जंगल मे अज्ञात लोगों ने दो ट्रक ड्राइवर को बनाया बंधक, नही हुआ मामला दर्ज, एसपी से हुई शिकायत
अनूपपुर
जिले के ग्राम पाटन, थाना जैतहरी निवासी ट्रांसपोर्टर दिग्विजय सिंह के अनुसार उनके दो हाइवा वाहन क्रमांक CG 31B 1632 (16 चक्का) एवं CG 31C 1309 (12 चक्का) जैतहरी स्थित मोजर बेयर पावर प्लांट में राखड़ परिवहन कार्य में लगे हुए थे।
दिग्विजय सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि 4 जुलाई 2026 की तड़के लगभग 4 बजे हरद ओसीएम से राखड़ खाली कर लौटते समय भालूमाड़ा साइडिंग जंगल के पास काले रंग की फोर व्हीलर में सवार 6 से 10 अज्ञात व्यक्तियों ने दोनों हाइवा वाहनों को रोक लिया।
आवेदन के अनुसार आरोपियों ने दोनों ड्राइवरों के साथ गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी, मोबाइल फोन एवं वाहन की चाबियां छीन लीं और उन्हें जबरन अपने वाहन में बैठाकर मनेंद्रगढ़ की ओर ले गए। बाद में ड्राइवरों को चिरमिरी क्षेत्र में छोड़ दिया गया, जबकि दोनों हाइवा वाहन अपने कब्जे में लेकर चले गए।
शिकायतकर्ता के अनुसार सुबह भोर में जब उन्होंने वाहनों की जीपीएस लोकेशन देखी तो दोनों वाहन अपने निर्धारित मार्ग पर न होकर राजनगर क्षेत्र में दिखाई दिए। ड्राइवरों से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन मोबाइल बंद या संपर्क से बाहर मिला। बाद में ड्राइवरों ने मनेंन्द्रगढ पहुंच कर फोन मिलने पर फोन कर कथित पूरी घटना क्रम की जानकारी दी।
दिग्विजय सिंह का आरोप है कि घटना की सूचना तत्काल थाना भालूमाड़ा को दी गई, लेकिन पुलिस द्वारा अपराध दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को विस्तृत शिकायत सौंपते हुए अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध अपहरण, लूट एवं वाहन चोरी सहित अन्य धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने तथा दोनों वाहनों की बरामदगी की मांग की।
मामले में चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी के प्रतिनिधि अमित त्रिपाठी ने थाना भालूमाड़ा में प्रस्तुत अपने लिखित जवाब में दावा किया है कि दोनों वाहन लंबे समय से ऋण की किस्तें बकाया होने के कारण कंपनी के अधिकार के तहत कब्जे में लिए गए। उन्होंने लूट, अपहरण अथवा अवैध कब्जे के आरोपों से इंकार करते हुए इसे वैधानिक रिकवरी की कार्रवाई बताया।
मामले की गंभीरता और सामने आए दस्तावेजों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
