ग्रेनाइट खदान में हुआ दर्दनाक हादसा, 5 मजदूरों समेत 7 की मौत, 5 घायल, सीएम ने दिए जॉच के आदेश

ग्रेनाइट खदान में हुआ दर्दनाक हादसा, 5 मजदूरों समेत 7 की मौत, 5 घायल, सीएम ने दिए जॉच के आदेश

*मृतकों को 10 व घायलों को 5 लाख देने की घोषणा*


अनूपपुर 

कर्नाटक के बेंगलुरु के मदापट्टना स्थित एक ग्रेनाइट क्रेशर खदान में गुरुवार को हुए भीषण हादसे में मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के पांच मजदूरों सहित कुल सात श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में एक श्रमिक छत्तीसगढ़ तथा एक कर्नाटक के यादगीर जिले का निवासी था। हादसे के बाद पूरे अनूपपुर जिले में शोक की लहर फैल गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को खदान में लगभग 16 मजदूर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान करीब 40 फीट ऊंचाई से एक विशाल ग्रेनाइट चट्टान अचानक नीचे आ गिरी। चट्टान की चपेट में आने से कई मजदूर मलबे में दब गए। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर मौजूद लोडिंग वाहन और ट्रैक्टर भी चट्टान की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मृतकों और घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया। घायलों के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सेंट्रल रेंज के डीआईजी एस. गिरीश ने मध्यप्रदेश के पांच मजदूरों की मौत की पुष्टि की है।

डीआईजी एस. गिरीश के अनुसार, खदान के ऊपरी और निचले हिस्से में दो क्रेशर संचालित हो रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ऊपरी हिस्से में ड्रिलिंग के दौरान विशाल ग्रेनाइट चट्टान खिसककर नीचे गिर गई, जिससे नीचे कार्य कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। हादसे में पांच मजदूर घायल हुए, जबकि चार मजदूर सुरक्षित बच निकले।

हादसे के बाद कर्नाटक सरकार हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार हादसा ब्लास्टिंग से नहीं, बल्कि चट्टान खिसकने अथवा मिट्टी धंसने के कारण हुआ है। वहीं, मंत्री प्रियंक खड़गे ने प्रथम दृष्टया लापरवाही की आशंका जताते हुए खान एवं भूविज्ञान विभाग तथा गृह विभाग को संयुक्त जांच के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने खदान को अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने के आदेश दिए हैं।

खदान संचालक ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये तथा घायलों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है।

जैतहरी थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी के अनुसार, मृतकों में भुवनेश्वर सिंह गौंड, राजपाल सिंह (35), रामअवतार सिंह (31) और राजेश प्रसाद चौधरी (28) की पहचान हो चुकी है, जबकि एक अन्य मृतक की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। मृतक जैतहरी थाना क्षेत्र के सिंघोरा, सेमरवार और चोलना सहित आसपास के गांवों के निवासी बताए गए हैं।

वहीं, घायलों में गुलाब सिंह (27), राजपाल सिंह (30) और छोटू लाल सहित कुल पांच मजदूर शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है। प्रशासन द्वारा सभी पीड़ितों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर खदानों में सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Labels:

Post a Comment

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget