तस्करो के लिए काल बना विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, नही होने देंगे पशु तस्करी- जिला संयोजक
अनूपपुर/कोतमा
बीते दिनों प्रशासन द्वारा पशु तस्करों पर धरपकड़ की कार्यवाही की गयी है। जिसके लिए प्रशासन की सख्ती काबिले तारीफ है। प्रशासन की सख्ती से जहां पशु तस्करों में भय नजर आ रहा था। वही सम्भाग के कई पशु सरगना जहां सलाखों के पीछे पहुंच चुके थे। वो अब जमानत पर छूटकर पुनः अपने पेशे पशु तस्करी में उतर आए है।
पुलिस की कार्यवाही से जहां ट्रकों पर पशु लोड कर स्लाट हाउस कटिंग के लिए भेजे जाने वाले जानवरों की तस्करी से जुड़े पशु माफियाओं पर जो अंकुश लगा था । वहीं शासन की सख्ती से पशु तस्करी पर सख्त कार्यवाही से जिले में अवैध कारोबार जहां बन्द हो गए थे । परन्तु इस समय क्षेत्र के सरगना के जमानत पर छूटने के बाद पुनः कटिंग का कारोबार फल फूल रहा है। पुलिस की पशु तस्करी पर धरपकड़ से ग्राम पंचायत की रसीद और नगर पालिका की रसीद पेश कर कटिंग हेतु ले जाने वाले चोरी के जानवरों को भी सही साबित कर दिया जाता है। फिर वही जानवर रातों रात गायब भी हो जाते है। और चोरी की शिकायत लेकर थाने पहुंचे शिकायत कर्ता अपना माथा पीटते थाने में नजर आते है।
*वापस आकर सक्रिय हुआ पशु तस्कर*
विदित होकि कोतमा पशु बाजार से जुड़े पशु तशकरो के तार कटनी, सतना, व्योहारी, जयसिंहनगर, गोहपारू, शहडोल, बुढ़ार, राजनगर, केशवाही, झींक बिजुरी के पशु तशकरों से जुड़े होने की बात सामने आई। सूत्रों की माने तो विभागीय जांच पर मुख्यतः कोतमा पशु बाजार को पशु तश्करी का मुख्य अड्डा होना ज्ञात हुआ।जिसपर विभाग का दवाव कोतमा पुलिस पर आने पर तो पूर्व में कार्यवाही करते हुए दो तीन वाहनों पर धड़ाधड़ धरपकड़ कर जहां पशु तश्करी पर अंकुश कार्यवाही दिखाकर वाहन चालक पर अवैध परिवहन का मुकदमा दर्ज कर मामले तो पंजीबद्ध किये। मगर उससे पशु तश्करी पर लगाम लगाने में पुलिस सफल नही हो पाई।
*खाकी और खादी के संरक्षण में होता है*
सूत्रों की माने तो खाकी व खादी धारियों की गाड़ियां देर रात तक कोतमा पशु बाजार के ठीहे पर अक्सर खड़ी रहती है । और बकायदा सत्तादल व विपक्ष के राजनीति से जुड़े लोगों व पुलिस के ही मातहत कर्मचारी तस्करी को बढ़ावा देते नजर आते है। कभी वाहन पकड़े भी गए तो बड़े माफिया अवैध परिवहन की खानापूर्ति की कार्यवाही से बच निकलते है। वही छोटे किसान गेंहू के साथ घुन की तरह पिस रहे हैं ऐसा पशु बाजार से जुड़े छोटे किसानों का कहना है।
*जिले के विभिन्न थानों पशु चोरी की सैकड़ो शिकायते*
वही यदि पुलिस थानों पर पशु चोरी की शिकायतों पर नजर डालें तो अनूपपुर जिले के कोतमा,बिजुरी राजनगर, भालूमाड़ा फुनगा में सैकड़ों जानवरों की चोरी की शिकायतें पड़ी हुई है। जो जांच में मामले लंबित हैं। मगर जानवर गायब कहां हो रहे हैं । यह सवाल हमेसा मुंह बाए खड़ा रहता है। क्या बिना पुलिस व राजनेताओं के संरक्षण के जानवरों की तश्करी सम्भव है यह भी एक बड़ा सवाल है।
*बजरंग दल ने पकड़े थे 66 नग मवेशी*
घटना दिनांक 20 फरवरी को देर रात 4 बजे कोतमा बनिया टोला से बदरा रोड में ट्रक में लोड कर सतना मझगवां जानवर ले जाते समय विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के जिला संयोजक और शिवा शुक्ला, मटरू, रवि द्वारा 59 नग मवेशी पकड़कर थाने के सुपुर्द किये गए। मौके पर कोई रसीद उपलब्ध नही थी जिस पर पुलिस द्वारा कांजी हाउस में रखा गया। दूसरे दिन 7 नग जानवरो की रसीद होने की बात सामने आई थी। फिर कोतमा मवेसी पशु बाजार के ठेकेदार द्वारा नगर पालिका की रसीद पेश कर न्यायालय से जानवर छुड़वाए गए। वही 27 फरवरी को विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के जिला संयोजक प्रीतम तिवारी, संजय त्रिपाठी, गोपी यादव,कामता, व अन्य बजरंग दल कार्यकर्ताओ द्वारा सोही बेल्हा धुम्मा तालाब के पास 7 नग मवेशी पकड़े । मौके पर कोई रसीद नही मिलने पर भालूमाड़ा पुलिस को सूचना दी गई पुलिस ने मौका पँचनामा बनाकर मामला दर्ज करते हुए 11 क पशु क्रूरता अधिनियम, के तहत कार्यवाही कर गंगा सिंह गोंड निवासी धनौली, प्रेम नारायण कंवर, निवासी शिकारपुर पर मुकदमा दर्ज किया। जानवर जप्ती कर सिलहरा कांजी हाउस में रखा गया।
*मौके पर नही मिलती कोई रसीद*
पशु तश्करी की कार्यवाही होने पर ठेकेदार द्वारा बाद में ग्राम पंचायत उरा और नगर पालिका की रसीद लाकर पेश करने से एक तरफ पुलिस के हाथ स्वतंत्र कार्यवाही पर बंधे नजर आते है। वही थानों में दर्ज पशु चोरी के शिकायतकर्ता थाने में जानवर तलाश करवाने प्रभारी के हाथ जोड़ते नजर आते है। इससे एक तरफ जहां पशु तश्करी पर पुलिस लगाम नही लगा पा रही वही शिकायत कर्ताओं का पुलिस व कानून व्यवस्था से भरोसा भी उठता दिख रहा है।
*नियम विरुद्ध कोई कार्य नही होते*
वही पशु बाजार ठेके से जुड़े ठेकेदारों का कहना है कि विगत चालीस साल से भी ज्यादा समय से कोतमा पशु बाजार पशुओं की खरीदी बिक्री का एक बहुत बड़ा केंद्र रहा है। जहां से नियम विरुद्ध कोई भी कार्य नही होते। नगर पालिका द्वारा आमन्त्रित निविदा पर ठेका लेकर पशु बाजार संचालित किया जाता है जिसकी विधिवत खरीदी बिक्री की रशीद दी जाती है जिसका राजस्व नगरीय प्रशासन को जाता है। कोतमा पशु बाजार को बदनाम करने चंद लोग बाजार में बैठकर अन्य जगहों पर ठीहे बनाकर जानवरों की तश्करी करते हैं व पशु तश्करी कर जानवरो को स्लाट हाउस भेजते हैं व बदनाम कोतमा पशु बाजार होता है। प्रशासन की कार्यवाही काबिले तारीफ है। प्रशासन आगे भी तस्करों पर सख्त कार्यवाही करें परन्तु पशु तश्करी के कार्यवाही में छोटे किसानों को बेवजह परेशान न किया जाए अन्यथा ऐसे में पशु व्यवसाय व बाजार बंद होने की स्थिति बन जाएगी।
*इनका कहना है*
20 फरवरी को बजरंग दल कार्यकर्ताओ के द्वारा 59 नग मवेसी पकड़े गए थे। जिन्हें कांजी हाउस में रखकर नगर पालिका व काजी हाउस को सूचना दी गयी थी। यह भी कहा गया था कि यदि कोई वैध दस्तावेज नही होंगे तो हम एफआईआर करेंगे। आगे क्या कार्यवाही हुई यह नगर पालिका वाले ही बता पाएंगे
*अजय कुमार बैगा थाना प्रभारी कोतमा*
7 नग मवेसी पैदल ले जाने की सूचना बजरंगदल के कार्यकर्ताओं से मिली थी। मौके पर कोई दस्तावेज न मिलने पर जानवरो को जप्ती कर कांजी हाउस में रखाये गए है व 11 क पशुक्रूरता अधिनियम,के तहत 3 लोगो पर कार्यवाही की गई है।
*अमेरिका सिंह प्रधान आरक्षक, भालूमाड़ा*
अनूपपुर जिले के किसी थाने में पशु तस्करी नही होने देंगे, चाहे इसके लिए जो रास्ता अपनाना पड़े वह बजरंगदल के कार्यकर्ता उठाएंगे,जिसकी पूरी जवाबदेही प्रशासन की होगी।
*प्रीतम तिवारी जिला संयोजक विहिप बजरंग दल अनूपपुर*