अलंकरण स्कूल में ड्राइंग प्रतियोगिता, फैमिली एंटरटेनमेंट प्रोग्राम व टैलेंट हंट एवं स्कॉलरशिप परीक्षा संपन्न
शहडोल
अलंकरण पब्लिक स्कूल कुछ ही वर्षो में संभाग मुख्यालय शहडोल में अपनी अलग ही पहचान बनाई है। स्कूल में बच्चों के लिए बहुत सारे नए-नए प्रोग्राम शुरू किए है जो अभी तक किसी भी स्कूल में शुरू नही किये गए हैं। जिससे बच्चों के अंदर नया कुछ करने व सीखने को मिल रहा है, जिससे अभिभावक भी काफी खुश नजर आ रहे हैं। स्कूल द्वारा ड्राइंग प्रतियोगिता एवं फैमिली एंटरटेनमेंट प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों और उनके परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे विद्यालय में आनंद और उमंग का माहौल बना रहा। ड्राइंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर अक्षिता जायसवाल, द्वितीय स्थान पर तनिष्का हथगैल एवं तृतीय स्थान पर आराध्या सिंह रहीं। वहीं फैमिली एंटरटेनमेंट प्रोग्राम में प्रथम स्थान वीरा सिंह एवं समूह, द्वितीय स्थान राधिका यादव एवं देवती यादव तथा तृतीय स्थान साधना कपूर एवं रुद्रांश कपूर ने प्राप्त किया।
स्कूल में टैलेंट हंट एवं स्कॉलरशिप परीक्षा सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस आयोजन में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल रहा। विद्यालय प्रबंधन द्वारा जारी परिणाम के अनुसार विजेताओं में कक्षा 1 में सात्विक जायसवाल, कक्षा 2 में अथर्व द्विवेदी, कक्षा 3 में खुशराग द्विवेदी, कक्षा 4 में युक्ति रजक, कक्षा 5 में वंश सिंह, कक्षा 6 में अब्दुल रहमान तथा कक्षा 8 में वीरा सिंह ने उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया। इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने हेतु उनकी कक्षाओं की ट्यूशन फीस पूर्णतः निशुल्क की गई है। इस स्कॉलरशिप परीक्षा के माध्यम से बच्चों को अपनी योग्यता पहचानने, प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होने का अवसर प्राप्त हुआ।
इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने हेतु उनकी कक्षाओं की ट्यूशन फीस पूर्णतः निशुल्क की गई है। इस स्कॉलरशिप परीक्षा के माध्यम से बच्चों को अपनी योग्यता पहचानने, प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होने का अवसर प्राप्त हुआ।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल का विकास हुआ। वहीं फैमिली एंटरटेनमेंट प्रोग्राम ने पारिवारिक एकता, सहयोग और आपसी समझ को मजबूत करने का संदेश दिया, जिससे बच्चों और अभिभावकों के बीच संबंध और भी सुदृढ़ हुए।



