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सरकारी वृक्ष बना निजी संस्थानों के प्रचार का साधन, प्रशासन व वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
अनूपपुर/कोतमा
जिले के कोतमा में शासकीय एवं वन विभाग के अधीन आने वाले वृक्षों पर निजी संस्थानों द्वारा खुलेआम प्रचार-प्रसार के पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया है। सरकारी वृक्षों का विज्ञापन माध्यम के रूप में उपयोग किए जाने से वन विभाग की निगरानी व्यवस्था, कार्यप्रणाली और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मामले की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार कोतमा लिंक रोड क्षेत्र में कई स्थानों पर सरकारी एवं वन विभाग के अधीन आने वाले वृक्षों पर निजी संस्थानों के प्रचार पोस्टर लगाए गए हैं। वायरल तस्वीर में एक निजी पैरामेडिकल कॉलेज का विज्ञापन सीधे पेड़ के तने पर चस्पा दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना अनुमति शासकीय वृक्षों एवं सार्वजनिक संपत्तियों का इस प्रकार व्यावसायिक उपयोग नियमों के विपरीत है तथा यह पर्यावरण संरक्षण संबंधी मानकों की अनदेखी भी माना जा रहा है।
निजी संस्थानों द्वारा खुलेआम सरकारी वृक्षों का उपयोग प्रचार-प्रसार के लिए किए जाने के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। इससे विभागीय निगरानी व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पेड़ों पर कील ठोककर अथवा चिपकने वाली सामग्री से पोस्टर लगाने से वृक्षों की बाहरी सतह प्रभावित होती है, जिससे उनकी प्राकृतिक सुरक्षा और वृद्धि पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। स्थानीय सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों और संबंधित संस्थानों पर कार्रवाई की मांग की है।
इनका कहना है।
अनुमति तो नहीं है मामले की जांच करवाता हूँ। फिर उसके बाद कार्यवाही भी की जाएगी।
*हरीश तिवारी, रेंजर कोतमा*
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जर्जर सड़कें कर रही है हादसे का इंतजार, जीएम ऑफिस–बंगला मार्ग सहित कई प्रमुख सड़कें बदहाल
अनूपपुर/कोतमा
जिले के कोतमा क्षेत्र में एसईसीएल के अंतर्गत आने वाले प्रमुख सड़क मार्गों की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है, जिससे यह पूरा क्षेत्र अब जनसुरक्षा संकट के रूप में देखा जाने लगा है। कोतमा कॉलेज तिराहा से जमुना कालरी, जीएम ऑफिस से बंगले तक का मुख्य मार्ग, जीएम ऑफिस से जमुना बाजार, भालूमाड़ा से जमुना कालरी रोड तथा जमुना से बदरा रोड तक का पूरा सड़क नेटवर्क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। कई स्थानों पर डामर पूरी तरह उखड़ चुका है, सड़कें गहरे गड्ढों में बदल गई हैं और गिट्टियां बाहर निकल आने से आवागमन अत्यंत जोखिमपूर्ण हो गया है।
अचानक नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा और नियमित मरम्मत के अभाव का परिणाम है। पहले बनाई गई डामर सड़कें अब जगह-जगह से टूट चुकी हैं और कई स्थानों पर किया गया पैचवर्क भी टिक नहीं पाया है। इससे सड़कें धीरे-धीरे पूरी तरह खराब होकर दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन गई हैं।
सबसे गंभीर स्थिति जीएम ऑफिस से बंगले तक की सड़क की बताई जा रही है, जो अत्यंत खराब अवस्था में पहुंच चुकी है। यह वही मार्ग है जिससे क्षेत्र के उच्च अधिकारियों का भी नियमित आवागमन होता है, इसके बावजूद सड़क की मरम्मत और सुधार को लेकर किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मुख्य मार्ग की यह स्थिति है, तो अन्य क्षेत्रों की स्थिति और भी चिंताजनक हो सकती है। इसके अलावा जमुना से बदरा रोड तक सड़क खोदने के बाद लगभग एक माह से निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण सामग्री और गहरे गड्ढों के कारण यह मार्ग पूरी तरह बाधित है,
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पुलिस को ठेंगा दिखाकर अवैध कोयला से लदी गाड़ियां, खाकी का खौफ हुआ खत्म
अनूपपुर
कोतमा के कोयला अंचल में अवैध कारोबारियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि, अब उन्हें कानून या पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है। कोतमा और गणेश नगर से निकलने वाला अवैध कोयला किसी चोर-रास्ते से नहीं, बल्कि सीधे शहर के बीचों-बीच से होकर बेखौफ होकर निकल रहा है। दिन के उजाले में व्यस्त चौराहों और मुख्य बाजारों से होकर तस्कर अपनी गाड़ियां निकाल रहे हैं, जो सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी को खुली चुनौती है।
हैरानी की बात यह है कि जिन सड़कों पर आम जनता पर चेकिंग और चालान की कार्रवाई के लिए पुलिस बल तैनात रहता है, उन्हीं सड़कों से क्षमता से अधिक अवैध कोयला लादे दोपहिया वाहन पुलिस की नाक के नीचे से आराम से निकल जाते हैं। खाकी के इस लचर रवैये से ऐसा प्रतीत होता है जैसे जिम्मेदार अधिकारियों ने इस अवैध खेल के आगे घुटने टेक दिए हैं या फिर सब कुछ जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है। शहर के मुख्य रास्तों से बेधड़क गुजरती ये गाड़ियां बेलिया बड़ी के रास्ते ग्रामीण अंचलों के ईंट भट्टों और ढाबों तक पहुंच रही हैं। पुलिस के इसी मौन संरक्षण के कारण माफियाओं का मनोबल आसमान छू रहा है और शासन की संपत्ति की सरेआम लूट मची हुई है। इस मामले में जब हमने कोतमा थाना प्रभारी से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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जैन समाज ने मौन जुलूस निकालकर सौंपा ज्ञापन, संत सुरक्षा एवं निष्पक्ष जांच की मांग
अनूपपुर
प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में दिगंबर जैन समाज के पुरुषों एवं महिलाओं ने संगठित रूप से मौन जुलूस निकालकर पुलिस थाना अमरकंटक पहुंचकर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा, राष्ट्रीय स्तर पर संत सुरक्षा नीति लागू करने तथा हाल ही में हुई दुखद घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई।
इससे पूर्व जैन समाज के लोगों ने अपने-अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। समाजजनों ने मौन जुलूस के माध्यम से अपनी पीड़ा एवं संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि विहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। ज्ञापन में संबंधित घटना की निष्पक्ष जांच कराने, निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग, वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा दोषियों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।
यह भी उल्लेखनीय है कि विगत दिवस रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर विहार के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में दो ब्रह्मचारिणी माताजी का घटनास्थल पर ही दुखद निधन हो गया, जबकि एक माताजी गंभीर रूप से घायल होने के कारण उपचाररत हैं। इस हृदयविदारक घटना से दिगंबर जैन समाज अत्यंत व्यथित, उद्वेलित एवं आक्रोशित है।
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युवा टीम बनी बेसहारा पशुओं का सहारा, भीषण गर्मी में चारा-पानी की कर रहे व्यवस्था
उमरिया
गर्मी शुरू होते ही युवा टीम बेसहारा मवेशियों की सेवा में जुट जाती है। युवा स्वयं के खर्च में कटौती कर मवेशियों के लिए चारा-पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। ताकि मवेशियों को गर्मी में पानी, चारा के लिए भटकना न पड़े।इसी के तहत युवाओं की टोली ने पशुओं को राहत देगा एक नाद अभियान का शुभारंभ किया।
पशुपक्षी मित्र हिमांशु तिवारी ने बताया कि बेजुबान जानवरों और पक्षियों को पानी पिलाने के लिए नई व्यवस्था की है।टीम ने स्वयं से सीमेंट के नाद बनाएं हैं। नाद को लोगों के घरों के सामने रखा जा रहा है। लोगों से यह सहमति ली जा रही है कि वे रोज नाद में स्वयं पानी भरेंगे। यही नहीं नादो की सफाई भी स्वयं ही करेंगे। ताकि जानवरों को रोज साफ-सुथरा पानी मिल सके।गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए पानी की कमी एक बड़ी मुसीबत साबित होती है। पानी के स्त्रोत सूख जाते हैं। ऐसे में पशु-पक्षी पानी के लिए भटकते रहते हैं। इन्हें बचाने यह पहल जरुरी थी।जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जगह-जगह पर नाद में पानी भर कर रखा जा रहा है ताकि पशु और पक्षियों को गर्मी में प्यास बुझाने में सुविधा हो सके। युवाओं ने अपील कि प्रत्येक व्यक्ति को पूरे मनोयोग से इस अभियान में जुड़कर अपना योगदान देना चाहिए। ताकि किसी भी जानवर को पानी की किल्लत न हो। इसी उद्देश्य के साथ लोगों को इस जल सेवा अभियान में जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान को पूरी गर्मी में आयोजित किया जाएगा।
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नाबालिक मृतकों को न्याय दिलाने की मांग को जिला कांग्रेस ने आयोजित की श्रद्धांजलि व आक्रोश सभा
अनूपपुर
नाबालिग मृतकों को न्याय दिलाने कांग्रेस ने आयोजित की श्रद्धांजलि व आक्रोश सभा। कांग्रेस ने पुलिस के पर उठाए सवाल, बिजुरी थाना प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप, थाना प्रभारी को बर्खास्त कर निष्पक्ष जांच एवं सही दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग।
एक नाबालिक लड़की के साथ घटित वारदात की घटना अभी चर्चाओं में जिंदा थी कि अब उसी वारदात का फरियादी भी मौत के आगोश में समा गया इसी के साथ वह सच भी दफ़न हो गया जो सच को जनता जानना चाहती है, सवाल तो कई है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस फरियादी के सीने में ऐसा कौन रहस्य छुपा हुआ था जो कुछ लोगों को सामने आने पर बेनकाब कर सकता था? सवाल तो यह भी है कि घर के ठीक बगल जब रेलवे लाइन और रेलवे ट्रैक मौजूद है तो आत्महत्या करने के लिए 20 से 25 किलोमीटर का सफर रात में यह युवक कैसे तय किया और क्यों तय किया? फिलहाल सवालों के घेरे में उक्त घटना अब एक ऐसी रहस्यम गुत्थी मैं बदलती और उलझती जा रही है कि जिसे सच जानने को हर कोई बेचैन है।
जिले का बिजुरी नगर पुलिस की कहानी कहती है कि तभी वहां दो बदमाश पहुंचे। युवक पर हमला हुआ, उसे घायल किया गया और युवती को घसीटकर अंधेरे में ले जाया गया। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई। घटना के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने दो आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर दिया। प्रेस नोट जारी हुआ, तस्वीरें सामने आई और बताया गया कि मामला सुलझा लिया गया है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। बिजुरी पुलिस ने गोलमोल कार्यवाही करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कही गई है लेकिन पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में कई महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख नहीं किया गया है। सबसे बड़ा सवाल युवती की उम्र को लेकर खड़ा हुआ। पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में पीड़िता को 20 वर्षीय बताया गया है जबकि जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान ने मृतक युवती के परिजनों से मिलकर प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार युवती को 17 वर्षीय नाबालिग बताया गया है।
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गेहूं खरीदी व बिजली सप्लाई को लेकर, किसान एकता संघ का बड़ा आंदोलन, सड़को पर उतरे अन्नदाता
अनूपपुर
गेहूं खरीदी एवं बिजली की सप्लाई को लेकर किसानों का जिला मुख्यालय अनूपपुर में आज 25 मई को जोरदार सफल प्रदर्शन हुआ, सैकड़ो की संख्या में ट्रैक्टर लेकर किसान जिला मुख्यालय पहुंचे।
अनूपपुर में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विशाल रैली एवं धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान हाथों में तिरंगा और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने समर्थन मूल्य, खाद-बीज की व्यवस्था, बिजली समस्या, सिंचाई सुविधाओं और किसानों के हित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
जहां किसानों ने सरकार और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
धरना स्थल पर किसान नेताओं ने कहा कि किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, वहीं बिजली कटौती और सिंचाई संकट ने खेती को प्रभावित किया है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से भी किसान पहुंचे, जिससे माहौल पूरी तरह आंदोलनमय नजर आया।
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अज्ञात युवक का सड़क किनारे मिला शव, मौत का कारण अज्ञात, पुलिस जांच में जुटी
शहडोल
सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-43 स्थित कोटमा तिराहे के पास सोमवार सुबह सड़क किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मौत का कारण अभी अज्ञात है।
पुलिस के अनुसार मृत युवक केवल अंडरवेयर पहने हुए था, जबकि उसके कपड़े पास में पड़े मिले। कपड़ों की तलाशी लेने पर किसी प्रकार के पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले हैं। युवक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने में लगी रही। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल भिजवा दिया है, जहां फिलहाल शव सुरक्षित रखवाया गया है। सोहागपुर थाना पुलिस आसपास के थानों से गुमशुदगी की जानकारी जुटाकर युवक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं।
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सनातन धर्म के प्रचार व सामाजिक समरसता के संदेश के साथ दो दिवसीय राष्ट्रीय किन्नर महासमागम का आयोजन
शहडोल
सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ शहडोल में दो दिवसीय राष्ट्रीय किन्नर महासमागम का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर से किन्नर महामंडलेश्वर, जगद्गुरु और संत समाज के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए, और कार्यक्रम संपन्न हुआ।
महासमागम के पहले दिन विभिन्न राज्यों से पहुंचे किन्नर समाज और संतों का परिचय एवं जुड़ाव कार्यक्रम आयोजित हुआ। दूसरे दिन सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पट्टाभिषेक कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें कई संतों और किन्नर प्रतिनिधियों को धार्मिक पदवियां प्रदान की गईं।
कार्यक्रम के दौरान 6 किन्नरों की विधि-विधान और शुद्धिकरण के साथ सनातन धर्म में घर वापसी कराई गई। संत समाज ने इसे सामाजिक और आध्यात्मिक जागरूकता का महत्वपूर्ण कदम बताया। शहर में गाजे-बाजे और पारंपरिक उत्साह के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
प्रेस वार्ता में जगद्गुरु काजल ठाकुर मां और अन्य संतों ने कहा कि उनका किसी धर्म से विरोध नहीं है और हर व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किन्नर समाज का उद्देश्य राजनीति या धन-संपत्ति नहीं, बल्कि धर्म और समाज सेवा है। संतों ने यह भी कहा कि डराकर या दबाव बनाकर अवैध वसूली करने वाले लोग वास्तविक किन्नर समाज का प्रतिनिधित्व नहीं करते।