हर्राटोला पंचायत में पत्नी सरपंच पति बना ठेकेदार, घटिया निर्माण और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप

हर्राटोला पंचायत में पत्नी सरपंच पति बना ठेकेदार, घटिया निर्माण और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप

*आशा कार्यकर्ता पद के साथ सरपंच की सीट भी संभाल रही निर्वाचित सरपंच रामदुलारी*


अनूपपुर

जिले की जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत हर्राटोला एक बार फिर गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि सरपंच रामदुलारी सिंह के कार्यकाल में पंचायत के अधिकांश विकास कार्य उनके पति द्वारा ठेकेदारी के माध्यम से कराए गए है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी की गई, फर्जी तरीके से भुगतान निकाला गया तथा ग्राम सभा की स्वीकृति के बिना योजनाओं को क्रियान्वित किया गया है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सरपंच रामदुलारी सिंह आशा कार्यकर्ता के रूप में भी कार्यरत हैं और अपने दोनों पदों का उपयोग कर प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में पूरे कार्यकाल के विकास कार्यों, भुगतान, गुणवत्ता और नियमों के पालन की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों पर कार्यवाही की मांग की गई है।

*सरपंच बनने के बाद पति बना ठेकेदार*

ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच रामदुलारी सिंह के निर्वाचित होने के बाद पंचायत के लगभग सभी निर्माण कार्य उनके पति नत्थू सिंह के माध्यम से कराए गए है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और ठेकेदारी जैसी व्यवस्था अपनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत प्रतिनिधि स्वयं या उनके निकट संबंधी पंचायत कार्यों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ नहीं ले सकते, लेकिन इस सिद्धांत की अनदेखी की गई है। अब इस पूरे मामले की जांच भगवान भरोसे अधर में लटकते दिखाई पड़ रही है।

*सरपंच है, आशा कार्यकर्ता*

ग्रामीणों का आरोप है यह भी है कि सरपंच रामदुलारी सिंह वर्तमान में आशा कार्यकर्ता के रूप में भी कार्यरत हैं। ग्रामीणों का दावा है कि दोनों भूमिकाओं के कारण प्रशासनिक कार्यों में निष्पक्षता प्रभावित हुई है तथा शासन को भ्रामक जानकारी दी गई है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित विभाग यह स्पष्ट करे कि दोनों जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी प्रकार के सेवा नियमों या दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। इस संबंध में भी स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

*घटिया निर्माण व लाखों की वित्तीय अनियमितता*

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में सड़क, पुल और अन्य विकास कार्यों में मानकों का पालन नहीं किया गया है। शिकायत में आरोप है कि गिट्टी और बोल्डर के स्थान पर घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है कई सड़कों में बिना बेस डाले ही सड़क की ढलाई कर दी है है, जबकि भुगतान उच्च गुणवत्ता वाले कार्यों के नाम पर किया गया है। कुछ कार्यों में वास्तविक लागत से कई गुना अधिक राशि निकालने का भी आरोप लगाया गया है। 

*जांच की मांग*

ग्रामीणों ने सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन देकर सरपंच, सचिव और संबंधित अधिकारियों के पूरे कार्यकाल की जांच की मांग की है।  साथ ही, जांच पूरी होने तक संदिग्ध निर्माण कार्यों के भुगतान और नए कार्यों पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।

इनका कहना है।

शिकायत प्राप्त हुई है जल्द ही जांच कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, आशा कार्यकर्ता के संबंध में स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार किया गया है जैसे ही दस्तावेज जानकारी प्राप्त होती है कार्यवाही नियमानुसार होगी।

*हरीश चंद्र द्विवेदी, सीईओ पुष्पराजगढ़*

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