नगर परिषद मे गडबड झाला, महिला पार्षदों ने सीएमओ की कार्य शैली पर उठाए सवाल, कार्यवाही की मांग
उमरिया
जिले की नगर परिषद नौरोजाबाद जो अपने काले कारनामों के लिए बदनाम मानी जाती है, महिला पार्षदों की उपेक्षा के लिए एक बार फिर चर्चाओं में आ गयी है। बताया जाता है कि नगर परिषद की महिला पार्षदों ने इस बार मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर अपने उपेक्षा के तीखे आरोप लगाते हुए कहा है की न तो मुख्य नगर पालिका अधिकारी परिषद में अपनी कुर्सी पर बैठते हैं, न पार्षदों का फोन रिसीव करते हैं, न ही पारित संकल्पों पर कार्यवाही करते हैं,जिससे नगर का विकास समुचित रूप से हो सकें। महिला पार्षदों ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया की मुख्य नगर पालिका अधिकारी कार्यालय से अनुपस्थित रहने के आदी हैं, वह कभी भी समय पर कार्यालय नहीं पहुचते, जिससे आम नागरिकों के साथ जन प्रतिनिधियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वार्ड क्रमांक 03 की पार्षद गीता पटेल एवं वार्ड क्रमांक 08 की पार्षद सावित्री साकेत ने भी सीएमओ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जमकर नाराजगी व्यक्त की। दोनों जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कई बार वार्डों की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों के समक्ष मुद्दे रखे जाते हैं, लेकिन उन्होंने जनता के हितों के मुद्दों से सदा दूरी बनाकर रखें हुए हैं, उनके प्रति उनकी उदासीनता बनी रहती है।
पार्षद का कहना है कि नगर परिषद कार्यालय में विभिन्न कार्यों के लिए आने वाले नागरिक घंटों इंतजार कर वापस चले जाते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी उपलब्ध नहीं रहते। इतना ही नहीं, कई बार फोन करने पर भी सीएमओ द्वारा कॉल रिसीव नहीं की जाती, जिससे जनप्रतिनिधियों और नागरिकों दोनों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
पार्षद ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने हमें चुनकर भेजा है, जिससे हमारी जिम्मेदारी बनती है कि क्षेत्र के समन्वित विकास और उनके हकों के लिए हम संकल्पित होकर काम करें लेकिन नगर पालिका परिषद में हो रही उपेक्षा,मनमानी और नियम विरूद्ध कार्य शैली ने इस संकल्प को पलीता लगा कर रख दिया है। ऐसे में जब परिषद के अधिकारियों द्वारा उनकी बातों तवज्जो ज्ञनहीं दिया जाता, तो जनता के बीच असंतोष बढ़ता है और विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं।
पार्षदों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि नगर परिषद की कार्यप्रणाली में सुधार हो सके और जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
