कन्या शिक्षा परिसर से 12वीं की छात्रा हुई लापता, दो दिन बाद मामला दर्ज, वार्डन हुई सस्पेंड


शहडोल

जिले के विकासखंड सोहागपुर अंतर्गत आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर कंचनपुर से 12वीं कक्षा में अध्ययनरत एक नाबालिग छात्रा के गायब होने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि छात्रा रविवार को हॉस्टल से लापता हुई थी, लेकिन इसकी शिकायत दो दिन बाद सोहागपुर थाने में दर्ज कराई गई। गंभीर बात यह है कि इस पूरे मामले को दबाने और मीडिया से दूर रखने का प्रयास भी किया गया। पुलिस के अनुसार, रविवार को छात्रा हॉस्टल से अपने एक परिचित व्यक्ति के साथ बाहर निकली थी। इसके बाद वह न तो हॉस्टल लौटी और न ही अपने घर पहुंची। जब परिजन बेटी से मिलने शिक्षा परिसर पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि छात्रा अपने मामा के साथ चली गई है। हालांकि परिजनों ने जब गहराई से जानकारी ली, तो कई सवाल खड़े हो गए।

परिजनों का आरोप है कि घटना की जानकारी होने के बावजूद तत्काल पुलिस को सूचित नहीं किया गया और मामले को दबाने की कोशिश की गई। परेशान होकर परिजन स्वयं सोहागपुर थाने पहुंचे और छात्रा के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सोहागपुर थाना प्रभारी टीआई भूपेंद्र मणि पांडे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस व्यक्ति के साथ छात्रा गई, वह खुद को उसका मामा बता रहा था। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और छात्रा की तलाश जारी है।

मामले में लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कन्या शिक्षा परिसर की वार्डन को सस्पेंड कर दिया गया है। ए सी ट्राईबल के पत्र के बाद डिप्टी कमिश्नर ने वार्डन पर सस्पेंशन की कार्यवाही की है। आरोप है कि जिस व्यक्ति के साथ छात्रा गई, उसका नाम परिजनों द्वारा दी गई अधिकृत सूची में शामिल नहीं था, इसके बावजूद छात्रा को हॉस्टल से जाने की अनुमति दी गई। यह मामला न सिर्फ छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि आवासीय शिक्षा संस्थानों में निगरानी और जवाबदेही की पोल भी खोलता है।

इनका कहना है।

इस संदर्भ में मामला दर्ज कर ली गई है जांच चल रही है, बालिका के बरामद होने के पश्चात पूछताछ में जो आरोपी होंगे उन पर कार्यवाही की जाएगी। शायद जिम्मेदारों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की गई है।

*भूपेंद्र मणि पांडे थाना प्रभारी, सोहागपुर*

मंदिर से शिवलिंग व चांदी के जेवर चोरो ने किया पार, पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल


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जिले के बुढार थाना क्षेत्र में चोरों ने एक घर में स्थित मंदिर से भगवान शिव की प्राचीन शिवलिंग चोरी कर ली। मामला बुढार थाना क्षेत्र के ग्राम विक्रमपुर, वार्ड क्रमांक 15 का है। यहां निवासी अविशेक दुबे के घर के बाउंड्री परिसर में एक शिव मंदिर स्थित है। शिकायतकर्ता अविशेक दुबे ने पुलिस को बताया कि यह शिव मंदिर उनके पुरखों द्वारा बनाया गया था और इसमें स्थापित शिवलिंग सदियों पुरानी थी। मंदिर में आसपास के ग्रामीण भी नियमित रूप से पूजा-अर्चना करने आते थे। इसी कारण बाउंड्री का एक गेट हमेशा खुला रखा जाता था, ताकि श्रद्धालु आसानी से भगवान शिव के दर्शन कर सकें।

अविशेक दुबे के अनुसार, रोज की तरह रात में परिवार के सभी सदस्य घर का मुख्य दरवाजा बंद कर सो गए थे। सुबह जब वे जागे और मंदिर की ओर गए तो वहां से भगवान शिव की शिवलिंग गायब थी। मंदिर में तोड़फोड़ के कोई खास निशान नहीं मिले, जिससे अंदेशा है कि चोर बड़ी ही चालाकी से शिवलिंग को उठा ले गए।

इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले कोतवाली क्षेत्र में भी एक मंदिर में चोरी की घटना हुई थी, जहां चोर भगवान के चांदी के जेवर लेकर फरार हो गया था। उस मामले में सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों को पकड़ने में सफल नहीं हो सकी है।

पुलिस ने जुआं फड़ में मारा छापा, 66 हजार रुपये हुए जप्त, नपा एआरआई सहित 9 गिरफ्तार


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जिले में जुए के खिलाफ पुलिस की हालिया कार्रवाइयों के बीच जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। बीते सप्ताह सिंहपुर पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जयसिंहनगर पुलिस ने झाड़ियों के बीच संचालित जुआ फड़ पर दबिश देकर 66 हजार 340 रुपये नकद के साथ 9 जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ा है। इस मामले ने इसलिए भी ज्यादा तूल पकड़ लिया है क्योंकि पकड़े गए आरोपियों में नगर पालिका शहडोल में पदस्थ एआरआई (राजस्व निरीक्षक) पराग दुबे भी शामिल हैं।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम गोपालपुर अंतर्गत छुलहनी पहाड़िया इलाके में सुनसान झाड़ियों के बीच लंबे समय से जुआ फड़ चल रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के निर्देशन में पुलिस टीम ने रणनीतिक घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी। अचानक हुई कार्रवाई से जुआरियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पुलिस ने सभी को मौके से दबोच लिया। तलाशी के दौरान ताश के पत्ते और बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई।

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह जुआ फड़ कब से संचालित था, इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े थे और कहीं किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है। थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई है और सभी आरोपियों पर नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

हालांकि, इस कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो रहा है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि सोहागपुर थाना क्षेत्र में जुआ गतिविधियां अब भी बेखौफ चल रही हैं, जहां पुलिस अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी है। इसी तरह अनूपपुर जिले के राजेंद्र ग्राम में पिछले एक सप्ताह से बड़े पैमाने पर जुआ चलने की सूचनाएं सामने आ रही हैं, जिन पर अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

ओरिएंट पेपर मिल में भर्ती या सौदेबाज़ी, कथित सेटिंग से बढ़ती धांधली, युवाओं में आक्रोश


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जिले के ओरिएंट पेपर मिल में चल रही भर्ती प्रक्रिया इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा जोरों पर है कि भर्ती में पारदर्शिता का अभाव है और कथित तौर पर “सेटिंग” व सिफारिश के आधार पर लोगों को नौकरी दी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों — रवि, रवि शर्म और अरविंद — के नाम कथित तौर पर सामने आ रहे हैं, जिन पर अपने करीबी और पसंदीदा लोगों को नियमों को दरकिनार कर मिल में प्रवेश दिलाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

कई अभ्यर्थियों का कहना है कि आवेदन, इंटरव्यू और अंतिम चयन की प्रक्रिया पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। योग्य और मेहनती उम्मीदवारों को बार-बार मिल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जबकि जिनके पास “पहचान” या सिफारिश है, उन्हें आसानी से अवसर मिल रहा है।

इस कथित प्रक्रिया को लेकर क्षेत्र के युवाओं में भारी रोष देखा जा रहा है। युवाओं का कहना है कि यदि भर्ती निष्पक्ष और नियमों के अनुसार हो, तो किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात संदेह पैदा कर रहे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि— क्या ओरिएंट पेपर मिल में भर्ती योग्यता के आधार पर हो रही है या रसूख के दम पर? क्या इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी?

फिलहाल इस मामले में ओरिएंट पेपर मिल प्रबंधन या आरोपों से जुड़े लोगों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है।

6वी मार्शल आर्ट्स नेशनल गेम्स में संभाग के लाठी खिलाड़ियों ने जीते 66 पदक


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मध्यप्रदेश के महासचिव व राष्ट्रीय कोच प्रमोद विश्वकर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय युद्ध कला प्राधिकरण और नेहरू युवा केंद्र युवा कार्यक्रम खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा से मान्यता प्राप्त 6वी नेशनल मार्शल आर्ट्स गेम्स 27 से 29 दिसंबर तक उज्जैन के राजमाता विजयाराजे सिंधिया स्टेडियम नानाखेड़ा, उज्जैन में आयोजित हुई । 

इस प्रतियोगिता मे संभाग के 49 खिलाड़ियों ने एक लाठी चाल एवं दो लाठी चाल में हिस्सा लिया एवं अपने-अपने आयु एवं वजन वर्ग में पदक अर्जित किए । उक्त प्रतियोगिता में मुख्य कोच प्रमोद विश्वकर्मा,  संभाग के तकनीकी निर्देशक व भारत रेफरी कमीशन के सचिव किशोर साकेत, बालक दल प्रबंधक संजय सिंह कंघीकार, कोच गुरदीप सिंह , बालिका दल प्रबंधक सावित्री शर्मा, बालिका कोच शिवानी नामदेव की भूमिका रही। 

उक्त प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, राकेश मिश्रा- राष्ट्रीय बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष, एवं अन्य द्वारा उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मैडल पहनाकर सम्मानित किया। दल प्रबंधक संजय सिंह कंघीकार ने बताया गया कि इस प्रतियोगिता में परंपरागत लाठी के सहित 14 मार्शल आर्ट्स की  विधाओं का आयोजन किया गया। आलओवर चैंपियन मध्यप्रदेश तथा गुजरात दूसरे स्थान पर रहें । साथ ही सर्वश्रेष्ठ खेल प्रदर्शन हेतु शहडोल को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ । उक्त दल लाठी खेल संघ के संभागीय अध्यक्ष संजीव निगम "पथिक", क्रीड़ा भारती महाकौशल प्रांत के प्रांतमंत्री डॉ. राकेश त्रिपाठी एवं क्रीड़ा भारती जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह के मार्गदर्शन में शामिल हुये हैं।

महिला के पति और पुत्र की मौत के बाद टूटा हौसला, मंदिर में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश


शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित चिपाड नाथ मंदिर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक अधेड़ महिला ने मंदिर परिसर के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। गनीमत रही कि समय रहते श्रद्धालुओं और पुजारी की सतर्कता से महिला की जान बचा ली गई। फिलहाल महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार महिला मऊ गांव की रहने वाली है। उसकी पहचान सुक्रीत गोड (50 वर्ष) के रूप में हुई है। महिला ने चिपाड नाथ हनुमान मंदिर के गर्भगृह के पास अपनी साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगाने का प्रयास किया। घटना के समय मंदिर के पुजारी बाहर थे, तभी मंदिर के भीतर से कुछ आहट सुनाई दी। आवाज सुनते ही पुजारी और दर्शन के लिए आए कुछ श्रद्धालु मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने महिला को फंदे से लटका हुआ देखा। तत्काल सभी ने मिलकर महिला को नीचे उतारा और उसकी जान बचाई।

घटना की सूचना तत्काल ब्यौहारी थाना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को पुलिस वाहन के माध्यम से अस्पताल भिजवाया, जहां उसका उपचार जारी है।

मऊ गांव के सरपंच द्वारिका प्रसाद ने बताया कि महिला पिछले कुछ वर्षों से मानसिक तनाव में चल रही थी। कुछ साल पहले सांप के काटने से उसके पति की मौत हो गई थी, वहीं करीब छह माह पूर्व सड़क हादसे में उसके पुत्र की भी जान चली गई थी। इन लगातार पारिवारिक सदमों के कारण महिला गहरे मानसिक अवसाद में थी। बताया गया कि वह अक्सर मंदिर में साफ-सफाई के लिए आती-जाती थी और संभवतः इसी दौरान उसने यह आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। उप निरीक्षक मोहन पड़वार ने बताया कि महिला द्वारा मंदिर के अंदर फांसी लगाने की सूचना मिली थी, लेकिन समय रहते उसे बचा लिया गया। मामले की जांच की जा रही है और महिला का इलाज अस्पताल में जारी है।

नशा के लिए इंजेक्शन लगाते वीडियो वायरल, नही हो रही कार्यवाही, पुलिस प्रशासन पर उठ रहे है सवाल


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कोतवाली थाना क्षेत्र कल्याणपुर वार्ड नंबर 12 स्थित कोयलारी खोली मोहल्ले में रहने वाले सिराज खान पिता गुलजार खान के घर से बीती रात मोटर पंप चोरी हो गया। सुबह जब पीड़ित ने आसपास चोरी गए पंप की तलाश की, तो घर के पीछे कुछ युवक खुलेआम नशा करते नजर आए। आरोप है कि ये युवक हाथ में इंजेक्शन लगाकर नशा कर रहे थे।

पीड़ित सिराज खान ने जब इसका विरोध किया तो युवकों ने अनदेखी की। इसके बाद पीड़ित चोरी की शिकायत दर्ज कराने कोतवाली थाना पहुंचा। सिराज खान का आरोप है कि पुलिस ने उनका आवेदन तो ले लिया, लेकिन उसकी पावती नहीं दी। इससे पीड़ित को यह आशंका है कि मामले में गंभीरता नहीं बरती जा रही है।

पीड़ित का कहना है कि कोयलारी क्षेत्र में खुले स्थानों पर दिन में युवा नशाखोरी करते हैं और रात के समय आसपास के इलाकों में चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की नियमित गश्त न होने के कारण ऐसे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं और चोरी की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है।

सिराज खान ने नशा करते युवकों का वीडियो भी बनाया, जिसे उन्होंने पुलिस को दिखाया। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप पीड़ित ने लगाया है। क्षेत्रवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि नशाखोरी पर सख्ती से रोक लगाई जाए, नियमित गश्त बढ़ाई जाए और चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि इलाके में कानून व्यवस्था बहाल हो सके।

आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय बजरंग दल ने फूंका पुतला, बतख चोरी का आरोपी गिरफ्तार


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बांग्लादेश में हिंदू समाज पर हो रहे कथित नरसंहार, अत्याचार एवं हिंसक घटनाओं के विरोध में राष्ट्रीय बजरंग दल टीम धनपुरी द्वारा आज़ाद चौक में एक वृहद, संगठित एवं शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान बांग्लादेशी आतंकवाद एवं इस्लामिक आतंकवाद का पुतला दहन कर अपना तीव्र आक्रोश व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। यह विरोध प्रदर्शन बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के विरुद्ध हो रही घटनाओं के प्रति जन-जागरूकता फैलाने एवं अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकृष्ट करने के उद्देश्य से किया गया। आयोजन पूरी तरह अनुशासित, मर्यादित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में रह रहे हिंदू भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन जीने को मजबूर हैं। उनके धार्मिक स्थलों, संपत्तियों एवं जीवन पर लगातार हमले हो रहे हैं, जो मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। इसी के विरोध में राष्ट्रीय बजरंग दल धनपुरी द्वारा यह सांकेतिक लेकिन सशक्त प्रदर्शन किया गया।

विरोध प्रदर्शन के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि यह आंदोलन किसी देश या धर्म विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि आतंकवाद, कट्टरता और निर्दोष हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ है। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण नारेबाजी के माध्यम से बांग्लादेशी हिंदुओं के प्रति एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया। संगठन ने दो टूक कहा कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है। इसलिए वैश्विक मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मंचों को इस विषय पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत मंत्री मेहुल श्रीवास्तव ने बांग्लादेशी सरकार, बांग्लादेशी कट्टरपंथी तत्वों तथा इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ कड़ा और स्पष्ट विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं और यह सीधे-सीधे मानवता पर हमला है।

*बतख चोरी का आरोपी गिरफ्तार*


शहडोल जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र में बतख चोरी कर पार्टी करने और बाद में शिकायतकर्ता से विवाद करने के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। धनपुरी पुलिस ने शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उसे न्यायालय में पेश किया।

घटना धनपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गोफ चौराहे के पास की बताई जा रही है। यहां के निवासी बबलू बर्मन पर आरोप है कि उसने झिल्ली दफाई क्षेत्र में रहने वाले राजू कोल की खुले में घूम रही बतख को चुराने के बाद बिलियस की नर्सरी स्थित पंप हाउस में अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर पार्टी की।

बतख चोरी और पार्टी की जानकारी जब बतख मालिक राजू कोल को मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने धनपुरी थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने से नाराज आरोपी बबलू बर्मन राजू कोल के घर पहुंच गया और उनसे विवाद करने लगा। दोनों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि क्षेत्र में शांति भंग होने की स्थिति निर्मित हो गई।

घटना से परेशान राजू कोल ने एक बार फिर धनपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। पुलिस ने बबलू बर्मन को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए न्यायालय में प्रस्तुत किया।

पति ने पत्नी को तीन बार तलाक बोलकर छोड़ा, पुलिस ने मामला किया दर्ज


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तीन बार तलाक बोलकर पत्नी को तलाक देने वाले पति के विरुद्ध थाना जैतपुर में मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। यह मामला जैतपुर थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने संज्ञेय अपराध पाते हुए जांच प्रारंभ कर दी है।

पुलिस के अनुसार पीड़िता का विवाह 5 नवंबर 2022 को मोहम्मद सलील पिता मुस्तकीम निवासी ग्राम केशवाही के साथ हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही पति द्वारा पीड़िता के साथ प्रताड़ना की जाने लगी, जिसके चलते उसे मायके भेज दिया गया। पीड़िता ने बताया कि पति द्वारा उसे मानसिक एवं शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था।

पीड़िता ने अपने भरण-पोषण के लिए न्यायालय जैतपुर में प्रकरण भी प्रस्तुत किया है, जिसकी सुनवाई वर्तमान में न्यायालय में जारी है। इसी बीच बीती 23 दिसंबर को आरोपी पति ने पीड़िता के पिता एवं भाई के समक्ष तीन बार तलाक बोलकर विवाह समाप्त करने की बात कही। परिजनों द्वारा समझाने का प्रयास किया गया लेकिन आरोपी ने अपने बयान को दोहराया।

पीड़िता के अनुसार आरोपी ने यह बात अन्य लोगों के सामने भी कही जिन्होंने पुलिस के समक्ष इस घटना की पुष्टि की है। इसके बाद पीड़िता ने थाना जैतपुर पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर जैतपुर पुलिस ने आरोपी पति के विरुद्ध मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 की धाराओं के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया है। जैतपुर थाना प्रभारी जिया उल हक ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है। आगे की वैधानिक कार्रवाई जल्द की जाएगी। पुलिस का कहना है कि कानून के तहत पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सोयाबीन की फसल खराब, मुआवजा की मांग को लेकर किसान पहुँचे कलेक्ट्रेट


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कम वर्षा, अधिक वर्षा, ओला, ठंड व कीट व्याधि से हमेशा फसलों को नुकसान हमेशा से होता आ रहा है, जिससे अन्नदाता किसान हमेशा परेशान होते आ रहे हैं। सरकार की तरफ़ से फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने का काम करती तो है, मगर यह राहत राशि केवल किसानों के लिए ऊंट के मुंह मे जीरा जैसी कहावत साबित हों रही है। फसल नुकसान की 100% प्रतिशत राशि किसानों को कभी नही मिल पाती है। जिले के ग्राम पंचायत हरदी जनपद बुढ़ार के दर्जनों किसानों ने अतिवृष्टि व कीट व्याधि के कारण सोयाबीन की फसल नष्ट होने पर कलेक्टर कार्यालय शहडोल पहुँचकर कलेक्टर के नाम न्याय की गुहार लगाई है। लिखित शिकायत में पीड़ित किसानों में लेख किया है कि हम सैकड़ो किसानों ने सोयाबीन की फसल लगाए थे, जो की अतिवृष्टि और कीट व्याधि के कारण संपूर्णतः नष्ट हो गई थी, जिसका सर्वे कराकर सोयाबीन की क्षति राहत राशि किसानों को वितरण होना था जो कि आज दिनांक तक नहीं हो सका है, जिससे किसानों को बहुत सारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, सोयाबीन की फसल तो नष्ट हो गयी, जिससे किसानों के लाखों रुपए का नुकसान हो चुका है, मगर सरकार के द्वारा नुकसान हुए फसल का मुआवजा राहत राशि से किसानों को थोड़ी मदद मिल सकती थी वो भी मगर अभी तक कोई भी मदद नही मिल पाई है। किसानों ने कलेक्टर शहडोल से जल्द मुआवजा राशि दिलवाने की गुहार लगाई है। किसानों से बात करते हुए एसडीएम अम्रता गर्ग ने आश्वासन दिया है कि बजट डिमांड पूरा कराकर जल्दी से जल्द जिन किसानों को मुआवजा नही मिला है  राहत राशि दिलाने का आश्वासन दिया है। किसानों में मुकेश तिवारी, रिषभ सिंह, एजाज अहमद, प्रेमलाल, मैकू कोल के अलावा हरदी 32, खैरहा, पिपरिया, कठौतिया, कोदवार कला के किसान उपस्थित रहे।

सूचना अधिकार अधिनियम कानून का एसईसीएल के अधिकारी कर रहे हैं खुकेआम उल्लंघन


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सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 नागरिकों को सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का अधिकार देता है, लेकिन साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के सोहागपुर एरिया में यह कानून मजाक बनकर रह गया है। यहां अधिकारी नियम-कानूनों को ताक पर रखकर “अंधेर नगरी, चौपट राजा” की कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं।

सोहागपुर एरिया के अधिकारी मानो आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे हों। सूचना के अधिकार के तहत जब कोई व्यक्ति जानकारी मांगता है, तो उसे या तो टालमटोल का सामना करना पड़ता है या फिर किसी न किसी बहाने से आवेदन को लंबित कर दिया जाता है। कई मामलों में तो प्रथम दृष्टया जवाब देना तक उचित नहीं समझा जाता।

ऐसा ही एक ताजा मामला अखिलेश सिंह द्वारा मांगी गई सूचना से जुड़ा है। पहली बार सूचना मांगने पर उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद जब वे लगातार कार्यालय के चक्कर लगाते रहे, तब आंशिक जानकारी देकर यह कहकर टाल दिया गया कि शेष जानकारी 15 दिनों के भीतर दे दी जाएगी। लेकिन 15 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

चौंकाने वाली बात यह है कि समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी जब प्रकरण प्रथम अपीली अधिकारी तक पहुंचता है, तब भी कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या सोहागपुर एरिया में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी इतने अकर्मण्य हो चुके हैं कि उन्हें भारत सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों और राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत अधिनियमों का भी कोई भय नहीं है।

सूत्रों की मानें तो ऐसे कई प्रकरण हैं, जिनमें सोहागपुर एरिया के कार्मिक विभाग और महाप्रबंधक कार्यालय के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों द्वारा सूचना के अधिकार को दूसरे दर्जे पर रखकर उसकी अनदेखी की जा रही है। न सुनवाई हो रही है और न ही जिम्मेदारी तय की जा रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सूचना का अधिकार अधिनियम केवल सोहागपुर एरिया के लिए टाइम पास या मजाक बनकर रह गया है? या फिर संबंधित अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई भी होगी? यह देखना अब प्रशासन और प्रबंधन के विवेक पर निर्भर करता है।

दिन में जलती हैं स्ट्रीट लाइट,  लाखों का नुकसान, सीएमओ की चुप्पी पर सवाल


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नगर परिषद बकहो में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था से हो रहा लगातार आर्थिक नुकसान अब प्रशासनिक उदासीनता का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है। जानकारी के अनुसार नगर परिषद बकहो क्षेत्र में लगी 90 वाट की लगभग 200 स्ट्रीट लाइटें सुबह 11:30 बजे तक दिन के उजाले में भी चालू रहती हैं, जिससे परिषद को प्रतिदिन हजारों रुपये का अनावश्यक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रतिवर्ष अनुमानित नुकसान लगभग ₹2.26800/- लाख यह राशि नगर परिषद के विकास कार्यों के बजट से सीधे कटकर बेवजह बिजली बिल में खर्च हो रही है।

आधी ड्यूटी, पूरी व्यवस्था लावारिस सूत्रों के अनुसार नगर परिषद बकहो में पदस्थ इलेक्ट्रिशियन जितेंद्र दाहिया नगर परिषद बकहो में सुबह 12.00 बजे तक ड्यूटी पर उपस्थित लगने पहुंचते हैं। इसके बाद स्ट्रीट लाइट नियंत्रण और निगरानी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं रहती, जिसके चलते दिन में भी लाइटें बंद नहीं हो पातीं। मुख्यालय में निवास न करना, नियमों की अनदेखी नगर परिषद बकहो के कई कर्मचारियों द्वारा—पदस्थ मुख्यालय बकहो में निवास नहीं किया जा रहा है,बल्कि शहडोल से आकर सीमित समय ड्यूटी कर वापस लौटने की बात सामने आ रही है। जबकि मध्यप्रदेश नगर पालिका कर्मचारी सेवा नियम, 1968 के तहत कर्मचारियों का मुख्यालय में रहना अनिवार्य है। लोक सेवक द्वारा जानबूझकर लापरवाही बकहो सीएमओ की निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल सबसे अहम सवाल यह है कि इतनी स्पष्ट जानकारी, लिखित शिकायत और आर्थिक नुकसान के बावजूद मुख्य नगर पालिका अधिकारी बकहो द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। न तो—विभागीय जांच शुरू हुई,न जिम्मेदारी तय की गई,न ही आर्थिक नुकसान की रिकवरी का आदेश जारी हुआ। जानकारों का कहना है कि कार्रवाई न करना भी सेवा अपराध की श्रेणी में आता है।अब ऊपर से कार्रवाई की मांग तेज स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा मांग की जा रही है कि—जिला कलेक्टर शहडोल इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराएं जिम्मेदार कर्मचारी के साथ-साथ कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय हो नगर परिषद को हुए नुकसान की रिकवरी सुनिश्चित की जाए।

नगर परिषद में सिविलियन कर्मचारियों का भुगतान विवाद में, काम के बिना भुगतान का सवाल


शहडोल

नगर परिषद बकहो में सिविलियन कर्मचारियों के बिना काम किए भुगतान का मामला अब गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक विवाद में बदल गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार कर्मचारी केवल हाजिरी लगाते हैं, वास्तविक कार्य पूरी तरह अनुपस्थित रहते हैं भुगतान सिर्फ हाजिरी के आधार पर किया जा रहा है कौन-सा काम कराया जा रहा है, इसका कोई GPS / फोटो / वीडियो प्रमाण नहीं है कौन-से फंड से भुगतान हो रहा है, यह भी अस्पष्ट है। इस कारण नगर परिषद का आर्थिक फंड अनियमित रूप से खर्च हो रहा है, जबकि वास्तविक नागरिक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

कर्मचारी सुबह हाजिरी लगाकर अर्ध-दिवसीय या लापरवाह ड्यूटी करते हैं बाद में रफू-चक्कर, कार्यालय में अनुपस्थित रहते हैं इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा मासिक भुगतान किया जाता है काम का कोई प्रमाण जैसे GPS लोकेशन, फोटो या वीडियो उपलब्ध नहीं। भुगतान केवल नगर परिषद के सामान्य या योजना फंड से हो रहा है यह स्थिति लोक धन के दुरुपयोग की ओर इशारा करती है।

स्थानीय स्तर पर यह भी चिंता का विषय है कि—मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) साक्ष्य और शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रही हैं। यदि ऐसा चलता रहा, तो सीधे लोक धन का दुरुपयोग और नियमों का उल्लंघन माना जाएगा इस कारण जिला कलेक्टर, संभागायुक्त और नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल तक हस्तक्षेप की मांग उठ रही है। अब क्या कदम उठाए जा सकते हैं अगर शहडोल जिला प्रशासन शिकायतो  पर दोषी कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई। भुगतान की रिकवरी और रोकथाम सुनिश्चित करना अगर जिम्मेदारों ने कार्यवाही नहीं की तो लोकहित के लिए हमारे क्षेत्र के आर्थिक क्षति को लेकर के आवश्यकता पड़ने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर किया जायेगा।

छात्रों के भविष्य से खिलवाड़, युवा उत्सव प्रकरण में पं. शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ अन्याय


शहडोल

जिला एवं विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित युवा उत्सव से जुड़े गंभीर प्रकरण में पं. शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय, शहडोल के प्रतिभागी विद्यार्थियों के साथ हुई अनुचित कार्रवाई के विरोध में छात्र संघ शहडोल ने आज प्रभावित छात्रों के साथ मिलकर विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। छात्र संघ के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय परिसर पहुँचकर विश्वविद्यालय के आदरणीय कुलसचिव के माध्यम से माननीय कुलगुरु के नाम यह ज्ञापन प्रस्तुत किया।


ज्ञापन के माध्यम से छात्र संघ ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक सत्र 2025–26 के अंतर्गत विश्वविद्यालय द्वारा 09, 10 एवं 11 अक्टूबर 2025 को आयोजित अंतर-कक्षा स्तरीय युवा उत्सव पूर्णतः विधिवत एवं नियमानुसार संपन्न हुआ था, जिसमें चयनित एवं प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अगले स्तर की प्रतियोगिता हेतु चयनित किया गया था।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि इसके पश्चात 29, 30 एवं 31 अक्टूबर 2025 को शासकीय इंदिरा गांधी गृह विज्ञान महाविद्यालय, शहडोल में आयोजित जिला स्तरीय युवा उत्सव के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन को न तो कोई लिखित सूचना दी गई और न ही कोई औपचारिक आमंत्रण भेजा गया, जिसके कारण विश्वविद्यालय के चयनित प्रतिभागी छात्र प्रतियोगिता में भाग लेने से वंचित रह गए।

छात्र संघ ने आगे बताया कि इसके बाद 12, 13 एवं 14 नवम्बर 2025 को आयोजित अंतर-जिला विश्वविद्यालय स्तरीय युवा उत्सव में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, किंतु 14 नवम्बर 2025 को परिणाम घोषित किए जाने के समय अन्य जिलों की आपत्ति के आधार पर बिना विश्वविद्यालय का पक्ष सुने विश्वविद्यालय के सभी प्रतिभागियों के परिणाम स्थगित कर दिए गए, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।

छात्र संघ शहडोल ने ज्ञापन के माध्यम से यह भी कहा कि *जिस प्रशासनिक त्रुटि में विद्यार्थियों की कोई भूमिका नहीं है, उसी त्रुटि का दंड विद्यार्थियों को दिया जाना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।* इससे विद्यार्थियों को मानसिक, शैक्षणिक एवं प्रतियोगात्मक क्षति हुई है।

ज्ञापन में छात्र संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से माँग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कराई जाए, दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, प्रभावित विद्यार्थियों को पुनः अवसर या सीधे राज्य स्तरीय युवा उत्सव में भाग लेने का अवसर दिया जाए तथा स्थगित परिणामों को शीघ्र घोषित किया जाए। छात्र संघ शहडोल ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि छात्रों के हित में शीघ्र न्यायोचित निर्णय नहीं लिया गया, तो छात्र संघ छात्रों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।

पीकप सहित 5 मवेशी जप्त, दो तस्कर गिरफ्तार, अवैध रेत भरा ट्रैक्टर को एसडीएम ने पकड़ा


शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत टंकी तिराहा के पास पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मवेशी तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर एक पिकअप वाहन को रोककर उसमें लोड मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। बताया जा रहा है कि यह वाहन मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश की ओर जा रहा था, जिसमें मवेशियों को ठूंस ठूंस कर क्रूरतापूर्वक भरा गया था।

पुलिस के अनुसार मुखबिर ने सूचना दी थी कि एक पिकअप वाहन में मवेशियों को अवैध रूप से भरकर यूपी की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही ब्यौहारी पुलिस सक्रिय हुई और टंकी तिराहा पर वाहन चेकिंग शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 18 जीए 5997 को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन में क्रूरता पूर्वक लोड किए गए पांच नग मवेशी पाए गए।

पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जब्त किए गए मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की कार्रवाई की गई है।

इस संबंध में उप निरीक्षक मोहन पड़वार ने बताया कि मवेशी तस्करी के इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और दो फरार आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि जब्त पिकअप वाहन और मवेशियों सहित कुल मशरूका की कीमत लगभग पांच लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ब्यौहारी पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में मवेशी तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है और आमजन ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है।

*अवैध रेत भरा ट्रैक्टर को एसडीएम ने पकड़ा*

उमरिया

बिरसिंहपुर पाली मुख्य बाजार क्षेत्र में रेत भरा एक टेक्टर बिना टी पी कागजात के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने दोपहर में पकड़ा है। पकड़े गए टेक्टर का नंबर एम पी-54 देखा सी 0241 इंजन में दर्ज हैं जबकि टेक्टर टाली में कोई नंबर दर्ज नही पाया गया है। रेत भरे टेक्टर के चालक से जब वाहन संबधित कागजात मांगे गयें तो चालक ने हाथ खड़े कर दिया। रेत भरे टेक्टर की टी पी भी चालक के पास उपलब्ध नहीं थे। जिस पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रेत भरे टेक्टर को अपने कब्जे में लेते हुए तहसील परिसर पाली में खड़ा करा दिया है। देखने में आया है कि पाली और उसके आसपास के क्षेत्रों में अभी भी अवैध उत्खनन का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन इन वाहनों पर नियमानुसार कार्यवाही न होने से उत्खनन माफियाओं के हौसले बुलंद है। 

महिला ने पड़ोसन को बंधक बनाकर पीटा, धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक पर FIR के निर्देश 


शहडोल/उमरिया

शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपनी ही पड़ोसी महिला को घर के अंदर बुलाकर बंधक बनाया और हाथ पैर बांध कर बेरहमी से मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी महिला ने न सिर्फ उसके साथ मारपीट की, बल्कि उसका मोबाइल फोन और सोने के कान के झुमके भी छीन लिए। हैरानी की बात यह है कि आरोपी महिला ने वीडियो में सामान वापस करने की बात स्वीकार की, लेकिन अब तक न तो मोबाइल लौटाया गया और न ही जेवर।

घटना ब्यौहारी थाना क्षेत्र के बराछ गांव की है। पुलिस के अनुसार किरण तिवारी पति देवेंद्र तिवारी उम्र 28 वर्ष अपने घर के बाहर टहल रही थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली ललिता कहार ने उसे अपने घर बुलाया। जैसे ही किरण तिवारी आरोपी के घर के अंदर गई, ललिता ने दरवाजा बंद कर दिया और उसके हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद अपने पुत्र और पुत्री के साथ मिलकर किरण तिवारी की बेरहमी से पिटाई की।

पीड़िता किरण तिवारी के अनुसार उसका ललिता से कोई प्रत्यक्ष विवाद नहीं था, लेकिन पूर्व में पारिवारिक विवाद को लेकर आरोपी महिला रंजिश रखती थी। इसी रंजिश के चलते उसने इस घटना को अंजाम दिया। मारपीट के दौरान किरण तिवारी की चीख-पुकार सुनकर उसके परिजन मौके पर पहुंचे और उसे छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन आरोपी महिला ने उनके साथ भी मारपीट की और धमकाकर भगा दिया।

इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना देखकर हैरान रह गई, क्योंकि किरण तिवारी के हाथ-पैर बंधे हुए थे और वह मदद की गुहार लगा रही थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ललिता गांव में लेडी डॉन के नाम से जानी जाती है और उसके खिलाफ पहले भी मारपीट के मामले दर्ज हैं।

किरण तिवारी का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपी महिला ने उसका मोबाइल फोन और सोने के कान के झुमके छीन लिए। एक वीडियो में ललिता यह स्वीकार करती नजर आ रही है कि वह सामान वापस कर देगी, लेकिन घटना को काफी समय बीत जाने के बाद भी मोबाइल और जेवर वापस नहीं किए गए हैं। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए सामान दिलाने की मांग की है।

इस मामले में उपनिरीक्षक मोहन पड़वार ने बताया कि किरण तिवारी के साथ ललिता कहार एवं अन्य के द्वारा घर में बांधकर मारपीट करने की शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस ने मामला कायम कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। आरोपी महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*मार पीट करने वाले धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक के विरुद्ध एफ आई आर के निर्देश*

उमरिया जिले के हर्रवाह धान खरीदी केंद्र के संचालक के व्दारा धान बेचने आये किसान के साथ मारपीट करना मंहगा पडता दिखाई दे रहा है । इस मामले को कलेक्टर धरणेंद जैन ने गंभीरता से लिया है और धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक के विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश खाद्य विभाग के अधिकारियों को दिये है।विदित होवे धान खरीदी केंद्र सिलपरी वेयर हाऊस धान खरीदी केंद्र में धान बेचने पहुंचे   किसान संजय राय की धान तौलाई का काम चल रहा था जिसमें 580 बोरी तुल चुकी थी और 66 बोरी धान तुलाई बची हुई थी कि तभी प्रबंधक  कर्ण सिंह किसान के पास पहुंचा और तुलाई बंद करने की बात करते हुए विवाद करने लगा, इसके बाद संजय राय के साथ मारपीट भी किया। शासन के निर्देशो के अनुरूप तुलाई के लिए कोई समय सारणी तय नहीं की है। धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक का यह कृत्य अमानवीय और नियम विरुद्ध होने के कारण कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए धान खरीदी से अलग रखने के निर्देश जारी किये है। इसकी जिम्मेदारी खाद्य विभाग को सौंपी गई है।

तेज रफ्तार मोटरसाइकिल पेड़ से टकराई, युवक की घटनास्थल में हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल

तेज रफ्तार का कहर लगातार जारी है, फिर एक तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे लगे पेड़ से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। घटना देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू की है। घटना गोहपारू थाना क्षेत्र के दियापिपर रोड की है।

पुलिस ने बताया कि बाइक सवार सकेन्द्र सिंह पिता महा सिंह (25) वर्ष निवासी सरवारी थाना जैसिंहनगर अपने रिश्तेदारी में दियापिपर आया हुआ था, और वापस बाइक क्रमांक एमपी 18 जेड ई 5035 में सवार हो कर घर लौट रहा था, तभी गोहपारू थाने के पहले दियापिपर रोड में स्थित पेट्रोल पंप के सामने सड़क किनारे लगे आम के पेड़ से तेज रफ्तार बाइक टकरा गई।जिससे बाइक सवार युवक के सर एवं शरीर में गंभीर चोट पहुंची, जिससे बाइक सवार युवक की मौके पर मौत हो गई है।

घटना देख स्थानीय लोग मौके पर दौड़ पड़े, और देखा कि युवक की सांसें थम गई थीं। इसके बाद गोहपारू पुलिस को लोगों ने मामले की सूचना दी, जानकारी के बाद मौके पर पहुंची गोहपारू पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पीएम की कार्रवाई के लिए शव अस्पताल लाया है।

पुलिस ने कहा तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे लगे आम के पेड़ से टकरा गई है, जिसमें बाइक सवार युवक की मौत हुई है। घटना के बाद युवक के परिजनों को एवं रिश्तेदारों को सूचना दी गई है। शव पीएम के लिए अस्पताल लाया गया है। मामले पर मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। जिले में इन दिनों लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं, तेज रफ्तार की वजह से लोगों की जान जा रही है। यातयात विभाग लोगों को यातयात नियम का पाठ पढ़ा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई असर नहीं है।

ओरिएंट पेपर मिल पर गंभीर आरोप, नगर परिषद अध्यक्ष ने उठाई अवैध लकड़ी की जांच की मांग


शहडोल

नगर परिषद बकहो की अध्यक्ष मौसमी केवट ने अमलाई स्थित हाथी ओरिएंट पेपर मिल पर क्षेत्र के लगातार दोहन का गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि पेपर मिल में लगातार भारी मात्रा में लकड़ी पहुंच रही है, लेकिन यह अब तक स्पष्ट नहीं है कि यह लकड़ी वैध है या अवैध।

अध्यक्ष मौसमी केवट ने वन विभाग से मांग की है कि पेपर मिल में आने वाली लकड़ी की सघन जांच की जाए और यह सार्वजनिक किया जाए कि लकड़ी किस क्षेत्र से लाई जा रही है, किन दस्तावेजों के आधार पर परिवहन हो रहा है और क्या सभी ट्रांजिट परमिट (टीपी) नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट कहा कि केवल वन विभाग ही नहीं, बल्कि जिला प्रशासन को भी संयुक्त रूप से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि यदि कहीं अवैध कटाई या अवैध परिवहन हो रहा है तो भारी खेप को मौके पर पकड़ा जा सके।

मौसमी केवट ने विशेष रूप से वन परिक्षेत्र बुढार का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र से जुड़ी घटनाएं पहले भी सवालों के घेरे में रही हैं। ऐसे में यहां से जाने वाली लकड़ी की निगरानी और जांच और भी ज़रूरी हो जाती है।

अध्यक्ष का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र के जंगलों का अंधाधुंध दोहन होता रहेगा और जिम्मेदार विभाग सिर्फ मूकदर्शक बने रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द जांच शुरू नहीं की गई, तो जनप्रतिनिधि होने के नाते वह इस मुद्दे को राज्य स्तर तक उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगी।

अब बड़ा सवाल यह है की ओरिएंट पेपर मिल में पहुंच रही लकड़ी पूरी तरह वैध है? क्या वन विभाग और जिला प्रशासन संयुक्त कार्रवाई करेगा? या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? क्षेत्र की जनता अब जवाब और ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रही है।

एसपी बंगले के सामने दो दुकानदार के बीच हुई खुलेआम मारपीट, वीडियो हुआ वायरल


शहडोल

जिले में पुलिस का खौफ लोगों में खत्म होता नजर आ रहा है। इसका ताजा उदाहरण उस समय सामने आया जब जिले के पुलिस कप्तान के बंगले ठीक सामने और शहडोल जोन के डीआईजी कार्यालय के ठीक बगल में स्थित भगत सिंह परिसर में खुलेआम मारपीट की घटना हो गई। दुकान लगाने को लेकर हुए मामूली विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और लोग सरेआम एक-दूसरे पर टूट पड़े।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के बाद कुछ लोगों ने एक युवक को घेर लिया और लात-घूंसे व मुक्कों से जमकर पिटाई की। यह मारपीट कई मिनट तक चलती रही। घटना स्थल पर मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे, बाद में कुछ लोगों ने हिम्मत कर बीच-बचाव किया। हो-हल्ला सुनकर पास में मौजूद महिला थाना और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, जिनमें से एक पुलिसकर्मी ने हस्तक्षेप कर किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया, तब जाकर मामला शांत हुआ।

हैरानी की बात यह रही कि घटना पुलिस के अति संवेदनशील क्षेत्र में होने के बावजूद कोतवाली स्टाफ ने मीडिया से बातचीत में इस मामले की जानकारी से ही इनकार कर दिया। थाना प्रभारी से इस संबंध में संपर्क नहीं हो सका। वहीं मारपीट के दौरान कुछ लोगों ने वीडियो भी बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों बस स्टैंड पर यातायात व्यवस्था संभाल रहे एक पुलिस आरक्षक को बस से कुचल दिया गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने यातायात थाना प्रभारी संजय जायसवाल को निलंबित करने की मांग भी की थी और शहर की यातायात व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।

डॉक्टर का नशे की हालत में ड्यूटी में अभद्रता करने का लगा आरोप, परिजनों ने किया जमकर हंगामा


शहडोल

बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज शहडोल में एक बार फिर डॉक्टर के व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। गायनी विभाग में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर पर महिला मरीज के परिजनों से अभद्रता करने और नशे की हालत में ड्यूटी करने का आरोप लगाया गया है। मामला सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में देर रात हंगामे की स्थिति बन गई।

जानकारी के अनुसार बुढार थाना क्षेत्र के चंगेरा गांव की उपसरपंच शिवानी त्रिपाठी (34) पत्नी दीपक त्रिपाठी को सोमवार रात करीब 10 बजे डिलीवरी के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया था। महिला को भर्ती कर ऑपरेशन किया गया, जिसमें नवजात बच्ची मृत्य पैदा हुई। परिजनों का कहना है कि बच्ची मृत अवस्था में पैदा हुई थी।

परिजनों के अनुसार रात करीब 2 बजे शिवानी त्रिपाठी को तेज दर्द होने लगा। इस दौरान उनके साथ मौजूद एक महिला परिजन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सीएमओ शशांक शर्मा के पास दर्द का इंजेक्शन लगाने की गुहार लेकर पहुंची। आरोप है कि इस पर डॉक्टर भड़क गए और महिला परिजन से अभद्र भाषा में बात करने लगे।

पीड़िता के पति दीपक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि उनकी बुजुर्ग भाभी के साथ शराबी डॉक्टर ने बदतमीजी की और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। डॉक्टर ने यह तक कह दिया कि “क्या तुमने कभी बच्चे पैदा नहीं किए, दर्द नहीं होता है?” इतना ही नहीं, डॉक्टर ने मरीज को तत्काल डिस्चार्ज करने और घर भेजने की धमकी भी दी। वीडियो में भी साफ दिखाई दे रहा कि डॉक्टर नशे में धुत है।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया और डॉक्टर पर शराब के नशे में ड्यूटी करने का आरोप लगाया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस पहुंची और स्थिति को शांत कराया। प्रसूता महिला के पति ने कहा कि जब उप सरपंच महिला और उसके परिजनों के साथ मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का ऐसा व्यवहार है तो आम जनता के साथ कैसा होता होगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रभारी मंत्री शहडोल के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री हैं मैं उनसे भी इस मामले की शिकायत करूंगा।

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