सीएमओ व सफाई एजेंसी के अड़ियल रवैये से सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल, शहर में चारो तरफ फैला कचरा
शहडोल।
जिला मुख्यालय आउटसोर्स कंपनी ‘अविनाश एजेंसी’ व सीएमओ के अड़ियल, अभद्र रवैए के खिलाफ सफाई कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। शुक्रवार से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद पूरे शहर की सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।
भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि सितंबर 2025 से कार्यरत आउटसोर्स एजेंसी उनके पसीने की कमाई पर डाका डाल रही है। मजदूरों को मार्च और अप्रैल 2026 का पूरा वेतन नहीं दिया गया है। दो महीने लगातार काम कराने के बाद महज एक महीने का वेतन थमा दिया गया, जबकि बाकी भुगतान को लेकर न तो एजेंसी और न ही पालिका प्रशासन गंभीर है। इसके अलावा, कई वर्षों के साप्ताहिक मस्टर और अतिरिक्त श्रमिकों के पुराने एरियर का भुगतान भी दबाकर रखा गया है।
सफाईकर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति को सिस्टम से बंद कर दिया गया है, ताकि उनका वेतन रोका जा सके। ईपीएफ (भविष्य निधि) खातों में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। यह गतिरोध सीएमओ के लगातार खराब व्यवहार के कारण और गहरा गया है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि अपनी जायज मांगों को लेकर जब वे सीएमओ के पास गए, तो उनके साथ खुलेआम अभद्रता की गई।
सफाई मजदूर संघ ने कहा है की जब तक अविनाश एजेंसी पर कार्रवाई नहीं होती, बर्खास्त कर्मचारियों को वापस नहीं लिया जाता और सीएमओ के रवैए पर लगाम नहीं कसी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के कारण सब्जी मंडी समेत पूरे शहर की गलियों और मुख्य चौराहों पर कचरा पसर गया है। केंद्रीय आयोग, राज्य शासन, कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन भेजने के बाद भी कोई कार्यवाही नही हुई।
