अवैध मुरूम उत्खनन पर कार्रवाई, 3 डंपर, 1 टेलर, 1 पोकलेन जब्त, जिला सीईओ ने सरपंच को किया पद से पृथक
उमरिया
जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नौरोजाबाद थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के किनारे चल रहे मुरूम के अवैध उत्खनन पर शिकंजा कस दिया। पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में टीबीसीएल कंपनी के तीन डंपर, एक टेलर और एक पोकलेन मशीन मौके से जब्त की गई। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
प्रशासन को सूचना मिली थी कि एनएच-43 के किनारे बिना वैध अनुमति के मुरूम का उत्खनन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान वहां भारी मशीनों से मुरूम की खुदाई और डंपरों में भरकर परिवहन की तैयारी होती मिली।
एसडीएम ने मौके पर मौजूद कंपनी के कर्मचारियों से उत्खनन से संबंधित अनुमति, खनिज विभाग की स्वीकृति और परिवहन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि कंपनी की ओर से कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन डंपर और एक पोकलेन मशीन को जब्त कर लिया।
प्रशासन का कहना है कि बिना वैध अनुमति किसी भी प्रकार का खनिज उत्खनन नियमों का उल्लंघन है। प्रारंभिक जांच में मामला अवैध उत्खनन का प्रतीत होने पर सभी वाहनों को जब्त कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संबंधित विभागों से भी इस मामले में आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।
*जिला सीईओ ने सरपंच को किया पद से पृथक*
उमरिया सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ने मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 का प्रयोग करते हुए नन्हू सिंह सरंपच ग्राम पंचायत गिंजरी, जनपद पंचायत पाली को कर्तव्यों के प्रति घोर उपेक्षा किए जाने पर पद से पृथक कर दिया है।विदित हो कि ग्राम पंचायत गिंजरी जनपद पंचायत पाली अंतर्गत महात्मा गांधी राश्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से वित्तीय वर्श 2025- 26 में स्वीकृत कार्य अमृत सरोवर जोगी नाला ग्राम बरबसपुर ग्राम पंचायत गिंजरी के संबंध में सियाराम महरा ग्राम बरबसपुर व्दारा सीपी ग्राम पोर्टल पर ट्रेक्टर ट्राली कि भाडा राशि 219300 लगभग 8 माह से भुगतान हेतु लंबित है। आवेदन पत्र व कलेक्टर, कमिश्नर जनसुनवाई मे आवेदन किया गया , किंतु ग्राम पंचायत में राशि उपलब्ध होने के पश्चात भी सरपंच एवं सचिव व्दारा भुगतान नही किया गया। जिस पर यह कार्यवाही की गई है।
