आदिवासी मजदूरों के साथ गाली-गलौज व मारपीट का आरोप, जेएमएस कंपनी के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
*मैनेजर, कमर्शियल अधिकारी व सेफ्टी ऑफिसर ने किया जातिसूचक शब्दो का उपयोग*
अनूपपुर/कोतमा
कोतमा । थाना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत एक निजी कंपनी में कार्यरत आदिवासी मजदूरों द्वारा जातिगत उत्पीड़न, कथित मारपीट, धमकी एवं अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की गई है। मजदूरों द्वारा थाना कोतमा में प्रस्तुत सामूहिक शिकायत पत्र में कंपनी के कुछ अधिकारियों पर कार्यस्थल पर अपमानजनक व्यवहार करने तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है तथा शिकायतकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त शिकायत पत्र के अनुसार जे.एम.एस. (JMS) कंपनी में कार्यरत आईआर मैनेजर सुदीप कुमार दुबे, कमर्शियल अधिकारी शुभम रैकवार तथा सेफ्टी ऑफिसर कुलदीप कुमार के विरुद्ध मजदूरों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन में कहा गया है कि मजदूर कंपनी में नियमित रूप से श्रम कार्य करते हैं और कार्यस्थल पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि 4 जून को ड्यूटी एवं कार्य संबंधी विवाद के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
मजदूरों का आरोप है कि विवाद के दौरान उन्हें जातिसूचक शब्दों से संबोधित कर अपमानित किया गया तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कथित रूप से धमकीपूर्ण व्यवहार कर भय का वातावरण निर्मित किया गया, जिससे मजदूरों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि घटना के बाद से वे स्वयं तथा उनके परिवार मानसिक तनाव और भय की स्थिति में हैं।
शिकायत पत्र में युगुल सिंह गोंड़, छोटेलाल पनिका, गजरूप सिंह गोंड़ सहित अन्य मजदूरों के हस्ताक्षर हैं। मजदूरों ने सामूहिक रूप से आवेदन प्रस्तुत कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में थाना कोतमा प्रभारी रत्नांबर शुक्ल ने बताया कि मजदूरों द्वारा सामूहिक शिकायत पत्र प्रस्तुत किया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
