फर्जी तरीके से किए गए संविलियन भर्ती के समर्थन में आए सीएमओ
अनूपपुर/डूमर कछार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के घोषणा के बाद कुछ ग्राम पंचायतों को नगर पार्षदों में तब्दील करने की कुछ समय पहले घोषणा की गई थी घोषणा करने के बाद इसे अस्तित्व में भी लाया गया और कुछ नए नगर पार्षद मध्यप्रदेश में बनाए गए वैसे तो विकास के लिए बड़े ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में तब्दील करना भी जरूरी था जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके।
*उम्मीदों पर कुछ कर्मचारियों के द्वारा फेर रहे पानी*
किंतु नगर पार्षदों मे तब्दील के बाद कुछ दैनिक वेतन भोगी नगर पार्षदों में रखे जाने थे जिसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जानी थी। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता ना देकर ग्राम पंचायत के चुनिंदा कर्मचारियों के द्वारा अपने ही खास लोगों को दूरदराज से बुलाकर उन्हें नौकरी देने का काम किया गया एवं कुछ लोगों को मानदेय कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, वाहन चालक, इलेक्ट्रिशियन, बनाकर फर्जी तरीके से मानदेय कर्मचारी बता कर संविलियन किया गया जोकि पूरी तरह से गलत था। शिवसेना अनूपपुर के पुतला दहन के जोर दार विरोध प्रदर्शन के बाद तीन सदस्यीय संयुक्त टीम गठित की गई। और देर सबेर संयुक्त टीम के द्वारा जांच में नगर पार्षद के मानदेय कर्मचारी व सरपंच भी दोषी पाए गए। जिनके ऊपर गलत तरीके से संविलियन भर्ती के आरोप भी सिद्ध हुए। और निलंबन की कार्यवाही भी की गई। अभी भी जांच की प्रक्रिया समाप्त नहीं हुई है । जांच अभी चल रही है।
*सीएमओ का विवादित बयान*
कुछ महीने पहले पदस्थ डूमर कछार सीएमओ राजेश शुक्ला के द्वारा आज दिनांक 4 मार्च 2022 को दैनिक कर्मचारियों को यह कहा गया। की आप लोग 05 03 2022 से नगर पार्षद में नहीं आएंगे। आज से आप लोगों का कार्य समाप्त होता है और वह कर्मचारी ही आएंगे जिनका संविलियन की प्रक्रिया की जा रही है व जिन कर्मचारियों पर जांच प्रक्रिया चल रही है। जब उपस्थित दैनिक कर्मचारियों के द्वारा यह मांग की गई। की आप के पास शासन का कोई भी आदेश आया है की दैनिक वेतन भोगियों को कल से काम पर नहीं आना है तो डूमर कछार सीएमओ राजेश शुक्ला के पास उनके सवालों का कोई भी जवाब या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
दैनिक वेतन भोगियों ने की तालाबंदी की घोषणा*
डूमर कछार सीएमओ राजेश शुक्ला के विवादित बयान के बाद नगर परिषद में हड़कंप मचा हुआ है व दैनिक वेतन भोगियों ने सीएमओ मुर्दाबाद व डूमर कछार नगर पार्षद मुर्दाबाद के नारे लगाएं वह कल से 5 मार्च 2022 से फैसला होने तक तालाबंदी की घोषणा भी की है