सरपंच ने जिला सीईओ के खिलाफ, आत्म दाह की दी चेतावनी, कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार, पद से पृथक करने का मामला
उमरिया
जिले के बिरसिंहपुर पाली जनपद पंचायत के गिंजरी ग्राम पंचायत के सरपंच नन्हू सिंह को पद से पृथक करने के मामले में सरपंच ने जिला पंचायत उमरिया के मुख्य कार्य पालन अधिकारी अभय सिंह ओहरिया के पद से नियम विरूद्ध हटाने के विरोध में आयुक्त शहडोल के दरबार में पहुंच कर आत्म दाह की चेतावनी के साथ अपनी फरियाद लगायी है। बताया जाता है कि ग्राम पंचायत के सरपंच नन्हू सिंह ने आयुक्त शहडोल को ज्ञापन देकर बताया की मुख्य कार्य पालन अधिकारी अभय सिंह ओहरिया ने फर्जी जांच प्रतिवेदन के आधार पर सरपंच पद से नियम विरूद्ध पद से पृथक कर दिया है, जो कि न सिर्फ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में चुने हुए जन प्रतिनिधियों का सीधा अपमान है, साथ ही जिले भर में प्रशासनिक तंत्र की भष्ट्राचार की जडो को मजबूत और पल्लवित करने का काम किया है। जिला पंचायत के इस दुर्भावनापूर्ण निर्णय से जिले भर के जन प्रतिनिधियों में भय का वातावरण बना हुआ है।
मामले के संबंध में बताया जाता है कि गिंजरी में वर्ष 2024-25 में बरबसपुर के जोगी नाला में अमृत तालाब का काम नियमानुसार मापदंडों के अनुरूप सहायक यंत्री और उपयंत्री के आदेशानुसार बनाया गया है। सरपंच ने आरोप लगाया है कि अमृत सरोवर के इस कार्य में उपयंत्री के व्दारा बिना मूल्यांकन, बिना भुगतान के ही स्वीकृति राशि के 10% राशि की मांग की गयी थी और राशि नहीं दिये जाने के कारण कार्य का मूल्यांकन नहीं किया गया, जब मूल्यांकन नहीं करने की शिकायत बार -बार की गयी, तो घर बैठे मनमानी पूर्वक माप -पुस्तिका बिना मूल्यांकन पत्रक के 17-12-25 को जनपद पंचायत में जमा कर दी गई, मामले को बढते देख मूल्यांकन पर्ची जनवरी 2026 में दी गई, तब सामग्री का बिल मनरेगा पोर्टल में दर्ज किया गया, तब तक राशि उपलब्ध नहीं करायी गयी जिस कारण से देयको का भुगतान नही किया जा सका।
ध्यान देने योग्य है कि सरपंच व्दारा उपयंत्री के व्दारा कार्य के मूल्यांकन न करने की शिकायत जनपद पंचायत पाली और जिला पंचायत उमरिया में समय समय पर की गयी है, उस पर संज्ञान न लेते हुए जिला पंचायत के व्दारा कार्य पालन यंत्री जल संसाधन विभाग उमरिया से मिथ्या कूट रचित जांच प्रतिवेदन तैयार कर सरपंच पद से हटाने की कार्य वाही की गयी है।
सरपंच नन्हू सिंह ने आयुक्त से मांग की है कि मैरी शिकायतों का निष्पक्ष रूप से जांच कराते हुए मेरे विरूद्ध नियम विरूद्ध पद से हटाने की कार्य वाही को निरस्त किया जाये अन्यथा मैं आदिवासी सरपंच आत्म दाह कर लूंगा, जिसकी संपूर्ण जबाबदारी प्रशासन की होगी।
