के पी सिंह के जाल में फंसे जेडी कार्यालय में पदस्थ बाबू श्रोत्रिय एवं सीएमएचओ
*शासन के आदेश की अवहेलना कर जेडी को किया गुमराह पदस्थापना के बाद भी पद रिक्त बताया*
अनूपपुर
अनूपपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग में कई वर्षों से पूर्व में पदस्थ विवादित डिप्टी ईएमआईओ के पी सिंह जो भ्रष्टाचार के कई मामलों में अनूपपुर जिले से लेकर जेडी कार्यालय सहित बल्लभ भवन तक सुर्खियों में बने रहा के द्वारा भ्रष्टाचार के नित नए कारनामे कर दूसरों के कंधे में बंदूक रखते हुए शिकार कर अपना पेट भरने में कभी कोताही नहीं छोड़ी गई।बताया जा रहा कि केपी सिंह ऐसे मामले के माहिर माने जाते रहे। उन्होंने विगत वर्ष जिला प्रशासन में बैठे जिम्मेदार अधिकारी कलेक्टर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य को अपने जाल में फंसा कर बदनाम करते हुए अपने काली करतूत को सही साबित करने के उद्देश्य से सेवा समाप्ति के दौरान भी सीएमएचओ सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करा देने में कोताही नहीं छोड़ी। इतना ही नहीं कही जाने वाली देसी कहावत "चिन्धी चोरी" को भी पूर्व में पदस्थ अनूपपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग के मीडिया प्रभारी के पी सिंह के द्वारा करते हुए स्वतंत्रता दिवस के दिन 15 अगस्त 2021 को प्रदर्शनी के नाम पर लगाई जाने वाली झांकी मैं भी भ्रष्टाचार करते हुए कई हजार के आसपास का चूना लगाकर खूब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को बदनाम किया। शासन द्वारा लगातार समाचार पत्रों एवं शिकायतों के माध्यम से इनके द्वारा किये जाने वाले सारे कारनामों की जांच कराई गई जहाँ दोष सिद्ध पाए जाने पर निलंबन आदेश जारी करते हुए जिला उमरिया के लिए पदस्थ किया गया था। अब उन्होंने तीसरी बाजी मारते हुए सीएमएचओ उमरिया के माध्यम से वकायदे पत्राचार कराते हुए क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं रीवा को पत्र भेजकर बताया कि जिला उमरिया में जिस पद पर के पी सिंह की पदस्थापना है ।यहां उक्त पद ही नहीं है और क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य संभाग रीवा को भ्रमित करते हुए पुनः अपनी पदस्थापना अनूपपुर जिले के लिए करा ली जाती है ।जबकि मयप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश के समस्त 51 जिलों में उक्त पद वर्ष 2015 में ही स्वीकृत किया जा चुका था ।उसके बाद भी के पी सिंह के जाल में फंस कर सीएमएचओ उमरिया के द्वारा अपने ही विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को गुमराह करते हुए के पी सिंह के लिए झूठे तरीके से मदद करने की कोताही नहीं छोड़ी गई ।इसी तरह उक्त सीएमएचओ के पत्र का अवलोकन करते हुए जेडी कार्यालय में पदस्थ बाबुओं के द्वारा कर्ज चुकाने के उद्देश्य से अपने ही अधिकारी क्षेत्रीय संचालक रीवा को भ्रम में डालकर जिला माध्यम एवं विस्तार अधिकारी के पी सिंह को फिर से अनूपपुर के लिए वापस कर दिया ज्ञातव्य है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जैसे पद मैं बैठे उमरिया सीएमएचओ के द्वारा इतनी बड़ी गलती करते हुए शासन के आंखों में धूल झोंका जा रहा, तो वही जेडी कार्यालय में पदस्थ बाबुओं के द्वारा यह कहा जा रहा कि हमारे पास ऐसा कोई आदेश अभी तक नहीं आया था हालाकि उक्त आदेश मध्य प्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय द्वारा दिनांक 29 /09/ 2015 को प्रदेश के समस्त जिलों में डॉ.गनी अहमद खान अपर सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा पद स्वीकृत करते हुए बेवसाइड के माध्यमों सहित पूरे प्रदेश के समस्त स्वास्थ्य शाखाओं एवं प्रशासनिक अधिकारियों सहित प्रदेशभर के कोषालय अधिकारियों को प्रतिलिपि भेजकर जानकारी दी जा चुकी थी। इसके बावजूद भी उप जिला विस्तार एवं मध्यम अधिकारी के पी सिंह के जाल में फंस कर सीएमएचओ उमरिया व क्षेत्रीय संचालक रीवा के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा नियम विरुद्ध कार्य करते हुए के पी सिंह की मदद कर दी जा रही है।
*सीएमएचओ उमरिया के ये है कारनामे*
पूरे मामले में सीएमएचओ उमरिया के द्वारा शासन द्वारा दिया जाने वाला काम ना करना पड़े को लेकर अपने पदीय दायित्वों का पालन न करते हुए फतेह कोषालय ने उपपद हेतु आई एफ एम एस की फीडिंग नहीं कराई गई बल्कि पत्राचार के माध्यम से विभाग के जिम्मेदारों को पद रिक्त बताकर पल्ला झाड़ते हुए नियम विरुद्ध के पी सिंह की मदद कर शासन प्रशासन के आंखों में धूल झोंका जा रहा है ज्ञातव्य है कि सीएमएचओ उमरिया के द्वारा पत्र क्रमांक /स्थापना /2022 /720 /दिनांक 22/02/2022 को क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवायें रीवा सम्भाग रीवा को बताया कि के.पी.सिंह उप जिला विस्तार एंव माध्यम अधिकारी का निलम्बन पश्चात बहाल करते हुए इस कार्यालय के आदेश कमांक / शिकायत / 2021 / 8426 दिनांक 27.12.2021 के पदस्थापना मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी जिला उमरिया किया गया था । 22.02.2022 के द्वारा अवगत कराया गया है कि उप जिला विस्तार एव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला उमरिया के पत्र कमांक / स्था . / 2022 माध्यम अधिकारी का पद मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी एंव सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक कार्यालय उमरिया में पद स्वीकृत न होने के कारण वेतन का भुगतान नही हो पा रहा है , तथा के.पी.सिंह उप जिला विस्तार एंव माध्यम अधिकारी अपनी अधिवार्षिक आयु दिनांक 31 मई 2022 को पूर्ण कर शासकीय सेवा से सेवा निवृत्त हो रहे है । के.पी.सिंह उप जिला विस्तार एंव माध्यम अधिकारी की सेवा निवृत्त को दृष्टिगत रखते हुए इस कार्यालय के आदेश दिनांक 27.12.2021 में आशिंक संशोधन करते हुए के.पी. सिंह की पदस्थापना मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी जिला अनूपपुर में रिक्त उप जिला विस्तार एंव माध्यम अधिकारी के पद पर की जाती है । शेष निलम्बन अवधि का निराकरण विभागीय जांच उपरान्त उनके गुण दोष के आधार पर की जावेगी ।
*यह रहा आदेश*
जबकि पूरे मामले में मध्यप्रदेश शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय F/12/45 /2015/ सत्रह /मेडि- लीन मध्यप्रदेश शासन , लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 2008 की अनुसूची एक के समूह ख परिवार कल्याण कार्यक्रम के लिए सरल क्रमांक चिकित्सक सी जिला विस्तार एवं मध्यम अधिकारी द्वितीय श्रेणी के 44 जिलों में स्वीकृत पदों को प्रदेश के सभी 51 जिलों के मुख्यालय पर एक - एक प्रति जिले के मान से 51 पद , 03 क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण केन्द्रों में प्रति एक केन्द्र में एक पद के मान से 03 पद राज्य स्वास्थ्य सूचना शिक्षा संचार ब्यूरो , भोपाल में 02 पद इस प्रकार कुल 56 जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी के पदों का संलग्न परिशिष्ट ( 5 पृष्ठ में ) अनुसार पुर्नविभाजन ( Reallocate ) किये जाने की स्वीकृति प्रदान की जाती है । एवं उक्त स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग के परिपत्र कमांक एफ 5 ( ए ) / 1 / 2013 / ई / 4 भोपाल दिनांक 07 10.2014 में प्रदत्त शक्तियों के अन्तर्गत जारी की जा रही है । जिसकी प्रतिलिपि प्रदेश भर के समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी क्षेत्रीय संचालक सहित विभाग के तमाम शाखाओं एवं प्रदेश भर के कोषालय अधिकारी कमिश्नर आयुक्त कलेक्टर को भेजे जाने के बावजूद भी सीएमएचओ उमरिया के द्वारा अपने पति दायित्वों का पालन न करते हुए जेडी कार्यालय रीवा को पत्र प्रेषित किया जा रहा कि उमरिया जिले में उक्त पद नहीं है वही जेडी कार्यालय के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा अपने दायित्व का पालन न करते हुए उमरिया सीएमएचओ के पत्र को सही बता कर के पी सिंह का नियम विरुद्ध तरीके से अनूपपुर जिले के लिए संशोधित आदेश जारी किया जा रहा है मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अगर सीएमएचओ जैसे अधिकारी एवं जेडी कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी अपने दायित्व का निर्वहन न करेंगे और शासन प्रशासन में बैठे जिम्मेदारों की आंख में धूल झोंक कर मनमानी तरीके से आदेश जारी करते रहेंगे तब आम जनमानस को कैसे न्याय प्राप्त हो सकेगा।
*इनका कहना*
मैं नया-नया सीएमएचओ बन कर आया हूं मुझे कुछ मालूम नहीं जो बाबुओं ने बताया मैं वही मानकर जेडी कार्यालय को पत्र भेज दिया अगर आपके पास आदेश की कॉपी है तो मुझे भेजिए मैं देखता हूं।
*आर के मेहरा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला उमरिया*
पूरे मामले को मुझे नहीं बताया गया मेरे पास केवल सीएमएचओ उमरिया का पत्र भेजकर कार्यालय के बाबुओं द्वारा आदेश करा लिया गया है। मैं पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्यवाही करूंगा
*क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं संभाग रीवा*
मैं पेंडुलम बनकर 4 माह से अपने दिन काट रहा हूं मेरे 2 माह बचे हैं कृपया आप लोग मुझ पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें ताकि किसी कदर 2 महीने और कट जाएं बाकी मैं अनूपपुर पहुंचकर मिलता हूं
*के पी सिंह उप जिला माध्यम एवं विस्तार अधिकारी उमरिया*