महुआ की डोरी बिनने गए ग्रामीण पर टाइगर ने किया हमला, हुई मौत, दहशत का माहौल, हमले से तीसरी मौत
उमरिया
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा वन परिक्षेत्र में बाघ के हमले से एक और ग्रामीण की मौत हो गई। गुरुवार सुबह चँसुरा गांव निवासी अन्नू रजक (58 वर्ष), पिता काशी रजक पर जंगल में महुआ से जुड़े फल डोरी बीनने के दौरान टाइगर ने हमला कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है।
अन्नू रजक गांव के अन्य लोगों के साथ जंगल में डोरी बीनने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे टाइगर ने अचानक उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाघ उन्हें घसीटकर घटनास्थल से कुछ दूरी पर ले गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हाथियों और वन अमले की सहायता से खोजबीन कर शव को बरामद किया गया। बाद में पंचनामा एवं पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए शव को अमरपुर अस्पताल भेजा गया।
हाल ही में चँसुरा से लगभग पाँच किलोमीटर दूर झलवार गांव में भी टाइगर के हमले की दो दर्दनाक घटनाएं सामने आई थीं। वहां दो दिनों के भीतर फूलबाई पति छोटेलाल सिंह और उनके भतीजे कल्याण सिंह पिता रामकृपाल सिंह की बाघ के हमले में मौत हो गई थी। अब चँसुरा में हुई ताजा घटना ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
लगातार हो रहे टाइगर हमलों से क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जंगल से लगे गांवों के लोग अब रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी जंगल जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, गश्त तेज करने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
