शिक्षा, रोजगार, बेरोजगारी, युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व कौशल विकास ही समाधान : युवा नेता रवि श्रीवास

शिक्षा, रोजगार, बेरोजगारी, युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व कौशल विकास ही समाधान : युवा नेता रवि श्रीवास



अनूपपुर

देश का भविष्य युवा शक्ति पर निर्भर करता है, लेकिन वर्तमान समय में शिक्षा, रोजगार और बढ़ती बेरोजगारी युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी लाखों युवा रोजगार के लिए भटकने को मजबूर हैं। इसी विषय पर अपनी बात रखते हुए युवा नेता रवि श्रीवास ने कहा कि केवल डिग्री हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय की मांग के अनुसार तकनीकी ज्ञान, व्यावसायिक कौशल और रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्राप्त करना भी बेहद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा का दौर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ कंप्यूटर, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), संचार कौशल, अंग्रेजी भाषा तथा विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी जुड़ना चाहिए। इससे निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएँ बढ़ेंगी और युवा आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

रवि श्रीवास ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विभिन्न कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़ी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। यदि युवाओं को इन योजनाओं की सही जानकारी और उचित मार्गदर्शन मिले तो वे स्वयं का रोजगार स्थापित कर दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हुए अपने भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ें।

उन्होंने कहा कि अनूपपुर जैसे आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल जिले में रोजगार के स्थानीय अवसर विकसित करने की आवश्यकता है। जिले में लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा, कृषि आधारित उद्योगों का विकास, कौशल प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार सृजन से बड़ी संख्या में युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिल सकता है। इससे पलायन की समस्या भी कम होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

रवि श्रीवास ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों और महाविद्यालयों में आधुनिक संसाधन, डिजिटल शिक्षा, प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय तथा करियर काउंसलिंग जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और भविष्य की दिशा तय करने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी केवल आर्थिक समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और मानसिक स्तर पर भी युवाओं को प्रभावित करती है। इसलिए आवश्यक है कि सरकार, शैक्षणिक संस्थान, उद्योग जगत और समाज मिलकर युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करें।

अंत में युवा नेता रवि श्रीवास ने कहा कि यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल, उचित मार्गदर्शन और पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ तो देश की बेरोजगारी की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है और भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में और अधिक तेजी से आगे बढ़ सकता है।

"हमारा संकल्प"
"शिक्षित युवा – आत्मनिर्भर भारत"


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