अज्ञात लोगो ने वृद्ध भिखारी की निर्मम हत्या, पुलिस जांच में जुटी, ,पुलिस की गश्त पर सवाल
शहडोल
जिला मुख्यालय पुरानी बस्ती स्थित नूरी मस्जिद और मजार के पास रेलवे लोको कॉलोनी के एक मकान में रहने वाले लगभग 60 से 70 वर्ष के वृद्ध, जिन्हें मोहल्ले के लोग प्यार से “दद्दा” और “बाबा फ़क़ीर” कहकर पुकारते थे, संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और पुलिस गश्त की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जाता है कि बाबा फ़क़ीर वर्षों पहले भीख मांगकर अपना जीवन यापन करते थे। उम्र बढ़ने और शरीर के जवाब देने के बाद मोहल्ले के लोगों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए उनकी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली थी। किसी ने सुबह का नाश्ता तय कर लिया था, कोई दिन का भोजन पहुंचाता था, तो कोई रात का खाना देता था। कई लोग पैसे, कपड़े, जूते-चप्पल और दवाइयों की व्यवस्था कर उनकी सेवा करते थे। मोहल्ले के लोगों के अनुसार बाबा बेहद नेक और सरल स्वभाव के इंसान थे। उनके पास हर धर्म के लोग हिंदू और मुस्लिम आते थे और उनका आशीर्वाद लेते थे। लोगों का विश्वास था कि बाबा की दुआ से परेशानियां दूर हो जाती थीं।
सूत्रों के मुताबिक गुरुवार सुबह जब एक व्यक्ति रोज की तरह बाबा को नाश्ता देने पहुंचा तो मकान का दरवाजा खुला मिला। अंदर का दृश्य देखकर वह सन्न रह गया बाबा खून से लथपथ पड़े थे। सिर के पीछे और नाक पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के निशान बताए जा रहे हैं।तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, जांच-पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
मोहल्ले के लोगों ने आशंका जताई है कि कुछ नशेड़ी तत्व पहले भी बाबा को परेशान करते थे। उनका मानना है कि लाचार वृद्ध से पैसे छीनने की नीयत से यह वारदात अंजाम दी गई हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है और जांच जारी होने की बात कही है।
