पंचायत से गायब हुआ श्मशान घाट, पंचायत के जिम्मेदार मौन
उमरिया
जिला मुख्यालय से विकटगंज के करीब तालाब के पास सेंटजेविटर स्कूल के सामने श्मशान घाट का निर्माण पंचायत द्वारा करवाया गया था,समय धीरे धीरे चलता रहा एक दिन पता चला श्मशान घाट का वहां नामों निशान नहीं है। यह बड़ा अचरज की बात हुआ कि आखिर श्मशान घाट कैसे गायब हो सकता है, जानकारी के मुताबिक शमशान घाट में अंतिम संस्कार करने विकटगंज और कोयलारी दोनों जगह से अर्थियों को लाया जाता था।
तकरीबन 6 महीने पहले श्मशान घाट का कुछ अंश दिख रहा था, बरसात के शुरू होने के पश्चात छाया हुआ सीट लोहे के पाइप समेत धीरे धीरे सब कुछ गायब हो गया। बाद में पता चला श्मशान बरसात के घांस पूस, लंजार में दब गया होगा,अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर श्मशान घाट गया कहा। बाद में पता चला श्मशान घाट का निर्माण सामग्री चोरों ने चोरी कर करके सामान बेंच दिया गया हो, अब ए सब हो रहा था तो क्या पंचायत प्रमुख सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक आखिर कहा सो रहे थे। बड़ा सवाल यह है कि पंचायत में अगर श्मशान घाट सुरक्षित नहीं है तो ऐसे हालत में कौन सुरक्षित रह सकता है। ऐसे ही लगभग सभी पंचायतों का हाल है और सरकार के पैसे का बंदर बांट कर रहे है। अब क्या पंचायत दोबारा से निर्माण करवाएगा या ऐसे ही काम चलाया जाएगा।
