विद्यालय में पीने के पानी की नही है व्यवस्था, बच्चे घर से लाते हैं पानी, कई माह से हैंडपंप बन्द
*शोपीस बना नल, शिकायत के बाद नही हुआ सुधार*
अनूपपुर
जिले के शासकीय माध्यमिक विद्यालय धुम्मा विद्यालय में पेयजल संकट ने बच्चों की परेशानी बढ़ा दी है। विद्यालय परिसर में पीने के पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है एक हैंडपंप भी है तो वह आज कई दिनों से बंद है ऐसे में विद्यालय के छात्र-छात्राएं पेयजल के लिए तरस रहे हैं और कई बार पूरे दिन प्यासे रहने को मजबूर हो जाते हैं।
विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का कहना है कि वे घर से पानी की बोतल लेकर आते हैं, लेकिन कुछ ही घंटों में पानी खत्म हो जाता है। इसके बाद विद्यालय में पानी नहीं मिलने के कारण उन्हें प्यासा रहना पड़ता है। कई घंटे तक विद्यालय में रहने वाले बच्चों के सामने यह स्थिति रोज की समस्या बन गई है।
विद्यालय की रसोइया कार्यकर्ता ने बताया कि पानी के कारण मध्याह्न भोजन बनाने और अन्य दैनिक कार्यों में भी भारी परेशानी होती है। कई बार उन्हें दूर से पानी लाना पड़ता है, जिससे समय और श्रम दोनों अधिक लगते हैं।
विद्यालय की प्राचार्य ने बताया कि पेयजल समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक रूप से जानकारी दी जा चुकी है। और साथ ही इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन भी की गई है लेकिन इसके बावजूद अब तक न तो खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई और न ही स्वच्छ पेयजल की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
विद्यालय में जो एकमात्र हैंडपंप है, उससे निकलने वाला पानी मटमैला और मिट्टीयुक्त है। ऐसे पानी के सेवन से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। बावजूद इसके बच्चों के सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
विद्यालय प्रबंधन और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि विद्यालय में जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों को प्यासा न रहना पड़े और दूषित पानी पीने की मजबूरी से मुक्ति मिल सके। विद्यालय जैसे संवेदनशील स्थान पर पेयजल संकट को लेकर जिम्मेदार विभाग की उदासीनता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
