कलेक्टर ने अपराधी अविनाश थाना प्रभारी के समक्ष हाजिरी दर्ज कराने दिया आदेश

कलेक्टर ने अपराधी अविनाश  थाना प्रभारी के समक्ष हाजिरी दर्ज कराने दिया आदेश


अनूपपुर 

3 मार्च 2022 कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री सोनिया मीना ने अनावेदक अविनाश उर्फ गोलू पिता विनोद सिंह नेताम उम्र 30 वर्ष निवासी चंदास मोहल्ला अनूपपुर थाना अनूपपुर, जिला अनूपपुर जो वर्ष 2018 से 2020 तक 05 आपराधिक गतिविधियों में संलग्न पाया गया है को 31 अगस्त 2022 तक की कालावधि तक प्रत्येक मंगलवार के 12 बजे दिन थाना प्रभारी अनूपपुर जिला अनूपपुर (म.प्र.) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर हाजिरी दर्ज कराने का आदेश दिया है। उन्होंने अनावेदक को आदेश दिया है कि वह अपने आपराधिक कृत्यों को पूर्णतः त्याग दे, अन्यथा एक भी आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की दषा में उसके विरुद्ध जिला बदर का प्रकरण पुनः प्रांरभ किया जाकर समुचित कार्यवाही की जा सकेगी। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि उपरोक्त आदेश का पालन न करने, उल्लंघन करने या विरोध करने पर, म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 14 के अंतर्गत अनावेदक को गिरफ्तार किया जावेगा जो 03 वर्ष के कारावास व जुर्माने से दण्डनीय होगा।        

       पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने अनावेदक के विरुद्ध प्रतिवेदन में लेख किया है कि, अनावेदक वर्ष 2018 से अपराध जगत में प्रवेश कर लगातार आपराधिक जीवन व्यतीत कर रहा है। अनावेदक आदतन अपराधी है जो अनूपपुर क्षेत्र एवं आसपास के क्षेत्रों में चोरी, नकबजनी, सट्टा, आर्म्स एक्ट जैसे अपराधों में लिप्त होकर लगातार अपराध करता चला आ रहा है। अनावेदक के विरुद्ध थाने में कई आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध है। अनावेदक के विरुद्ध समय-समय पर अपराधों में अंकुश लगाने हेतु प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियां की गई, किन्तु अनावेदक अपने आपराधिक प्रवृत्ति में सुधार न लाते हुए लगातार अपराध जगत में अग्रसर होता जा रहा है। अनावेदक के भविष्य में कभी भी गंभीर अपराध को अंजाम देने की पूर्ण संभावना बनी रहती है। अनावेदक के आपराधिक कृत्य से क्षेत्र में भय का वातावरण व्याप्त है, जिसके कारण आमजन पुलिस थाने में रिपोर्ट करने एवं न्यायालय में गवाही देने से डरते हैं, जिससे क्षेत्र में आम जनता के सम्पत्ति की सुरक्षा के लिए गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। उपरोक्त परिस्थितियों के कारण अनावेदक के विरुद्ध म.प्र. सुरक्षा एवं लोक व्यवस्था अधिनियम की धारा 5, 6, 7 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किया जाना नितांत आवश्‍यक है।

Labels:

Post a Comment

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget