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पत्रकारिता को चौथे स्तंभ की मान्यता के लिये लाएं लोकसभा मे प्रस्ताव- शलभ भदौरिया
*जिला मुख्यालय बनेगा पत्रकार भवन, सोशल मीडिया व एआई का प्रयोग कल्याणकारी पत्रकारिता के लिये हो*
अनूपपुर
सोशल मीडिया और वर्तमान पत्रकारिता जैसे सारगर्भित विषय को लेकर अनूपपु्र जिला मुख्यालय स्थित धनश्री पैलेस मे आयोजित मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला सम्मेलन मे जिले भर से आए लोगो के बीच विद्वान वक्ताओं ने सारगर्भित विचार रखे।
जिला सम्मेलन मे पत्रकारों को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने अपने सारगर्भित उद्बोधन मे कहा कि भले ही मीडिया को संविधान मे चौथे स्तंभ का दर्जा प्राप्त ना हो लेकिन समाज मे आज भी उसे विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका की तरह चौथे स्तम्भ की स्वीकार्यता है। उन्होने कहा कि सोशल मीडिया और वर्तमान पत्रकारिता अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। प्रिंट मीडिया के बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अब सोशल मीडिया पत्रकारिता का एक और बढता हुआ कदम है। सोशल मीडिया का उपयोग सही , सत्य और तथ्यात्मक पत्रकारिता मे होना चाहिए । उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के प्रत्येक बदलाव के बाद भी प्रिंट मीडिया का महत्व आज भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारे पत्रकार भाई प्रतिदिन कडी मेहनत करके खोजपरक खबरे निकालते हैं। उन्होंने कलेक्टर हर्षल पंचोली से कहा कि यह प्रयास हो कि जिला मुख्यालय मे एक पत्रकार भवन बनाया जाए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि शलभ भदौरिया ने कार्यक्रम की शुरुआत दो लाइनों से करते हुए कहा कि खामोशी तुम्हें जीने नहीं देगी, सच के लिए कोहराम मचा दो।बजिसका सभी ने तालियों के साथ स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहले तीन प्रकार की पत्रकारिता होती रही है ।
आज के दौर मे तीसरे पायदान पर जनोंमुखी पत्रकारिता है। आज के दौर में जनोंनुखी पत्रकारिता की जरूरत है। उन्होंने कहा की परिवार का मुखिया होने के नाते मेरा यह दायित्व है कि मैं झूठी तारीफ न कर आप सबको आपकी कमियां बताकर उन्हें दूर करूं।श्री भदौरिया ने कहा कि आज कल सरकार नारद जयंती मनाने लगी है , तो नारद भी तो हम पत्रकारों के कुनबे के ही पत्रकार हैं। वे देव ऋषि थे, फिर भी राक्षसों के बीच सम्मान पाते थे।उन्होंने कहा कि यदि नेता लोग हमें वास्तव में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानते हैं तो लोकसभा में प्रस्ताव पारित करें।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने पत्रकारिता की मर्यादा और जिम्मेदारी पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों में अनुशासन होना सबसे जरूरी है। श्री भदौरिया ने कहा पत्रकार सरस्वती पुत्र हैं इसलिए उन्हें किसी की चरण वंदना से बचना चाहिए। पत्रकार का काम सच दिखाना है, चापलूसी करना नहीं।शलभ भदौरिया ने कहा कि समाज के प्रति पत्रकारों की बड़ी जिम्मेदारी होती है।आज के दौर में पत्रकारिता पर कई सवाल उठ रहे हैं,ऐसे में अनुशासन और मर्यादा ही पत्रकार की असली ताकत है।
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सरपंच ने सीईओ जिला पंचायत के विरुद्ध, आत्म दाह करने की दी चेतावनी, कमिश्नर के दरबार में लगायी न्याय की गुहार
*पद पृथक करने का मामला*
उमरिया
जिले के बिरसिंहपुर पाली जनपद पंचायत के गिंजरी ग्राम पंचायत के सरपंच नन्हू सिंह को पद से पृथक करने के मामले में सरपंच ने जिला पंचायत उमरिया के मुख्य कार्य पालन अधिकारी अभय सिंह ओहरिया के पद से नियम विरूद्ध हटाने के विरोध में आयुक्त शहडोल के दरबार में पहुंच कर आत्म दाह की चेतावनी के साथ अपनी फरियाद लगायी है। बताया जाता है कि ग्राम पंचायत के सरपंच नन्हू सिंह ने आयुक्त शहडोल को ज्ञापन देकर बताया की मुख्य कार्य पालन अधिकारी अभय सिंह ओहरिया ने फर्जी जांच प्रतिवेदन के आधार पर सरपंच पद से नियम विरूद्ध पद से पृथक कर दिया है, जो कि न सिर्फ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में चुने हुए जन प्रतिनिधियों का सीधा अपमान है, साथ ही जिले भर में प्रशासनिक तंत्र की भष्ट्राचार की जडो को मजबूत और पल्लवित करने का काम किया है। जिला पंचायत के इस दुर्भावनापूर्ण निर्णय से जिले भर के जन प्रतिनिधियों में भय का वातावरण बना हुआ है।
मामले के संबंध में बताया जाता है कि गिंजरी में वर्ष 2024-25 में बरबसपुर के जोगी नाला में अमृत तालाब का काम नियमानुसार मापदंडों के अनुरूप सहायक यंत्री और उपयंत्री के आदेशानुसार बनाया गया है। सरपंच ने आरोप लगाया है कि अमृत सरोवर के इस कार्य में उपयंत्री के व्दारा बिना मूल्यांकन, बिना भुगतान के ही स्वीकृति राशि के 10% राशि की मांग की गयी थी और राशि नहीं दिये जाने के कारण कार्य का मूल्यांकन नहीं किया गया, जब मूल्यांकन नहीं करने की शिकायत बार -बार की गयी, तो घर बैठे मनमानी पूर्वक माप -पुस्तिका बिना मूल्यांकन पत्रक के 17-12-25 को जनपद पंचायत में जमा कर दी गई, मामले को बढते देख मूल्यांकन पर्ची जनवरी 2026 में दी गई, तब सामग्री का बिल मनरेगा पोर्टल में दर्ज किया गया, तब तक राशि उपलब्ध नहीं करायी गयी जिस कारण से देयको का भुगतान नही किया जा सका।
ध्यान देने योग्य है कि सरपंच व्दारा उपयंत्री के व्दारा कार्य के मूल्यांकन न करने की शिकायत जनपद पंचायत पाली और जिला पंचायत उमरिया में समय समय पर की गयी है, उस पर संज्ञान न लेते हुए जिला पंचायत के व्दारा कार्य पालन यंत्री जल संसाधन विभाग उमरिया से मिथ्या कूट रचित जांच प्रतिवेदन तैयार कर सरपंच पद से हटाने की कार्य वाही की गयी है।
सरपंच नन्हू सिंह ने आयुक्त से मांग की है कि मैरी शिकायतों का निष्पक्ष रूप से जांच कराते हुए मेरे विरूद्ध नियम विरूद्ध पद से हटाने की कार्य वाही को निरस्त किया जाये अन्यथा मैं आदिवासी सरपंच आत्म दाह कर लूंगा, जिसकी संपूर्ण जबाबदारी प्रशासन की होगी।
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नर्मदा मंदिर ट्रस्ट पर जवाबदेही का संकट, विधायक का बड़ा हमला, रिकॉर्ड जनता व पत्रकारों के सामने रखे ट्रस्ट
*प्रशासन और ट्रस्ट पर बढ़ा पारदर्शिता का दबाव*
अनूपपुर
अमरकंटक स्थित मां नर्मदा मंदिर ट्रस्ट एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। ट्रस्ट की आय-व्यय, करोड़ों रुपये के चढ़ावे और संपत्तियों का सार्वजनिक लेखा-जोखा मांगने वाले पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने अब प्रस्तावित ट्रस्ट बैठक को लेकर नया मोर्चा खोल दिया है।
मां नर्मदा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं और इसी आस्था के संरक्षण की जिम्मेदारी मां नर्मदा मंदिर ट्रस्ट पर है। विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने ट्रस्ट की वर्षों की आय-व्यय, सोना-चांदी, चल-अचल संपत्तियों और विकास कार्यों का सार्वजनिक विवरण मांगकर बहस को नया आयाम दे दिया है। अब बैठक की तिथि बदलने की मांग और वीडियो संदेश में रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की अपील ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। सवाल यह नहीं कि बैठक कब होगी, बल्कि यह है कि क्या ट्रस्ट जनता के सामने अपने वित्तीय और प्रशासनिक रिकॉर्ड रखने को तैयार है।
मां नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की बैठक पहले 15 जुलाई को प्रस्तावित थी, जिसे बाद में 18 जुलाई के लिए निर्धारित किया गया। अब विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने कलेक्टर को पत्र लिखकर बैठक की तिथि फिर बदलने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि यदि बैठक 18 जुलाई को होती है तो ट्रस्ट का पूरा रिकॉर्ड पत्रकारों और जनता के समक्ष सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
विधायक की सबसे बड़ी मांग ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर है। उनका कहना है कि ट्रस्ट के गठन से लेकर आज तक मंदिर में आए चढ़ावे, सोना-चांदी, नकद दान, चल-अचल संपत्तियों और विकास कार्यों पर हुए खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक होना चाहिए।
मामला केवल ट्रस्ट तक सीमित नहीं है बल्कि प्रशासन की भूमिका भी चर्चा का विषय बन गई है। ट्रस्ट की बैठकों का संचालन प्रशासनिक निगरानी में होता है, ऐसे में यह अपेक्षा स्वाभाविक है कि जनता द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब भी प्रशासनिक स्तर पर मिले। यदि रिकॉर्ड उपलब्ध हैं तो उन्हें सार्वजनिक करने में देरी क्यों हो रही है।
विधायक ने कहा की यदि ट्रस्ट आर्थिक रूप से इतना सक्षम है तो अमरकंटक में श्रद्धालुओं को अब भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ता है। स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग, यातायात व्यवस्था, श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधाएं और अन्य विकास कार्य अपेक्षित स्तर पर क्यों नहीं दिखाई देते है।
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यातायात कार्यालय से महज़ 100 मीटर दूर उड़ रही नियमों की धज्जियाँ, नाबालिगों की बाइक चलाने पर मौन हैं विभाग
अनूपपुर
सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद जिला मुख्यालय स्थित अशासकीय भारत ज्योति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बाहर एक गंभीर स्थिति देखने को मिल रही है। विद्यालय, जो यातायात विभाग कार्यालय से लगभग 100 मीटर की दूरी पर संचालित है, वहां प्रतिदिन अनेक छात्र-छात्राएं बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बुलेट, मोटरसाइकिल और स्कूटर जैसे दोपहिया वाहनों से विद्यालय पहुंच रहे हैं।
विद्यालय के प्राचार्य अलेक्जेंडर ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट व्यवस्था लागू की है कि केवल वही वाहन विद्यालय परिसर की पार्किंग में प्रवेश करेंगे, जिनके चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होगा तथा जो यातायात नियमों का पालन करेंगे। बिना लाइसेंस वाहन चलाकर आने वाले विद्यार्थियों के दोपहिया वाहनों को विद्यालय की बाउंड्री वॉल के बाहर ही खड़ा कराया जाता है। यह कदम विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदार और अनुशासित सोच को दर्शाता है।
हालांकि प्रश्न यह उठता है कि जब प्रतिदिन बिना लाइसेंस चलने वाले वाहनों की जानकारी खुले तौर पर सामने है और यह स्थान स्वयं यातायात विभाग कार्यालय के बेहद निकट है, तब भी विभाग द्वारा न तो चालानी कार्रवाई की जा रही है, न वाहन जब्त किए जा रहे हैं और न ही मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन स्वामियों अथवा अभिभावकों के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
जनहित में अपेक्षा है कि यातायात विभाग इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर विद्यालय के बाहर नियमित जांच अभियान चलाए, बिना लाइसेंस वाहन चला रहे विद्यार्थियों एवं संबंधित वाहन स्वामियों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार कार्रवाई करे तथा अभिभावकों को भी जागरूक बनाए, ताकि सड़क सुरक्षा के नियम केवल कागजों तक सीमित न रह जाएं, बल्कि धरातल पर भी प्रभावी रूप से लागू हों।
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दो दिवसीय भव्य दंगल (कुश्ती) प्रतियोगिता का हुआ भव्य शुभारंभ, महिला व पुरुष पहलवानों ने दिखाया दांव पेंच
अनूपपुर
जिले के पसान नगरपालिका क्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय भव्य दंगल (कुश्ती) प्रतियोगिता का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन के पहले ही दिन राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के महिला एवं पुरुष पहलवानों ने अपने दमदार दांव-पेंच और शानदार खेल कौशल से हजारों दर्शकों का दिल जीत लिया। अखाड़े में हुए एक से बढ़कर एक रोमांचक मुकाबलों ने खेल प्रेमियों को अंत तक बांधे रखा।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष राम अवध सिंह ने पहलवानों को माला पहनाकर एवं उनका आत्मीय स्वागत कर किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कुश्ती भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है। ऐसे आयोजन युवाओं को खेलों से जोड़ने, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने तथा क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं खेल परंपरा को नई पहचान देते हैं।
दंगल के पहले दिन कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, लेकिन सबसे अधिक आकर्षण महिला पहलवानों के मुकाबले रहे। महिला खिलाड़ियों ने बेहतरीन तकनीक, फुर्ती और दमदार प्रदर्शन का परिचय देते हुए पुरुष पहलवानों को भी पटखनी देकर दर्शकों की जमकर वाहवाही बटोरी। महिला पहलवानों के शानदार प्रदर्शन पर पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और दर्शकों ने खड़े होकर उनका उत्साहवर्धन किया। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे नामी महिला एवं पुरुष पहलवानों ने अखाड़े में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी ताकत, तकनीक और अनुभव का परिचय दिया।
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मध्यप्रदेश पुलिस के “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के तहत शा. विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
उमरिया
मध्यप्रदेश पुलिस के “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के तहत उमरिया पुलिस द्वारा ‘‘नशा से दूरी है जरूरी 2.0’’ अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना एवं उन्हें इससे दूर रहने हेतु प्रेरित करना है। मुख्य कार्यक्रम ग्राम पंचायत बंनौदा के शासकीय विद्यालय बंनौदा , पाली में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने नशे के प्रकार, उसके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। उपस्थित सभी छात्र छात्राओं और शिक्षकों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।
संवाद के दौरान पाली एसडीओपी शिवचरण बोहित के द्वारा नशे से होने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराया गया तथा नशे के खिलाफ अभियान में भागीदारी निभाने हेतु अपील की गई। नशा करने वाले व्यक्ति के साथ इसका दुष्प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। इस अभियान के दौरान लोगों को नशा छुड़ाने के साथ युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।अनेक युवा जो नशे में किसी कारणवश फंस जाते हैं और फिर उसने नशे की पूर्ति के लिए कोई भी आपराधिक वारदात करने से नहीं हिचकते हैं। नशा एवं अपराध मुक्त समाज की स्थापना के लिए हम सभी को मिलकर कदम उठाने होंगे, तभी यह मुहिम सार्थक होगी।नशे से दूरी वाले पोस्टर वितरित किए गए, साथ ही नशे के खिलाफ शपथ दिलाई गई। पुलिस द्वारा नशा मुक्ति अभियान के तहत जिले में लगातार ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सके और उन्हें एक स्वस्थ, सुरक्षित व सकारात्मक जीवन जीने हेतु प्रेरित किया जा सके।
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शिल्पकारो की कला अद्वितीय, देश-विदेशों में मिलेगी नई पहचान- सीईओ जिला पंचायत
शहडोल
संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम छतवई में भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ, जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार ट्राईफेड क्षेत्रीय कार्यालय मध्यप्रदेश द्वारा जनजातीय शिल्पकार नामिका मेला का आयोजन किया गया। मेला का शुभारंभ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, ट्राईफ़ेड के ए.के. रजक, योगेश यादव द्वारा भगवान गणेश जी प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर किया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति ने जनजातीय शिल्पकार नामिका मेला उपस्थित लोगों को सम्बोंधित करते हुए कहा कि शहडोल जिले के शिल्पकारों की कला अद्वितीय है, इनकी कला की पहचान अब देश विदेशों में मिलेगी।
उन्होंने कहा कि संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम, छतवई (शहडोल) द्वारा स्थानीय कारीगरों को डीएमएफ योजना वर्ष 2024-25 अंतर्गत 50 दिवसीय आधुनिक तकनीकों एवं पारंपरिक हस्तशिल्प का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस पहल से कारीगरों के कौशल का विकास होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा शहडोल जिले के हस्तशिल्प एवं हाथकरघा उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा।
नामिका मेला में उपस्थित लोगों को सम्बोंधित करते हुए ट्राइफेड विभाग के श्री योगेश यादव ने कहा कि जिले के शिल्पकार ट्राइफेड विभाग से जुडे और आॅनलाइन पंजीयन कराएं जिससे उनके द्वारा निर्मित किए गए उत्पादो की मार्केटिंग सुनिश्चित हो सके एवं ट्राइफेड विभाग द्वारा फ्लिपकार्ड, एमोजोन सहित अन्य इंटरनेट माध्यम से अपलोड कर उत्पादो को बढावा दिया जा सकें। उन्होंने कहा कि ट्राइफेड विभाग प्रारंभ में खरीददार उनके उत्पादो की कीमत प्रदाय की जाएगी
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उप मुख्यमंत्री ने वितरित की साइकिले
शहडोल
मध्यप्रदेश शासन के उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने शहडोल जिले के प्रवास के दौरान शासकीय संदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छतवई में अध्यनरत छात्राओ को विद्यालय आने जाने के लिए साइकिल का वितरण किया। इस अवसर पर सांसद हिमाद्री सिंह, कलेक्टर डाॅ. केदार सिंह, विधायक मनीषा सिंह, शरद कोल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहें।
समाचार 09
आर्थिक सहायता राशि स्वीकृति
शहडोल
कलेक्टर डाॅ. केदार सिंह ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से शहडोल जिले के जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम छतवई निवासी पुष्पा कोल को उपचार हेतु 60 हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है।
समाचार 10
गोताखोरों की टीम ने डैम से निकाला शव
उमरिया
जिले के उमरार डैम में डूबे युवक का शव अंततः खोज निकला एनडीआरईएफ के गोता खोरों ने तीन दल बनाकर वोट से तलाशी अभियान शुरू किया, मृतक के शव के पैर में रस्सी बांधकर वोट में रखकर बाहर निकाला। जबलपुर से आए गोताखोर खोजी दल ने दो घंटे के अथक प्रयास के बाद सफलता मिली लगभग 26 घंटे पूर्व शुभम सोनी पिता पवन सोनी 18 अपने चार साथियों के साथ डेम में नहाने गया था, जिसकी डैम में डूबकर मौत हो गयी थी। जिला अस्पताल में पी एम की कार्यवाही कर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
समाचार 11
बांधवगढ़ में मिला बाघ का शव
उमरिया बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से मृत अवस्था में बाघ शावक का शव मिलने की जानकारी है। धमोखर परिक्षेत्र में चार माह के शावक का मिला शव। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में चल रही कार्यशाला में पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ और एपीसीसीएफ भी है मौजूद।