होली मनाने अपने तीन हाथियों के पास धनगवां जंगल मे पहुँचा चौथा हाथी, वन विभाग एलर्ट

होली मनाने अपने तीन हाथियों के पास धनगवां जंगल मे पहुँचा चौथा हाथी, वन विभाग एलर्ट


अनूपपुर

तीन हाथियों का समूह जहां आज 70 वें दिन वन परिक्षेत्र,थाना एवं तहसील जैतहरी के धनगवां बीट अंतर्गत जंगल में ठहरे हुए हैं वहीं सोमवार की सुबह एक बड़ा दो दांत वाला नर हाथी छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही से सीमा पार कर धनगवा के जंगल में अपने तीन साथियों के साथ होली मनाने के लिए पहुंचकर विश्राम कर रहा है। अब जिले में हाथियों की संख्या चार हो गई है। 

तीन हाथियों का समूह आज 70 में दिन अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना,तहसील एवं वन परिक्षेत्र के अंतर्गत जंगल जो ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के बेल्हाटोला सरईहाटोला ग्राम पंचायत पड़रिया के छोई गांव के भलुवान टोला,गोंढाटोला ग्राम पंचायत क्योटार के कुशुमहाई गांव से लगे पाड़ाडोंल पटौरा एवं रोहिलाकछार के मध्य स्थित है में दिन में ठहर कर रात होते ही आहार की तलाश में जंगल से निकल कर ग्रामीणों के खेतों में लगे विभिन्न तरह की फसलों को अपना आहार बनाते हैं शनिवार एवं रविवार की रात तीनों हाथी जंगल से निकल कर ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के सरईहा टोला,बेल्हाटोला में गौशाला के पीछे स्थित रामेश्वर सिंह,बाबूलाल सिंह,लाल सिंह के खेतों में लगे मटर,अरहर की फसल को आहार बनाते हुए सोमवार की सुबह फिर से धनगवां बीट के बिहीडूंगरी नामक जंगल में ठहरे हुए हैं वही एक दो दांत वाला एक नर हाथी रविवार की सुबह छत्तीसगढ़ राज्य के वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र मरवाही अंतर्गत गुल्लीडांड बीट के जंगल में दिनभर ठहरने बाद शाम होते ही मरवाही मुख्य मार्ग को पार कर कुम्हारी गांव के सोन नदी के बांध से चिचगोहना,मंजीत टोला घुसरिया गांव में शेर सिंह के खेत में लगे गेहूं की फसल को खाकर पडरी,पथर्री होते हुए वन बीट शिवनी के मालाडांड के पटौहा टोला में नीलम के खेत से होते हुए सोमवार की सुबह 2 बजे मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला अंतर्गत वन परिक्षेत्र,थाना एवं तहसील जैतहरी के ग्राम पंचायत एवं ग्राम चोलना अंतर्गत मुदरी भरियाटोला से गूजरनाला पारकर चोलना गांव में बद्री केवट के बांडी में केला,गेहूं का कर गांव के किनारे से बचहाटोला गांव निवासी सुधार सिंह आर्मो के घर के पास पहुंच कर तेजी से भागते हुए ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के कुकुरगोंड़ा,बेल्हाटोला होते हुए सोमवार की सुबह धनगवां बीट के जंगल में पहुंचकर अपने तीन अन्य हाथी साथियों के साथ मिल गया है जो होली का त्योहार चारों हाथी आपस में मिलकर मनाएंगे अब अनूपपुर जिले में चार की संख्या में हाथियों का विचरण होगा यह अकेला हाथी रविवार से सोमवार की सुबह के मध्य लगभग 25 किलोमीटर का रास्ता हाथियों के आने जाने वाले मार्गो से गुजरता हुआ पहुंचा है।

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