पंचायत ने किया गोल माल, सरकारी धन का दुरुपयोग


उमरिया

जिले की जनपद पंचायत करकेली की जरहा ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बताया जाता है कि जरहा ग्राम पंचायत में फर्जी बिलों के जरिये तरह तरह के हथकंडे अपना कर ग्राम पंचायत के जिम्मेदारो ने शासकीय धन राशि का व्यापक रूप से दोहन किया है। अभी हाल में ही मोबाइल खरीदी की आग ठंडी भी नहीं हुई थी, कीटनाशक खरीदी का मामला ग्राम पंचायत की भष्ट कार्य शैली को बेपर्दा करके रख दिया है। जरहा ग्राम पंचायत में अब कीटनाशक दवा खरीदी कर यह साबित किया है कि ग्राम पंचायत की राशि पर ग्राम हितों से ज्यादा निजी हित साधने में उपयोग करना कोई अपराध नही है। इसी लिए जब जैसे मन हुआ राशि आहरण कर उसे फर्जी बिलों के सहारे निपटाने की जुगत की जा रही है, मालुम होवे की इस ग्राम पंचायत में  पहले  5वें राज्य वित्त से ₹19,500 का मोबाइल खरीदकर विवादों में आई पंचायत, अब 15 दिन के अंदर ₹10,235 के कीटनाशक खरीद के बिलों को लेकर सवालों के घेरे में है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार अक्टूबर 2025 में मिश्रा टेडर्स नामक दूकान से 2 बिलों के माध्यम से भुगतान किया गया है। मिश्रा टेडर्स के बिल क्र 37 दिनांक 15-10-25 से राशि 8100.00 व्यय मदो और बिल क्र 98 दिनांक 21-10-25 के जरिये 2135.00 पांचवे राज्य वित्त से व्यय कर खरीदी की गयी है, इस प्रकार कीटनाशक के नाम पर 10,235.00 रूपये की चपत लगायी गई है। जो आफिस एवं अन्य व्यय मदों के नाम पर की गयी है। ग्राम पंचायत में हो रही इस नियम विरूद्ध खरीदी ने ग्राम पंचायत पर बडे सवाल खड़े कर दिये है कि आखिर कार इस कीटनाशक की उपयोगिता क्या थी, क्या यह सामग्री पंचायत आयी भी की नहीं, अगर उपयोग किया गया तो उसके फोटो ग्राप कहा है, क्या खरीदी के मापदंडों का पालन किया गया आदि सवाल आज भी अनुत्तरित बने हुए है।

₹10,235 के कीटनाशक का छिड़काव जरहा की किन गलियों, नालियों या सार्वजनिक स्थानों पर किया गया? इसका स्टॉक रजिस्टर और फोटो कहां है। सरकारी खरीद के लिए टेंडर या कम से कम 3 कोटेशन अनिवार्य हैं। रिटेलर से सीधे भुगतान किस नियम के तहत हुआ?

ग्रामवासियों का कहना है कि "पहले मोबाइल के नाम पर तिजोरी खाली की, अब कीटनाशक के नाम पर। न कहीं कीट नाशक का  छिड़काव दिख रहा है, न सामान।इस तरह पंचायत के व्दारा शासकीय धन राशि का बेहद दुरुपयोग किया गया है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर उमरिया और मुख्य कार्य पालन अधिकारी जनपद पंचायत करकेली से मांग की है कि जरहा पंचायत के वर्तमान सचिव  के कार्य काल की विस्तृत जांच जिसमें सभी निर्माण कार्य और  सभी बिलों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

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