नौकरी-मुआवजे को लेकर किसानों ने किया धरना प्रदर्शन दी खदान बंद करने की चेतावनी, 25 पर हुई कार्रवाई
शहडोल
जिले में रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर भू-आश्रित किसानों का आक्रोश एक बार फिर खुलकर सामने आया है। एसईसीएल सोहागपुर एरिया कार्यालय के सामने किसानों ने प्रदर्शन कर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा, वहीं शारदा ओसियम खदान में नौकरी की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 25 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। दोनों घटनाओं ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ते असंतोष को उजागर कर दिया है।
एसईसीएल सोहागपुर एरिया के अंतर्गत आने वाले रामपुर बटुरा, बिछिया, अतरिया सहित आसपास के गांवों के भू-आश्रित किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने रोजगार, पुनर्वास, पुनर्स्थापना और अधिग्रहित परिसंपत्तियों के पूर्ण मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से उनकी मांगें लंबित हैं, लेकिन एसईसीएल प्रबंधन केवल आश्वासन देकर मामले को टालता रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि हर आंदोलन और बैठक के बाद 15 दिन, एक माह या दो माह में समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया मगर कुछ नही होता। इससे पहले कलेक्टर की अध्यक्षता में सोहागपुर हाउस में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में कई मामलों के निराकरण के लिए समय-सीमा तय की गई थी, लेकिन आज तक अधिकांश समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संबंधित खदानों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कराया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन और प्रशासन की होगी।
उधर, शारदा ओसियम खदान में नौकरी की मांग को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन पर खदान संचालन प्रभावित हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए अमलाई पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। शारदा ओसियम खदान को बंद करने और विरोध प्रदर्शन में शामिल 25 लोगों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
