सरपंच, सचिव की बड़ी लापरवाही, नाली के अंदर डाल दी पेयजल पाइपलाइन, फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
*कार्यवाही की मांग*
अनूपपुर
जनपद पंचायत अनूपपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बदरा से विकास कार्यों में लापरवाही और मनमानी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ जनपद पंचायत कार्यालय और पंचायत भवन से महज 10 मीटर की दूरी पर चल रहे पेयजल पाइपलाइन विस्तार कार्य में तकनीकी मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जिस मार्ग से प्रतिदिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी गुजरते हैं, उसी मार्ग पर हो रही इस घोर अनियमितता को लेकर सभी ने आँखें मूंद रखी हैं।
स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए नियमानुसार जमीन की खुदाई कर पाइपलाइन बिछाई जानी थी। लेकिन ठेकेदार और पंचायत प्रशासन ने मेहनत और बजट बचाने के चक्कर में पाइपलाइन को सीधे गंदे पानी की नाली के भीतर ही डाल दिया। ग्रामीणों का कहना है कि नाली के भीतर पाइप डालने से भविष्य में पाइप क्षतिग्रस्त होने पर पूरी बस्ती में दूषित और जहरीला पानी सप्लाई होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। लाखों रुपये की सरकारी योजना को इस तरह पलीता लगाना सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है।
ग्रामीणों ने इस घटिया निर्माण कार्य का विरोध किया और नियमानुसार काम कराने की मांग की, तो पंचायत प्रशासन द्वारा उनकी शिकायतों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। इतना ही नहीं, कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विरोध करने वालों पर सरपंच-सचिव द्वारा अपने राजनैतिक प्रभाव और ऊंची पहुंच का हवाला देकर दबाव बनाने व उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास भी किया गया।
मामले को लेकर क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर अनूपपुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी तथा संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए। यदि जांच में निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी या किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषी सरपंच, सचिव और संबंधितों के खिलाफ सख्त वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
