किसानों ने 11 घंटे तक किया सड़क जाम, लिखित आश्वासन के बाद खुला जाम, जनता परेशान, प्रशासन रहा नतमस्तक
*गेहूं खरीदी व बिजली सप्लाई को लेकर, किसान एकता संघ का बड़ा आंदोलन*
अनूपपुर
अनूपपुर जिला मुख्यालय के अंडर ब्रिज के पास बीते 11 घंटे से लगे जाम से अब जिले वासियों को राहत मिल चुकी है दोपहर 12:00 से लगा जाम लगभग रात्रि 11:00 बजे जाकर खुला है। किसानों के लगातार संघर्ष और दबाव के आगे जिला प्रशासन झुक गया और किसानों की बातें मानी गई, किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया है कि उनका गेहूं खरीदा जाएगा और उन्हें 24 घंटे बिजली भी प्रदान की जाएगी, इसके बाद जिले भर के किसानों और आमजन को काफी राहत मिल गई है। अब देखना यह होगा की कितनी जल्दी किसानों को किए गए वादे का लाभ मिलता है और प्रशासन अपने वादे को पूरा करता है।
*यह था मामला*
गेहूं खरीदी एवं बिजली की सप्लाई को लेकर किसानों का जिला मुख्यालय अनूपपुर में आज 25 मई को जोरदार सफल प्रदर्शन हुआ, सैकड़ो की संख्या में ट्रैक्टर लेकर किसान जिला मुख्यालय पहुंचे।
अनूपपुर में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विशाल रैली एवं धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान हाथों में तिरंगा और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने समर्थन मूल्य, खाद-बीज की व्यवस्था, बिजली समस्या, सिंचाई सुविधाओं और किसानों के हित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
जहां किसानों ने सरकार और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
धरना स्थल पर किसान नेताओं ने कहा कि किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, वहीं बिजली कटौती और सिंचाई संकट ने खेती को प्रभावित किया है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से भी किसान पहुंचे, जिससे माहौल पूरी तरह आंदोलनमय नजर आया।
*नियम विरुद्ध लगाया जाम, प्रशासन रहा नतमस्तक*
सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग या सार्वजनिक स्थान को अनिश्चितकाल के लिए जाम करना या अवरुद्ध करना गैरकानूनी है। न्यायालय ने माना है कि विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार संविधान के तहत मौलिक है, लेकिन इसे दूसरों के आवागमन के अधिकार और सार्वजनिक सुरक्षा की कीमत पर लागू नहीं किया जा सकता है। लगभग 11 घंटे मुख्य मार्ग किसानो ने जाम कर रखा था, जो की नियम विरुद्ध था, आम जनता इस जाम से पूरी तरह परेशान दिखी, उसके बाद भी पुलिस प्रशासन किसानों के जाम के सामने पूरी तरह नतमस्तक दिखा, जिला मुख्यालय में बैठे आला अधिकारी किसानों के सामने बेबस नजर आए, जब लिखित में मांगे मानी गई तक जाकर जाम खुला।

