महिला के अंधी हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, जादू, टोना के शक में की थी हत्या दोनो आरोपी सगे भाई गिरफ्तार


​शहडोल

थाना जयसिंहनगर पुलिस ने ग्राम कनाड़ीकला में हुई एक वृद्ध महिला की अंधी हत्या के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों सगे भाई अनिल यादव पिता अशोक यादव, उम्र 22 वर्ष, सुनील यादव पिता अशोक यादव, उम्र 25 वर्ष दोनो ग्राम कनाड़ीखुर्द, थाना जयसिंहनगर, जिला शहडोल के निवासी को गिरफ्तार कर लिया है। 

​06 जुलाई 2026 को महेन्द्र यादव (पिता ललुआ यादव, निवासी ग्राम कनाड़ीकला पतेरा टोला) ने थाना जयसिंहनगर में सूचना दर्ज कराई थी कि उनकी माता गेंदा बाई यादव बाजार से घर लौट रही थीं। इसी दौरान ग्राम कनाड़ीकला स्थित बड़ादेव के पास कुल्हाड़िया नदी की धार में उनका शव मिला, जिसके गले पर धारदार हथियार से प्रहार के निशान थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीकृत कर विवेचना शुरू की।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने संदेही अनिल यादव एवं सुनील यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।।

​पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि हत्या की वजह जादू-टोना का अंधविश्वास था। आरोपियों को भ्रम था कि मृतिका गेंदा बाई यादव द्वारा किए गए जादू-टोने के कारण उनकी माता लगातार बीमार रहती थीं। इसी संदेह में दोनों ने मिलकर पूर्व नियोजित षड्यंत्र रचा।

​योजना के मुताबिक, 6 जुलाई को आरोपी सुनील यादव कुल्हाड़ी लेकर नदी के पास पहले से ही घात लगाकर बैठ गया। जैसे ही वृद्ध महिला वहाँ पहुँची, आरोपी अनिल यादव ने पीछे से कुल्हाड़ी से उनकी गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। ​पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और मोबाइल फोन विधिवत जब्त कर लिए हैं। 

समाचार 01 फ़ोटो 01

महिला के हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, जादू, टोना के शक में की थी हत्या दोनो आरोपी सगे भाई गिरफ्तार

​शहडोल

थाना जयसिंहनगर पुलिस ने ग्राम कनाड़ीकला में हुई एक वृद्ध महिला की अंधी हत्या के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों सगे भाई अनिल यादव पिता अशोक यादव, उम्र 22 वर्ष, सुनील यादव पिता अशोक यादव, उम्र 25 वर्ष दोनो ग्राम कनाड़ीखुर्द, थाना जयसिंहनगर, जिला शहडोल के निवासी को गिरफ्तार कर लिया है। 

​06 जुलाई 2026 को महेन्द्र यादव (पिता ललुआ यादव, निवासी ग्राम कनाड़ीकला पतेरा टोला) ने थाना जयसिंहनगर में सूचना दर्ज कराई थी कि उनकी माता गेंदा बाई यादव बाजार से घर लौट रही थीं। इसी दौरान ग्राम कनाड़ीकला स्थित बड़ादेव के पास कुल्हाड़िया नदी की धार में उनका शव मिला, जिसके गले पर धारदार हथियार से प्रहार के निशान थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीकृत कर विवेचना शुरू की।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने संदेही अनिल यादव एवं सुनील यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।।

​पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि हत्या की वजह जादू-टोना का अंधविश्वास था। आरोपियों को भ्रम था कि मृतिका गेंदा बाई यादव द्वारा किए गए जादू-टोने के कारण उनकी माता लगातार बीमार रहती थीं। इसी संदेह में दोनों ने मिलकर पूर्व नियोजित षड्यंत्र रचा।

​योजना के मुताबिक, 6 जुलाई को आरोपी सुनील यादव कुल्हाड़ी लेकर नदी के पास पहले से ही घात लगाकर बैठ गया। जैसे ही वृद्ध महिला वहाँ पहुँची, आरोपी अनिल यादव ने पीछे से कुल्हाड़ी से उनकी गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। ​पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और मोबाइल फोन विधिवत जब्त कर लिए हैं। 

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सरपंच, सचिव की बड़ी लापरवाही, नाली के अंदर डाल दी पेयजल पाइपलाइन, फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

&कार्यवाही की मांग*

​अनूपपुर

जनपद पंचायत अनूपपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बदरा से विकास कार्यों में लापरवाही और मनमानी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ जनपद पंचायत कार्यालय और पंचायत भवन से महज 10 मीटर की दूरी पर चल रहे पेयजल पाइपलाइन विस्तार कार्य में तकनीकी मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जिस मार्ग से प्रतिदिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी गुजरते हैं, उसी मार्ग पर हो रही इस घोर अनियमितता को लेकर सभी ने आँखें मूंद रखी हैं।

स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए नियमानुसार जमीन की खुदाई कर पाइपलाइन बिछाई जानी थी। लेकिन ठेकेदार और पंचायत प्रशासन ने मेहनत और बजट बचाने के चक्कर में पाइपलाइन को सीधे गंदे पानी की नाली के भीतर ही डाल दिया। ग्रामीणों का कहना है कि नाली के भीतर पाइप डालने से भविष्य में पाइप क्षतिग्रस्त होने पर पूरी बस्ती में दूषित और जहरीला पानी सप्लाई होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। लाखों रुपये की सरकारी योजना को इस तरह पलीता लगाना सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है।

ग्रामीणों ने इस घटिया निर्माण कार्य का विरोध किया और नियमानुसार काम कराने की मांग की, तो पंचायत प्रशासन द्वारा उनकी शिकायतों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। इतना ही नहीं, कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विरोध करने वालों पर सरपंच-सचिव द्वारा अपने राजनैतिक प्रभाव और ऊंची पहुंच का हवाला देकर दबाव बनाने व उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास भी किया गया।

​मामले को लेकर क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर अनूपपुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी तथा संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए। यदि जांच में निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी या किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषी सरपंच, सचिव और संबंधितों के खिलाफ सख्त वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

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जंगल मे अज्ञात लोगों ने दो ट्रक ड्राइवर को बनाया बंधक, नही हुआ मामला दर्ज, एसपी से हुई शिकायत

अनूपपुर

जिले के ग्राम पाटन, थाना जैतहरी निवासी ट्रांसपोर्टर दिग्विजय सिंह के अनुसार उनके दो हाइवा वाहन क्रमांक CG31B1632 (16 चक्का) एवं CG31C1309 (12 चक्का) जैतहरी स्थित मोजर बेयर पावर प्लांट में राखड़ परिवहन कार्य में लगे हुए थे।

दिग्विजय सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि 4 जुलाई 2026 की तड़के लगभग 4 बजे हरद ओसीएम से राखड़ खाली कर लौटते समय भालूमाड़ा साइडिंग जंगल के पास काले रंग की फोर व्हीलर में सवार 6 से 10 अज्ञात व्यक्तियों ने दोनों हाइवा वाहनों को रोक लिया।

आवेदन के अनुसार आरोपियों ने दोनों ड्राइवरों के साथ गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी, मोबाइल फोन एवं वाहन की चाबियां छीन लीं और उन्हें जबरन अपने वाहन में बैठाकर मनेंद्रगढ़ की ओर ले गए। बाद में ड्राइवरों को चिरमिरी क्षेत्र में छोड़ दिया गया, जबकि दोनों हाइवा वाहन अपने कब्जे में लेकर चले गए।

शिकायतकर्ता के अनुसार सुबह भोर में जब उन्होंने वाहनों की जीपीएस लोकेशन देखी तो दोनों वाहन अपने निर्धारित मार्ग पर न होकर राजनगर क्षेत्र में दिखाई दिए। ड्राइवरों से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन मोबाइल बंद या संपर्क से बाहर मिला। बाद में ड्राइवरों ने मनेंन्द्रगढ पहुंच कर फोन मिलने पर फोन कर कथित पूरी घटना क्रम की जानकारी दी।

दिग्विजय सिंह का आरोप है कि घटना की सूचना तत्काल थाना भालूमाड़ा को दी गई, लेकिन पुलिस द्वारा अपराध दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को विस्तृत शिकायत सौंपते हुए अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध अपहरण, लूट एवं वाहन चोरी सहित अन्य धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने तथा दोनों वाहनों की बरामदगी की मांग की।

मामले में चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी के प्रतिनिधि अमित त्रिपाठी ने थाना भालूमाड़ा में प्रस्तुत अपने लिखित जवाब में दावा किया है कि दोनों वाहन लंबे समय से ऋण की किस्तें बकाया होने के कारण कंपनी के अधिकार के तहत कब्जे में लिए गए। उन्होंने लूट, अपहरण अथवा अवैध कब्जे के आरोपों से इंकार करते हुए इसे वैधानिक रिकवरी की कार्रवाई बताया। 

मामले की गंभीरता और सामने आए दस्तावेजों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। 

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रात से सुबह तक बजता रहा बैंक का हूटर, जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी, रातभर नागरिक करते रहे चौकीदारी

अनूपपुर

जिला मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर शुक्रवार की रात उस समय बड़ा सवाल खड़ा हो गया, जब कोतवाली थाना से महज लगभग 150 मीटर की दूरी पर स्थित पंजाब नेशनल बैंक का सुरक्षा हूटर रात करीब 2:00 बजे से लगातार बजता रहा। हैरानी की बात यह रही कि घंटों तक सायरन गूंजता रहा, लेकिन न तो बैंक प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदारों ने कोई तत्परता दिखाई।

लगातार बजते हूटर से आसपास के रहवासियों में दहशत का माहौल बना रहा। चोरी या किसी अन्य अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों ने स्वयं रातभर बैंक के आसपास निगरानी की। वहीं दूसरी ओर, तेज आवाज के कारण क्षेत्र के बुजुर्ग, बीमार, छोटे बच्चों वाले परिवार तथा उच्च रक्तचाप के मरीज पूरी रात सो नहीं सके।

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब बैंक शहर के सबसे संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है और कोतवाली की दूरी महज डेढ़ सौ मीटर है, तब भी घंटों तक बजते सुरक्षा अलार्म पर किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी? क्या रात्रिकालीन गश्ती दल ने इस मार्ग से गुजरना भी उचित नहीं समझा, या फिर सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है?

यदि यह केवल तकनीकी खराबी थी, तब भी तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति स्पष्ट करना बैंक प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसी की जिम्मेदारी थी। लेकिन यदि किसी वास्तविक आपराधिक घटना के दौरान भी यही स्थिति रहती, तो उसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते थे। यह घटना सुरक्षा तंत्र की संवेदनशीलता और जवाबदेही दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।

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मालगाड़ी डिरेलमेंट का मुख्य आरोपी को आरपीएफ व टास्क फोर्स की टीम ने किया गिरफ्तार

अनूपपुर

बिलासपुर–अनूपपुर रेलखंड के करगीरोड स्टेशन पर 13 जुलाई 2026 को हुई मालगाड़ी डिरेलमेंट की घटना में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी टास्क फोर्स टीम और आरपीएफ उसलापुर की संयुक्त कार्रवाई में अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ क्षेत्र से की गई।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान पवन नायक (29 वर्ष), निवासी ग्राम करपा, पोस्ट करपा, थाना करनपठार, तहसील पुष्पराजगढ़, जिला अनूपपुर के रूप में हुई है। आरपीएफ के अनुसार करगीरोड स्टेशन के लाइन नंबर-03 पर टी/एन बॉक्स-419 के डिरेलमेंट मामले में पवन नायक मुख्य आरोपी था और घटना के बाद से फरार चल रहा था।

गौरतलब है कि हादसे के बाद आरपीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 10 घंटे के भीतर 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। लगातार तलाश और तकनीकी जांच के बाद आखिरकार उसे पुष्पराजगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया।

आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। रेलवे प्रशासन ने कहा कि रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और रेल परिचालन में बाधा डालने वाले तत्वों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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8 माह से फसल मुआवजे का इंतजार, किसानों ने उपमुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

शहडोल

जिले के सोहागपुर तहसील अंतर्गत खैरहा क्षेत्र के कई गांवों के किसानों ने अपनी लंबित फसल मुआवजा राशि दिलाने की मांग को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री को शिकायत पत्र सौंपा। किसानों ने बताया कि अति वर्षा और कीट प्रकोप के कारण वर्ष 2025 में उनकी सोयाबीन की फसल पूरी तरह प्रभावित हो गई थी, लेकिन करीब आठ माह बीत जाने के बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका है।

किसानों के अनुसार ग्राम हरदी, कोखार कला, मड़वा, कठोतिया सहित आसपास के कई गांवों की फसल खराब हुई थी। इस संबंध में 23 दिसंबर 2025 को कलेक्टर एवं एसडीएम को जनसुनवाई में आवेदन दिया गया था। इसके बाद 8 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी शिकायत पत्र सौंपकर राहत राशि दिलाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

किसानों का कहना है कि फसल नुकसान के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कई किसानों पर किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का बकाया ऋण है, जिसके चलते उन्हें नया ऋण भी नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने सरकार से शीघ्र मुआवजा राशि जारी करने, लंबित मामलों का निराकरण करने तथा राहत प्रदान करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

समाचार 07 फ़ोटो 07

चेक अनादरण एन. आई. एक्ट 138 विशेष लोक अदालत का सफल आयोजन कुल  23  प्रकरणों का हुआ निराकरण

 शहडोल 

म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल काशीनाथ सिंह  के कुशल मार्गदर्शन एवं द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के.पी सिंह अध्यक्षता में आज चेक अनादरण एन. आई. एक्ट 138 विशेष लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय शहडोल एवं सिविल न्यायालय ब्यौहारी, बुढ़ार तथा जयसिंहनगर में किया गया। जिला शहडोल में चेक अनादरण एन. आई. एक्ट 138 विशेष लोक के निराकरण हेतु जिला न्यायालय शहडोल एवं सिविल न्यायालय ब्योहारी बुढ़ार तथा जयसिंहनगर में कुल 7 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया जिसमें, जिला न्यायालय शहडोल में 2 खंडपीठ, तहसील न्यायालय ब्यौहारी में 2 खंडपीठ, तहसील न्यायालय बुढ़ार में 2 खंडपीठ एवं तहसील न्यायालय जयसिंहनगर में 1 खंडपीठ गठित किए गए है।

चेक अनादरण एन. आई. एक्ट 138 विशेष लोक अदालत का एवं  शुभारंभ द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के.पी सिंह द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया। उपरांत उनके द्वारा चेक अनादरण एन. आई. एक्ट 138 विशेष लोक अदालत से होने वाले लाभ के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए व्यक्त किया गया कि लोक अदालत में राजीनामा के माध्यम से प्रकरण समाप्त कराये जाने पर दोनों पक्षों की जीत होती है एवं उनका मुकदमा पूर्ण रूप से समाप्त हो जाता है जिसकी अपील भी नहीं होती। इसके अलावा पक्षकारों द्वारा वाद शुल्क की वापसी हो जाती है। इस लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का राजीनामा के माध्यम से निराकरण कराकर उक्त कार्यक्रम को सफल बनावें।

इस चेक अनादरण एन. आई. एक्ट 138 विशेष लोक  अदालत में कुल 21 लंबित एवं 2 प्रीलिटिगेशन प्रकरण इस प्रकार कुल 23 प्रकरणों  का निराकरण हुआ जिसमें कुल 10317419/- राशि का अवार्ड पारित हुआ।

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दुर्घटनाओं मे कमी लाने, हाईवे पर खड़े वाहनों व पार्किंग के लिए दी समझाइश

उमरिया

पुलिस अधीक्षक जिला उमरिया विजय भागवानी के निर्देशन में सड़क दुर्घटनाओं मे कमी लाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस द्वारा निरन्तर शहर के अन्दर एवं हाईवे पर रोड पर खड़े वाहनों को चेक किया जा रहा है । चेकिंग कार्यवाही के दौरान वाहनों को रोड से सुरक्षित दूरी पर खड़े करने एवं आवश्यक नियमों का पालन करने की समझाइश दी जा रही है , साथ ही आवश्यकतानुसार चालानी कार्यवाही की जा रही है। यातायात पुलिस द्वारा उमरिया शहर एवं हाईवे पर पेट्रोलिंग कर सड़क पर लगे ठेलों , खड़े वाहनों को सड़क किनारे कराते हुए सख्त हिदायत दी गई कि सड़क पर किन्ही भी परिस्थितयों मे वाहन एवं ठेले ना खड़े किये जाये जिससे की यातायात व्यवस्था बाधित हो साथ ही कोई दुर्घटना हो। इसके साथ-साथ हाईवे पर खासकर ढाबा के पास चेकिंग करते हुए सड़क पर खड़े वाहनों को सड़क से सुरक्षित दूरी पर खड़ा कराया गया एवं ढाबा संचालक सहित चालकों को चेतावनी दी गई कि ऐसी स्थिति मे भूलकर भी वाहन खड़े ना करे जो सड़क दुर्घटना का कारण बने । उमरिया यातायात पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटना मे कमी लाने हेतु इस तरीके के प्रयास निरन्तर जारी है।

समाचार 09

कलेक्टर ने अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण पर बांटे नियुक्ति पत्र

उमरिया

कलेक्टर राखी सहाय ने अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों का त्वरित निराकरण करते हुए पात्र आश्रितों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य दिवंगत शासकीय कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों का समय-सीमा में निष्पक्ष एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाए। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। 

इस दौरान उन्होने रिंकी बर्मन पति स्व० संतोश बर्मन तहसील कार्यालय पाली कलेक्टर जिला राजस्व स्थापना भृत्य को कार्यालय तहसील बांधवगढ़ में भृत्य, शैलेन्द्र सिंह गोंड स्व० सूरसेन सिंह गोंड सहायक शिक्षक शा०मा०बमेरा विकासखंड मानपुर को तहसील कार्यालय बिलासपुर में सहायक वर्ग -3, शांति पनिका पति स्व० परदेशी पनिका प्राथमिक शिक्षक शा०प्रा० सेहराटोला को तहसील कार्यालय पाली में सहायक वर्ग -3 तथा भैयाराम चक्रवाह स्व० अंगद प्रसाद चक्रवाह प्रधानाध्यापक शा.मा.शा. बकेली जन जातीय कार्य विभाग को सहायक वर्ग-3 में अनुकंपा नियुक्ति पत्र की नियुक्ति का पत्र सौंपा।

टाइगर रिजर्व में मिला मादा बाघ शावक का शव, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी मौत के कारणों की पुष्टि


उमरिया

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर रेंज अंतर्गत बीट धमोखर की सीमा से लगभग 500 मीटर दूर ग्राम चापर के राजस्व क्षेत्र में एक मादा बाघ शावक का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन अमला और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया।

वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर ने मृत शावक का प्राथमिक परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में शावक के सिर की हड्डियों में फ्रैक्चर पाया गया है। इसके अलावा शव पर नाखून और दांत के निशान भी मिले हैं, जिससे प्रथम दृष्टया किसी जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

घटनास्थल पर किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या शिकार की संभावना की जांच के लिए डॉग स्क्वाड की सहायता से सर्च अभियान चलाया गया। साथ ही मेटल डिटेक्टर से भी क्षेत्र की गहन जांच की गई, लेकिन कोई भी अस्वाभाविक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।

समयाभाव के कारण मृत शावक के शव को सुरक्षित रख लिया गया है। क्षेत्र संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वन विभाग के अनुसार शावक का विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रचलित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप शव का दाह संस्कार किया जाएगा तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की जाएगी। वन विभाग पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।

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