बस दुर्घटना के बाद तीव्र गति से चलाने, दुर्घटनाओं व सुरक्षा उपायों के सम्बन्ध में कलेक्टर ने आदेश किए जारी 


अनूपपुर

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट हर्षल पंचोली ने जिले में यात्री बसों के तीव्र गति से चलाने व दुर्घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए सुरक्षा उपायों के सम्बन्ध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के अन्तर्गत आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशानुसार जिले में चलने वाली समस्त यात्री बसों में स्पीड गर्वनर का लगाना अनिवार्य होगा। स्पीड गर्वनर में उक्त यात्री बसों की अधिकतम गति 60 कि.मी. प्रति घण्टा से अधिक नहीं होनी चाहिए। यात्री बसों के सभी चालकों को मेडिकल की दृष्टि से फिट होना चाहिए तथा वाहन चालकों के लाइसेंस जारी करने एवं नवीनीकरण करने के समय उनके 60 वर्ष की आयु व चिकित्सा प्रमाण पत्र के सम्बन्ध में विशेष ध्यान दिया जावे। आदेश में यह भी कहा गया है कि यात्री बस के सभी वाहन चालक अपने साथ लाइसेंस एवं चिकित्सा प्रमाण पत्र रखेगें तथा वाहन चालकों को शराब का सेवन कर यात्री बसों का संचालन करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यात्री बसों के चालक दृष्टिदोष कलर ब्लांइडनेस न हो इस संबंध में नेत्र चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाण पत्र वाहन चालक अपने साथ रखेगें। सभी यात्री वाहन के चालकों/परिचालकों को निर्धारित वर्दी में होना चाहिए। वाहन चालक को अपने साथ वाहन का वैध लाइसेंस, वैध पंजीयन, बीमा, फिटनेस परमिट, प्रदूषण से सम्बन्धित प्रमाण पत्र की प्रति रखना अनिवार्य होगा। सभी यात्री बसों में आपात कालीन द्वार चालू हों एवं वीएलटीडी तथा पैनिक बटन लगा होना अनिवार्य होगा। साथ ही सभी यात्री बसों में अग्नि शमन यंत्र की सुविधा अनिवार्य है। सभी यात्री बसों में प्राथमिक उपचार वाक्स रखना अनिवार्य होगा। यात्री बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्री एवं माल का परिवहन करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। समस्त यात्री वाहनों में रिफलेक्टरटेप बस के आगे-पीछे लगाना अनिवार्य होगा।

उपरोक्त मापदण्डों के अनुसार जिले में यात्री बसों के संचालन हेतु कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी, पुलिस विभाग एवं यातायात विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। वाहन स्वामी/वाहन चालकों द्वारा उपरोक्त मापदण्डों का उल्लंघन करने की स्थिति में म.प्र.शासन परिवहन विभाग मंत्रालय भोपाल के अधिसूचना दिनांक 06 मार्च 2023 एवं 08 मई 2023 के प्रावधानों के तहत प्रश्मन एवं नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

सड़क किनारे दुकान चलाकर परिवार चलाने वालों को दुकान हटाने की नोटिस जारी

*एक तरफ़ा कार्यवाही, दबाब में बल पूर्वक हटाने के लगे आरोप*


शहडोल

जिला मुख्यालय के पास स्थित ग्राम सिंहपुर में सड़क किनारे वर्षों से गुमठी और ठेले पर दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले फुटपाथ व्यापारियों को प्रशासन द्वारा बलपूर्वक हटाने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व विभाग के आदेश पर नायब तहसीलदार ने इन दुकानदारों को नोटिस जारी कर 10 अप्रैल तक मोहलत दी है। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। करीब एक दर्जन से अधिक दुकानदारों को यह नोटिस थमाया गया है, जिनमें से कई पिछले 40 वर्षों से इसी स्थान पर दुकान चला रहे हैं। इन दुकानों में साइकिल और बाइक रिपेयरिंग, जूते-चप्पल, कपड़े और किराने की दुकानें शामिल हैं। इन व्यापारियों का कहना है कि यही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है और किसी तरह परिवार का गुज़ारा इसी से होता है।

*एकतरफा कार्रवाई का आरोप*

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कार्रवाई पक्षपातपूर्ण तरीके से की जा रही है और एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि सिंहपुर में कई अन्य स्थानों पर भी शासकीय भूमि पर दुकानें संचालित हो रही हैं, लेकिन नोटिस सिर्फ इन्हीं दुकानदारों को जारी की गई है। सिंहपुर निवासी अब्दुल सलामत ने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से यहां दुकान चला रहे हैं। पहले उन्होंने साइकिल रिपेयरिंग की दुकान चलाई, अब उनके पुत्र बाइक रिपेयरिंग का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा, कभी भी प्रशासन द्वारा कोई नोटिस नहीं दी गई थी, अचानक अब नोटिस थमा दी गई है। इसी तरह, दुकानदार नुरुल, रिजवान, मोहम्मद सवाब, मोहम्मद नईम,आकिब, सत्यम गुप्ता, संदीप पांडे आदि ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्हें कहीं और रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है। यदि प्रशासन निर्माण कार्य करना चाहता है तो वे स्वेच्छा से स्थान खाली करने को तैयार हैं, लेकिन जबरन हटाया जाना अन्यायपूर्ण है।

*दबाब में कार्यवाही*

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कार्रवाई सत्ता से जुड़े कुछ लोगों के दबाव में की जा रही है, जो नहीं चाहते कि ये व्यापारी यहां अपना व्यवसाय जारी रखें। वहीं, शासकीय अस्पताल प्रबंधन द्वारा अब तक कोई आपत्ति या नोटिस इन दुकानदारों को नहीं दी गई है। प्रशासन की यह कार्रवाई अब विवाद का विषय बनती जा रही है और स्थानीय स्तर पर असंतोष पनप रहा है। पीड़ित परिवारों की मांग है कि प्रशासन उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करे या मानवीय आधार पर पुनर्विचार करे।

नाग-नागिन का अद्भुत मिलन, एक दूसरे से लिपटकर कर रहे है अठखेलियां, रोमांचक पल कैमरे में कैद


शहडोल 

जिले के सिरौंजा गांव में एक अद्भुत दृश्य ने लोगो को रोमांचित कर दिया है। यहां एक सांप का जोड़ा एक-दूसरे के साथ लिपटकर मिलन कर अठखेलियां करता हुआ नजर आया है। यह दृश्य अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जहां लोग इस अनोखे पल को अपने मोबाइल फोनों में कैद कर रहे हैं।

गांव के ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो दिनों से यह सांप का जोड़ा क्षेत्र में घूम रहा है। स्थानीय निवासी ने बताया, हमने कभी नहीं देखा कि सांप इस तरह एक-दूसरे के साथ खेलते हैं। यह दृश्य हमें बहुत आकर्षित करता है और बच्चों को भी यह बहुत पसंद आया। वहीं, जानकार बताते हैं कि इस तरह के दृश्य हमें प्राकृतिक जगत की विविधता और आकर्षण का एहसास कराते हैं। उन्होंने कहा, सांपों का यह व्यवहार प्राकृतिक प्रजनन सत्र से जुड़ा है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम इस तरह की घटनाओं को समझें और प्राकृतिक जीवन की रक्षा के लिए सजग रहें।

सिरौंजा गांव में सांपों की इस अनोखी अठखेलियां न केवल ग्रामीणों को आकर्षित कर रही हैं, बल्कि यह हमें यह भी याद दिला रही हैं कि प्रकृति के अद्भुत दृश्य हमारे चारों ओर मौजूद हैं। हमें केवल उन्हें देखने और समझने की आवश्यकता है। सिरौंजा गांव में सांपों का यह युग्म एक अद्भुत घटना है जो स्थानीय लोगों के लिए न केवल रोमांचक है, बल्कि यह हमारी प्राकृतिक विरासत को भी दर्शाता है। हमें इस तरह की घटनाओं को समझकर, अपनी सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक जीवन के प्रति सजग रहना चाहिए।

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