सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर व नर्स की लापरवाही से नवजात शिशु की मौत, परिजनों ने की जांच की मांग
अनूपपुर
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है। बताया गया है कि वार्ड क्रमांक 04 निवासी राकेश प्रसाजपति की पत्नी ज्योति प्रसाजपति को प्रसव पीड़ा होने पर 28 अक्टूबर की रात लगभग 11:59 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा लाया गया था।
परिजनों के अनुसार, उस समय उपस्थित डॉक्टर और नर्स ने प्रसूता को भर्ती करने से मना कर दिया और कहा कि “अभी समय नहीं हुआ, सुबह आना।” लेकिन रात करीब 3:00 बजे ज्योति की हालत बिगड़ने लगी और उसे तेज दर्द के साथ असहनीय पीड़ा होने लगी। इसके बावजूद नर्स और डॉक्टर मौके पर उपस्थित नहीं हुए। परिजन लगातार सहायता के लिए अस्पताल स्टाफ से गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
सुबह लगभग 8:00 बजे प्रसूता को दर्द असहनीय होने पर नर्स को बुलाया गया, तब भी लापरवाही जारी रही। अंततः लगभग 8:22 बजे प्रसूता ज्योति प्रसाजपति की डिलीवरी हुई, लेकिन नवजात शिशु मृत पाया गया।
पीड़ित पति राकेश प्रसाजपति ने बताया कि यदि समय पर डॉक्टर और नर्स ने इलाज प्रारंभ किया होता तो बच्चे की जान बच सकती थी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, कोतमा को शिकायत सौंपी है और दोषी डॉक्टर व नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले की प्रति कलेक्टर अनूपपुर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, एसडीएम कोतमा, तथा थाना प्रभारी कोतमा को भी भेजी गई है ताकि उच्च स्तर पर जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके।
